Heat Waves Alert: रतलाम, मंदसौर और निमच में अगले दो दिन हीटवेव की चेतावनी, तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने के आसार

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Heat Waves Alert: मध्यप्रदेश में गर्मी ने दस्तक दे दी है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 39 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। 29 अप्रैल 2025 को शाम 5:30 बजे तक गुना में सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया है। राज्य के ग्वालियर, गुना, रतलाम, उज्जैन, सागर और टीकमगढ़ जिलों में सामान्य से अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है, जबकि शेष जिलों में तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। तापमान पूर्वानुमान:भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य सीमा में रहने की संभावना है, लेकिन यह 39 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हीटवेव चेतावनी:आगामी दो दिनों में रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लू चलने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। सावधानियां व सुझाव:

MP Weather Update: एमपी में भीषण गर्मी का कहर: 13 जिलों में पारा 40 के पार, दो जिलों में लू, कुछ इलाकों में बारिश का अलर्ट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को प्रदेश के 13 जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे अधिक तापमान रतलाम में 42.6 डिग्री और नर्मदापुरम में 42.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जहां लू जैसे हालात बने रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ने की चेतावनी जारी की है। भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में पहली बार 40 के पार पाराइस सीजन में पहली बार भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों का तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल में रविवार को तापमान 40.5 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री और उज्जैन में 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं इंदौर और जबलपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में रहे, जहां तापमान क्रमशः 39.8 और 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में भी नहीं मिल रही राहतगर्मी का असर रात के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। धार में रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे गर्म रातों में से एक रही। हालांकि पचमढ़ी में रविवार को प्रदेश का सबसे कम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो थोड़ी राहत देने वाला रहा। लू और बारिश दोनों का अलर्ट जारीमौसम विभाग के मुताबिक, 9 अप्रैल को बालाघाट, डिंडोरी, सिंगरौली, मंडला और अनूपपुर जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, राजस्थान से सटे एमपी के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को गर्मी और लू से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगले 3 दिन सतर्क रहेंविशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन दिन तक प्रदेश में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर बना रहेगा। दिन में बाहर निकलने से बचें, धूप में छाता या टोपी का उपयोग करें और पानी की कमी न होने दें। ताजा मौसम अपडेट और अलर्ट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।

Special Train: ग्रीष्मकाल में यात्रियों की सुविधा के लिए 4 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Special Train: गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने 4 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे विशेष किराये पर पुनः विस्तारित किए हैं। इन ट्रेनों का संचालन अब निम्नलिखित तिथियों तक जारी रहेगा—   विस्तारित ट्रेनें   – ट्रेन संख्या 09622 बांद्रा टर्मिनस–अजमेर साप्ताहिक स्पेशल 30 जून 2025 तक।   – ट्रेन संख्या 09621 अजमेर–बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल 29 जून 2025 तक।   – ट्रेन संख्या 09625 अजमेर–दौंड साप्ताहिक स्पेशल 26 जून 2025 तक।   – ट्रेन संख्या 09626 दौंड–अजमेर साप्ताहिक स्पेशल 27 जून 2025 तक।   – ट्रेन संख्या 09627 अजमेर–सोलापुर साप्ताहिक स्पेशल 25 जून 2025 तक।   – ट्रेन संख्या 09628 सोलापुर–अजमेर साप्ताहिक स्पेशल 26 जून 2025 तक।   – ट्रेन संख्या 04715 बीकानेर–साई नगर शिरडी साप्ताहिक स्पेशल 28 जून 2025 तक।   – ट्रेन संख्या 04716 साई नगर शिरडी–बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल 29 जून 2025 तक।    परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें   – गाड़ी संख्या 09627 अजमेर–सोलापुर स्पेशल 30 अप्रैल 2025 तक अजमेर–चंदेरिया–नीमच–रतलाम के बदले मार्ग से संचालित होगी।   – गाड़ी संख्या 09628 सोलापुर–अजमेर स्पेशल 24 अप्रैल 2025 तक रतलाम–नीमच–चंदेरिया–अजमेर के परिवर्तित मार्ग से चलेगी।   यात्रियों से अनुरोध है कि विस्तृत जानकारी के लिए www.enquiry.indianrail.gov.in पर विजिट करें।  

