Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) रतलाम नगर ने 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस अभियान का शुभारंभ 3 अक्टूबर को हुआ और यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महिला थाना प्रभारी श्रीमती लिलियन मालवीय और विशेष अतिथि के रूप में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुश्री ट्विंकल राठौर उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में श्रीमती लिलियन मालवीय ने कहा, “छात्राओं को न केवल शारीरिक आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित होना चाहिए, बल्कि साइबर क्राइम से भी सतर्क रहना चाहिए। ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है।” सुश्री ट्विंकल राठौर ने “मिशन साहसी” अभियान की सराहना करते हुए कहा, “यह अभियान छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस अभियान के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का कार्य लगातार कर रहा है।” एबीवीपी रतलाम नगर अध्यक्ष शुभम तलोदिया ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय अभियान के अंतर्गत छात्राओं को आत्मरक्षा की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन रतलाम नगर के कलीमी कॉलोनी स्थित कराते एकेडमी में किया जा रहा है, जिसमें शहर की युवतियां भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सिख सकती है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन रतलाम नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने किया।

Terrorist Threat : महाकाल मंदिर समेत MP-राजस्थान के स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरा पत्र, लिखा- जिहादियों की मौत का बदला लेंगे!

पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है, राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देने की साजिश? उज्जैन – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Terrorist Threat: महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। अज्ञात व्यक्ति ने एक पत्र के माध्यम से राजस्थान के हुनमानगढ़ के रेलवे स्टेशन अधीक्षक को दी है। इसमें उज्जैन (Ujjain) रेलवे स्टेशन, हनुमानगढ़ जंक्शन सहित राज्य के श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, बूंदी, उदयपुर, जयपुर रेलवे स्टेशन सहित राजस्थान के कुछ धार्मिक स्थल को आगामी 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी है। पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है। हनुमानगढ़ के स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि पात्र हमारे यहां मिला था, जिसमें राजस्थान और मध्यप्रदेश को खून से रंगने की बात लिखी थी। साथ ही राजस्थान के कई रेलवे स्टेशन और उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र जीआरपी को सौंप दिया है। पत्र में जम्मू कश्मीर में जेहादियों की हत्या का बदला लेने के लिए स्टेशनों और मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी लिखी है। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को मिला है पत्रराजस्थान के हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन के अधीक्षक नागेंद्र सिंह को एक पत्र मिला है, जिसमें राजस्थान के कई शहर और रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मंगलवार को मिले पत्र में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के जम्मू कश्मीर के एरिया कमांडर सलीम अंसारी के नाम से पत्र भेजा गया है। जेहादी की मौत का बदला लेंगेपत्र में लिखा है कि हे खुदा मुझे माफ करना जम्मू कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जेहादी की मौत का बदला लेंगे। हम ठीक 30 अक्टूबर को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, गंगानगर और हनुमानगढ़, बूंदी उदयपुर सिटी जयपुर मंडल राजस्थान और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ा देंगे। हम ठीक 2 नवंबर को महाकाल उज्जैन शिव मंदिर और जयपुर के कई धार्मिक स्थान, हवाई अड्डा, मिलिट्री कैंप को बम से उड़ा देंगे। एमपी राजस्थान को खून से रंग देंगेपत्र लिखने वाला ने लिखा है कि हम राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देंगे। इसके बाद लिखा कि खुदा आफिज, (Jaish E Mohmmad) आतंकवादी संगठन, जैश ए मोहम्मद एरिया कमांडर मो. सलीम अंसारी जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान जिंदाबाद। हालांकि उज्जैन पुलिस को इस बात की सूचना साझा नहीं की गई है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मीडिया से सूचना हमको मिली है। जानकारी लगने के बाद हम सतर्कता बरत रहे है। राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) से संपर्क कर कार्रवाई करेंगे। 10 साल तक की सजा का प्रावधानतहत सजा हो सकती है। किसी भी तरह की बम की धमकी को, भले ही वह मजाक के रूप में दी गई हो, कानून गंभीर अपराध की श्रेणी में रखता है। ऐसी धमकी से अफरातफरी का माहौल बन सकता है। ऐसे में बम की धमकी देने वाले को 10 साल तक की अलग-अलग धाराओं के कई मायनों में ऐसा लगता है कि आतंकवादी गतिविधियों  से प्रेरित होकर या कोई आतंकी साहित्य पढ़कर ऐसा किया गया है तो पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेशन एक्ट (UAPA) के तहत भी कार्रवाई कर सकती हैं।

MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक की बंपर भर्तियां, क्या है आवेदन की आखरी तारीख, जानिए सबकुछ!

