MP Monsoon 2026: 9 दिन की देरी के बाद मध्य प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री, 45 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

MP Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश में 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हो गई है। भोपाल, इंदौर सहित 45 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Monsoon 2026: मध्य प्रदेश में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दमदार एंट्री कर ली है। इस बार मानसून सामान्य तिथि से 9 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन आते ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत 45 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। दो सीमाओं से हुई मानसून की एंट्री मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून ने बुधवार को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों से एक साथ प्रवेश किया। अलीराजपुर, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मानसून के प्रभाव से कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। भोपाल की दहलीज तक पहुंचा मानसून राजधानी भोपाल में भी मानसून की दस्तक महसूस होने लगी है। बुधवार शाम को अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। दिनभर की उमस और गर्मी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली। हालांकि मौसम विभाग ने अभी भोपाल में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन नर्मदापुरम तक इसके पहुंचने के बाद माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों या एक-दो दिन में राजधानी भी मानसून की चपेट में आ जाएगी। 9 दिन की देरी से पहुंचा मानसून मौसम केंद्र के पूर्वानुमान अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है। इस वर्ष मानसून 24 जून को प्रदेश में सक्रिय हुआ, यानी यह लगभग 9 दिन देरी से पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है। अब तक सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश एक जून से 24 जून तक के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में सामान्य वर्षा की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद आने वाले दिनों में इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है। 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, दतिया, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर सहित कुल 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं सीहोर जिले के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। किसानों और आम लोगों को राहत मानसून की एंट्री से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। खरीफ फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही लगातार पड़ रही गर्मी और उमस से भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

MP Weather: मध्य प्रदेश मौसम अलर्ट: 48 घंटे भारी, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से किसानों पर संकट

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। उत्तर भारत से सक्रिय होकर आगे बढ़े पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वीडियो देखिए अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए संवेदनशील रहेंगे। कई जिलों में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है और ठंड का असर बढ़ेगा। 23-24 फरवरी को फिर बदलेगा मौसम एक नया पश्चिमी विक्षोभ 23 फरवरी से सक्रिय होगा। इन जिलों में ओलावृष्टि की आशंका राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी के कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। आंधी-तूफान का अलर्ट ग्वालियर, भिंड, दतिया और मुरैना में तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इन शहरों में हल्की बारिश इंदौर, भोपाल और उज्जैन में आंशिक बादल छाए रहेंगे, साथ ही कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए खतरे की घंटी फरवरी में तीसरी बार मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल पर बारिश और ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान हो सकता है।कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक: सलाह:किसान 23 फरवरी से पहले फसल की कटाई पूरी कर लें और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें। पिछले 48 घंटे का हाल प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। उज्जैन, मंदसौर, धार, शिवपुरी, ग्वालियर, भोपाल समेत 25 जिलों के करीब 80 शहरों में बारिश हुई।श्योपुर में 63 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चली और कई गांवों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने कई क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। तापमान में गिरावट बारिश और ठंडी हवाओं के कारण अधिकांश शहरों में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 28°C और न्यूनतम 17°C रहने का अनुमान है।

MP Weather Update: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बढ़ा बारिश का खतरा,मध्यप्रदेश में कब तक बरसेगी बारिश? IMD ने दी बड़ी चेतावनी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने दोहरे सिस्टम के असर से राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे ठंडक में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बारिश और ठंड दोनों का असर बढ़ सकता है। दो सिस्टमों का डबल इफेक्ट मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस समय प्रदेश पर दो प्रमुख मौसम प्रणालियों का असर है। इन दोनों सिस्टमों से लगातार नमी आ रही है, जिससे आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। नवंबर में दस्तक देगा पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दस्तक देगा, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा।इससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।1 से 4 नवंबर के बीच कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।इसके साथ ही दिन और रात का तापमान गिरने से ठंड का असर भी बढ़ेगा। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वे हैं —भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीधी, रीवा, विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगौन, आगर, मंदसौर, नीमच, मऊगंज, अनुपपुर, गुना, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली और शहडोल। किसानों और आम जनता के लिए चेतावनी मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार बारिश से फसलों को नुकसान की संभावना है।किसानों को सलाह दी गई है कि वे साथ ही, आम जनता को भी बिजली कड़कने, तेज हवा और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।