MP Weather: MP में 27-31 मार्च के बीच लू के आसार, रतलाम-नर्मदापुरम सबसे गर्म, भोपाल-इंदौर में भी बढ़ेगी गर्मी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश और ओलों का दौर थमते ही गर्मी ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री के पार पहुंच चुका है। रतलाम में लगातार दूसरे दिन तापमान 39 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में भी गर्मी तीखी बनी रही। मौसम विभाग ने 27 से 31 मार्च के बीच लू चलने की संभावना जताई है, खासतौर पर मालवा-निमाड़ के जिलों रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार में लू का असर ज्यादा रह सकता है।   मौसम विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 40 डिग्री के पार जा सकता है। सोमवार को रतलाम में सबसे अधिक 39.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.9 डिग्री, धार में 38.6 डिग्री, खरगोन में 37.2 डिग्री, शाजापुर में 37.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।     बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.5 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री और जबलपुर में 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।   अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम   25 मार्च को गर्मी का असर रहेगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।   26 मार्च को तीखी धूप के कारण गर्मी और बढ़ेगी, बारिश की संभावना नहीं है।   मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन लू चलने की संभावना जताई है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा रहेगा, जिससे 30 से 35 दिन तक गर्म हवाएं चल सकती हैं।   भोपाल में मार्च में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का भी ट्रेंड है। 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान 41 डिग्री पहुंचा था। 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री तक गिर गया था। 2014 से 2023 के बीच अधिकतर बार तापमान 38 से 41 डिग्री के बीच रहा।   इंदौर में मार्च में गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है।   ग्वालियर में 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी।   जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है।   उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।   गर्मी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें, ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें, धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें और जरूरत हो तो ओआरएस या इलेक्ट्रॉल का सेवन करें।  

Weather Update: भारत के शहर भीषण गर्मी से निपटने को तैयार नहीं, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Update: भारत के प्रमुख शहरों में भीषण गर्मी से बचाव के लिए दीर्घकालिक समाधान की कमी है। सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता सिर्फ तत्काल राहत देने वाले उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली रणनीतियों की कमी बनी हुई है।    9 प्रमुख शहरों का अध्ययन, स्थिति चिंताजनक   रिपोर्ट में दिल्ली, बेंगलुरु, फरीदाबाद, ग्वालियर, कोटा, लुधियाना, मेरठ, मुंबई और सूरत में गर्मी से बचाव की तैयारियों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि इन शहरों में पानी की उपलब्धता, कार्यस्थल समय में बदलाव और अस्पतालों की तैयारियों जैसे तात्कालिक उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन हीट एक्शन प्लान को लेकर कोई ठोस दीर्घकालिक नीति नहीं बनाई गई है।   हीटवेव का खतरा बढ़ेगा, समाधान जरूरी   विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में हीटवेव की तीव्रता और अवधि बढ़ने की आशंका है। यदि शहरी नियोजन में बदलाव, ग्रीन कवर बढ़ाने, ऊर्जा व्यवस्था मजबूत करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गर्मी से होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।   संस्थान और प्रशासन में तालमेल की कमी   रिपोर्ट में बताया गया कि नगर निकाय और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय की भारी कमी है। हीट एक्शन प्लान का संस्थागत ढांचा कमजोर है और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नजर आती है।   क्या करने की जरूरत? रिपोर्ट में अहम सुझाव   1. स्थानीय प्रशासन को दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी, जिसमें ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, गर्मी सहन करने योग्य इमारतें और सार्वजनिक स्थानों को अधिक आरामदायक बनाने पर जोर दिया जाए।   2. आपदा प्रबंधन निधि से हीटवेव से निपटने के लिए धन जुटाने की व्यवस्था करनी होगी।   3. हीट ऑफिसर्स की नियुक्ति कर उनके अधिकार बढ़ाने होंगे, ताकि वे गर्मी से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।   4. शहरी नियोजन में बदलाव कर गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी होगी।   हीटवेव से बचने के लिए ठोस रणनीति जरूरी   सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को भीषण गर्मी से बचने के लिए तत्काल उपायों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक समाधान अपनाने होंगे। अन्यथा, भविष्य में गर्मी का संकट और गंभीर हो सकता है।