PM Kisan की 24वीं किस्त से पहले बड़ा अलर्ट, तुरंत चेक करें स्टेटस, नहीं तो अटक सकते हैं ₹2,000

PM Kisan 24th Installment से पहले अपना Beneficiary Status, e-KYC, आधार और बैंक खाते की जानकारी जरूर जांच लें। छोटी सी गलती से ₹2,000 की किस्त रुक सकती है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना की 24वीं किस्त (PM Kisan 24th Installment) का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। यदि आप इस योजना के लाभार्थी हैं, तो अगली ₹2,000 की किस्त आने से पहले अपना Beneficiary Status और e-KYC जरूर जांच लें। कई बार आधार और बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी, e-KYC अधूरी रहने या आवेदन से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों के कारण किस्त समय पर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में कुछ मिनट का यह काम आपको भुगतान रुकने की परेशानी से बचा सकता है। अच्छी बात यह है कि किसान घर बैठे अपने मोबाइल से ही यह पता लगा सकते हैं कि उनकी अगली किस्त जारी होगी या नहीं। इसके लिए केवल आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक करना होगा। PM Kisan Beneficiary Status कैसे चेक करें? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त आएगी या नहीं, तो ये आसान स्टेप्स अपनाएं— स्टेटस चेक करते समय इन बातों पर जरूर ध्यान दें यदि स्टेटस में इनमें से कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे जल्द ठीक कराएं— किस्त आने से पहले ये काम जरूर पूरा करें यदि Beneficiary Status में e-KYC, आधार या बैंक खाते से जुड़ी कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे तुरंत ठीक कराना बेहतर रहेगा। इससे अगली ₹2,000 की किस्त आपके खाते में बिना किसी रुकावट के पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आवेदन की स्थिति भी नियमित रूप से जांचते रहें, ताकि किसी तकनीकी समस्या की जानकारी समय रहते मिल सके। क्या है PM Kisan योजना? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती और अन्य आवश्यक खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है।

MP के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत: 1 अगस्त से तत्काल टिकट के नए नियम लागू, परिवार को मिलेगी पहली प्राथमिकता

MP 1 अगस्त 2026 से भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू होगी। जानिए एसी, नॉन-एसी टोकन समय और नए नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP मध्य प्रदेश के लाखों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। नई प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो अपने लिए या अपने परिवार के सदस्यों के लिए तत्काल टिकट बनवाने आरक्षण केंद्र पहुंचेंगे। ऐसे यात्रियों को सबसे पहले मौका दिया जाएगा, जबकि अन्य प्रतिनिधियों को बाद में टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाना और आम यात्रियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। यात्रियों को अब निर्धारित समय पर टोकन लेना होगा और उसी क्रम के अनुसार टिकट बुकिंग की जाएगी। इससे काउंटरों पर भीड़ कम होने और प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित रहने की उम्मीद है। 1 अगस्त से लागू होगी नई टोकन व्यवस्था पश्चिम मध्य रेलवे के अनुसार भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए टोकन प्रणाली शुरू की जा रही है। हर टोकन पर संबंधित काउंटर नंबर दर्ज रहेगा और उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और एक व्यक्ति द्वारा कई बार टोकन लेकर दलाली करने की संभावना काफी हद तक कम होगी। एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकट के लिए अलग समय नई व्यवस्था के तहत एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकटों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। एसी तत्काल टिकट नॉन-एसी तत्काल टिकट जरूरत पड़ने पर रेलवे इन टोकनों की संख्या में बदलाव भी कर सकेगा।  ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में बांटे जाएंगे टोकन रेलवे ने टोकन को दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है।  ‘ए’ श्रेणी इस श्रेणी में वे यात्री शामिल होंगे जो— इन यात्रियों को स्वप्रमाणित आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवश्यकता होने पर पारिवारिक संबंध का प्रमाण भी देना पड़ सकता है। ‘बी’ श्रेणी इस श्रेणी में वे प्रतिनिधि शामिल होंगे जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से टिकट बनवाएंगे। उन्हें अपने साथ-साथ संबंधित यात्री का भी स्वप्रमाणित पहचान पत्र जमा करना होगा। पहले परिवार, फिर अन्य प्रतिनिधियों को मिलेगा मौका नई व्यवस्था के अनुसार पहले ‘ए’ श्रेणी के सभी टोकनधारकों का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद ‘बी’ श्रेणी के प्रतिनिधियों को टिकट बुकिंग की अनुमति मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इससे वास्तविक यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और तत्काल टिकट पाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक निष्पक्ष होगी। दलालों पर लगेगी प्रभावी रोक रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टोकन पूरी तरह हस्तांतरणीय (Non-Transferable) नहीं होंगे। यानी एक व्यक्ति अपना टोकन किसी दूसरे को नहीं दे सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य— रेलवे की पहल से आम यात्रियों को मिलेगा फायदा पश्चिम मध्य रेलवे का कहना है कि नई टोकन व्यवस्था का मकसद वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना और तत्काल टिकट प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में अन्य स्थानों पर भी इस तरह की प्रणाली अपनाई जा सकती है।

