विहिप स्थापना दिवस : केंद्रीय मंत्री अजय पारीक का दो दिवसीय रतलाम दौरा, बाजना प्रखंड में हुआ आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य में 24 अगस्त से लेकर 2 सितंबर तक जिले में अलग – अलग प्रखंड में कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। इसी क्रम में विहिप के केंद्रीय मंत्री व भोपाल क्षेत्र पालक अजय पारीक दो दिन रतलाम विभाग के प्रवास पर रहेंगे। 31 अगस्त को अजय पारीक जावरा व रतलाम और 1 सितंबर को झाबुआ में आयोजित होने वाले विहिप स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। वे विहिप पदाधिकारियों से कार्य योजनाओं की चर्चा और समीक्षा भी करेंगे। बुधवार को जिले के बाजना प्रखंड में स्थापना दिवस का कार्यक्रम किया गया। जिसमें प्रांत सत्संग प्रमुख आशुतोष शेखावत मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। शेखावत ने विश्व हिंदू परिषद के 60 साल पूर्ण होने पर विगत 60 साल में किए गए संगठन के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए धर्मांतरण, लव जिहाद, गो हत्या व  भविष्य में आने वाली चुनौतियों को  बताया। देश के महापुरुष भगवान बिरसा मुंडा, महाराणा प्रताप आदि ने कैसे विकट परिस्थिति में देश की रक्षा की इसे भी बताया। इस दौरान बजरंगदल जिला सहसंयोजक राजाराम ओहरी, प्रखंड सहसंयोजक शिवम हाडा, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख हीरालाल सीरवी, धर्म प्रसार प्रमुख पंकज चौहान, कमलेश  वसुनिया, प्रेम सिंह राठौड़, प्रखंड संयोजक शिवम प्रजापत, प्रखंड मंत्री विशाल यादव, राहुल, गोविंद, दिनेश वसुनिया आदि ग्रामीण उपस्थित रहे। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

गैरजिम्मेदाराना रवैया : पाकिस्तानी झंडा लहराने का विरोध करने पर एबीवीपी नेताओं पर एफआईआर

स्कूल की जांच और कार्रवाई निल बटे सन्नाटा!, एबीवीपी करेगा उग्र आंदोलन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नगर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बालिका के हाथों में पाकिस्तान का झंडा लहराने का विरोध करने वाले छात्र नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो गई। विद्यार्थी परिषद को कलेक्टर कार्यालय के सामने जावरा फाटक-सालाखेड़ी रोड पर दो घंटे तक जाम लगाना छात्र नेताओं पर भारी पड़ गया है। स्टेशन रोड पुलिस ने जिला प्रशासन के प्रतिवेदन पर जिला संयोजक सत्यम दवे सहित नौ छात्र नेताओं पर केस दर्ज किया है। छात्र नेताओं ने निजी स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहाराने का विरोध किया था। यह विरोध अधिकारियों को संभवत नागवार गुजरा, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद मुकदमा कायम कर लिया है। वहीं स्कूल पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई या जांच अब तक सामने नहीं आई है। इस मामले में कलेक्टर राजेश बाथम से हमने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एबीवीपी जिला संगठन मंत्री विनोद सिरोही ने बताया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रवादी संगठन है। जिला प्रशासन ने इसलिए केस दर्ज किया क्योंकि छात्र-छात्राएं भारत माता और तिरंगे के सम्मान में सड़कों पर उतरे थे। और पाकिस्तानी झंडे का विरोध कर रहे थे यह अत्यंत निंदनीय है। जबकी स्कूल पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। एबीवीपी जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगी। प्रशासन को रिकॉर्डिंग और पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराने के बाद भी प्रशासन अब तक कार्रवाई करने में नाकाम है। इससे यह साफ है की प्रशासन सांठ – गांठ या किसी के दबाव में काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड पुलिस ने अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई की और से शहर तहसीलदार के मिले पत्र को आधार बनाकर यह केस पंजीबद्ध किया है। आवेदन प्रस्तुत करने वाले तरुण कुमार रघुवंशी की रिपोर्ट पर अभाविप जिला संयोजक सत्यम दवे सहित 9 के खिलाफ यह केस पंजीबद्ध किया है। इसमें कहा गया कि नए कलेक्टर आफिस के सामने आमरोड पर भीड एकत्रित कर रोड को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे आने जाने वाले आम लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की? यह सार्वजनिक नहीं हुई है। वहीं सूत्रों की माने तो सत्ताधारी नेताओं के हस्तक्षेप हो जाने के बाद इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी का परिणाम है की प्रशासन ने बेख़ौफ विद्यार्थियों के हित में कार्य करने वाले राष्ट्र के सबसे बड़े विद्यार्थी संगठन पर एफआईआर तक दर्ज कर दी। यह है पूरा मामलास्वतंत्रता दिवस के दौरान शहर के रामबाग क्षेत्र में चलने वाले टाइम किड्स प्री स्कूल में बच्चों के कार्यक्रम में पाकिस्तान का झंडा लहराया गया। इसका वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद छात्र नेताओं ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अधिकारियों को पसंद नहीं आया। जिस स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहराया, उसके लिए जांच का निर्णय लिया। 2 दिन के अल्टीमेटम के बाद जांच का तो अता पता नहीं  लेकिन छात्र नेताओं पर पुलिस ने एडीएम के आवेदन पर तुरंत एक्शन लेते हुए मुकदमा कायम कर लिया। हालांकि मामले के तुल पकड़ने के बाद स्कूल के दीपक पंत ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी थी की आधा वीडियो वायरल किया, पूरे वीडियो में विभाजन की त्रासदी का मंचन किया गया। लेकिन जब पब्लिक वार्ता ने उनसे सवाल किया था तब उन्होंने इसे पाकिस्तान का झंडा मानने से इंकार किया और समाजिक सदभाव का प्रतिक बताया था। लेकिन अब खुद दीपक पंत इसे पाकिस्तान का झंडा मानने के साथ सफाई देते हुए खेद जताया रहे है। यह भी देखिए EXCLUSIVE🔥 :स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल का जागा पाकिस्तान प्रेम! रतलाम के टाइम किड्स प्री स्कूल में नन्हीं बच्ची के हाथों लहरवाया पाकिस्तानी झंडा – PUBLIC वार्ता स्कूल संचालक दीपक पंत को झंडे में नजर आता है सामाजिक सदभाव! देखिए वीडियो👇🏻

