MP News: उज्जैन में जलती चिता के पास किन्नर अघोरी का वीडियो वायरल, मानव मांस खाने के दावे से मचा हंगामा

MP News: उज्जैन में किन्नर अघोरी का वीडियो वायरल हुआ है। जलती चिता से कथित मानव मांस खाने के दावे पर संत समाज ने आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: उज्जैन में श्मशान घाट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताने वाली काली उर्फ नंद गिरी जलती चिता के पास दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह चिता से कथित तौर पर मानव अवशेष निकालकर खाने का दावा करती नजर आती हैं। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों के बीच इसे लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। संत समाज के कुछ लोगों ने इस तरह की गतिविधि को अघोर परंपरा की मर्यादा के विपरीत बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई जा रही सामग्री वास्तव में मानव मांस या मानव अवशेष ही है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल वीडियो में किए गए दावे के तौर पर देखा जा रहा है। वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है? वायरल वीडियो में रात के समय श्मशान में जलती चिता के पास एक महिला दिखाई देती है। उसके शरीर पर भस्म लगी हुई है और उसके हाथ में तलवार नजर आती है। वीडियो में वह चिता के पास जाकर तलवार की मदद से कुछ सामग्री निकालती दिखाई देती है। इसके बाद उस सामग्री पर पानी डालकर उसे ठंडा करती है और फिर खाने का दावा करती है। वीडियो में वह खुद को अघोरी बताते हुए कथित तौर पर मानव मांस खाने की बात कहती है। वीडियो के अंत में वह पेट भरने की बात भी कहती सुनाई देती है। यह वीडियो इंस्टाग्राम के Digambarladyaghorinagasadhvi नामक अकाउंट से शेयर किए जाने के बाद तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। वीडियो को लेकर संत समाज में नाराजगी वीडियो वायरल होने के बाद अघोर परंपरा से जुड़े संतों ने इस तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन पर आपत्ति जताई है। महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि के मुताबिक अघोर परंपरा की अपनी मर्यादा होती है। उनके अनुसार तंत्र से जुड़ी क्रियाओं को सार्वजनिक प्रदर्शन का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रचार के लिए इस तरह की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना परंपरा के अनुरूप नहीं है। संत समाज की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि धार्मिक और तांत्रिक परंपराओं के नाम पर सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री प्रसारित करने से आम लोगों के बीच गलत संदेश जा सकता है। पुलिस में शिकायत का दावा मामले में अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत में कथित तौर पर जलती चिता के पास जाकर मानव अवशेषों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे पाखंड फैलाने वाली गतिविधि बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में मानव शव के अवशेष है, तो मामले की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच के बाद साफ होगी वीडियो की सच्चाई सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन किसी वायरल वीडियो के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि उसमें दिखाई गई सामग्री वास्तव में मानव मांस ही है। मामले में पुलिस या संबंधित जांच एजेंसी की ओर से वीडियो की सामग्री, उसकी वास्तविकता और घटना की परिस्थितियों की पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। Disclaimer इस खबर में वायरल सोशल मीडिया वीडियो और उससे जुड़े दावों का उल्लेख किया गया है। वीडियो में दिखाई गई सामग्री वास्तव में मानव मांस या मानव अवशेष है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। खबर में किसी व्यक्ति के संबंध में लगाए गए आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित पक्षों और आधिकारिक जांच से सामने आने वाली जानकारी के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पाठकों से अपील है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी दावे को अंतिम सत्य न मानें और भ्रामक जानकारी को आगे साझा करने से बचें।

MP News: MP में निजी मेडिकल कॉलेजों की EWS सीटों पर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