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3)’ (Primary Teacher Job in MP) बनने के लिए पात्रता परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने इस परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 से 15 अक्टूबर के बीच किए जाएंगे। प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 8 हजार पद खाली हैं। 2023 में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के बाद, अब प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा के बाद चयन परीक्षा भी होगी। इसका मतलब यह है कि अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए दो परीक्षाओं को पास करना होगा। यह परीक्षा स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों के लिए संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। पात्रता के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यतापरीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम 60% अंकों के साथ हायर सेकंडरी या समकक्ष और प्रारंभिक शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता आवश्यक है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 5% अंकों की छूट दी जाएगी। इनके लिए न्यूनतम 45% अंक अनिवार्य होंगे, बशर्ते उनके पास सक्षम अधिकारी से जारी जाति प्रमाण पत्र हो। बीएड वाले अभ्यर्थी पात्र नहींसुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को अपने आदेश में एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत बीएड डिग्री धारक प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र होते थे। अब बीएड योग्यताधारी उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक पद के लिए पात्र नहीं होंगे। पात्रता परीक्षा की वैधताप्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2020 और उसके बाद आयोजित की जाने वाली पात्रता परीक्षाओं की वैधता आजीवन रहेगी। यानी 2020 में सफल हुए अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में दोबारा बैठने की जरूरत नहीं है। भविष्य में जब भी शिक्षक भर्ती निकाली जाएगी, पहले से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी इसके लिए पात्र माने जाएंगे और चयन मेरिट के आधार पर होगा। वेतनमान और पदों का विवरणप्राथमिक शिक्षक का न्यूनतम वेतन 25,300 रुपए होगा, साथ ही महंगाई भत्ता भी मिलेगा। प्रारंभिक नियुक्ति के दौरान उन्हें 12 दिसंबर 2019 के नियमों के अनुसार वेतन दिया जाएगा। प्रदेश में कुल 45 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिनमें से 8 हजार प्राथमिक शिक्षक के हैं। हालांकि, परीक्षा के लिए पदों का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है। चयन परीक्षा के समय ही यह विवरण प्रदान किया जाएगा। परीक्षा का शेड्यूल और अन्य जानकारी: – परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी।– आवेदन 1 से 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन भरे जाएंगे।– आवेदन पत्र में संशोधन 20 अक्टूबर तक किया जा सकेगा।– अनारक्षित वर्ग के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 250 रुपए है।– परीक्षा दो पालियों में होगी: सुबह 9:00 से 11:30 बजे और दोपहर 2:30 से 5:00 बजे तक।– परीक्षा केंद्र 13 शहरों में होंगे: बालाघाट, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, खंडवा, इंदौर, नीमच, रतलाम, रीवा, सीधी, सतना और उज्जैन। यह पात्रता परीक्षा मध्यप्रदेश के शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। सफल अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षक पदों के लिए पात्र होंगे और उनका चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

Kangana ranaut: BJP नेताओं के विरोध के बाद कंगना रनौत ने मांगी माफी, कृषि कानूनों पर दिया था बयान

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Kangana ranaut on Farmer Law: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में दिए गए अपने बयान पर माफी मांगी है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की मांग की थी। यह बयान देते ही विपक्षी दलों ने भाजपा और कंगना पर निशाना साधा। कंगना ने माफी मांगते हुए कहा कि यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वे अपने शब्द वापस लेती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी की भावनाओं को आहत करने की नहीं थी। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी कंगना के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर किसानों के खिलाफ कोई कदम उठाया गया तो फिर से प्रधानमंत्री को माफी मांगनी पड़ेगी। कंगना के इस बयान से किसानों के बीच नाराजगी थी, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के किसानों में, जो पहले भी कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर चुके थे। कंगना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनका सुझाव था कि किसानों को खुद प्रधानमंत्री से इन कानूनों को वापस लाने की अपील करनी चाहिए, जिससे उनकी समृद्धि बाधित न हो। यह मामला तब उठा जब कंगना ने 23 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की वकालत की थी। गौरतलब है की 14 महीने के किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 में कानूनों को वापस ले लिया था।

MP’s Vyapam Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, 11 साल में कहां पहुंची जांच!