CJP Protest: 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा ने पिलाया जूस; पीएम मोदी बोले- जल्द स्वस्थ हों

CJP Protest:सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: करीब 26 दिनों तक चले लंबे अनशन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात अपना उपवास समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अनशन समाप्त होने के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द पुराना वजन प्राप्त करने की शुभकामनाएं भी दीं। लंबे समय तक चले इस आंदोलन के खत्म होने के बाद अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच औपचारिक बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। 26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन सोनम वांगचुक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया। उन्होंने लिखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। लंबी बातचीत और देश में संभावित तनाव की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया। पीएम मोदी ने क्या कहा? अनशन समाप्त होने की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह सोनम वांगचुक से आग्रह करते हैं कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या अपनाएं और जल्द अपना पुराना वजन वापस प्राप्त करें। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना की। डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे सोनम वांगचुक लगातार 26 दिनों तक उपवास रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें कुछ समय तक अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम अब उन्हें चरणबद्ध तरीके से सामान्य आहार देना शुरू करेगी ताकि शरीर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट सके। वांगचुक ने हिंसा से दूर रहने की अपील की अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द एक वीडियो जारी कर पूरी प्रक्रिया और शर्तों की जानकारी देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और शांति बनाए रखें। प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद आया फैसला अनशन समाप्त होने से कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश सामने आया था, जिसमें उन्होंने परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया। इसके बाद देर रात सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने की जानकारी सामने आई। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आधिकारिक कारण-परिणाम संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। आगे क्या हो सकता है? अनशन समाप्त होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार और लद्दाख से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच लंबित मुद्दों पर औपचारिक वार्ता तेज होगी। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों के समाधान का रास्ता खुल सकता है।

Cancel Train: भारी बारिश से 12 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला और शॉर्ट टर्मिनेट किया गया

Cancel Train: मुंबई मंडल में भारी बारिश और जलभराव के कारण रतलाम मंडल से गुजरने वाली 12 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कई ट्रेनों के रूट और संचालन में भी बदलाव किया गया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Cancel Train: मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। ट्रैक पर पानी भरने से रेल संचालन प्रभावित हुआ है, जिसका असर रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी पड़ा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई ट्रेनों को निरस्त करने के साथ कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित, शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट करने का निर्णय लिया है। रतलाम मंडल ने रात 10:30 बजे तक की अपडेट जारी कर यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांचने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या RailOne ऐप पर जरूर देख लें। 12 ट्रेनें रहेंगी रद्द रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्न ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशन से निरस्त रहेंगी। इन ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रेलवे ने कुछ ट्रेनों को निर्धारित गंतव्य तक न चलाकर बीच के स्टेशन से समाप्त या प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। शॉर्ट टर्मिनेट ट्रेनें शॉर्ट ओरिजिनेट ट्रेनें यात्रियों के लिए जरूरी सूचना रेलवे प्रशासन ने बताया है कि मौसम सामान्य होने तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव संभव है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांचना चाहिए। ट्रेन की जानकारी यहां मिलेगी रेलवे ने क्या कहा? रतलाम मंडल के अनुसार मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में भारी वर्षा से जलभराव होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति की पुष्टि कर लें।

MP UCC Bill पास: शादी का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य, लिव इन से नौकरी रिकॉर्ड तक क्या बदल जाएगा?

