Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। जमीन विवाद में पिता-बेटे गिरफ्तार।
रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में 11 सितंबर को घर के आंगन में मिले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर के शव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में महिला के काका ससुर बद्दा डामोर और उसके बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन में हिस्से को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि रात के समय दोनों ने महिला पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
सुबह घर के आंगन में मिला था महिला का शव
11 सितंबर की सुबह नयाखेड़ा गांव निवासी अन्नुसिंह डामोर खेत पर काम करने जा रहा था। रोजाना की तरह देवीबाई अपने घर के बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस दिन वह जमीन पर पड़ी हुई मिली।
अन्नुसिंह ने पास जाकर देखा तो महिला खून से लथपथ थी। उसने तुरंत शिवगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान महिला के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
हत्या की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले के खुलासे के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
रिश्ते के देवर पर पुलिस को हुआ संदेह
जांच के दौरान पुलिस को महिला के पति के काका के बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा पर संदेह हुआ। रिश्ते में वह देवीबाई का देवर लगता था।
पुलिस ने पहले बसंतीलाल से पूछताछ की। इसके बाद उसके पिता बद्दा डामोर से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने देवीबाई की हत्या में शामिल होना स्वीकार किया।
जमीन के हिस्से को लेकर चल रहा था विवाद
शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना के अनुसार, देवीबाई और बसंतीलाल के बीच वर्ष 2017 से संबंध थे। इस मामले की जानकारी परिवार और समाज के लोगों को भी थी।
पुलिस के मुताबिक, उस समय देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में हिस्से को लेकर परिवार तथा समाज के स्तर पर सहमति बनी थी। बसंतीलाल के पिता बद्दा ने कथित रूप से देवीबाई को अपने बेटे के साथ रखने, परिवार की जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के भरण-पोषण और रहने के लिए मकान उपलब्ध कराने की बात कही थी।
बाद में देवीबाई के रहने के लिए मकान बना दिया गया, लेकिन जमीन में आधा हिस्सा देने की बात पूरी नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर महिला और दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद और कहासुनी होती रहती थी।
रात करीब 3 बजे घर पहुंचकर किया हमला
पुलिस पूछताछ के अनुसार, जमीन विवाद और लगातार हो रही कहासुनी के बाद दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई।
11 सितंबर की रात करीब 3 बजे बसंतीलाल और उसका पिता बद्दा देवीबाई के घर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि महिला के सोते समय दोनों ने धारदार हथियार से उस पर हमला किया।
सिर में गंभीर चोट लगने के कारण देवीबाई की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
कई थाना पुलिस और साइबर सेल ने की जांच
हत्याकांड के खुलासे में शिवगढ़ थाना पुलिस के साथ रावटी और सरवन थाना पुलिस की टीम की भी भूमिका रही। इसके अलावा साइबर सेल और अन्य पुलिस अधिकारियों ने जांच में सहयोग किया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।