MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

MP News: इंदौर मेट्रो के आसपास होगा बड़ा बदलाव, 31 किमी कॉरिडोर पर बनेंगे 4 TOD क्लस्टर, हाईराइज डेवलपमेंट को मिलेगी रफ्तार

MP News: इंदौर मेट्रो के 31.32 किमी रूट के आसपास 4 TOD क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। जानिए किन इलाकों में होगा हाईराइज डेवलपमेंट और क्या होंगे बड़े बदलाव। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर शहर आने वाले वर्षों में एक नए शहरी विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। मेट्रो परियोजना के साथ अब शहर में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) की योजना को भी गति दी जा रही है। इसका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों के आसपास आधुनिक, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं वाले क्षेत्रों का विकास करना है। 31.32 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में विशेष विकास क्षेत्र तैयार किए जाएंगे। यहां आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्र और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ शहर के विकास की दिशा भी बदल सकती है। इसके लिए पहले चरण में चार प्रमुख क्लस्टर तैयार किए गए हैं। Indore Metro TOD Corridor क्या है? ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) ऐसा शहरी विकास मॉडल है, जिसमें मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास योजनाबद्ध तरीके से आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाता है। इस मॉडल का उद्देश्य लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। पहले चरण में इन 4 क्लस्टर में होगा विकास शुरुआत में मेट्रो रूट के प्रमुख स्टेशनों को जोड़ते हुए चार क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। पहला क्लस्टर दूसरा क्लस्टर तीसरा क्लस्टर चौथा क्लस्टर मेट्रो कॉरिडोर के आसपास क्या-क्या बदलेगा? TOD योजना लागू होने के बाद मेट्रो रूट के आसपास कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रमुख विकास कार्य शहरवासियों और विशेषज्ञों से भी लिए जाएंगे सुझाव TOD कॉरिडोर तैयार करने वाली एजेंसी अरुप (Arup) शहर के नागरिकों, शहरी योजनाकारों और संबंधित विशेषज्ञों से सुझाव भी लेगी। इन सुझावों के आधार पर विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बेहतर मॉडल तैयार हो सके। मास्टर प्लान के साथ होगा समन्वय इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया (ITPI) के इंदौर रीजनल सेंटर द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि TOD योजना को इंदौर के नए मास्टर प्लान और रीजनल प्लान के साथ जोड़ा जाएगा। आईटीपीआई इंदौर रीजनल सेंटर की सचिव प्रकृति सेठी और चेयरमैन डी. एल. गोयल के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर TOD से जुड़े नियमों और विकास संबंधी प्रावधानों में संशोधन पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि परियोजना प्रभावी ढंग से लागू हो सके। विशेषज्ञों ने साझा किए अंतरराष्ट्रीय अनुभव कार्यक्रम में अरुप कंसल्टेंसी फर्म के विशेषज्ञ जिग्नेश मेहता और रोमी राय ने विभिन्न शहरों में लागू TOD मॉडल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास क्लस्टर आधारित विकास से शहरी यातायात, भूमि उपयोग और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी की मौत का खुलासा, हत्या को हादसा दिखाने की रची गई साजिश