MP UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा से UCC बिल पास हो गया है। शादी के रजिस्ट्रेशन, लिव इन रिलेशन, नौकरी रिकॉर्ड और संपत्ति विवाद से जुड़े नए नियम क्या होंगे, जानिए पूरी जानकारी भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला चौथा भाजपा शासित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है। हालांकि, यह कानून अभी लागू नहीं हुआ है। इसके लिए राज्यपाल और उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होगी। कानून लागू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव विवाह पंजीकरण को लेकर देखने को मिलेगा। 23 सितंबर 2008 के बाद हुई ऐसी शादियां, जिनका अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकृत कराना होगा। इसके अलावा नौकरी के रिकॉर्ड, लिव इन रिलेशन और संपत्ति विवाद से जुड़े प्रावधान भी नए कानून का हिस्सा होंगे। राज्य सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना और दस्तावेजी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है। MP UCC Bill में सबसे बड़ा बदलाव: शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कानून लागू होने के बाद 23 सितंबर 2008 या उसके बाद हुई सभी गैर-पंजीकृत शादियों का रजिस्ट्रेशन एक वर्ष के भीतर कराना होगा। यदि किसी दंपति ने पहले ही विवाह पंजीकरण करा लिया है तो उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। दूसरी ओर, 23 सितंबर 2008 से पहले हुई शादियों के लिए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। राज्य के बाहर शादी करने वालों पर भी लागू होंगे नियम यदि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से मध्य प्रदेश का निवासी है और उसने किसी दूसरे राज्य में विवाह किया है, तब भी यह प्रावधान उस पर लागू होगा। यानी केवल शादी का स्थान बदलने से नियमों में कोई छूट नहीं मिलेगी। रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो क्या होगा? यदि निर्धारित समय में विवाह का पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो संबंधित रजिस्ट्रार नोटिस जारी कर सकता है। इसके अलावा अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन नहीं होने के आधार पर विवाह को अवैध नहीं माना जाएगा। नौकरी के रिकॉर्ड में भी बदलेंगे नियम UCC लागू होने के बाद सरकारी और निजी संस्थानों में कर्मचारी की वैवाहिक स्थिति बदलने के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अब केवल विवाह कार्ड, शपथ-पत्र (हलफनामा) या अन्य दस्तावेजों के आधार पर सेवा रिकॉर्ड में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका प्रभाव भविष्य में इन मामलों पर पड़ सकता है— इनसे जुड़े विस्तृत नियम सरकार बाद में अलग से जारी कर सकती है। संपत्ति विवाद में अदालत नियुक्त कर सकेगी ‘रक्षक’ UCC विधेयक में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक नया प्रावधान भी शामिल किया गया है। यदि किसी मामले में आवश्यकता महसूस होती है, तो अदालत एक “रक्षक” नियुक्त कर सकेगी। रक्षक की जिम्मेदारियां होंगी— लिव इन रिलेशन को लेकर भी प्रावधान विधेयक में लिव इन रिलेशन से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। कानून लागू होने के बाद इससे संबंधित प्रक्रियाएं और नियम अधिसूचना एवं विस्तृत नियमावली के माध्यम से स्पष्ट किए जाएंगे। किन लोगों पर लागू होगा यह कानून? यह कानून केवल मध्य प्रदेश में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका दायरा उन लोगों तक भी हो सकता है जो— यदि वे कानूनी रूप से मध्य प्रदेश के निवासी हैं, तो उन पर भी संबंधित प्रावधान लागू हो सकते हैं। आगे क्या होगा? विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक को राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने पर कानून प्रभावी होगा। कई प्रक्रियाओं और नियमों की विस्तृत जानकारी सरकार अलग से अधिसूचित करेगी।

