MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी की मौत का खुलासा, हत्या को हादसा दिखाने की रची गई साजिश

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी पलक काशिव हत्याकांड का बड़ा खुलासा। प्रेमी ने शादी से इनकार पर गला घोंटा, फिर पेट्रोल डालकर आग लगाई और हादसा दिखाने की साजिश रची। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर में निजी बैंक की कर्मचारी पलक काशिव की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में इसे गैस रिसाव और आग से जुड़ा हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और साइबर जांच ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस के मुताबिक यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी मयंक शाक्य शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था। जब पलक ने शादी से इनकार कर दिया तो उसने कथित तौर पर उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपी को दतिया से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करने की बात भी पुलिस के सामने कही है। इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच की मदद से हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। कैसे सामने आई हत्या की सच्चाई? पलक काशिव का शव सोमवार को तपेश्वरी क्षेत्र स्थित फ्लैट में मिला था। परिवार के लोग दो दिनों से उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। जब मकान मालिक फ्लैट पहुंचा तो पलक मृत अवस्था में मिली। मौके पर गैस का बर्नर खुला था और गैस का रिसाव हो रहा था। रसोई में कटी हुई सब्जियां भी रखी थीं। शुरुआती हालात देखकर ऐसा लगा कि किसी घरेलू हादसे में उसकी मौत हुई होगी। इसी आधार पर पुलिस ने पहले दुर्घटना की संभावना मानकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक नकाबपोश युवक तेज़ी से कॉलोनी से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने पलक के परिचित लोगों की जानकारी जुटाई और साइबर टीम की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की। तकनीकी जांच में मयंक शाक्य की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। दतिया से गिरफ्तारी, पूछताछ में कबूल किया अपराध पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को दतिया से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पहले पलक का गला दबाया। जब वह बेहोश हो गई तो उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना को हादसा साबित करने के लिए गैस का बर्नर भी खुला छोड़ दिया, ताकि ऐसा लगे कि आग गैस रिसाव से लगी थी। गाने के शौक ने कराई थी दोनों की मुलाकात जांच में यह भी सामने आया कि पलक और मयंक की पहचान स्टार मेकर्स ऐप के जरिए हुई थी। दोनों को गाने का शौक था और इसी प्लेटफॉर्म पर उनकी दोस्ती हुई थी। समय के साथ दोनों संपर्क में आए, लेकिन शादी को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए। पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया? मुख्य तथ्य

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