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग, एसटीएफ और सीबीआई पर घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप! भोपाल – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) के मामले में सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व विधायक और व्यापमं घोटाले के व्हिसिल ब्लोअर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। सकलेचा ने व्यापमं घोटाले में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग की थी, जो पहले इंदौर हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। आपको बता दे 2013 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। माना जाता है कि आजाद भारत में व्यापमं सबसे बड़ा घोटाला रहा। मामले में जब जांच शुरू हुई तो जांचकर्ता और आरोपियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने लगी। घोटाले के तार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचने पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी गई। व्यापमं घोटाला जांच में गड़बड़ी के आरोपपारस सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि एसटीएफ और सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और सिर्फ छोटे रैकेटियर, दलाल, स्कोरर, छात्र और अभिभावकों पर ही कार्रवाई की गई है। सकलेचा का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चलने वाला रैकेट सरकार और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 850 पेज का दस्तावेजी साक्ष्य पेशसकलेचा ने अपने आवेदन में लगभग 850 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा सचिव, और व्यापमं के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सकलेचा का दावा है कि इन बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बिना व्यापमं जैसा बड़ा घोटाला संभव नहीं था। इंदौर हाईकोर्ट से निरस्त हुई थी याचिकाइससे पहले, पारस सकलेचा ने व्यापमं घोटाले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 19 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आज जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप: बड़े अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई!सकलेचा ने अपने आवेदन में कहा कि एसटीएफ और सीबीआई को व्यापमं घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी और दस्तावेज देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसटीएफ को 350 पेज का आवेदन और मौखिक साक्ष्य के अलावा 240 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इसके बावजूद, बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही शिकंजा कसा गया। प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवालपारस सकलेचा ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच में प्रशासन और सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने बताया कि 2009 में जब व्यापमं घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, तब भी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की भर्ती की जांच नहीं की गई, जबकि यह भी घोटाले का एक प्रमुख हिस्सा था। अब आगे क्या ?व्यापमं घोटाले (Vyapam) की जांच को लेकर पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। गौरतलब है की व्यापमं घोटाले को करीब 11 साल हो चुके है। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक रिश्वत लेकर प्रवेश परीक्षाओं और भर्तियों में नकल करने के मामले में 4046 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें से 956 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। वहीं CBI ने 1242 लोगों को आरोपी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापमं घोटाले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले से जुड़े 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो चुकी है। इनमें टीवी चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह भी शामिल है, जिनकी मौत झाबुआ में एक इंटरव्यू के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय बताते हैं कि यह घोटाला पूरी तरह से पिरामिड की तरह काम कर रहा था। इस पिरामिड में सबसे नीचे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स थे। जबकि ऊपर रसूखदार लोग थे, जिन्हें इस पूरे घोटाले का पैसा जा रहा था। जो रसूखदार लोग थे उन्हें कभी जेल नहीं हुई। कुछ लोग जेल गए भी तो सबूत के अभाव में छूट गए। 

Ratlam News : थाना माणकचौक का जिलाबदर रितिक खरे शहर में घूमते हुए पकड़ाया, एसपी अमित कुमार के निर्देशन के बाद जारी है धरपकड़

रतलाम- पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। नवागत एसपी अमित कुमार (ips amit kumar) के निर्देशों के बाद पुलिस का सघन चेकिंग अभियान जारी है। एसपी ने क्राइम मीटिंग के दौरान जिले में गुंडा, हिस्ट्रीशीटर, और जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया था। एसपी ने अच्छे काम के लिए पुलिस टीम को प्रोत्साहन के लिए इनाम देने की भी बात कही थी। इसी के अंतर्गत थाना औद्योगिक क्षेत्र  पुलिस टीम ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना माणकचौक के जिलाबदर आरोपी रितिक पिता सुनील खरे (23) निवासी नयापुरा हाट रोड, थाना माणकचौक, हाल मुकाम एमबी नगर को पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 660/2024 के तहत मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम की मुस्तैदी से पकड़ाया जिलाबदरपुलिस कप्तान अमित कुमार ने अपराधियों पर नियंत्रण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम पुलिस (ratlam police) शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभियान के तहत उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रतलाम के एमबी नगर इलाके से रितिक खरे को गिरफ्तार किया। रितिक के खिलाफ पहले से ही कई अपराधों में शामिल होने के चलते जिलाबदर का आदेश लागू किया गया था, लेकिन वह इसके बावजूद शहर में घूम रहा था। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के साथ प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक मयंक चौधरी और आरक्षक राजेश प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Hit and Run by Thar Jeep : केमिकल इंजीनियर और साली को 10 फिट तक हवा में उछाला, दो मासूम बच्चियां हुई अनाथ