ABVP का घेराव : टाइम किड्स स्कूल संचालक के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, मामला स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का

स्कूल संचालक ने बताया था सामाजिक सदभाव! , कल विद्यार्थी परिषद का कलेक्ट्रेट घेराव पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शहर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बच्ची के हाथों पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो स्कूल ने अपने सोशल मीडिया के एकाउंट पर डाला था। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मामले को जनता के सामने रखा। बकौल स्कूल संचालक दीपक पंत ने इसे सामाजिक सदभाव का प्रतीक बताया। लेकिन तीन दिन बाद तक जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इतने गंभीर मामले में प्रशासन के रवैय्ये को लेकर तीखी आपत्ति ली है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए वीडियो को हटा लिया गया और खेद जताकर मामले में इतिश्री कर ली। विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक सत्यम दवे ने बताया की मामला घोर निंदनीय है। खबर प्रसारित होने और वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह प्रशासन की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के अलावा अगर प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्कूल संचालक दीपक पंत पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई स्कूल के खिलाफ नहीं की तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। एडवोकेट मंथन मुसले के अनुसार इस पूरे कृत्य में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 और 196 (अ और ब) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद माना जा सकता है की यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। स्कूल व संचालक के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए। बाल आयोग को भी इसमें संज्ञान लेकर स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये कैसा कानून! : वक्फ एक्ट 1995 को खत्म करने की मांग, मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति दिलाने की अपील