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी पलक काशिव हत्याकांड का बड़ा खुलासा। प्रेमी ने शादी से इनकार पर गला घोंटा, फिर पेट्रोल डालकर आग लगाई और हादसा दिखाने की साजिश रची। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर में निजी बैंक की कर्मचारी पलक काशिव की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में इसे गैस रिसाव और आग से जुड़ा हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और साइबर जांच ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस के मुताबिक यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी मयंक शाक्य शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था। जब पलक ने शादी से इनकार कर दिया तो उसने कथित तौर पर उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपी को दतिया से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करने की बात भी पुलिस के सामने कही है। इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच की मदद से हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। कैसे सामने आई हत्या की सच्चाई? पलक काशिव का शव सोमवार को तपेश्वरी क्षेत्र स्थित फ्लैट में मिला था। परिवार के लोग दो दिनों से उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। जब मकान मालिक फ्लैट पहुंचा तो पलक मृत अवस्था में मिली। मौके पर गैस का बर्नर खुला था और गैस का रिसाव हो रहा था। रसोई में कटी हुई सब्जियां भी रखी थीं। शुरुआती हालात देखकर ऐसा लगा कि किसी घरेलू हादसे में उसकी मौत हुई होगी। इसी आधार पर पुलिस ने पहले दुर्घटना की संभावना मानकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक नकाबपोश युवक तेज़ी से कॉलोनी से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने पलक के परिचित लोगों की जानकारी जुटाई और साइबर टीम की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की। तकनीकी जांच में मयंक शाक्य की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। दतिया से गिरफ्तारी, पूछताछ में कबूल किया अपराध पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को दतिया से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पहले पलक का गला दबाया। जब वह बेहोश हो गई तो उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना को हादसा साबित करने के लिए गैस का बर्नर भी खुला छोड़ दिया, ताकि ऐसा लगे कि आग गैस रिसाव से लगी थी। गाने के शौक ने कराई थी दोनों की मुलाकात जांच में यह भी सामने आया कि पलक और मयंक की पहचान स्टार मेकर्स ऐप के जरिए हुई थी। दोनों को गाने का शौक था और इसी प्लेटफॉर्म पर उनकी दोस्ती हुई थी। समय के साथ दोनों संपर्क में आए, लेकिन शादी को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए। पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया? मुख्य तथ्य

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की ठगी! इंदौर के कारोबारी पर FIR, कई और लोगों से धोखाधड़ी का आरोप

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी कारोबारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कई अन्य लोगों से भी ठगी के आरोप लगे हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी एक कारोबारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लिफ्ट लगाने के लिए एडवांस राशि लेने के बावजूद न तो काम किया गया और न ही पैसे लौटाए गए। ₹3.54 लाख एडवांस लेने के बाद नहीं लगाई लिफ्ट पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, नाहरपुरा निवासी और अश्विन टेलीकॉम के संचालक अश्विन मूणत ने बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी दुकान के ऊपर बने भवन में लिफ्ट लगाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने इंदौर स्थित केन्स एलेवेटर्स एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर मनीष गुप्ता से संपर्क किया। शिकायत के मुताबिक, लिफ्ट लगाने की कुल लागत 7.20 लाख रुपये तय हुई थी। आरोपी द्वारा एडवांस राशि मांगने पर 11 मार्च 2024 को शिकायतकर्ता ने अपने पिता के यूनियन बैंक खाते से 3.54 लाख रुपये कंपनी के यस बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बार-बार संपर्क के बावजूद नहीं हुआ काम एफआईआर में कहा गया है कि एडवांस राशि मिलने के बाद आरोपी से कई बार फोन पर संपर्क किया गया और लिफ्ट लगाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने न तो लिफ्ट लगाई और न ही एडवांस राशि वापस की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने अवैध लाभ कमाने की नीयत से उनके साथ धोखाधड़ी की। रतलाम के कई अन्य लोगों से भी ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी मनीष गुप्ता ने रतलाम के कई अन्य लोगों से भी लिफ्ट लगाने के नाम पर रकम लेकर कथित रूप से धोखाधड़ी की है। एफआईआर में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें मनोज गुप्ता, निलेश चाणोदिया, लोकेश व्यास, मयंक पाठक, मनोज परमार, अनिल मूणत, जयंत जैन, तुषार पोरवाल और आयुष कोठारी शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये सभी लोग अपने-अपने स्तर पर पुलिस को अलग से जानकारी उपलब्ध कराएंगे। माणक चौक थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला माणक चौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर क्रमांक 370/2026 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी)के तहत प्रकरण कायम किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक शांतिलाल चौहान को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान बैंक ट्रांजैक्शन, अनुबंध और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य पीड़ितों के आरोप भी सही पाए जाते हैं तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

MP News: इंदौर समर कैंप में छात्रा से अश्लील हरकत! बॉयज हॉस्टल वॉर्डन गिरफ्तार, कई बच्चियों ने लगाए गंभीर आरोप