MP News: MP के निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र को पक्षकार बनाया है। अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS विद्यार्थियों के आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने पुराने मामले में केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की अनुमति दी है। साथ ही इसी मुद्दे से जुड़ी नई याचिका पर राज्य शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया गया है। मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। अब अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। क्या है निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण का मामला? मामला निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण का लाभ दिलाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई है कि EWS अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आरक्षण व्यवस्था का लाभ चाहते हैं। नई याचिका पर राज्य शासन और NMC को नोटिस कुमारी दरक्षा अंजुम सहित अन्य की ओर से दायर नई याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS अभ्यर्थियों के प्रवेश से संबंधित मांग उठाई गई है। प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। यानी इस मामले में आगे आने वाला न्यायिक निर्णय प्रवेश व्यवस्था पर असर डाल सकता है। पुराने मामले में अब केंद्र सरकार भी शामिल EWS आरक्षण से जुड़ा यह विवाद पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। अथर्व चतुर्वेदी विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन नाम से दायर रिट याचिका वर्ष 2024 से अदालत में लंबित है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने की मांग की थी। कोर्ट ने मौखिक आवेदन को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को मामले में शामिल करने की अनुमति दे दी। केंद्र की ओर से नोटिस डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु को स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र से दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है। 2024 के आदेश में क्या कहा गया था? याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के 17 दिसंबर 2024 के आदेश का भी हवाला दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस आदेश में NMC को निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण लागू करने के लिए एक वर्ष के भीतर सीटें बढ़ाने से संबंधित निर्देश दिए गए थे। अब नए मामले में केंद्र सरकार का पक्ष भी रिकॉर्ड पर आने के बाद इस मुद्दे पर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों के लिए क्यों अहम है मामला? निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की सीटों को लेकर हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में EWS आरक्षण से जुड़ा कोई भी फैसला संबंधित अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि अदालत सीटें बढ़ाने से संबंधित व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने का फैसला करती है, तो भविष्य के प्रवेश सत्रों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम लाभ और सीटों की संख्या अदालत के फैसले तथा संबंधित नियामकीय व्यवस्था पर निर्भर करेगी। अगली सुनवाई 11 सितंबर को फिलहाल मामले में केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार है। राज्य शासन और NMC को भी नई याचिका पर अपना पक्ष रखना होगा। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को निर्धारित है। उस सुनवाई में सामने आने वाले जवाब और कोर्ट के निर्देश से निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

Ratlam News: रतलाम में नई ई-स्कूटी बनी आग का कारण? मां-बेटी झुलसीं, घर का सामान खाक

Ratlam News: रतलाम की विंध्यावासिनी कॉलोनी में नई ई-स्कूटी में अचानक विस्फोट से घर में आग लग गई। मां-बेटी करीब 60% झुलसीं, पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में बुधवार तड़के एक घर के अंदर खड़ी नई ई-स्कूटी में अचानक धमाका होने से हड़कंप मच गया। विंध्यावासिनी कॉलोनी में करीब सुबह 4 बजे हुए इस हादसे के बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई। कमरे में सो रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनकी 16 वर्षीय बेटी आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। वीडियो देखे आग इतनी तेज थी कि घर में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया। कूलर और पंखे तक गर्मी के कारण पिघल गए। पड़ोसियों ने किसी तरह मां और दोनों बेटियों को घर से बाहर निकाला। गैस सिलेंडर को भी समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 10 दिन पहले ही खरीदी थी ई-स्कूटी परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले ही माणक चौक स्थित एक शोरूम से करीब 85 हजार रुपये में नई ई-स्कूटी खरीदी गई थी। हादसे की सबसे अहम बात यह है कि रात में स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी। परिवार के मुताबिक सोने से पहले चार्जिंग प्लग भी निकाल दिया गया था। इसके बावजूद तड़के अचानक स्कूटी में आग लगी और फिर धमाका हुआ। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ई-स्कूटी पूरी तरह जल गई और उसका केवल लोहे का ढांचा बचा। सोते समय खुली आंखें तो चारों तरफ थी आग परिवार की बेटी विजय लक्ष्मी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 4 बजे उनकी नींद खुली तो कमरे में स्कूटी जलती दिखाई दी। आग तेजी से फैल रही थी। उन्होंने सबसे पहले घर में रखी गैस टंकी का बटन बंद किया। इसके बाद ऊपर जाकर गेट खोलने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी छोटी बहन डरकर पीछे वाले कमरे में चली गई। विजय लक्ष्मी के अनुसार, मां छोटी बेटी को बाहर निकालने के लिए पीछे गईं। इसी दौरान आग और तेज हो गई। मां और छोटी बहन को जलते हुए बाहर आते देखकर उन्होंने दोनों का हाथ पकड़ा और किसी तरह छत तक पहुंचाया। छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर पहुंचने के बाद तीनों नीचे उतरे और घर से बाहर निकल सके। विजय लक्ष्मी के पैर में मामूली चोट आई, जबकि उनकी मां और छोटी बहन बुरी तरह झुलस गईं। पड़ोसियों ने बचाई जान, सिलेंडर भी बाहर निकाला आग लगने के बाद परिवार की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद मां और दोनों बेटियों को घर से बाहर निकाला। घर में रखा गैस सिलेंडर भी पड़ोसियों ने समय रहते बाहर निकाल लिया। यदि आग सिलेंडर तक पहुंच जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। सूचना मिलने पर नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर का काफी सामान जल चुका था। डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने का आरोप घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पड़ोसियों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद घायल मां-बेटी को निजी वाहन से रतलाम जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिवार के अनुसार, दोनों करीब 60 फीसदी तक झुलसी हैं। चार्जिंग पर नहीं थी स्कूटी, फिर कैसे लगी आग? हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ई-स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी, तो उसमें आग और धमाका किस वजह से हुआ? परिवार के मुताबिक रात में स्कूटी का चार्जिंग प्लग निकाल दिया गया था। पुलिस अब इसी बिंदु समेत आग लगने के अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। पवासा पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग के घर पहुंचे युवक के गले पर गंभीर चोट, 20 टांके; पिता ने आरोप से किया इनकार