देश में तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है वक्फ, जानिए क्या है वक्फ बोर्ड और उसका कानून! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने के लिए एक बड़ा आंदोलन छिड़ चुका है। रतलाम में इसके लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मुजावर सेना के संस्थापक अध्यक्ष शेर मोहम्मद शाह ने प्रेस वार्ता में वक्फ एक्ट 1995 को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह एक्ट मुजावर समाज के लोगों को प्रताड़ित और परेशान कर रहा है, जो दरगाह, खानखाहा, कब्रस्तान और पीर स्थानों पर सेवाएं देते हैं। शाह ने कहा कि मुल्क की आजादी के पहले संघर्ष में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहीद मजनू शाह मलंग के नेतृत्व में सन्यासी आन्दोलन चला था, और अब वक्फ बोर्ड द्वारा मुजावर समाज को गुलाम समझा जा रहा है। तीन मुख्य मांगें रखीं1. राजा-महाराजा और नवाबों द्वारा दरगाहों के लिए दी गई जमीनों को वक्फ बोर्ड के अधीन नहीं किया जाना चाहिए।2. वक्फ बोर्ड के जुल्मो सितम से आज़ादी दिलाने के लिये वक्फ एक्ट खत्म होना चाहिए।3. मुस्लिम कानून 1913 को ध्यान में रखते हुए वक्फ अधिनियम 1954 की जांच होनी चाहिए और वक्फ संपत्ति के स्वत्व के दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट को खत्म करने से मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति मिलेगी और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन भी नहीं होगा। गौरतलब है की वक्फ बोर्ड और इसकी संपत्ति लगातार विवादों में घिरी हुई है। भाजपा विधायक हरनाथ सिंह यादव ने पिछले साल एक निजी विधेयक पेश करके वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह एक्ट लोकतंत्र के विरुद्ध है और देश हित में इसे समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि इस बिल पर फैसला नहीं हो सका, लेकिन वक्फ बोर्ड विवादों में आ गया है। वक्फ बोर्ड के पास कानूनी तौर पर असीमित शक्तियां हैं, जिनका कथित तौर पर वह मनमाना उपयोग करता आ रहा है। आइए जानते हैं कि वक्फ बोर्ड क्या है और यह कैसे काम करता है। क्या है वक्फ का मतलब?वक्फ अरबी भाषा के वकुफा शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना. वक्फ का मतलब है ट्रस्ट-जायदाद को जन-कल्याण के लिए समर्पित करना. इस्लाम में ये एक तरह का धर्मार्थ बंदोबस्त है. वक्फ उस जायदाद को कहते हैं, जो इस्लाम को मानने वाले दान करते हैं. ये चल-अचल दोनों तरह की हो सकती है. ये दौलत वक्फ बोर्ड के तहत आती है. कौन कर सकता है डोनेशन?कोई भी वयस्क मुस्लिम व्यक्ति अपने नाम की प्रॉपर्टी वक्फ के नाम कर सकता है. वैसे वक्फ एक स्वैच्छिक कार्रवाई है, जिसके लिए कोई जबर्दस्ती नहीं. इस्लाम में दान-धर्म के लिए एक और टर्म प्रचलित है, जकात। ये हैसियतमंद मुसलमानों के लिए अनिवार्य है। आमदनी से पूरे साल में जो बचत होती है, उसका 2.5 फीसदी हिस्सा किसी  जरूरतमंद को दिया जाता है, जिसे जकात कहते हैं। वक्फ बोर्ड कैसे बनता और काम करता है?वक्फ के पास काफी संपत्ति है, जिसका रखरखाव ठीक से हो सके और धर्मार्थ ही काम आए, इसके लिए स्थानीय से लेकर बड़े स्तर पर कई बॉडीज हैं, जिन्हें वक्फ बोर्ड कहते हैं. तकरीबन हर स्टेट में सुन्नी और शिया वक्फ हैं. इनका काम उस संपत्ति की देखभाल, और उसकी आय का सही इस्तेमाल है. इस संपत्ति से गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना, मस्जिद या अन्य धार्मिक संस्थान को बनाए रखना, शिक्षा की व्यवस्था करना और अन्य धर्म के कार्यों के लिए पैसे देने संबंधी चीजें शामिल हैं. सेंटर ने वक्फ बोर्डों के साथ तालमेल के लिए सेंटर वक्फ काउंसिल बनाया हुआ है. वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में कुल 30 वक्फ बोर्ड्स हैं. इनके हेडक्वार्टर ज्यादातर राजधानियों में हैं, क्या है वक्फ कानून?साल 1954 में नेहरू सरकार के समय वक्फ अधिनियम पारित किया गया, जिसके बाद इसका सेंट्रलाइजेशन हुआ. वक्फ एक्ट 1954 इस संपत्ति के रखरखाव का काम करता. इसके बाद से कई बार इसमें संशोधन होता गया. कौन-कौन शामिल बोर्ड में?बोर्ड में सर्वे कमिश्नर होता है, जो संपत्तियों का लेखा-जोखा रखता है. इसके अलावा इसमें मुस्लिम विधायक, मुस्लिम सांसद, मुस्लिम आइएएस अधिकारी, मुस्लिम टाउन प्लानर, मुस्लिम अधिवक्ता और मुस्लिम बुद्धिजीवी जैसे लोग शामिल होते हैं. वक्फ ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक अधिकारी होते हैं. ट्रिब्यूनल में कौन शामिल होंगे, इसका फैसला राज्य सरकार करती है. अक्सर राज्य सरकारों की कोशिश यही होती है कि वक्त बोर्ड का गठन ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों से हो. विवाद क्यों होता रहा?आरोप है कि सरकार ने बोर्ड को असीमित ताकत दे दी। वक्फ संपत्तियों को विशेष दर्जा दिया गया है, जो किसी ट्रस्ट आदि से ऊपर है। वक्फ बोर्ड को अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी संपत्ति के बारे में यह जांच कर सकता है कि वह वक्फ की संपत्ति है या नहीं। अगर बोर्ड किसी संपत्ति को अपना कहते हुए दावा कर दे तो इसके उलट साबित करना काफी मुश्किल हो सकता है। वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि इसके फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती। भाजपा के नेता हरनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में वहां के स्टेट वक्फ बोर्ड ने तिरुचिरापल्ल जिले के एक पूरे गांव पर ही मालिकाना हक जता दिया था। महाराष्ट्र के सोलापुर में भी कुछ ऐसा केस आ चुका। उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर संपत्तियों पर दावा जताया था, जिसके बाद योगी सरकार ने आदेश जारी कि वक्फ की सारी संपत्ति की जांच होगी।ये बात साल 2022 की है. लेकिन सर्वे के नतीजे सामने नहीं आ सके कितनी संपत्ति बोर्ड के पास?वक्फ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में करीब 8 लाख 55 हजार से ज्यादा संपत्तियां ऐसी हैं जो वक्फ की हैं।सेना और रेलवे के बाद देश में संपत्ति के मामले में वक्फ तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति है।यूपी में सुन्नी बोर्ड के पास कुल 2 लाख 10 हजार 239 संपत्तियां हैं, जबकि शिया बोर्ड के पास 15 हजार 386 संपत्तियां हैं।हर साल हजारों व्यक्तियों द्वारा बोर्ड को वक्फ के रूप में संपत्ति की जाती है, जिससे इसकी … Read more