अस्पताल से सोनम वांगचुक की सरकार को चिट्ठी, इन शर्तों पर अनशन खत्म करने को हुए तैयार

CJP Protest: अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सरकार को पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की शर्तें रखीं। छात्रों पर कार्रवाई न करने, मुआवजा और संसद में चर्चा की मांग की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से केंद्र सरकार को एक अहम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ किया है कि यदि सरकार कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर भरोसा देती है तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने अपने पत्र में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने और संसद में पूरे मामले पर गंभीर चर्चा कराने की मांग भी दोहराई। उनकी यह चिट्ठी ऐसे समय आई है जब आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद भी इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। JP नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात का किया जिक्र सोनम वांगचुक ने पत्र में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने दोनों नेताओं का धन्यवाद करते हुए लिखा कि बातचीत के दौरान सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चर्चा में पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने, संसद में सार्थक बहस कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। ’20 जुलाई का चलो संसद मार्च शांतिपूर्ण रहा’ अपने पत्र में वांगचुक ने 20 जुलाई को आयोजित चलो संसद मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि पुलिस की सख्ती और बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया ने देखा कि युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे। इसलिए आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास को कमजोर करेगी। करीब 65 सांसदों ने की अनशन खत्म करने की अपील वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई सांसद उनसे मिलने भी आए और बाकी भी मिलने वाले हैं। सभी का मानना है कि देशहित में उन्हें स्वस्थ रहकर आगे भी काम करना चाहिए। “मैं जीना चाहता हूं, छात्रों के बीच लौटना चाहता हूं” पत्र में वांगचुक ने भावुक शब्दों में लिखा कि वह अपने छात्रों, शिक्षा और समाज के लिए किए जा रहे कार्यों के बीच वापस लौटना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव है जब उन युवाओं के साथ न्याय हो, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू किया गया था। कब खत्म करेंगे अनशन? वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार यह भरोसा देती है कि आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल होगी, तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत अपील नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों की अपेक्षाओं का सवाल है।

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से उठी आवाज अब देशभर में गूंज रही

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP Protest अब कई राज्यों तक पहुंच गया है। संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी की हिरासत और देशभर के ताजा अपडेट पढ़ें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ शुरू हुआ CJP Protest LIVE अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का रूप ले चुका है। दिल्ली से लेकर पटना, जयपुर, भोपाल और अन्य शहरों तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई स्थानों पर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आए, जिससे तनाव की स्थिति बनी। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। CJP Protest क्यों शुरू हुआ? आंदोलन की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ ही दिनों में यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित न रहकर कई राज्यों में फैल गया। संसद मार्च के दौरान क्या हुआ? प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई। राहुल गांधी की हिरासत पर बढ़ी सियासत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मैदान में उतरे। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। संसद में भी गूंजा मुद्दा बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते नजर आए। मकर द्वार के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन में कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कई राज्यों में तेज हुआ प्रदर्शन दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रमुख घटनाक्रम सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावे कांग्रेस का आरोप सरकार का पक्ष आंदोलन आगे क्या दिशा ले सकता है? आंदोलन से जुड़े आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता दिख रहा है। FAQ 1. CJP Protest किस मुद्दे को लेकर हो रहा है? यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया जा रहा है। 2. राहुल गांधी को क्यों हिरासत में लिया गया? प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था। कांग्रेस ने इसे विरोध दबाने की कार्रवाई बताया है। 3. किन-किन राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं? दिल्ली के अलावा पटना, जयपुर, भोपाल, अहमदाबाद समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 4. संसद में क्या हुआ? विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। 5. सरकार का इस मामले में क्या कहना है? सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

