MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी की मौत का खुलासा, हत्या को हादसा दिखाने की रची गई साजिश

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी पलक काशिव हत्याकांड का बड़ा खुलासा। प्रेमी ने शादी से इनकार पर गला घोंटा, फिर पेट्रोल डालकर आग लगाई और हादसा दिखाने की साजिश रची। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर में निजी बैंक की कर्मचारी पलक काशिव की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में इसे गैस रिसाव और आग से जुड़ा हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और साइबर जांच ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस के मुताबिक यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी मयंक शाक्य शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था। जब पलक ने शादी से इनकार कर दिया तो उसने कथित तौर पर उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपी को दतिया से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करने की बात भी पुलिस के सामने कही है। इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच की मदद से हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। कैसे सामने आई हत्या की सच्चाई? पलक काशिव का शव सोमवार को तपेश्वरी क्षेत्र स्थित फ्लैट में मिला था। परिवार के लोग दो दिनों से उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। जब मकान मालिक फ्लैट पहुंचा तो पलक मृत अवस्था में मिली। मौके पर गैस का बर्नर खुला था और गैस का रिसाव हो रहा था। रसोई में कटी हुई सब्जियां भी रखी थीं। शुरुआती हालात देखकर ऐसा लगा कि किसी घरेलू हादसे में उसकी मौत हुई होगी। इसी आधार पर पुलिस ने पहले दुर्घटना की संभावना मानकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक नकाबपोश युवक तेज़ी से कॉलोनी से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने पलक के परिचित लोगों की जानकारी जुटाई और साइबर टीम की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की। तकनीकी जांच में मयंक शाक्य की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। दतिया से गिरफ्तारी, पूछताछ में कबूल किया अपराध पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को दतिया से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पहले पलक का गला दबाया। जब वह बेहोश हो गई तो उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना को हादसा साबित करने के लिए गैस का बर्नर भी खुला छोड़ दिया, ताकि ऐसा लगे कि आग गैस रिसाव से लगी थी। गाने के शौक ने कराई थी दोनों की मुलाकात जांच में यह भी सामने आया कि पलक और मयंक की पहचान स्टार मेकर्स ऐप के जरिए हुई थी। दोनों को गाने का शौक था और इसी प्लेटफॉर्म पर उनकी दोस्ती हुई थी। समय के साथ दोनों संपर्क में आए, लेकिन शादी को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए। पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया? मुख्य तथ्य

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की ठगी! इंदौर के कारोबारी पर FIR, कई और लोगों से धोखाधड़ी का आरोप

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी कारोबारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कई अन्य लोगों से भी ठगी के आरोप लगे हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी एक कारोबारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लिफ्ट लगाने के लिए एडवांस राशि लेने के बावजूद न तो काम किया गया और न ही पैसे लौटाए गए। ₹3.54 लाख एडवांस लेने के बाद नहीं लगाई लिफ्ट पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, नाहरपुरा निवासी और अश्विन टेलीकॉम के संचालक अश्विन मूणत ने बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी दुकान के ऊपर बने भवन में लिफ्ट लगाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने इंदौर स्थित केन्स एलेवेटर्स एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर मनीष गुप्ता से संपर्क किया। शिकायत के मुताबिक, लिफ्ट लगाने की कुल लागत 7.20 लाख रुपये तय हुई थी। आरोपी द्वारा एडवांस राशि मांगने पर 11 मार्च 2024 को शिकायतकर्ता ने अपने पिता के यूनियन बैंक खाते से 3.54 लाख रुपये कंपनी के यस बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बार-बार संपर्क के बावजूद नहीं हुआ काम एफआईआर में कहा गया है कि एडवांस राशि मिलने के बाद आरोपी से कई बार फोन पर संपर्क किया गया और लिफ्ट लगाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने न तो लिफ्ट लगाई और न ही एडवांस राशि वापस की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने अवैध लाभ कमाने की नीयत से उनके साथ धोखाधड़ी की। रतलाम के कई अन्य लोगों से भी ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी मनीष गुप्ता ने रतलाम के कई अन्य लोगों से भी लिफ्ट लगाने के नाम पर रकम लेकर कथित रूप से धोखाधड़ी की है। एफआईआर में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें मनोज गुप्ता, निलेश चाणोदिया, लोकेश व्यास, मयंक पाठक, मनोज परमार, अनिल मूणत, जयंत जैन, तुषार पोरवाल और आयुष कोठारी शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये सभी लोग अपने-अपने स्तर पर पुलिस को अलग से जानकारी उपलब्ध कराएंगे। माणक चौक थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला माणक चौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर क्रमांक 370/2026 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी)के तहत प्रकरण कायम किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक शांतिलाल चौहान को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान बैंक ट्रांजैक्शन, अनुबंध और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य पीड़ितों के आरोप भी सही पाए जाते हैं तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