गुर्जर समाज युवा ईकाई द्वारा निकाली गई कावड़ यात्रा, सालाखेड़ी में हुआ समापन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सावन माह में चहुंओर से प्राचीन शिवालयों पर पहुंचकर भक्त पवित्र नदियों का कावड़ में जल भरकर अभिषेक करने पहुंच रहे हैं। श्री गुर्जर समाज युवा इकाई की ओर से भगवान देवनारायण मंदिर धभाईजी का वास से कावड़ यात्रा की शुरुआत की गई। इसमें कई महिला, पुरुष एवं बच्चों ने कावड़ उठाकर प्रमुख मार्गो से होते हुए बगदेश्वर महादेव, पंचेश्वर महादेव, इंद्रेश्वर महादेव आदि पांच भोलेनाथ के मंदिरों पर जलाभिषेक किया। कावड़ यात्रा सालाखेड़ी स्थित श्री देवनारायण मंदिर पर पहुंची। जहां समापन हुआ। इस मौके पर कावड़ में शामिल भक्तों ने भजन कीर्तन किए। यात्रा में इकाई अध्यक्ष मुरलीधर गुर्जर, राधेश्याम गुर्जर, माधव गुर्जर, प्रथमेश गुर्जर, पर्व गुर्जर, मयंक गुर्जर, हेमकांत जोशी, लोकेंद्र सिंह चावड़ा, महिला इकाई प्रमुख दीपिका गुर्जर, संगीता गुर्जर, लक्ष्मी गुर्जर, ज्योति गुर्जर आदि बड़ी संया में महिला कावड़ यात्री शामिल रहे।

होटल पर दबिश! : रईसजादों की अय्याशी का अड्डा बना समता सागर पैलेस, 9 जुआरियों से 1 लाख 40 हजार से अधिक जब्त