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग से मिलने पहुंचे 20 वर्षीय युवक के गले पर कांच से हमला होने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया। बताया गया कि 20 वर्षीय युवक एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान लड़की के माता-पिता के घर लौटने पर विवाद हो गया और युवक के गले पर कांच से चोट लग गई। घायल युवक के गले में करीब 7×2 सेंटीमीटर का घाव बताया गया है। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसके गले पर करीब 20 टांके लगाए गए। चिकित्सकीय जांच में दो छोटी नसों के कटने की बात भी सामने आई है। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई गई है। घटना को लेकर दोनों पक्षों के बयान सामने आए हैं। नाबालिग ने पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में अपने पिता पर कांच की बोतल से हमला करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, लड़की के पिता ने युवक पर हमला करने से साफ इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि घायल युवक के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग से मिलने घर पहुंचा था युवक जानकारी के अनुसार, बिरियाखेड़ी निवासी 20 वर्षीय समीर पुत्र शमी कुरैशी मंगलवार को 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचा था। उस समय लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे। कुछ देर बाद माता-पिता के अचानक घर लौटने पर उन्हें घर में युवक दिखाई दिया। इसके बाद युवक और लड़की के पिता के बीच विवाद होने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग और युवक करीब तीन साल से एक-दूसरे को जानते हैं। प्राथमिक पूछताछ में नाबालिग ने युवक को अपना प्रेमी बताया है। गले में कांच लगने से गंभीर चोट विवाद के दौरान युवक के गले में कांच लगने से गंभीर चोट आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गले के बीचों-बीच करीब 7×2 सेंटीमीटर का घाव हुआ। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और डायल-112 को जानकारी दी। पुलिस ने घायल युवक को डायल-112 वाहन की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय उपचार के दौरान युवक के गले में करीब 20 टांके लगाए गए। जांच में दो छोटी नसों के कटने की जानकारी भी सामने आई है। नाबालिग ने पिता पर लगाया हमला करने का आरोप घटना के बाद नाबालिग भी मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में उसने अपने पिता पर कांच की बोतल से युवक के गले पर वार करने का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने अभी मामले में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। घायल युवक के बयान फिलहाल दर्ज नहीं हो सके हैं। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। लड़की के पिता ने आरोपों को बताया गलत लड़की के पिता ने युवक पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है। उनके अनुसार, पड़ोसियों ने फोन कर बताया था कि घर में कोई युवक घुस गया है। सूचना मिलने के बाद वह घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। पिता का दावा है कि दरवाजा खुलवाने के लिए उन्होंने आवाज लगाई। उनके अनुसार, इसी दौरान युवक ने उनकी बेटी को धमकाते हुए कहा कि वह मर जाएगा और उसे उसका साथ देना होगा। इसके बाद युवक ने कथित तौर पर खुद कांच का गिलास अपने गले पर मार लिया। पिता के इस दावे की पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक के गले में चोट किन परिस्थितियों में लगी। पुलिस कर रही मामले की जांच एसआई ध्यानसिंह सोलंकी के अनुसार, मामले की जांच जारी है। नाबालिग के बयान लिए जा रहे हैं। घायल युवक के बयान दर्ज होने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में BAMS छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव; युवक हिरासत में