MP Weather: भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे तक मेहरबान रहेगा मानसून

MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीधी समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। जानिए अगले 48 घंटे का मौसम अपडेट। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्य प्रदेश में कुछ दिनों के ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार देर रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार तक कई जिलों में जारी रहा। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण, प्रदेश से गुजर रही ट्रफ और बंगाल की खाड़ी व छत्तीसगढ़ की ओर से लगातार मिल रही नमी के कारण अगले 24 से 48 घंटे तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। बारिश की वापसी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही जिन किसानों की बोवनी अधूरी थी, उनके लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अगले 48 घंटे का मौसम कैसा रहेगा? मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहेगा। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना इन जिलों में मध्यम से तेज बारिश के आसार क्यों सक्रिय हुआ मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तीन प्रमुख मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इन्हीं कारणों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना हुआ है। किसानों के लिए राहत की खबर मानसून की सक्रियता से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच रही है। जिन इलाकों में बोवनी बाकी थी, वहां अब कृषि कार्य तेज होने की उम्मीद है। पहले बारिश की कमी से किसान चिंतित थे, लेकिन लगातार हो रही वर्षा ने खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना दी हैं। मौसम से जुड़ी जरूरी बातें अगले दो दिनों में ध्यान रखें

Kisan Andolan News: दिल्ली मार्च रुका, सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा

Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों ने फिलहाल मार्च रोक दिया है। सरकार ने शिवराज सिंह चौहान के साथ 8–10 दिनों में बैठक कराने का भरोसा दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए। हालांकि शंभू, खनौरी और कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत से आंदोलन में नया मोड़ आ गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने का भरोसा भी दिया गया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना दिल्ली मार्च रोकने का फैसला किया है। आंदोलन की अगली रणनीति अब प्रस्तावित बैठक और किसान नेताओं की रिहाई के बाद तय की जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के अगले कदम पर उनकी आगे की रणनीति निर्भर करेगी। सरकार ने क्या भरोसा दिया? हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान यूनियनों द्वारा सौंपा गया मांग पत्र सरकार को मिल गया है। इसे संबंधित अधिकारियों के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक कराने का प्रयास करेगी। बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि के साथ कराई जा सकती है। सरवन सिंह पंधेर ने क्या कहा? किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन? किसानों का कहना है कि उनके आंदोलन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख चिंताएं हैं— आगे क्या होगा? सरकार ने किसानों के मांग पत्र पर विचार करने और जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो आगे का निर्णय उसी आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मार्च स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

MP News: CM मोहन यादव ने किसानों के खातों में भेजे PM फसल बीमा योजना के ₹1460.25 करोड़, ऐसे करें अपना स्टेटस चेक

MP News: मध्य प्रदेश के 10.54 लाख किसानों के खातों में PM फसल बीमा योजना की ₹1460.25 करोड़ दावा राशि ट्रांसफर की गई। जानें स्टेटस चेक करने का आसान तरीका। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। इस योजना के तहत राज्य के 10 लाख 54 हजार किसानों को कुल 1460.25 करोड़ रुपये का लाभ मिला। यह राशि रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भेजी। यदि आपने भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया था, तो अब घर बैठे ऑनलाइन यह पता लगा सकते हैं कि आपके खाते में राशि आई है या नहीं। PM फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मिला बड़ा लाभ जगदीशपुर में आयोजित कार्यक्रम और कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, जैविक कृषि, फसल विविधीकरण और कृषि मशीनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि भी किसानों के खातों में भेजी गई है। PM फसल बीमा योजना स्टेटस कैसे चेक करें? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके खाते में फसल बीमा की राशि पहुंची है या नहीं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स अपनाएं। ऑनलाइन स्टेटस चेक करने का तरीका महत्वपूर्ण जानकारी ध्यान रखें मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत जैविक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और कम कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी पहल के तहत खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि किसानों के खातों में भेजी गई है।

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