होटल संचालक पुलिस कार्रवाई से कोसों दूर, घनघनाने लगे थाने के फोन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। महू रोड स्थित शहर की नामचीन होटल समता सागर पैलेस पर देर रात एसपी राहुल लोढा की टीम ने छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया। होटल के कमरा नं 336 में लाखों रुपये की हार – जीत की जा रही थी। सूत्रों की माने तो होटल समता सागर में जुआ लंबे समय से संचालित होते आ रहा है। इसके अलावा भी यह होटल अन्य गतिविधियों के चलते चौराहों की सुर्खियों में बना रहता है। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत आने वाले इस होटल में शहर के रईसजादों की अय्याशियों के किस्से अक्सर सुनाई देते रहते है। शहर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों के लोग भी ताश पत्तियों पर हाथ आजमाने यहां चले आते है। होटल संचालक अतुल बाफना से पब्लिक वार्ता ने संपर्क कर होटल में जुआ संचालित करने व पुलिस दबिश संबंधी सवाल पूछा तो उन्होंने पुलिस दबिश व ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। पूरे मामले में अब तक समता सागर होटल संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एएसआई लोकेंद्रसिंह बेंस ने बताया की मामले में आगे जांच कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान होटल संचालक की संलिप्तता अगर पाई जाती है, तो जरूर कार्रवाई करेंगे। जानकारी के अनुसार देर रात करीब 12 बजे एसपी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर होटल में जुआ संचालित होने पर दबिश दी। मौके से पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 लाख 40 हजार 120 रूपये और ताश पत्ते जब्त किए। गिरफ्तार हुए कई आरोपी शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी परिवारों से जुड़े है। पुलिस ने मौके से आरोपी गौरव पिता सुरेशचंद्र परमार निवासी गोपाल गौशाला, कासिम पिता आबीद रंगवाला निवासी बोहरा बाखल, आशीष पिता रामनाथ शिवहरे निवासी कस्तूरबा नगर, आनंद पिता मांगीलाल सोनी निवासी भोलेनाथ मंदिर के पास चांदनी चौक, इरफान पिता यूसुफ खान निवासी नाहरपुरा गली नं1, मनजीत पिता आजाद जैन निवासी त्रिपोलिया गेट, अंकित पिता शांतिलाल जैन निवासी धानमंडी, आकाश पिता जगदीश रावत निवासी आमलिया भेरू काटजू नगर, एवं आशीष पिता मनोहरलाल जैन निवासी मोहन टाकीज को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 1 लाख 40 हजार 120 रुपए की नगदी सहित ताशपत्ते बरामद किए है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। देर रात आरोपियों के थाने पहुंचते ही थाने से उनको छुड़वाने के प्रयास तेज हो गए। पुलिस अधिकारियों के फोन भी तेजी से घनघनाने लगे, वहीं कई तो अपने चहितों के लिए थाने तक भी आ गए। गौरतलब है की इस होटल से एसपी कार्यालय की दूरी महज 300 से 400 मीटर है।

सेवा, समर्पण और राजनीति : पहले विधायकी और अब मंत्री की सुख सुविधा जनता को समर्पित, कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप का फैसला

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश की रतलाम शहर विधानसभा से विधायक और कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप एक बार फिर सुर्खियों में है। अपनी तीसरी बार की विधायकी के शपथ के दौरान ही उन्होंने शासन से मिलने वाली सुविधाओं को त्यागने का एलान कर दिया था। इससे पहले भी दो बार का उनका कार्यकाल बगैर शासन की सुख सुविधाओं व वेतन भत्तो का लाभ लिए पूरा हुआ है। गुरुवार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने विधानसभा में शून्य काल के दौरान विशेष वक्तव्य के जरिये मंत्री के रूप में उन्हें निजी तौर पर मिलने वाले वेतन और भत्तों के राज्य कोष में समर्पण की घोषणा की। उनकी इस घोषणा का सदन ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया।  मंत्री काश्यप ने कहा कि राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और जन सेवा करना ही उनके जीवन का ध्येय है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिये वह राजनीति में आये हैं। किशोरावस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर हैं। कई सेवा प्रकल्पों का संचालन भी कर रहें हैं। ईश्वर ने उन्हें इस योग्य और सक्षम बनाया है कि जन सेवा में किंचित अवदान कर पा रहे है। मंत्री के रूप में निजी तौर पर मिलने वाले वेतन भत्तों की राशि का राजकोष से ही आहरण नहीं किये जाने की घोषणा की है, ताकि उस राशि का सदुपयोग प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्यों में हो सके।

जावरा UPDATE : मंदिर में गोवंश का कटा सिर फेंकने के मामले में 2 और गिरफ्तार, रासुका लगाकर निकाला जुलूस