इंदौर के एक स्कूल के समर कैंप में 13 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपी बॉयज हॉस्टल वॉर्डन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य छात्राओं ने भी गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए हैं। रतलाम/ इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के Indore में आयोजित एक स्कूल समर कैंप के दौरान 13 वर्षीय छात्रा से कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने बॉयज हॉस्टल के वॉर्डन विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद कैंपस में जमकर हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। कैसे सामने आया मामला? जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा Ratlam से अपनी छोटी बहन के साथ समर कैंप में हिस्सा लेने आई थी। यह समर कैंप 3 मई से संचालित हो रहा था, जिसमें करीब 18 छात्राएं और 36 छात्र शामिल थे। छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, 13 मई की शाम छात्रा पानी की बोतल भरने बॉयज हॉस्टल की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी वॉर्डन ने उसके साथ कथित रूप से आपत्तिजनक हरकत की। छात्रा ने पहले यह बात अपनी मां को मोबाइल पर बताई, जिसके बाद परिवार और परिचितों को मामले की जानकारी मिली। अन्य छात्राओं ने भी लगाए आरोप मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब हॉस्टल में मौजूद कुछ अन्य छात्राओं ने भी आरोपी वॉर्डन पर गलत तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। इसके बाद परिजनों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैंपस पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर Madhya Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची और छात्राओं व स्टाफ से पूछताछ की गई। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में देर रात तक जांच चली। पुलिस का क्या कहना है? राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले के अनुसार, आरोपी वॉर्डन घटना के बाद हॉस्टल से फरार हो गया था। हालांकि शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही समर कैंप प्रबंधन और स्कूल प्रशासन से भी जानकारी मांगी गई है। पुलिस अन्य छात्राओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पहले भी उठ चुके हैं बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूल और हॉस्टल कैंपस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। खासकर समर कैंप और रिहायशी हॉस्टल में निगरानी व्यवस्था तथा स्टाफ वेरिफिकेशन को लेकर अभिभावक लगातार चिंता जताते रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, हॉस्टल मॉनिटरिंग और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर बहस तेज हो गई है। फिलहाल क्या स्थिति है? फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है। वहीं, पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारों को काउंसलिंग और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

Indore News: इंदौर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: दूसरे के टिकट पर सफर कर रहे 35 यात्री पकड़े गए, ₹1.23 लाख का जुर्माना वसूला!

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के इंदौर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जांच टीम ने मुम्बई सेंट्रल–इंदौर तेजस स्पेशल (गाड़ी संख्या 09085) में यात्रा कर रहे 35 ऐसे यात्रियों को पकड़ा जो दूसरे के नाम पर जारी टिकटों से सफर कर रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान रेलवे ने नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों से ₹1,23,550 का जुर्माना वसूला। जानकारी के अनुसार, 7 नवम्बर को मुंबई सेंट्रल से रवाना हुई इस तेजस स्पेशल ट्रेन के कोच बी-5, बी-6 और बी-7 में ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान कुछ यात्रियों के पास पहचान पत्र न होने पर संदेह हुआ। विस्तृत जांच करने पर पाया गया कि ये यात्री अन्य व्यक्तियों के नाम पर बुक टिकटों से यात्रा कर रहे थे। चेकिंग स्टाफ ने तुरंत वाणिज्य नियंत्रण कक्ष रतलाम को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर के संबंधित रेलवे अधिकारियों, RPF और जीआरपी की टीम को अलर्ट किया गया। ट्रेन के इंदौर स्टेशन पहुंचते ही संदिग्ध यात्रियों को रोका गया और नियमों के अनुसार सभी से ₹1.23 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया। इस संयुक्त जांच में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, उप स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य), मुख्य टिकट निरीक्षक, 8 चेकिंग स्टाफ, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के निरीक्षक व 8 जवान, और जीआरपी के निरीक्षक व 6 जवान शामिल रहे। रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और टिकट नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे हमेशा अपने नाम से टिकट बुक करें और वैध पहचान पत्र साथ रखें।

Indore News: बच्चों के अश्लील वीडियो शेयर करने वाला कमल लोबानिया गिरफ्तार, अब खा रहा जेल की हवा!