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा ने सहपाठी पर बंधक बनाकर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा की शिकायत के बाद गंभीर मामला सामने आया है। छात्रा ने अपने साथ पढ़ने वाले युवक पर उसे घर में बंधक बनाने, उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाने और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि वीडियो के जरिए उसे डराया गया और धर्म परिवर्तन कर आरोपी से शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, विरोध करने पर वीडियो वायरल करने और जान से खत्म करने की धमकी भी दी गई। मामले की शिकायत छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ स्टेशन रोड थाने पहुंचकर की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने आरोपी युवक को बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया है। महत्वपूर्ण: इस खबर में धर्म परिवर्तन और अन्य आरोप पीड़िता की शिकायत के आधार पर बताए जा रहे हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। 1 अगस्त को मकान में ले जाने का आरोप छात्रा के अनुसार, वह रतलाम के एक निजी कॉलेज में BAMS की पढ़ाई कर रही है। 1 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे उसके साथ पढ़ने वाला जुबेर मंसूरी उसे रतलाम के शास्त्री नगर स्थित एक मकान में ले गया। शिकायत के अनुसार, वहां कमरे का दरवाजा बंद कर छात्रा को बाहर जाने से रोका गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए और उसका अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव का आरोप छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि युवक ने उस पर अपना धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने और उससे शादी करने का दबाव बनाया। शिकायत के मुताबिक, ऐसा नहीं करने पर वीडियो सार्वजनिक करने और जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण छात्रा ने शुरुआत में घटना की जानकारी अपने परिवार को नहीं दी। Snapchat पर वीडियो वायरल करने का आरोप पीड़िता के अनुसार, बाद में आरोपी ने कथित अश्लील वीडियो Snapchat पर प्रसारित कर दिए। इसके बाद छात्रा ने अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को छात्रा ने कथित वायरल वीडियो से संबंधित एक पेनड्राइव भी सौंपी है। पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। बड़वानी के वरला से युवक हिरासत में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से वह फरार था। तलाश के दौरान उसे बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया गया। अब पुलिस मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल, डिजिटल सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

Ratlam News: रतलाम में मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख गायब, CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट; असिस्टेंट मैनेजर पर केस

Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख रुपए गायब मिले। CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट होने पर असिस्टेंट मैनेजर पर केस दर्ज। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट में तिजोरी से 5 लाख 35 हजार रुपए गायब होने का मामला सामने आया है। कैश रूम से रकम गायब मिलने के बाद स्टोर प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी। मामले में मार्ट के असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया गया है। घटना के दौरान कैश रूम की चाबी असिस्टेंट मैनेजर के पास होने की बात सामने आई है। इसके अलावा CCTV कैमरों की रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। तिजोरी खोलने पर गायब मिले 5.35 लाख रुपए स्टोर मैनेजर कमलेश पखाले ने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 9 अगस्त की रात उनकी और असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक की ड्यूटी रात करीब 2 बजे तक थी। उस रात मार्ट में एक ट्रक से सामान आया था। असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक और BOH इंचार्ज करण सिसोदिया सामान उतरवाने का काम देख रहे थे। इसी दौरान स्टोर मैनेजर ने कैश रूम की चाबी संतोष कुमार को दी। इसके बाद वह रात करीब 1:30 बजे घर चले गए। अगली सुबह डिपार्टमेंटल मैनेजर पंकज शेर कैश काउंटर पर पहुंचे। उन्होंने तिजोरी खोली तो उसमें रखे 5 लाख 35 हजार रुपए नहीं मिले। इसकी जानकारी स्टोर मैनेजर को दी गई, जिसके बाद प्रबंधन के अन्य कर्मचारी भी मार्ट पहुंचे। CCTV की रिकॉर्डिंग में मिली अहम बात रकम गायब होने के बाद स्टोर प्रबंधन ने मार्ट में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। जांच के दौरान रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। CCTV फुटेज का यह हिस्सा घटना की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब उपलब्ध रिकॉर्डिंग और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। असिस्टेंट मैनेजर के दोनों मोबाइल बंद पुलिस के अनुसार संतोष कुमार पाठक करीब चार से पांच महीने पहले रतलाम आया था। इससे पहले वह कोलकाता और दिल्ली में भी इसी शॉपिंग मॉल में काम कर चुका है। रकम गायब मिलने के बाद स्टोर मैनेजर ने संतोष के दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। इसके बाद उसके घर जाकर भी तलाश की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस ने दर्ज किया अमानत में खयानत का केस स्टेशन रोड थाने के सब इंस्पेक्टर मुकेश सस्तिया के अनुसार संतोष कुमार पाठक के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल रकम किस तरह गायब हुई और CCTV रिकॉर्डिंग किस परिस्थिति में डिलीट हुई, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

