Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, रेटिना टेस्ट ने खोली डमी अभ्यर्थियों की पोल
Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान रेटिना टेस्ट से डमी अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पंकज और गौरव दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा देने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बुधवार को रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में रेटिना टेस्ट और पहचान जांच के दौरान दो युवकों की पहचान वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग मिली। इसके बाद दोनों को मौके पर पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि फिरोजाबाद निवासी पंकज यादव वास्तविक अभ्यर्थी मनीष सिंह की जगह और गौरव यादव वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों मामलों में डमी अभ्यर्थियों के जरिए रेलवे भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने की कोशिश की गई थी। वीडियो देखे इससे पहले 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह PET देने का मामला भी सामने आया था। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद रेलवे भर्ती परीक्षा की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेटिना टेस्ट में अलग निकली पहचान रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे की ओर से रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में ग्रुप डी लेवल-1 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। बुधवार सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच टाइमिंग टेक्नोलॉजी के नामित कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों की पहचान प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान रेटिना टेस्ट के साथ फोटो और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच के दौरान परीक्षा देने पहुंचे युवकों की पहचान रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग पाई गई। संदेह होने पर आरपीएफ कर्मचारियों की मदद से दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। मनीष की जगह पंकज पहुंचा था जांच में पता चला कि 33 वर्षीय पंकज यादव, निवासी अलीनगर, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी 26 वर्षीय मनीष सिंह के स्थान पर PET देने पहुंचा था। मनीष सिंह, निवासी फिरोजाबाद, परीक्षा में शामिल होने के लिए रतलाम आया ही नहीं था। मामले के सामने आने के बाद वह फरार बताया गया है। अनुज की जगह गौरव ने दी परीक्षा दूसरे मामले में 21 वर्षीय गौरव यादव, निवासी ग्राम जफराबाद, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। पहचान प्रक्रिया के दौरान गौरव की जानकारी वास्तविक अभ्यर्थी के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों में गौरव यादव, पंकज यादव और वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के नाम सामने आए हैं। वहीं मनीष सिंह की तलाश की जा रही है। रेलवे भर्ती में लगातार सामने आ रहे डमी अभ्यर्थी रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान यह पहला मामला नहीं है। 6 सितंबर को भी बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने का मामला सामने आया था। इसके महज तीन दिन बाद एक बार फिर डमी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से परीक्षा की निगरानी व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में पहचान की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। रेटिना टेस्ट बना अहम जांच का जरिया इस मामले में रेटिना टेस्ट और फोटो रिकॉर्ड का मिलान निर्णायक साबित हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि के दौरान रिकॉर्ड से अंतर सामने आया, जिसके बाद संदिग्ध अभ्यर्थियों को रोककर जांच की गई। रेलवे भर्ती PET से जुड़ी अहम जानकारी मुख्य तथ्य: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे भर्ती जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। रतलाम में लगातार डमी अभ्यर्थियों के मामले सामने आने से यह सवाल उठ रहा है कि फर्जीवाड़े की कोशिशें परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंच रही हैं। हालांकि, पहचान जांच के दौरान मामलों का पकड़ा जाना यह भी दिखाता है कि अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।