इंदौर- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Indore News: अमेरिका की Meta Inc. (Facebook/Instagram) से मिली साइबर टिपलाइन सूचना के आधार पर इंदौर निवासी कमल लोबानिया को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर सेंट्रल जेल इंदौर भेजा गया है। आरोपी सोशल मीडिया पर बालक-बालिकाओं के अश्लील वीडियो (CSEAM: Child Sexual Exploitative and Abuse Material) डाउनलोड कर उन्हें विभिन्न ग्रुपों में शेयर करता था। मेटा ने दी थी आरोपी की जानकारी अमेरिका की मेटा कंपनी ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को सूचना दी थी कि इंदौर का एक व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिग बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो शेयर कर रहा है। यह शिकायत Cyber Tipline (USA) के माध्यम से राज्य सायबर सेल, इंदौर को प्राप्त हुई थी। साइबर सेल की कार्रवाई राज्य सायबर पुलिस जोन इंदौर द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन नयन” के तहत निरीक्षक अंजू पटेल, सउनि रामप्रकाश बाजपेई और आरक्षक रमेश भिड़े की टीम ने आरोपी का तकनीकी विश्लेषण कर लोकेशन ट्रेस की। आरोपी कमल लोबानिया (उम्र 31 वर्ष, निवासी इंदौर) को पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने Facebook/Instagram ग्रुपों से बाल अश्लील सामग्री डाउनलोड कर WhatsApp पर अन्य लोगों को शेयर किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड जप्त किया है।मामले में आईटी एक्ट की धारा 67, 67A, 67B के तहत अपराध क्रमांक 168/25 दर्ज किया गया है। सराहनीय भूमिका साइबर सेल ने दी चेतावनी राज्य साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि—

Indore News: एमआर-9 लिंक रोड पर बड़ी कार्रवाई, 140 मकान तोड़े, अब रिंग रोड से AB रोड तक बनेगी 100 फीट चौड़ी सड़क

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एमआर-9 लिंक रोड निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण की कार्यवाही के तहत रिंग रोड से एबी रोड के बीच आने वाले 140 बाधक मकानों को जमींदोज कर दिया। अब जल्द ही इस मार्ग पर 100 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण शुरू होगा।  मास्टर प्लान का अधूरा सपना अब होगा पूरा तोड़े गए 140 निर्माण – विरोध के बाद भी हुई कार्रवाई सड़क का अगला चरण भी चुनौतीपूर्ण