MP Weather Update: एमपी में भीषण गर्मी का कहर: 13 जिलों में पारा 40 के पार, दो जिलों में लू, कुछ इलाकों में बारिश का अलर्ट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को प्रदेश के 13 जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे अधिक तापमान रतलाम में 42.6 डिग्री और नर्मदापुरम में 42.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जहां लू जैसे हालात बने रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ने की चेतावनी जारी की है। भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में पहली बार 40 के पार पाराइस सीजन में पहली बार भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों का तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल में रविवार को तापमान 40.5 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री और उज्जैन में 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं इंदौर और जबलपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में रहे, जहां तापमान क्रमशः 39.8 और 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में भी नहीं मिल रही राहतगर्मी का असर रात के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। धार में रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे गर्म रातों में से एक रही। हालांकि पचमढ़ी में रविवार को प्रदेश का सबसे कम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो थोड़ी राहत देने वाला रहा। लू और बारिश दोनों का अलर्ट जारीमौसम विभाग के मुताबिक, 9 अप्रैल को बालाघाट, डिंडोरी, सिंगरौली, मंडला और अनूपपुर जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, राजस्थान से सटे एमपी के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को गर्मी और लू से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगले 3 दिन सतर्क रहेंविशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन दिन तक प्रदेश में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर बना रहेगा। दिन में बाहर निकलने से बचें, धूप में छाता या टोपी का उपयोग करें और पानी की कमी न होने दें। ताजा मौसम अपडेट और अलर्ट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।

MP Weather: MP में 27-31 मार्च के बीच लू के आसार, रतलाम-नर्मदापुरम सबसे गर्म, भोपाल-इंदौर में भी बढ़ेगी गर्मी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश और ओलों का दौर थमते ही गर्मी ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री के पार पहुंच चुका है। रतलाम में लगातार दूसरे दिन तापमान 39 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में भी गर्मी तीखी बनी रही। मौसम विभाग ने 27 से 31 मार्च के बीच लू चलने की संभावना जताई है, खासतौर पर मालवा-निमाड़ के जिलों रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार में लू का असर ज्यादा रह सकता है।   मौसम विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 40 डिग्री के पार जा सकता है। सोमवार को रतलाम में सबसे अधिक 39.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.9 डिग्री, धार में 38.6 डिग्री, खरगोन में 37.2 डिग्री, शाजापुर में 37.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।     बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.5 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री और जबलपुर में 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।   अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम   25 मार्च को गर्मी का असर रहेगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।   26 मार्च को तीखी धूप के कारण गर्मी और बढ़ेगी, बारिश की संभावना नहीं है।   मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन लू चलने की संभावना जताई है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा रहेगा, जिससे 30 से 35 दिन तक गर्म हवाएं चल सकती हैं।   भोपाल में मार्च में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का भी ट्रेंड है। 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान 41 डिग्री पहुंचा था। 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री तक गिर गया था। 2014 से 2023 के बीच अधिकतर बार तापमान 38 से 41 डिग्री के बीच रहा।   इंदौर में मार्च में गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है।   ग्वालियर में 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी।   जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है।   उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।   गर्मी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें, ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें, धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें और जरूरत हो तो ओआरएस या इलेक्ट्रॉल का सेवन करें।  

