BREAKING Ratlam News: रतलाम में शराब दुकान पर हमला: सेल्समैन को सबक सिखाने की रची थी साजिश, पुलिस आरक्षक की भूमिका उजागर

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Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ में शराब दुकान पर मारपीट और लूट की जांच में पुलिस आरक्षक की भूमिका सामने आई। पुलिस ने छह हमलावरों को गिरफ्तार कर तीन बाइक जब्त की हैं।

रतलाम- पब्लिक वार्ता, 

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ में शराब दुकान पर हुई मारपीट और लूट के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस वारदात की जांच पुलिस कर रही थी, उसकी साजिश में शिवगढ़ थाने पर पदस्थ एक आरक्षक की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने आरक्षक बिल्लर सिंह को प्रकरण में आरोपी बनाकर हिरासत में लिया है। मामले में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच के अनुसार, शराब के रुपयों को लेकर हुई बातचीत के बाद दुकान के सेल्समैन को सबक सिखाने की योजना बनाई गई थी। इसके बाद हमलावरों ने दुकान में घुसकर सेल्समैन और मैनेजर के साथ मारपीट की। हमले में एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया था।

एसपी अमित कुमार ने आरक्षक की संलिप्तता सामने आने के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल तीन बाइक जब्त की हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

रात साढ़े नौ बजे शराब दुकान में घुसकर किया था हमला

घटना 23 अक्टूबर की रात करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच शिवगढ़ बस स्टैंड स्थित कंपोजिट शराब दुकान पर हुई थी।

आरोपियों ने दुकान में घुसकर सेल्समैन सुशील तिवारी और प्रबंधक धर्मेंद्र जाट के साथ मारपीट की। 33 वर्षीय धर्मेंद्र, उज्जैन जिले के इंदौर रोड स्थित पंथ पिपलाई का रहने वाला है।

हमलावरों ने गेती के हत्थे, सीमेंट के टुकड़ों और शराब की बोतल से कर्मचारियों पर हमला किया। लात-घूंसों से मारपीट करने के साथ दुकान में तोड़फोड़ भी की गई। आरोपी मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए।

हमले में सुशील तिवारी को गंभीर चोटें आईं। उसके सिर में 13 टांके लगाने पड़े, जबकि एक हाथ में फ्रैक्चर हो गया था।

आरक्षक की ड्यूटी मंदिर पर, शराब पार्टी में बनी हमले की योजना

मामले की जांच में सामने आया कि वारदात से पहले शिवगढ़ थाने पर पदस्थ आरक्षक बिल्लर सिंह रतलाम के दीनदयाल नगर क्षेत्र के कुछ लोगों के साथ शिवगढ़ में एक परिचित के घर पर शराब पी रहा था।

उस समय आरक्षक की ड्यूटी गढ़खंखाई माताजी मंदिर पर लगी हुई थी।

पुलिस के अनुसार, शराब के रुपये देने को लेकर बातचीत के दौरान दुकान के सेल्समैन को सबक सिखाने की योजना बनाई गई। इसके बाद शराब दुकान पर हमला हुआ।

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरक्षक बिल्लर सिंह वारदात के समय दुकान पर मौजूद नहीं था। लेकिन हमले की योजना से जुड़ी बातचीत में उसकी भूमिका सामने आने पर पुलिस ने उसे आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में प्रकरण में शामिल किया।

एसपी ने गठित की थी विशेष टीम, जांच में खुली साजिश

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीओपी किशोर पाटनवाला के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी।

टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों की पहचान की और वारदात से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल की। इसी दौरान पुलिस आरक्षक की भूमिका भी सामने आई।

पुलिस ने छह हमलावरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन मोटरसाइकिल जब्त की हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

आरक्षक को भी हिरासत में लेकर प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर अलग से कार्रवाई की जाएगी।

ये छह आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने शराब दुकान पर हमले के मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जय खरे (24 वर्ष), पिता शरद खरे, निवासी मदीना मस्जिद के पास, हाट रोड।

नानू उर्फ अनिल देवदा (33 वर्ष), पिता सोहन देवदा, निवासी राजेंद्र नगर।

कार्तिक उर्फ ओमप्रकाश मौर्य (32 वर्ष), पिता जगदीश मौर्य, निवासी दीनदयाल नगर।

पीयूष उर्फ पुष्पेंद्र रोजे (25 वर्ष), पिता आम्बालाल रोजे, निवासी सुभाष नगर।

बल्लू उर्फ प्रताप राजपूत (21 वर्ष), पिता सोहनसिंह राजपूत, निवासी बजरंग नगर।

हर्ष उर्फ हर्षवर्धन हाड़े (24 वर्ष), पिता पर्वत कुमार हाड़े, निवासी रुद्राक्ष कॉलोनी, रत्नेश्वर रोड।

पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

एसपी बोले- कानून से ऊपर कोई नहीं

एसपी अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

उन्होंने कहा, “जांच में आरक्षक की भूमिका सामने आने पर उसे भी आरोपी बनाकर हिरासत में लिया गया है। कानून से ऊपर कोई नहीं है। पुलिसकर्मी की संलिप्तता के संबंध में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

कार्रवाई में शिवगढ़ थाना प्रभारी लिलियन मालवीय, एसआई अजमेरसिंह भूरिया, आईएम खान, प्रधान आरक्षक दिलीप शर्मा, विजय मंडलोई, विक्रमसिंह घोसरे, हेमंत कुमार लिम्बोदिया सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की भूमिका रही।

टीम में आरक्षक मनीष खराड़ी, रावजी गणावा, नरवरसिंह मईड़ा, जितेंद्र प्रसाद, रमेश सोलंकी, विक्रमसिंह भूरिया, शैतान खड़िया, घनश्याम दड़िंग, महिला आरक्षक रेणु डावर, सावित्री मकवाने, आरक्षक राजेश और चालक विकास भी शामिल रहे।

आरक्षक की भूमिका सामने आने से मामला बना गंभीर

शिवगढ़ शराब दुकान पर हुई मारपीट और लूट की वारदात अब पुलिस विभाग के लिए भी गंभीर मामला बन गई है। जांच में एक आरक्षक का नाम सामने आने से विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

फिलहाल छह हमलावरों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। आरक्षक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण के साथ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में अंतिम दोष तय होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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