MP Board Exam: 9वीं से 12वीं तक बदला पेपर पैटर्न, लघु उत्तरीय सवालों में नहीं मिलेगा विकल्प

MP Board Exam: 2026-27 में 9वीं से 12वीं तक परीक्षा पैटर्न बदलेगा। प्रश्नपत्र में तार्किक सवाल बढ़ेंगे और लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प नहीं मिलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Board Exam: मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक सभी विषयों की अंकयोजना और प्रश्नों का पैटर्न जारी कर दिया है।मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नए सत्र के पाठ्यक्रम और अंकयोजना की जानकारी उपलब्ध है। नए पैटर्न में विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक हल करने होंगे, जबकि लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या में बदलाव किया गया है। खास बात यह है कि लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प की सुविधा नहीं दी जाएगी। मंडल के अनुसार प्रश्नपत्रों में केवल सीधे तथ्य पूछने के बजाय तर्क और समझ पर आधारित प्रश्नों को महत्व दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि विद्यार्थियों के लिए केवल महत्वपूर्ण प्रश्नों को याद करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें पाठ्यपुस्तक के पूरे विषय को समझकर पढ़ना होगा। CBSE की तर्ज पर तैयार होगा प्रश्नपत्र MP Board Exam: माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 9वीं से 12वीं तक के लिए नए सत्र की अंकयोजना जारी की है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के स्वरूप में बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों की विषय की समझ और तार्किक क्षमता को परखना है। मंडल सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य के अनुसार, अब प्रश्न सीधे-सीधे पूछने के बजाय तार्किक तरीके से पूछे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पूरे पाठ्यक्रम की बेहतर तैयारी करनी होगी। नए पैटर्न में छोटे उत्तर वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को कम शब्दों में सटीक उत्तर लिखने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। 10वीं बोर्ड में 75 अंक का प्रश्नपत्र कक्षा 10वीं के लिए लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र 75 अंकों का रहेगा। इसमें वस्तुनिष्ठ से लेकर अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। वस्तुनिष्ठ भाग में वैकल्पिक प्रश्न, रिक्त स्थान, सत्य-असत्य, सही जोड़ी का मिलान और एक वाक्य में उत्तर जैसे प्रश्न शामिल रहेंगे। अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में 12 प्रश्न दो-दो अंक के होंगे। इसके बाद तीन लघु उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन अंक और तीन दीर्घ उत्तरीय प्रश्न चार-चार अंक के होंगे। 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों में 80 अंक का पेपर कक्षा 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों के लिए लिखित प्रश्नपत्र 80 अंकों का होगा। इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का हिस्सा 32 अंकों का रखा गया है। इसके अलावा अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी शामिल होंगे। 12वीं नॉन-प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, सात अंक के सही जोड़ी मिलान और सात अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न शामिल हैं। 12वीं के प्रायोगिक विषयों का पेपर 70 अंक का जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा होती है, उनके लिए लिखित प्रश्नपत्र 70 अंकों का रहेगा। 12वीं प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, पांच अंक का सही जोड़ी मिलान और पांच अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न रहेंगे। लघु उत्तरीय प्रश्नों में खत्म होगा विकल्प नए MP Board Exam Pattern 2026-27 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक लघु उत्तरीय प्रश्नों से जुड़ा है। अब इन प्रश्नों में विद्यार्थियों को वैकल्पिक प्रश्न चुनने की सुविधा नहीं मिलेगी। यानी जिस प्रश्न को प्रश्नपत्र में पूछा गया है, उसका उत्तर देना होगा। इस बदलाव के कारण विद्यार्थियों को प्रत्येक अध्याय की अच्छी तैयारी करनी होगी। केवल चुनिंदा प्रश्न याद करके परीक्षा की तैयारी करना पहले की तुलना में जोखिम भरा हो सकता है। रटने के बजाय समझकर पढ़ना होगा नए पैटर्न का सबसे बड़ा असर विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ेगा। प्रश्नों को तार्किक और समझ आधारित बनाने से केवल परिभाषा या उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं रहेगा। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक पढ़ते समय यह समझना होगा कि किसी घटना, सिद्धांत, प्रक्रिया या तथ्य के पीछे कारण क्या है और उसका उपयोग किस परिस्थिति में किया जा सकता है। परीक्षा की तैयारी के लिए इन बातों पर दें ध्यान MP Board Exam 2026-27 में विद्यार्थियों के लिए क्या बदलेगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए पैटर्न में प्रश्नों की संख्या और उनके अंक वितरण को बदला गया है। कक्षा 10वीं में अति लघु उत्तरीय प्रश्नों का बड़ा हिस्सा रहेगा, जबकि लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन रहेंगे। कक्षा 12वीं में विषय के स्वरूप के अनुसार 80 या 70 अंकों का लिखित पेपर होगा। आधिकारिक MPBSE अकादमिक पोर्टल पर 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक की अंकयोजना उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थियों को अभी से बदलनी होगी तैयारी की रणनीति नए पैटर्न को देखते हुए बोर्ड विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का तरीका बदलना होगा। अब सिर्फ परीक्षा से कुछ महीने पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी करने के बजाय पूरे साल पाठ्यपुस्तक को समझकर पढ़ना ज्यादा उपयोगी रहेगा। खासकर 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की अलग-अलग तैयारी करनी चाहिए। साथ ही लिखने की गति और समय प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

