MP Weather Update: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बढ़ा बारिश का खतरा,मध्यप्रदेश में कब तक बरसेगी बारिश? IMD ने दी बड़ी चेतावनी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने दोहरे सिस्टम के असर से राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे ठंडक में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बारिश और ठंड दोनों का असर बढ़ सकता है। दो सिस्टमों का डबल इफेक्ट मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस समय प्रदेश पर दो प्रमुख मौसम प्रणालियों का असर है। इन दोनों सिस्टमों से लगातार नमी आ रही है, जिससे आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। नवंबर में दस्तक देगा पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दस्तक देगा, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा।इससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।1 से 4 नवंबर के बीच कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।इसके साथ ही दिन और रात का तापमान गिरने से ठंड का असर भी बढ़ेगा। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वे हैं —भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीधी, रीवा, विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगौन, आगर, मंदसौर, नीमच, मऊगंज, अनुपपुर, गुना, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली और शहडोल। किसानों और आम जनता के लिए चेतावनी मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार बारिश से फसलों को नुकसान की संभावना है।किसानों को सलाह दी गई है कि वे साथ ही, आम जनता को भी बिजली कड़कने, तेज हवा और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।

Weather Update: भारत के शहर भीषण गर्मी से निपटने को तैयार नहीं, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Update: भारत के प्रमुख शहरों में भीषण गर्मी से बचाव के लिए दीर्घकालिक समाधान की कमी है। सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता सिर्फ तत्काल राहत देने वाले उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली रणनीतियों की कमी बनी हुई है।    9 प्रमुख शहरों का अध्ययन, स्थिति चिंताजनक   रिपोर्ट में दिल्ली, बेंगलुरु, फरीदाबाद, ग्वालियर, कोटा, लुधियाना, मेरठ, मुंबई और सूरत में गर्मी से बचाव की तैयारियों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि इन शहरों में पानी की उपलब्धता, कार्यस्थल समय में बदलाव और अस्पतालों की तैयारियों जैसे तात्कालिक उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन हीट एक्शन प्लान को लेकर कोई ठोस दीर्घकालिक नीति नहीं बनाई गई है।   हीटवेव का खतरा बढ़ेगा, समाधान जरूरी   विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में हीटवेव की तीव्रता और अवधि बढ़ने की आशंका है। यदि शहरी नियोजन में बदलाव, ग्रीन कवर बढ़ाने, ऊर्जा व्यवस्था मजबूत करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गर्मी से होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।   संस्थान और प्रशासन में तालमेल की कमी   रिपोर्ट में बताया गया कि नगर निकाय और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय की भारी कमी है। हीट एक्शन प्लान का संस्थागत ढांचा कमजोर है और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नजर आती है।   क्या करने की जरूरत? रिपोर्ट में अहम सुझाव   1. स्थानीय प्रशासन को दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी, जिसमें ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, गर्मी सहन करने योग्य इमारतें और सार्वजनिक स्थानों को अधिक आरामदायक बनाने पर जोर दिया जाए।   2. आपदा प्रबंधन निधि से हीटवेव से निपटने के लिए धन जुटाने की व्यवस्था करनी होगी।   3. हीट ऑफिसर्स की नियुक्ति कर उनके अधिकार बढ़ाने होंगे, ताकि वे गर्मी से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।   4. शहरी नियोजन में बदलाव कर गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी होगी।   हीटवेव से बचने के लिए ठोस रणनीति जरूरी   सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को भीषण गर्मी से बचने के लिए तत्काल उपायों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक समाधान अपनाने होंगे। अन्यथा, भविष्य में गर्मी का संकट और गंभीर हो सकता है।  

