MP Monsoon 2026: 9 दिन की देरी के बाद मध्य प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री, 45 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

MP Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश में 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हो गई है। भोपाल, इंदौर सहित 45 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Monsoon 2026: मध्य प्रदेश में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दमदार एंट्री कर ली है। इस बार मानसून सामान्य तिथि से 9 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन आते ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत 45 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। दो सीमाओं से हुई मानसून की एंट्री मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून ने बुधवार को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों से एक साथ प्रवेश किया। अलीराजपुर, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मानसून के प्रभाव से कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। भोपाल की दहलीज तक पहुंचा मानसून राजधानी भोपाल में भी मानसून की दस्तक महसूस होने लगी है। बुधवार शाम को अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। दिनभर की उमस और गर्मी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली। हालांकि मौसम विभाग ने अभी भोपाल में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन नर्मदापुरम तक इसके पहुंचने के बाद माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों या एक-दो दिन में राजधानी भी मानसून की चपेट में आ जाएगी। 9 दिन की देरी से पहुंचा मानसून मौसम केंद्र के पूर्वानुमान अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है। इस वर्ष मानसून 24 जून को प्रदेश में सक्रिय हुआ, यानी यह लगभग 9 दिन देरी से पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है। अब तक सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश एक जून से 24 जून तक के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में सामान्य वर्षा की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद आने वाले दिनों में इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है। 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, दतिया, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर सहित कुल 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं सीहोर जिले के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। किसानों और आम लोगों को राहत मानसून की एंट्री से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। खरीफ फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही लगातार पड़ रही गर्मी और उमस से भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

MP Monsoon Update: 27 जिलों में बारिश, 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

भोपाल – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बीच एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। राज्य के 46 जिलों से मानसून लौट चुका है, लेकिन वर्तमान में बने 2 सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। रतलाम और आगर मालवा में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। उज्जैन, धार और गुना समेत 27 जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। रतलाम और आगर मालवा में तेज बारिश, उज्जैन-धार में भी पानी गिरारतलाम और आगर मालवा में रविवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। उज्जैन और गुना में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। धार जिले के मनावर में शनिवार रात को करीब डेढ़ घंटे तक बारिश हुई। इंदौर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। क्यों हो रही है बारिश?मौसम वैज्ञानिको ने बताया कि अरब सागर में बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं नमी लेकर आ रही हैं, जिससे इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर और शहडोल संभागों में बारिश हो रही है। यह स्थिति 15 अक्टूबर तक बनी रहेगी। मानसून विदाई की स्थितिमौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश के 46 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। 2 अक्टूबर को ग्वालियर, मुरैना, भिंड समेत 6 जिलों से और 5 अक्टूबर को भोपाल, इंदौर, रतलाम सहित 28 जिलों से मानसून लौट गया था। 11 अक्टूबर तक जबलपुर, शहडोल, रीवा संभाग के भी कई जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 3 दिन बाद पूरी तरह विदा होगा मानसूनमौसम विभाग ने 13, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश में गरज-चमक और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद मध्यप्रदेश से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। बारिश का असरप्रदेश में इस साल औसतन 44.1 इंच बारिश हुई है। जबलपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसमें मंडला जिले में 60.6 इंच से ज्यादा और सिवनी में 56.8 इंच बारिश हुई है। श्योपुर, निवाड़ी और राजगढ़ में भी 52 इंच से ज्यादा बारिश हुई है। भोपाल, सागर, अलीराजपुर, डिंडौरी और छिंदवाड़ा भी सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में शामिल हैं। अगले सप्ताह ठंड बढ़ने के आसारमौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद प्रदेश में ठंडक बढ़ने लगेगी। रात के तापमान में गिरावट आकर यह 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे जा सकता है। हालांकि, दिन का तापमान 33-34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। अक्टूबर के अंत तक दिन के तापमान में भी कमी आने लगेगी। अगले तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा, जिसके बाद मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को मौसम में बदलाव का अहसास होगा।