Weather Updates: भारत में बढ़ने लगी गर्मी, कई राज्यों में हीटवेव का असर, जानिए कारण और आगे का अनुमान  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Updates: साल 2025 की शुरुआत में ही भारत में गर्मी ने तेजी पकड़ ली है। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और गुजरात के तटीय इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है। मुंबई में 25 और 26 फरवरी को हीटवेव की चेतावनी जारी की गई थी, जहां तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री ज्यादा था।    किन शहरों में कितनी बढ़ी गर्मी   महाराष्ट्र और गोवा के अलावा कर्नाटक और गुजरात के तटीय इलाकों में भी लू जैसे हालात बने हुए हैं। नीचे दिए गए आंकड़ों में 25 और 26 फरवरी को दर्ज किए गए अधिकतम तापमान को दर्शाया गया है।   राज्य – स्थान – 26 फरवरी (डिग्री सेल्सियस) – 25 फरवरी (डिग्री सेल्सियस)   महाराष्ट्र – मुंबई (सांताक्रूज) – 38.5 – 38.7   महाराष्ट्र – रत्नागिरी – 37.2 – 37   महाराष्ट्र – दहानू – 38.2 – 38.1   गोवा – पणजी – 37.6 – 36.5   कर्नाटक – कारवार – 38.4 – 37.6   कर्नाटक – होन्नावर – 38.2 – 35.9   कर्नाटक – मंगलौर – 37 – 36.9   गुजरात – पोरबंदर – 36.6 – 36.5   गुजरात – महुवा – 37 – 36.4   गुजरात – सूरत – 38.4 – 37.8   गर्मी क्यों बढ़ रही है   मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल ठंड के मौसम में बारिश बेहद कम हुई, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।   एंटी-साइक्लोन का असर – मध्य प्रदेश के ऊपर एक एंटी-साइक्लोन बनने से पश्चिमी तट की ओर गर्म हवाएं आईं।   समुद्र से ठंडी हवा देर से आई, जिससे तटीय इलाकों में तापमान अचानक बढ़ गया।   नमी अधिक होने से उमस बढ़ी, जिससे गर्मी असहनीय हो गई।    जलवायु परिवर्तन का असर   ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के मौसम वैज्ञानिक डॉ अक्षय देवरस के अनुसार, जलवायु परिवर्तन का हीटवेव पर सीधा असर दिख रहा है।   पणजी में 25 से 27 फरवरी के बीच तापमान में 5 गुना बढ़ोतरी जलवायु परिवर्तन की वजह से हुई।   मुंबई में तापमान 3 गुना ज्यादा बढ़ा, जो सीधे ग्लोबल वॉर्मिंग का असर है।   हीटवेव के कारण बढ़ रहा है खतरा   2000 से 2019 के बीच भारत में हीटवेव से होने वाली मौतों की संख्या 62 प्रतिशत तक बढ़ गई है।   हीटवेव के प्रकार   शुष्क हीटवेव – जब तापमान बढ़ जाता है लेकिन नमी कम होती है।   आर्द्र हीटवेव – जब गर्मी के साथ उमस अधिक होती है, जिससे शरीर पसीने के जरिए ठंडा नहीं हो पाता।   हीट स्ट्रोक का खतरा   अगर वेट बल्ब तापमान 35 डिग्री के करीब पहुंच जाए, तो शरीर ठंडा नहीं रह पाता और गंभीर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।   वातावरण का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो और नमी अधिक हो, तो शरीर में गर्मी बढ़ती जाती है, जिससे मौत भी हो सकती है।   बारिश की कमी से और बिगड़े हालात   जनवरी और फरवरी में कई राज्यों में बारिश बेहद कम हुई, जिससे गर्मी और बढ़ गई है।   राज्य – 1 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक हुई बारिश (मिलीमीटर) – सामान्य बारिश (मिलीमीटर) – कमी (प्रतिशत)   गुजरात – 0 – 1.0 – 100   गोवा – 0 – 1.6 – 100   महाराष्ट्र – 0 – 7.6 – 99   कर्नाटक – 0.9 – 4.6 – 80   केरल – 7.2 – 19.7 – 64    आगे क्या होगा   भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस बनी रहेगी। हालांकि हीटवेव में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 2025 भारत के सबसे गर्म सालों में शामिल हो सकता है।   विशेषज्ञों की राय   मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, भारत में गर्मी का मौसम अब लंबा होता जा रहा है और सर्दी छोटी। बारिश का पैटर्न भी अनियमित हो गया है। जब तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम नहीं किया जाता, हीटवेव की घटनाएं और बढ़ती जाएंगी।   कैसे करें बचाव   दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर जाने से बचें।   हल्के और ढीले कपड़े पहनें।   खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।   घर से बाहर निकलते समय टोपी या छाता साथ रखें।   अगर किसी को हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।   सोर्स – क्लाइमेट कहानी, आईएमडी, स्काईमेट वेदर

MP Weather: ठंड में मावठे की दस्तक; मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, ओले गिरने की संभावना