Weather Updates: भारत में बढ़ने लगी गर्मी, कई राज्यों में हीटवेव का असर, जानिए कारण और आगे का अनुमान  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Updates: साल 2025 की शुरुआत में ही भारत में गर्मी ने तेजी पकड़ ली है। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और गुजरात के तटीय इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है। मुंबई में 25 और 26 फरवरी को हीटवेव की चेतावनी जारी की गई थी, जहां तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री ज्यादा था।    किन शहरों में कितनी बढ़ी गर्मी   महाराष्ट्र और गोवा के अलावा कर्नाटक और गुजरात के तटीय इलाकों में भी लू जैसे हालात बने हुए हैं। नीचे दिए गए आंकड़ों में 25 और 26 फरवरी को दर्ज किए गए अधिकतम तापमान को दर्शाया गया है।   राज्य – स्थान – 26 फरवरी (डिग्री सेल्सियस) – 25 फरवरी (डिग्री सेल्सियस)   महाराष्ट्र – मुंबई (सांताक्रूज) – 38.5 – 38.7   महाराष्ट्र – रत्नागिरी – 37.2 – 37   महाराष्ट्र – दहानू – 38.2 – 38.1   गोवा – पणजी – 37.6 – 36.5   कर्नाटक – कारवार – 38.4 – 37.6   कर्नाटक – होन्नावर – 38.2 – 35.9   कर्नाटक – मंगलौर – 37 – 36.9   गुजरात – पोरबंदर – 36.6 – 36.5   गुजरात – महुवा – 37 – 36.4   गुजरात – सूरत – 38.4 – 37.8   गर्मी क्यों बढ़ रही है   मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल ठंड के मौसम में बारिश बेहद कम हुई, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।   एंटी-साइक्लोन का असर – मध्य प्रदेश के ऊपर एक एंटी-साइक्लोन बनने से पश्चिमी तट की ओर गर्म हवाएं आईं।   समुद्र से ठंडी हवा देर से आई, जिससे तटीय इलाकों में तापमान अचानक बढ़ गया।   नमी अधिक होने से उमस बढ़ी, जिससे गर्मी असहनीय हो गई।    जलवायु परिवर्तन का असर   ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के मौसम वैज्ञानिक डॉ अक्षय देवरस के अनुसार, जलवायु परिवर्तन का हीटवेव पर सीधा असर दिख रहा है।   पणजी में 25 से 27 फरवरी के बीच तापमान में 5 गुना बढ़ोतरी जलवायु परिवर्तन की वजह से हुई।   मुंबई में तापमान 3 गुना ज्यादा बढ़ा, जो सीधे ग्लोबल वॉर्मिंग का असर है।   हीटवेव के कारण बढ़ रहा है खतरा   2000 से 2019 के बीच भारत में हीटवेव से होने वाली मौतों की संख्या 62 प्रतिशत तक बढ़ गई है।   हीटवेव के प्रकार   शुष्क हीटवेव – जब तापमान बढ़ जाता है लेकिन नमी कम होती है।   आर्द्र हीटवेव – जब गर्मी के साथ उमस अधिक होती है, जिससे शरीर पसीने के जरिए ठंडा नहीं हो पाता।   हीट स्ट्रोक का खतरा   अगर वेट बल्ब तापमान 35 डिग्री के करीब पहुंच जाए, तो शरीर ठंडा नहीं रह पाता और गंभीर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।   वातावरण का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो और नमी अधिक हो, तो शरीर में गर्मी बढ़ती जाती है, जिससे मौत भी हो सकती है।   बारिश की कमी से और बिगड़े हालात   जनवरी और फरवरी में कई राज्यों में बारिश बेहद कम हुई, जिससे गर्मी और बढ़ गई है।   राज्य – 1 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक हुई बारिश (मिलीमीटर) – सामान्य बारिश (मिलीमीटर) – कमी (प्रतिशत)   गुजरात – 0 – 1.0 – 100   गोवा – 0 – 1.6 – 100   महाराष्ट्र – 0 – 7.6 – 99   कर्नाटक – 0.9 – 4.6 – 80   केरल – 7.2 – 19.7 – 64    आगे क्या होगा   भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस बनी रहेगी। हालांकि हीटवेव में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 2025 भारत के सबसे गर्म सालों में शामिल हो सकता है।   विशेषज्ञों की राय   मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, भारत में गर्मी का मौसम अब लंबा होता जा रहा है और सर्दी छोटी। बारिश का पैटर्न भी अनियमित हो गया है। जब तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम नहीं किया जाता, हीटवेव की घटनाएं और बढ़ती जाएंगी।   कैसे करें बचाव   दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर जाने से बचें।   हल्के और ढीले कपड़े पहनें।   खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।   घर से बाहर निकलते समय टोपी या छाता साथ रखें।   अगर किसी को हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।   सोर्स – क्लाइमेट कहानी, आईएमडी, स्काईमेट वेदर