PM Kisan Yojana: पीएम किसान की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, जाने कब आएगी 

PM Kisan Yojana: योजना की 23वीं किस्त अप्रैल में आएगी या नहीं? जानें किस्त जारी होने का नियम, संभावित तारीख और किसानों को मिलने वाली राशि की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Yojana: देश के करोड़ों किसानों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की 23वीं किस्त को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह किस्त अप्रैल 2026 में जारी हो सकती है, लेकिन वास्तविकता कुछ और है। क्या अप्रैल में आएगी 23वीं किस्त? अगर नियम और पिछले रिकॉर्ड को देखा जाए, तो अप्रैल में 23वीं किस्त जारी होने की संभावना बेहद कम है। इस हिसाब से अप्रैल में अगली किस्त आना संभव नहीं माना जा रहा। कब आ सकती है 23वीं किस्त? पिछले ट्रेंड के अनुसार: अब 4 महीने जोड़ने पर 23वीं किस्त का समय जून 2026 के आसपास बनता है।इसलिए संभावना है कि 23वीं किस्त जून या जुलाई 2026 में जारी हो सकती है।हालांकि, आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है। किसानों को कैसे मिलता है पैसा? इस योजना के तहत: जरूरी सलाह किसानों के लिए कुल मिलाकर, अप्रैल में 23वीं किस्त आने की खबरें केवल अफवाह हैं। किसानों को अगली किस्त के लिए जून-जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है।

MP News: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, MSP ₹2625 तय

MP News: मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीदी शुरू होगी। MSP ₹2625 प्रति क्विंटल तय, 19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन। जानें पूरा शेड्यूल और भुगतान प्रक्रिया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है, जिससे गेहूं का MSP ₹2585 से बढ़कर ₹2625 प्रति क्विंटल हो गया है। वीडियो देखे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीदी को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार खरीदी दो चरणों में की जाएगी, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। गेहूं खरीदी का शेड्यूल (Wheat Procurement Schedule MP) खरीदी केंद्रों पर कार्य का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा। खास बात यह है कि सरकारी छुट्टियों के दिनों में भी केंद्र खुले रहेंगे। 19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है। पिछले वर्ष लगभग 15.44 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इंदौर, उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, सागर और जबलपुर जैसे जिलों में सबसे अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, जिससे इस बार रिकॉर्ड खरीदी होने की संभावना है। भुगतान सीधे बैंक खाते में सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। किसानों के लिए विशेष व्यवस्थाएं खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं: साथ ही, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक कैबिनेट समिति का गठन किया गया है, जो 30 जून 2026 तक सक्रिय रहेगी। क्या है किसानों के लिए फायदा? यह फैसला प्रदेश के लाखों किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिल सकेगा।

MP News: गेहूं और उड़द पर मिलेगा बोनस, किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा

मध्यप्रदेश में सीएम मोहन यादव ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। गेहूं पर 40 रुपए और उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा। गेहूं खरीदी पंजीयन की अंतिम तारीख 10 मार्च तक बढ़ाई गई। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं और उड़द की खरीदी पर विशेष बोनस देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद किसानों के हित में कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी गई है। गेहूं पर मिलेगा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है। इस घोषणा के बाद प्रदेश में गेहूं की खरीदी लगभग 2626 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उन्हें उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा। उड़द की खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उड़द की खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इससे किसान दलहन फसलों की खेती की ओर अधिक आकर्षित होंगे और उन्हें बेहतर मुनाफा भी मिलेगा। गेहूं खरीदी के पंजीयन की तारीख बढ़ी सरकार ने किसानों की मांग और त्योहारों के सीजन को देखते हुए गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। इस फैसले से वे किसान भी पंजीयन करा सकेंगे जो अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए थे। किसानों को दिन में मिलेगी सिंचाई के लिए बिजली सरकार ने खेती को आसान बनाने के लिए सिंचाई के समय में भी बदलाव किया है। अब किसानों को रात के बजाय दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से किसानों को ठंड, अंधेरे और जंगली जानवरों के खतरे से राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपनी फसल की सिंचाई कर सकेंगे। सालाना 12 हजार रुपए की मिलती है सहायता किसानों को आर्थिक मदद के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों योजनाएं चला रही हैं। इस तरह पात्र किसानों को सालाना 12,000 रुपए की सीधी आर्थिक सहायता मिलती है। किसानों के लिए अन्य योजनाएं भी लागू बोनस के अलावा सरकार किसानों को कई अन्य सुविधाएं भी दे रही है, जैसे: इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है।

MP News: एमपी के 3.77 लाख किसानों को बड़ी राहत, सीएम मोहन यादव आज 810 करोड़ करेंगे ट्रांसफर

रतलाम/भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को प्रदेश के 3 लाख 77 हजार से अधिक किसानों को आर्थिक सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 810 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिकसे अंतरित करेंगे। इस योजना का सीधा लाभ प्रदेश के करीब 4 लाख सोयाबीन किसानों को मिलेगा, जिन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा यह योजना लागू की गई है। रतलाम के जावरा में राज्यस्तरीय कार्यक्रम भावांतर योजना की राशि अंतरित करने के लिए रतलाम जिले के जावरा में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम शासकीय भगत सिंह महाविद्यालय परिसर में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ग्राम सुजापुर में पूर्व सांसद डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। अब तक 6.44 लाख किसानों को मिला लाभ राज्य सरकार द्वारा लागू की गई भावांतर योजना के तहत अब तक प्रदेश के 6.44 लाख किसानों के खातों में 1292 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को बाजार में फसल के कम दाम मिलने पर भी एमएसपी से कम नुकसान न हो। किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम भावांतर योजना को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे खासतौर पर सोयाबीन उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

MP News: किसानों की चिंताएं दूर: बिजली कंपनी ने 10 घंटे सप्लाई पर दी पुष्टि

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के किसानों को अब खेती के लिए 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का भरोसा मिला है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन के संकल्प के अनुरूप कृषि फीडरों पर नियमित रूप से 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही दिक्कतों की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताया है। कंपनी के अनुसार, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में 9.92 लाख कृषि उपभोक्ताओं को तय समय के अनुसार बिजली दी जा रही है। वर्ष 2024-25 में किसानों के लिए 6,465 करोड़ रुपए की सब्सिडी, जबकि 2025-26 के लिए 2,535 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। सोशल मीडिया पर गलत सूचना का खंडन कंपनी ने कहा कि किसानों को बिजली सप्लाई में कमी होने की खबरें निराधार हैं। कृषि फीडरों पर 10 घंटे बिजली सप्लाई पहले की तरह ही जारी है और इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। ज़्यादा बिजली देने से क्यों पड़ता है असर? 31 अगस्त 2020 के परिपत्र का हवाला देते हुए कंपनी ने बताया: 3 नवंबर 2025 को जारी नया निर्देश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने फिर आदेश जारी कर दोहराया कि— किसानों के हित में सतत प्रयास ऊर्जा विभाग का कहना है कि लक्ष्य सिर्फ बिजली देना नहीं, बल्कि किसानों को स्थिर, सुरक्षित और समयबद्ध बिजली आपूर्ति उपलब्ध करानाहै। कंपनी की प्राथमिकता खेती के कार्यों को प्रभावित किए बिना विश्वसनीय सप्लाई सुनिश्चित करना है।