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में 24 से 28 दिसंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।  पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और ओले की चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रहा है। इसका असर पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों हिस्सों में देखने को मिलेगा।  भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, विदिशा, सागर, दमोह और सतना जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है।  इन जिलों में रहेगा बारिश का असरमौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, दतिया, नरसिंहपुर, सतना, छतरपुर, पन्ना, डिंडोरी, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में 28 दिसंबर तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।  कोहरे का कहर जारीबारिश के साथ-साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा। ग्वालियर, मुरैना और भिंड में सुबह से ही कोहरे की स्थिति बनी हुई है। ठंड बढ़ने से कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा।  कब पड़ेगी कड़ाके की ठंड?मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का असर खत्म होते ही प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट हो सकती है। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड शुरू होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों का मौसम का हाल24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, खरगोन, विदिशा, गुना और अशोकनगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।  25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, अशोकनगर और गुना में घना कोहरा छाया रह सकता है।  26 दिसंबर: इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर और गुना में हल्की बारिश का दौर रहेगा। इनमें से अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।  27 दिसंबर: इस दिन मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, बारिश और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, जबलपुर, कटनी और उमरिया में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।  27 दिसंबर को स्ट्रॉन्ग सिस्टम का अलर्टमौसम विभाग ने 27 दिसंबर को प्रदेश में सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहने का अनुमान जताया है। इस दिन भोपाल और ग्वालियर समेत 21 जिलों में ओले गिरने और भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के महीने में प्रदेश में बारिश होना सामान्य है और पिछले 10 वर्षों से ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। क्या करें सावधानियां?1. बारिश और ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।  2. किसान अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतें।  3. कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष ध्यान रखें।

MP WEATHER : अगले 2 दिनों तक प्रदेश में रहेगा बारिश का दौर, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल -पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Weather:  शुक्रवार को भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। खजुराहो और टीकमगढ़ में 1 इंच, जबकि नर्मदापुरम में 0.75 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने उज्जैन, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी, गुना, शिवपुरी, निवाड़ी, और टीकमगढ़ में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अब तक औसत 42.6 इंच वर्षा हो चुकी है, जिसमें मंडला में सबसे अधिक 59.5 इंच बारिश हुई है। रतलाम (Ratlam) में इस मानसून के दौरान लगभग 42 इंच बारिश दर्ज की गई है। सायसर (वायुमंडलीय दबाव) और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण अगले दो दिन तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, उसके बाद सिस्टम कमजोर हो सकता है। अगले 24 घंटों में उज्जैन, अलीराजपुर, और रतलाम जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि मंडला, डिंडौरी, और अनूपपुर में धूप खिलने की संभावना है। भोपाल और इंदौर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहेगी, जबकि 28 सितंबर को इंदौर और उज्जैन संभागों में फिर से बारिश की संभावना है।  29 और 30 सितंबर को मौसम साफ होने की संभावना है।

MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: भोपाल-इंदौर समेत 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क।  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain in MP) का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग के जिलों में अगले 24 घंटों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 15% अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिससे जलस्तर बढ़ने के साथ ही जनजीवन पर असर पड़ा है। (MP Weather) अलर्ट वाले जिलेबैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, मऊगंज, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला और सागर जैसे जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को इंदौर-उज्जैन संभाग और 28 सितंबर को जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की संभावना जताई है। मौसम प्रणालियों का असरमौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात बना हुआ है, जो प्रदेश में बारिश का प्रमुख कारण है। इसके साथ ही कोंकण से लेकर बांग्लादेश तक फैली द्रोणिका (ट्रफ लाइन) और तेलंगाना के पास बनी शियर जोन भी बारिश को प्रबल कर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण राज्यभर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। अब तक हुई वर्षाप्रदेश में 1 जून से 25 सितंबर तक कुल 1074.8 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 937.9 मिमी. से 15% अधिक है। प्रमुख जिलों की बात करें तो खंडवा में 56 मिमी, मंडला में 30 मिमी, दमोह और उमरिया में 18 मिमी, पचमढ़ी में 17 मिमी, और इंदौर में 8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। आने वाले दिनों का पूर्वानुमानमौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में रुक-रुककर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, क्योंकि कहीं-कहीं बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। मानसून की विदाईसितंबर का चौथा मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय होने के बाद, अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून की विदाई की संभावना है।