MP News: MP में पटवारी भर्ती का मौका, 18 अगस्त तक भरें फॉर्म; सितंबर में परीक्षा

MP News: MPESB Patwari Recruitment 2026 के तहत पटवारी समेत अन्य पदों के लिए आवेदन शुरू हैं। योग्य उम्मीदवार 18 अगस्त तक फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा सितंबर में होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पटवारी भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB की ओर से समूह-2 और उपसमूह-4 के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसमें पटवारी पद भी शामिल है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने पर MPESB की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती और परीक्षा से संबंधित नोटिफिकेशन, नियम पुस्तिका तथा आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित नियम पुस्तिका ध्यान से पढ़ना चाहिए। कौन कर सकता है आवेदन? पटवारी सहित संबंधित पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी बताया गया है। इसके साथ ही पटवारी पद के लिए MP CPCT स्कोरकार्ड की आवश्यकता बताई गई है। उम्मीदवार आवेदन से पहले संबंधित पद की आधिकारिक नियम पुस्तिका में अपनी पात्रता जरूर जांचें। कब होगी MPESB की परीक्षा? MPESB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भर्ती परीक्षा 22 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:50 बजे से शाम 5 बजे तकनिर्धारित है। उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर देखनी चाहिए। 18 अगस्त तक भरना होगा ऑनलाइन फॉर्म भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 है। उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारी को एक बार अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है। गलत जानकारी दर्ज होने पर आवेदन में परेशानी हो सकती है। MPESB Patwari Form कैसे भरें? ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवार इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट: MPESB Official Website आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान महत्वपूर्ण बिंदु

MP News: मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ा, पांच साल बाद लागू हुई नई दरें; जानिए किस बस का कितना बढ़ा किराया

MP News: मध्य प्रदेश में पांच साल बाद बस किराए में 60% तक बढ़ोतरी लागू हो गई है। जानिए नई किराया दरें, किस बस का कितना किराया बढ़ा और भोपाल-इंदौर का नया किराया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने करीब पांच साल बाद यात्री बसों के किराए में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सबसे बड़ा बदलाव साधारण बसों के किराए में हुआ है, जहां प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाकर 2 रुपये कर दिया गया है। नई अधिसूचना के साथ ही बढ़ा हुआ किराया तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों को देखते हुए किराया संशोधित किया गया है। दूसरी ओर, बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। पांच साल बाद क्यों बढ़ाया गया बस किराया? आखिरी बार अप्रैल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। तब से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। बस संचालकों का कहना था कि पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल होता जा रहा था। इसी बीच बस ऑपरेटर संगठनों ने 7 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी। साधारण बस का नया किराया नई व्यवस्था के अनुसार अब साधारण बस का किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। पहले यह लगभग 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था। साथ ही न्यूनतम किराया भी बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 7 रुपये था। किन बसों का कितना बढ़ा किराया? साधारण बस रात्रिकालीन बस सेवा (रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक) डीलक्स बस (नॉन-एसी) स्लीपर बस डीलक्स बस (एसी) सुपर लग्जरी एसी कोच ध्यान दें: डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा। वहीं एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। भोपाल से इंदौर का नया बस किराया यदि भोपाल से इंदौर (करीब 180 किलोमीटर) की यात्रा करते हैं, तो नई दरें इस प्रकार होंगी— बस ऑपरेटरों ने क्या कहा? बस संचालकों के संगठनों का कहना है कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित था। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 की तुलना में डीजल और संचालन खर्च काफी बढ़ चुके हैं, इसलिए किराया संशोधन जरूरी हो गया था। हालांकि, संगठनों का कहना है कि उनकी अन्य मांगों पर सरकार से बातचीत अभी जारी है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से पहले बड़ा फैसला राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर चिन्हित मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किराया वसूली और संचालन की निगरानी सीसीटीवी तथा अन्य तकनीकी माध्यमों से की जाएगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से किए जाने की तैयारी है।