गोवंश के बचे अवशेष को तलाशने में जुटी पुलिस, पुलिस ने जारी की सोशल मीडिया एडवाइजरी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा के शिव मंदिर जागनाथ महादेव में गोवंश का कटा सिर फेंकने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने देर रात जावरा के नौशाद उर्फ हनुमार (40) पिता भुरे खां कुरैशी निवासी जूना कबाड़ा और शाहरुख (25) पिता अब्दुल सत्तार निवासी अरब साहब कॉलोनी को गिरफ्तार किया। शुक्रवार सुबह घटना सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो चुकी थी। जिसके बाद पुलिस ने आनन फानन में कटा सिर फेंकने वाले दो आरोपी सलमान और शाकिर को सुबह ही गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों पर गोवंश का कटा सिर फेंकने का आरोप है। वहीं आज गिरफ्तार नोशाद और शाहरुख द्वारा गोवंश काटने की भूमिका बताई जा रही है। शनिवार को आरोपियों का जुलूस पुलिस ने निकाला। एएसपी राकेश खाखा ने बताया चारों आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका NSA) की कार्रवाई की। चारों आरोपियों को उज्जैन के भेरूगढ़ स्थित सेंट्रल जेल भेज दिया गया। आरोपी नौशाद पर पहले से 28 केस दर्ज हैं। एक बार जिला बदर भी रह चुका है। बाकी के तीनों आरोपियों की पहले से कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं मिली है। सलमान गैरेज पर काम करता है। शाकिर कुछ नहीं करता है। गोवंश कहां काटा गया था उसके अवशेष कहां फेंके गए इस सब पर पुलिस पूछताछ करके छानबीन कर रही है। इसके पीछे किसी साजिश की आशंका है। पुलिस सभी तथ्यों पर गहनता से जांच में जुटी है। शहर में आगामी त्यौहार को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर एडवाइजरी जारी की गई। अगर कोई भी नियमों का उलंघन करता है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर

No. 1 हमारा रतलाम : सीएम राइज विनोबा स्कूल दुनिया के टॉप 10 बेस्ट स्कूलों में शामिल, कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने दी शुभकामनाएं