MP News: इंदौर समर कैंप में छात्रा से अश्लील हरकत! बॉयज हॉस्टल वॉर्डन गिरफ्तार, कई बच्चियों ने लगाए गंभीर आरोप

इंदौर के एक स्कूल के समर कैंप में 13 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपी बॉयज हॉस्टल वॉर्डन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य छात्राओं ने भी गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए हैं। रतलाम/ इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के Indore में आयोजित एक स्कूल समर कैंप के दौरान 13 वर्षीय छात्रा से कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने बॉयज हॉस्टल के वॉर्डन विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद कैंपस में जमकर हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। कैसे सामने आया मामला? जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा Ratlam से अपनी छोटी बहन के साथ समर कैंप में हिस्सा लेने आई थी। यह समर कैंप 3 मई से संचालित हो रहा था, जिसमें करीब 18 छात्राएं और 36 छात्र शामिल थे। छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, 13 मई की शाम छात्रा पानी की बोतल भरने बॉयज हॉस्टल की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी वॉर्डन ने उसके साथ कथित रूप से आपत्तिजनक हरकत की। छात्रा ने पहले यह बात अपनी मां को मोबाइल पर बताई, जिसके बाद परिवार और परिचितों को मामले की जानकारी मिली। अन्य छात्राओं ने भी लगाए आरोप मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब हॉस्टल में मौजूद कुछ अन्य छात्राओं ने भी आरोपी वॉर्डन पर गलत तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। इसके बाद परिजनों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैंपस पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर Madhya Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची और छात्राओं व स्टाफ से पूछताछ की गई। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में देर रात तक जांच चली। पुलिस का क्या कहना है? राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले के अनुसार, आरोपी वॉर्डन घटना के बाद हॉस्टल से फरार हो गया था। हालांकि शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही समर कैंप प्रबंधन और स्कूल प्रशासन से भी जानकारी मांगी गई है। पुलिस अन्य छात्राओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पहले भी उठ चुके हैं बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूल और हॉस्टल कैंपस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। खासकर समर कैंप और रिहायशी हॉस्टल में निगरानी व्यवस्था तथा स्टाफ वेरिफिकेशन को लेकर अभिभावक लगातार चिंता जताते रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, हॉस्टल मॉनिटरिंग और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर बहस तेज हो गई है। फिलहाल क्या स्थिति है? फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है। वहीं, पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारों को काउंसलिंग और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

Indore News: बच्चों के अश्लील वीडियो शेयर करने वाला कमल लोबानिया गिरफ्तार, अब खा रहा जेल की हवा!

इंदौर- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Indore News: अमेरिका की Meta Inc. (Facebook/Instagram) से मिली साइबर टिपलाइन सूचना के आधार पर इंदौर निवासी कमल लोबानिया को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर सेंट्रल जेल इंदौर भेजा गया है। आरोपी सोशल मीडिया पर बालक-बालिकाओं के अश्लील वीडियो (CSEAM: Child Sexual Exploitative and Abuse Material) डाउनलोड कर उन्हें विभिन्न ग्रुपों में शेयर करता था। मेटा ने दी थी आरोपी की जानकारी अमेरिका की मेटा कंपनी ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को सूचना दी थी कि इंदौर का एक व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिग बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो शेयर कर रहा है। यह शिकायत Cyber Tipline (USA) के माध्यम से राज्य सायबर सेल, इंदौर को प्राप्त हुई थी। साइबर सेल की कार्रवाई राज्य सायबर पुलिस जोन इंदौर द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन नयन” के तहत निरीक्षक अंजू पटेल, सउनि रामप्रकाश बाजपेई और आरक्षक रमेश भिड़े की टीम ने आरोपी का तकनीकी विश्लेषण कर लोकेशन ट्रेस की। आरोपी कमल लोबानिया (उम्र 31 वर्ष, निवासी इंदौर) को पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने Facebook/Instagram ग्रुपों से बाल अश्लील सामग्री डाउनलोड कर WhatsApp पर अन्य लोगों को शेयर किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड जप्त किया है।मामले में आईटी एक्ट की धारा 67, 67A, 67B के तहत अपराध क्रमांक 168/25 दर्ज किया गया है। सराहनीय भूमिका साइबर सेल ने दी चेतावनी राज्य साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि—

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