अगस्त में कब मिलेगी Ladli Behna Yojana की अगली किस्त? जानिए भुगतान की संभावित तारीख और जरूरी शर्तें

Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त अगस्त 2026 में कब आ सकती है? जानें संभावित तारीख, DBT, आधार लिंक, e-KYC और भुगतान न रुकने के जरूरी नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की Ladli Behna Yojana से जुड़ी लाखों महिलाओं की नजर अब अगस्त में आने वाली अगली किस्त पर टिकी हुई है। जुलाई में 38वीं किस्त जारी होने के बाद अब लाभार्थी यह जानना चाहती हैं कि 39वीं किस्त उनके खाते में कब पहुंचेगी और कहीं किसी तकनीकी कारण से भुगतान रुक तो नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि Ladli Behna Yojana की प्रत्येक किस्त का इंतजार बड़ी संख्या में लाभार्थी करती हैं। हालांकि फिलहाल 39वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड के आधार पर इसकी संभावित समय-सीमा सामने आई है। यदि आप भी Ladli Behna Yojana की लाभार्थी हैं, तो बैंक खाते की स्थिति, DBT और समग्र e-KYC जैसी जरूरी प्रक्रियाओं की समय रहते जांच करना बेहद आवश्यक है। छोटी सी चूक भी भुगतान में देरी का कारण बन सकती है। अगस्त में कब आ सकती है Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त? अब तक Ladli Behna Yojana की 38 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। पिछले कई महीनों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार अधिकांश किस्तें हर महीने की 10 तारीख के आसपास जारी करती रही है। हालांकि त्योहार, प्रशासनिक कार्यक्रम या अन्य कारणों से भुगतान की तारीख में एक-दो दिन का बदलाव भी देखने को मिला है। इसी पैटर्न को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त 10 अगस्त 2026 के आसपास लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। महत्वपूर्ण: अभी तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। भुगतान की तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम मानी जाएगी। किन कारणों से रुक सकता है Ladli Behna Yojana का भुगतान? Ladli Behna Yojana की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए कुछ जरूरी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। भुगतान रुकने के प्रमुख कारण समग्र e-KYC क्यों जरूरी है? सरकार ने Ladli Behna Yojana के लाभार्थियों के लिए समग्र पोर्टल पर e-KYC को अनिवार्य किया है। यदि किसी महिला की e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है, तो उसकी अगली किस्त रोकी जा सकती है। यह प्रक्रिया नजदीकी CSC सेंटर, ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरी कराई जा सकती है। बैंक खाते में DBT और आधार लिंक जरूर जांचें Ladli Behna Yojana की राशि सीधे खाते में भेजी जाती है। इसलिए लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि— जरूरत पड़ने पर अपनी बैंक शाखा जाकर इन सभी जानकारियों की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा। ऐसे चेक करें Ladli Behna Yojana की किस्त का स्टेटस यदि आप Ladli Behna Yojana की अगली किस्त की स्थिति जानना चाहती हैं, तो ऑनलाइन स्टेटस भी देख सकती हैं। स्टेटस चेक करने का तरीका क्या करें ताकि अगली किस्त बिना रुकावट मिले? यदि आप Ladli Behna Yojana का लाभ लगातार लेना चाहती हैं, तो समय-समय पर अपने बैंक खाते की स्थिति, आधार लिंकिंग और समग्र e-KYC की जांच जरूर करें। इन प्रक्रियाओं में कोई कमी होने पर उसे जल्द पूरा करा लेना बेहतर होगा ताकि अगली किस्त मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।

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