मध्यप्रदेश से रतलाम और झाबुआ ने किया मुकाम हासिल, जानिए क्या है “वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज” पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। दुनिया के नक्शे पर शिक्षा जगत में रतलाम का नाम प्रख्यात करने पर रतलाम के सीएम राइस स्कूल प्रबंधन को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने शुभकामनाएं प्रेषित की है। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूल ने अपनी बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। आपको बता दे विश्व के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा पुरस्कार द “वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज“ जो कि विश्व की शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित संस्था “टी फोर एजुकेशन“ द्वारा प्रदान किया जाता है,उसके इनोवेशन केटेगरी में मप्र के रतलाम के विनोबा स्कूल को अंतराष्ट्रीय ज्यूरी द्वारा वर्ल्ड टॉप 10 में चयन किया गया है। दुनिया भर के 100 देशों से हजारों आवेदन इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए प्राप्त होते है।यह पुरस्कार 5 केटेगरी कम्युनिटी कोलैबोरेशन, एनवायरमेंटल एक्शन, इनोवेशन, ओवरकमिंग एडवर्सिटी, फॉर सर्पोटिंग हेल्दी लाइव्स के लिए दिए जाते हैं। मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। प्रदेश के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इस हेतु प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। प्रदेश के लिए यह उपलब्धि है कि यूएसए की प्रमुख संस्था द्वारा विश्व स्तर पर की  स्पर्धा में मध्य प्रदेश के दो सीएम राइज़ स्कूल, सीएम राइज़ विनोबा, रतलाम और सीएम राइज़ मॉडल झाबुआ को स्थान दिया गया है। इससे प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के जो प्रयास लगातार हो रहे है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। इस तरह होता है चयनवर्ल्डस बेस्ट स्कूल प्राइस 2024 की इनोवेशन कैटेगरी में रतलाम के सी.एम. राइज विनोबा स्कूल को यूएसए, थाईलैंड, ब्राजील, चिली, केन्या, इटली, मेक्सिको ,यूनाइटेड किंगडम के स्कूलों के साथ प्रथम दस में एक जटिल प्रक्रिया द्वारा चयनित किया गया है। विनोबा स्कूल ने अपनी बेस्ट प्रैक्टिसेज के माध्यम से अपनी चुनौतियों का सामना करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट के अंतर्गत “साइकिल ऑफ़ ग्रोथ“ के माध्यम से शिक्षक को “बदलाव के वाहक“ के रूप में लाया गया। सरकारी सिस्टम में शिक्षकों के बारे में बनाई गई नकारात्मक धारणा को तोड़ने में ये विद्यालय सफल रहा। अपने स्कूल लीडर्स के मार्गदर्शन में जॉयफूल लर्निंग द्वारा विद्यार्थियों और पालकों को संस्था से जोड़ा गया। विद्यार्थियों की उपस्थिति और दक्षता में वृद्धि हुई।विश्वव्यापी संस्था “टी फोर एजुकेशन“ द्वारा दुनिया भर के स्कूल्स से फरवरी 2024 तक विभिन्न केटेगरी में विस्तृत आवेदन के माध्यम से अपने इस वर्ष के प्रतिष्ठित पचास हजार यूएस डॉलर के पुरस्कार की चयन प्रक्रिया शुरू की। प्राप्त हजारों आवेदनों में से शार्ट लिस्ट स्कूल्स के रूप में विनोबा स्कूल के उप प्राचार्य श्री गजेंद्र सिंह राठौर का स्कूल लीडर के रूप में “इनोवेशन“ केटेगरी में किये गए उल्लेखनीय कार्यो पर अन्तराष्ट्रीय शिक्षाविदों द्वारा 1 घण्टे का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। यहां से पुनः चयनित होने पर दस्तावेज आधारित मूल्यांकन किया गया। इसके पश्चात विभिन्न स्तरों की ऑनलाइन परीक्षण बैठक के उपरांत अंतिम रूप से टॉप 10 में चयन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में विनोबा स्कूल के लीडर्स और शिक्षक एक परिवार की तरह जुटे रहे। अपनी गतिविधियों के लिए है विख्यातपढ़ाई, खेलकूद और विद्यार्थियों के ओवरऑल डेवलपमेंट में विनोबा स्कूल मध्यप्रदेश का शिक्षा विभाग द्वारा घोषित लाइट हाउस स्कूल भी है। विद्यालय ने कम्युनिटी को लर्निंग रिसोर्स के रूप में जोड़ा। कक्षा 1 से 12 तक अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यम में संचालित होने वाले विनोबा स्कूल के 577 में से 545 विद्यार्थी किसी ने किसी स्तर पर गतिविधि से वर्ष भर जुड़े रहते हैं। विद्यालय में टीचिंग लर्निंग मटेरियल, प्रिंट रिच, स्टूडेंट डायरी, टीचर्स डायरी, हुक बैंक, मॉर्निंग मीटिंग, सर्कल टाइम, एकेडमिक संवाद, बिहेवियर मैनेजमेंट जैसे कहीं उपक्रम किए जाते है जिसके माध्यम से विद्यालय में सहजता से सीखने का वातावरण बना। इनोवेटिव टीचर है गजेंद्रसिंह राठौरदो वर्ष पूर्व विनोबा स्कूल में ज्वाइन होने के बाद विद्यार्थियों की कम उपस्थिति और दक्षता में कमी पर संस्था के नवागत उपप्राचार्य श्री गजेंद्र सिंह राठौर ने वरिष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर “साइकिल आफ ग्रोथ मेकैनिज्म“ को प्लान किया। इसमें टीचर्स के प्रोफेशनल डेवलपमेंट के लिए टीम हडल और कैप्सूल ट्रेनिंग, क्लास रूम मॉनिटरिंग, वन आन वन फीडबैक, रीवार्ड एंड रिकगनाईजेशन की सकारात्मक चक्रीय योजना बनाई। शिक्षकों के साथ टीम बिल्डिंग एक्टिविटी के बीच नियमित रूप से रोचक तरीके से संस्थागत विषयों पर रोल प्ले सहित अन्य उत्साह के वातावरण को बनाया। संस्था के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त नवाचारी स्कूल लीडर उपप्राचार्य गजेंद्र सिंह के साथ अन्य स्कूल लीडर प्राचार्य संध्या वोरा, प्र.अ. अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, हीना शाह, पीपुल संस्था से प्रियल उपाध्याय, दीपक साही सहित शिक्षकों ने इस अवधारणा को नियमित रूप देकर मूर्त रूप प्रदान कर दिया। विद्यार्थियों के कामों को प्रदर्शित करने के लिए लर्निंग शोकेस, सृजन मेले, कम्युनिटी विजिट, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग जैसे नियमित आयोजन हुए। पीपुल संस्था और स्कूल शिक्षा विभाग मप्र ने विद्यालय के नवाचारों को नियमित प्रोत्साहन और समर्थन दिया।