शहर में काले शीशे से लैस थार गाड़ियों की बेख़ौफ स्टंटबाजी, पुलिस सुस्त! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में एक तेज रफ्तार थार जीप (Thar Jeep) ने बाइक सवार केमिकल इंजीनियर और उनकी साली को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों करीब 10 फीट तक हवा में उछल गए। हादसे में इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साली को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है। यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुआ। वहीं हादसे के 16 घंटे बीतने के बाद पुलिस सिर्फ जीप ही जप्त कर पाई है। आरोपी ड्राइवर का पता नहीं चल सका। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। जानकारी के अनुसार शहर के शिवशक्ति नगर निवासी मुकेश भाटी रविवार रात साली प्रीति बरोठा को लेकर घर लौट रहे थे। प्रीति इंदौर के स्कीम 51, सृष्टी पैलेस की रहने वाली हैं। रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र में दोनों साक्षी पेट्रोल पंप से नया गांव जाने वाले रास्ते की तरफ क्रॉस हुए, तभी डेलनपुर की तरफ से आ रहा थार जीप (जीजे 08 डीडी 0006) का ड्राइवर दोनों को रौंदता हुआ भाग निकला। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां मुकेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात 2 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सोमवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की सुस्ती पर सवालघटना के 16 घंटे बाद भी पुलिस सिर्फ जीप को जप्त करने में सफल हो पाई है, जबकि आरोपी ड्राइवर अब भी फरार है। इस मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं।  वहीं शहर में अब थार गाड़ियों से स्टंट बाजी देखना आम हो गया है। काले शीशों से लैस थार गाड़ियां बेधड़क सड़कों पर घूम रही है। जो आम लोगों रौंद कर तेजी से रफ्फू चक्कर होने में देर नहीं करती। ऐसे में बड़ा सवाल है की इस मौत के बाद पुलिस महकमा और आरटीओ विभाग ऐसी गाड़ियों के शौरूम संचालकों और गाड़ी मालिकों पर कार्रवाई करेगा? अनाथ हुई दो मासूम बेटियांपरिजनों के अनुसार मुकेश का इंदौर में ससुराल है। वे साली को लेने इंदौर गए थे। देर रात में ट्रेन से रतलाम लौटे। रेलवे स्टेशन से पार्किंग में खड़ी बाइक से वे साली को लेकर घर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। मृतक मुकेश मूलत: बड़नगर के रहने वाले थे। डेढ़ साल पहले रतलाम में रहने आए थे। इप्का फैक्ट्री के एपीआई प्लांट 24 में केमिकल इंजीनियर थे। घर में पत्नी रानी भाटी हैं। दो बेटी मानसी जिसकी उम्र 7 वर्ष और मिस्टी उम्र 2 वर्ष है। जिनके सर पर से अब पिता का साया उठ गया है। डेलनपुर के पवन पोरवाल की है थारथार जीप रतलाम के डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। घटना के बाद जीप उसी के घर पर खड़ी थी। पुलिस वहां जाकर जीप को लेकर आई, लेकिन मौके पर पवन पोरवाल नहीं मिला। थाना औद्योगिक क्षेत्र में पवन पोरवाल के खिलाफ पूर्व में धारा 188 के 2 व अवैध शराब और एट्रोसिटी के मामले में भी केस दर्ज है। थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी वीडी जोशी ने बताया कि अज्ञात जीप चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जीप डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। जप्ती में ली है। आरोपी अभी गिरफ्त में नहीं आया।

Fake IPS Officer: बिहार में 18 साल का फर्जी आईपीएस गिरफ्तार, 2 लाख रुपये देकर बना ‘अधिकारी’

मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने 2 लाख 30 हजार रुपये में बना दिया Fake IPS Officer, अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया….. बिहार/जमुई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बिहार के जमुई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सिकंदरा पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। (Fake IPS Officer) गिरफ्तार युवक, मिथलेश कुमार, लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव का निवासी है। उसने 2 लाख रुपये देकर फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने का दावा किया। पुलिस ने मिथलेश को सिकंदरा चौक से हिरासत में लिया, जब वह आईपीएस की वर्दी पहनकर अपनी बाइक पर सवार था। कैसे खुली पोल? भीड़ के शक से हुई गिरफ्तारीमिथलेश कुमार आईपीएस की वर्दी में कमर पर पिस्टल लटकाकर सिकंदरा चौक पर रुका, जहां लोगों ने उसके हाव-भाव और वर्दी को देखकर संदेह जताया। किसी ने सिकंदरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फर्जी आईपीएस के खुलासे! दो लाख रुपये देकर ली ‘नौकरी’गिरफ्तार मिथलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि खैरा इलाके के मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने उसे पुलिस में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। इसके बदले में मनोज सिंह ने 2 लाख 30 हजार रुपये की मांग की। मिथलेश ने अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया। इसके बाद, मनोज ने उसका नाप लेकर उसे आईपीएस की वर्दी, बैज और पिस्टल सौंप दी। वर्दी पहन मां का लिया आशीर्वाद, बाकी रकम देने जा रहा था तभी पकड़ा गयामिथलेश ने बताया कि वर्दी पहनकर वह अपनी मां से आशीर्वाद लेने घर गया, जिसके बाद मनोज सिंह से बाकी 30 हजार रुपये देने के लिए निकल पड़ा। सिकंदरा चौक पर थोड़ी देर के लिए रुका, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा। एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि युवक को फर्जी आईपीएस वर्दी में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अगर मिथलेश की बात सही निकली, तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गिरोह का पर्दाफाश करना होगी, जो बेरोजगार युवकों को ठगकर फर्जी अधिकारियों का खेल रच रहा है। जमुई पुलिस फिलहाल इस गिरोह का सुराग तलाशने में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

धार्मिक झंडे को लेकर बवालः हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने, महिनेभर में इस प्रकार की यह तिसरी घटना

एसपी के निर्देश के बाद देर शाम टीआई ने दोनों पक्षों के प्रबुद्धजनों को बुलाकर की चर्चा, आपसी सोहाद्र बनाने की अपील रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने हो गए। मामला धार्मिक झंडे को रोड किनारे पर लगाने का था। दरअसल आने वाले दिनों में हिंदू धर्म का प्रमुख गणेशोत्सव का त्यौहार है। वहीं मुस्लिम समुदाय का भी ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाना है। ऐसे में दोनों पक्षों की तैयारियां चल रही है। मंगलवार दोपहर झंडे लगाने की बात पर करीब 3 घंटों तक गहमागहमी चलती रही। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अनुराग यादव मौके पर बल सहित पहुंचे और समझाइश के बाद मामला शांत करवाया। दोनों पक्षों ने अपने – अपने झंडे एक साथ में लगा लिए। महिनेभर में धार्मिक झंडे के विवाद का यह तिसरा मामला है। इससे पहले मोहर्ऱम के समय उकाला रोड व दो दिन पहले कलाईगर रोड पर विवाद सामने आ चुके है। हालांकी दोनों में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया। जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए कड़े नियम लागू करने की आवश्यकता है। जिससे भविष्य में कोई बड़े सांप्रदायिक विवाद जैसी स्थिति निर्मित ना हो।    हिंदू समाज के लोगों का कहना था की हर साल गणेशोत्सव के पहले हनुमान मंदिर के पास पांडाल लगाया जाता है। पांडाल के आसपास रोड किनारे पोल पर भगवा ध्वज और लाइट लगाई जाती है। यह बात दुसरे पक्ष को पहले से पता होने के बावजूद उन्होने पांडाल व उसके आसपास देर रात झंडे लगा दिए। जबकी हर बार दोनों पक्ष तय सीमा में ही अपने झंडे लगाते है। लेकिन इस बार पांडाल के पास ही झंडे लगा दिए। वहीं दुसरी और मुस्लिम पक्ष के अनुसार ईद मिलादुन्नबी के पहले मस्जिद के आसपास वे भी हर साल सजावट करते है और झंडे लगाते है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाईश देकर पांडाल स्थल के पास लगे झंडों को हटवाया। एसपी राहुल लोढ़ा ने मामले में थाना दिनदयाल नगर टीआई रविंद्र दण्डोतिया को क्षेत्र के प्रबुद्धजनों से चर्चा के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद टीआई रविंद्र ने दोनों पक्षों को बुलाकर आगामी त्यौहार शांति व सोहाद्र से बनाने की अपील की। टीआई ने बताया की अगर कोई भी द्वेष फेलाकर शांतिभंग करने की कोशिश करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर पुलिस विशेष निगरानी रखे हुए है।

शिक्षक या भक्षक! : छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में कोचिंग के शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज, 4 महीने में दूसरी घटना