Ratlam News: राजा रघुवंशी हत्याकांड: शिलॉन्ग एसआईटी ने रतलाम में की छानबीन, पिस्टल और लैपटॉप की तलाश जारी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शिलॉन्ग में हुए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच में जुटी एसआईटी ने ब्रोकर कॉन्ट्रैक्टर शिलोम जेम्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार दोपहर टीम ने रतलाम स्थित उसके ससुराल में दबिश दी। इस दौरान शिलोम की पत्नी और साली भी मौजूद थीं। छानबीन के दौरान पुलिस ने एक बैग जब्त किया है, जिसमें लैपटॉप होने की संभावना जताई जा रही है। शिलोम के ससुराल में एक घंटे तक तलाशी शिलॉन्ग पुलिस दो गाड़ियों में सवार होकर दोपहर 3 बजे रतलाम की मंगलमूर्ति कॉलोनी स्थित मकान पर पहुंची। यह मकान शिलोम के ससुर मनोज गुप्ता का है, जो म्यूचुअल फंड का काम करते हैं। बताया गया कि पिछले 10 से 15 दिनों से यह मकान बंद पड़ा था। टीम ने करीब एक घंटे तक तलाशी ली और फिर शिलोम को अपने साथ लेकर इंदौर रवाना हो गई। हालांकि, उसकी पत्नी और साली को साथ नहीं ले जाया गया। इंदौर में भी रातभर चली जांच शनिवार देर रात एसआईटी की टीम इंदौर पहुंची थी। यहां महालक्ष्मी नगर स्थित शिलोम के घर की इंदौर क्राइम ब्रांच के सहयोग से तलाशी ली गई। करीब आधे घंटे तक चली इस कार्रवाई में कई दस्तावेजों की जांच की गई। एसआईटी को शक है कि सोनम के काले बैग से गायब आभूषण शिलोम ने ही छिपा रखे हैं। इन्हीं की तलाश में पहले इंदौर और फिर रतलाम में छानबीन की गई। लोकेंद्र समेत तीनों आरोपित 6 दिन की रिमांड पर इससे पहले गुरुवार को एसआईटी ने बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर, ब्रोकर शिलोम जेम्स और चौकीदार बलवीर अहिरवार को इंदौर से हिरासत में लेकर शिलॉन्ग पहुंचाया। कोर्ट में पेश करने के बाद तीनों को 6 दिन की रिमांड पर लिया गया है। सबूत मिटाने और छेड़छाड़ के आरोप हत्या के बाद सोनम इंदौर में जिस फ्लैट में रुकी थी, वह फ्लैट लोकेंद्र तोमर की बिल्डिंग में था। शिलोम ने ही यह बिल्डिंग लीज पर ली थी और फ्लैट विशाल चौहान को किराए पर दिया गया था। शिलोम को जब इस बात का पता चला कि सोनम वही रुकी थी, तो उसने लोकेंद्र को सूचित किया। लोकेंद्र ने फ्लैट से बैग हटाने और उसमें रखे रुपये व पिस्टल लेकर वापस लौटने की बात मानी है। शिलोम ने बाद में सोनम का बैग जलाने की बात भी स्वीकार की है। नाले से बरामद हुई पिस्टल एसआईटी की पूछताछ में शिलोम ने पहले दावा किया था कि पिस्टल लोकेंद्र के पास है, लेकिन बाद में उसने बताया कि पिस्टल और लैपटॉप को उसने इंडस्ट्री हाउस के पास नाले में फेंक दिया था। बाद में तलाशी के दौरान पुलिस को थैली में बंद पिस्टल बरामद हुई। एफएसएल टीम को घटनास्थल से जली हुई सिम और अन्य जरूरी सामान भी मिले हैं। अब शिलोम और अन्य आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम से लापता छात्रा इंदौर में मिली: वॉट्सऐप पर फोटो वायरल हुआ और ऐसे हुई पहचान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, रतलाम की कक्षा 8वीं की 13 वर्षीय छात्रा उर्वशी पाटीदार, जो शनिवार दोपहर स्कूल से लापता हो गई थी, रविवार सुबह इंदौर के खजूरी बाजार क्षेत्र में सुरक्षित मिल गई। छात्रा की पहचान एक स्थानीय निवासी कुणाल पाटीदार ने वॉट्सऐप पर वायरल हो रही फोटो देखकर की और परिजनों को सूचना दी। छात्रा स्कूल से छुट्टी के बाद बिना बताए निकल गई थी। उसकी बड़ी मम्मी स्कूल गेट के बाहर काफी देर तक उसका इंतजार करती रहीं, लेकिन वह नहीं मिली। परिजन रातभर उसकी तलाश में जुटे रहे। पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा स्कूल बैग और ट्रैक सूट पहने लोकेंद्र भवन रोड से काला घोड़ा चौराहे की तरफ जाती हुई सीसीटीवी में नजर आई। इसके बाद वह ई-रिक्शा से रतलाम रेलवे स्टेशन पहुंची और प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर देखी गई। सीसीटीवी फुटेज में छात्रा को ट्रेन के एक कोच से उतरकर दूसरे कोच में चढ़ते हुए भी देखा गया। छात्रा कोटा पार्सल ट्रेन से इंदौर पहुंची थी। रविवार सुबह इंदौर के खजूरी बाजार में वह एक घर के बाहर डरी-सहमी अवस्था में बैठी मिली। कुणाल पाटीदार ने सोशल मीडिया पर वायरल फोटो देखकर छात्रा को पहचाना और तत्काल वॉट्सऐप पर साझा नंबर के जरिए परिजनों को सूचना दी। इसके बाद रतलाम के सैलाना क्षेत्र की उमा पाटीदार मौके पर पहुंचीं और छात्रा को अपने साथ लेकर इंदौर के सर्राफा थाने ले गईं। इधर, स्टेशन रोड TI स्वराज डाबी ने बताया कि परिजनों के साथ रतलाम पुलिस टीम भी इंदौर रवाना हो गई है। छात्रा का सुरक्षित मिलना परिजनों के लिए राहत की खबर है, लेकिन घटना ने सुरक्षा और सतर्कता को लेकर कई सवाल भी खड़े किए हैं।

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