भरोसे का घोंटा गला : बुजुर्ग दंपत्ति ने जिस किराएदार को रखा बेटे जैसा, उसी ने घर का ताला तोड़ किया लाखों रुपयों पर हाथ साफ

12 घंटे में माणक चौक पुलिस ने किया चोरी का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के माणक चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ उसी के किराएदार ने विश्वासघात कर दिया। पति – पत्नी दोनों की कोई संतान नहीं होने से किराएदार को ही उन्होंने अपना बेटा माना और उसे बेटे की तरह रखा। लालची किराएदार ने भरोसे का गला घोंटते हुए दंपत्ति के बंद घर में ताला तोड़ चोरी को अंजाम दे दिया। यह पैसा कैंसर के इलाज के लिए जमा किया हुआ था। माणक चौक थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 12 घंटे में आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान (27) निवासी मौलाना आजाद नगर (हालमुकाम लक्ष्मी नगर) को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना में जुटी माणकचौक थाने की पुलिस टीम को पुरुस्कार की घोषणा की गई है । गुरुवार को नवीन कंट्रोल रूम पर प्रेस वार्ता में एएसपी राकेश खाखा ने वारदात का खुलासा किया। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे, माणक चौक थाना प्रभारी रणजीत सिंगार मौजदू रहे। एएसपी राकेश खाखा ने मीडिया को बताया की लक्ष्मी नगर निवासी महिला मुकर्रम पति शेर खां मेव ने थाने में शिकायत कर बताया की वह मंगलवार/बुधवार की रात्री में अपने कैंसर से पीड़ित पति शेर खान के इलाज के लिए उसे अस्पताल ले गई थी। जहां उसे भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा था। घर में दोनों पति पत्नी के अलावा कोई भी नहीं था इसलिए उसने घर पर ताला लगाया हुआ था। उसी दौरान उसके सुने मकान मे कोई अज्ञात बदमाश 4 लाख 35 हजार रुपये नगदी एवं सोने की एक अंगुठी तथा चांदी के छोटे छोटे जेवर जिनकी किमत करीब 90 हजार रुपये है। इस तरह कुल 5 लाख 25 हजार रुपये घर व गोदरजे का ताला तोड़ कर चुरा ले गया। फरियादी महिला की शिकायत पर थाना माणकचौक पर अपराध क्रमांक 323/24 धारा 457,380 पंजीबद्ध कर पुलिस ने जांच शुरू की। जिसमें 12 घन्टे के भीतर ही पुलिस को सफलता मिली और आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान जो की महिला का किराएदार था उसे गिरफ्तार कर लिया गया। खुद आरोपी ने महिला को दी सूचनाआरोपी किराएदार सोहेल फरियादी महिला मुकर्रम खान के मकान में 6-7 माह से किराए से रह रहा था। आरोपी सोहेल शादीशुदा है और अपने घर से अलग किराए के मकान में रह रहा था। जब उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया तब उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। वह घर पर अकेला था। महिला की कोई संतान नहीं होने से उसने सोहेल को बेटे की तरह रखना शुरू कर दिया। जिससे सोहेल को उसके घर में रखी नगदी व जेवर की जानकारी लग गई। आरोपी ने ताला तोड़कर घर में हाथ साफ किया। जिसके बाद पुलिस व महिला को बरगलाने के लिए चोरी की घटना के बारे में बताया। जिससे वह संदेह के घेरे में ना आए। पुलिस ने जब मौके पर छानबीन की तो पड़ोसी की छत से नगदी व सामान मिला। जिससे यह लगे कि पड़ोस की छत और उसके पास के नाले से चोर घर में घुसे हो। लेकिन पुलिस को यहां पर संदेह हुआ और सोहेल से सख्ती से पूछताछ की। फिर उसने सब कुछ कबूल कर लिया। आरोपी सोहेल लोहे की अलमारी बनाने का काम करता है।मामले में पुलिस टीम के एएसआई बसील गणावा , प्रआर नारायणसिंह जादौन, दिलीपसिंह रावत, अमिचंद सिगारे, आरक्षक रणवीर सिंह , गोविन्द गेहलोत, विरेन्द्र बारोड, संदीप शर्मा, अशरफ खान कि महत्वपूर्ण भूमिका रही।