घटनास्थल पर पुलिस ने झांका तक नहीं, नागरवास में संचालित है शुभम कोचिंग क्लासेस! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर में एक कोचिंग सेंटर पर शिक्षक द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 4 महीने में यह कोचिंग सेंटर का दूसरा मामला है, जो महिला अपराध से जुड़ा है। आरोपी द्वारा इस मामले को बड़ी चतुराई से दबाने की कोशिश की जा रही थी। कोचिंग संचालक ने सूबे के पुलिस कप्तान एसएसपी राहुल लोढा के सीसीटीवी लगाने के सख्त निर्देशों तक को हवा में कर दिया। वहीं मामले की जांच कर रहे डीडी नगर टीआई रविंद्र दंडोतिया ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर जांच तक करना मुनासिब नहीं समझा। मामला थाना माणकचौक अंतर्गत नागरवास स्थित शुभम कोचिंग सेंटर का है। सेंटर पर आने वाली एक 12 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक अजय पिता कनकमल जैन (55 वर्ष) निवासी नागरवास पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया। घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है। घटना से डरकर घबराई छात्रा ने कोचिंग जाना बंद कर दिया था। घटना के 4 दिन बाद यानी 21 अगस्त को एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी के पिता शासकीय विद्यालय में प्राचार्य रह चुके है। तभी से कोचिंग संचालित हो रही है। पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया की उसने कुछ दिनों पहले ही कोचिंग शुरू की थी। कोचिंग पर पढ़ाने वाले सर का नाम अजय जैन है। वहां और भी बच्चे पढ़ने आते है। 17 अगस्त की सुबह 8 बजे कोचिंग पहुंची तब और भी बच्चे क्लास रूम में मौजूद थे। आरोपी अजय ने पढ़ाना शुरू कर दिया था। तब आरोपी ने क्लास के ही एक छात्र को कुछ बोला और पीड़िता की टेबल के सामने आकर खड़ा हो गया। आरोपी अजय जैन ने गलत नियत से हाथ पकड़कर खिंचा और अन्य छात्र से बोला की देख यह मेरे साथ जम रही है। तू कैसा सड़ा दिख रहा है। इस दौरान क्लासरूम में अन्य छात्र भी मौजूद थे। पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत पर बीएनएस की धारा 75 व एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन की पत्नी प्रिंसी जैन कोचिंग सेंटर की संचालक है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। परिजन के नाम से संचालित है सेंटर, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन के परिजन के नाम से कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। देर रात घर नहीं पहुंची छात्रा, पुलिस की खानापूर्तिजानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा गरीब परिवार से है। घटना के बाद से वह डर और सहम गई थी। छात्रा अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए एक दुकान पर काम करने जाती थी। सुबह जब छात्रा को कोचिंग भेजा तो वह जाकर कालिका माता मंदिर में बैठी गई। जिस दुकान पर वह काम करती है, वहां भी नहीं गई। करीब पौने नो बजे जब छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने दुकान पर फोन लगाकर पूछा की उनकी बेटी घर क्यों नहीं आई। तब दुकान मालिक ने उसके दुकान पर नहीं आने की जानकारी परिजनों को दी। कुछ देर बाद जब छात्रा घर पहुंची तो उसके माता पिता ने उससे दिनभर बाहर रहने का कारण पूछा। तब छात्रा ने पूरा घटनाक्रम बताया और कहा की सर के डर के कारण में कोचिंग नहीं गई। जिसके बाद परिजन उसे माणक चौक थाने लेकर पहुंचे और आरोपी शिक्षक अजय जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह गडरिया के अवकाश पर होने से इस मामले में दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने कायमी की। लेकिन उन्होंने महिला अपराध से जुड़े मामले में गंभीरता ना दिखाते हुए केवल खानापूर्ति कर ली। घटना के बाद लगे सीसीटीवी, आती है और भी छात्राएं!आरोपी शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे थाने से जमानत मिल गई। मामले की भनक तक किसी को नहीं लगने दी गई। जिसके बाद उसने ताबड़तोड़ अपने क्लास में सीसीटीवी कैमरा लगवा लिए। जबकि अप्रैल माह में इंग्लिश कोचिंग सेंटर के संचालक संजय पोरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पोरवाल पर महिला ने ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जब पुलिस ने जांच की तो पोरवाल के और भी काले चिठ्ठे निकलकर सामने आए। पूरे जिले में इस घटनाक्रम को लेकर घोर निंदा हुई। जिसके बाद पुलिस महकमा जागा और एसएसपी राहुल लोढा ने कोचिंग संचालकों को अपने सेंटर्स पर कैमरे लगाने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारियों को समय समय पर कोचिंग सेंटर्स की जांच के दिशा निर्देश भी दिए थे। लेकिन आरोपी अजय के … Read more