Jammu & Kashmir Terror Attack: गगनगीर में श्रमिकों पर कायराना हमला, पांच की मौत, चार घायल, पूरे देश में उबाल

श्रीनगर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Jammu & Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गगनगीर, सोनमर्ग में रविवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। ज़ेडमोढ़ सुरंग परियोजना में काम कर रहे श्रमिकों पर हुए इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (SKIMS) में भर्ती कराया गया है। पुलिस और सेना ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मृतकों में डॉक्टर और इंजीनियर भी शामिलइस हमले में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के मैकेनिकल इंजीनियर अमित शुक्ला, बिहार के मोहम्मद हनीफ, कलीम और फहीम नासिर, और जम्मू के शशि अब्रॉल शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने निर्माणाधीन सुरंग के पास श्रमिकों के आवास शिविर पर हमला किया। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। केंद्र और राज्य सरकार की कड़ी प्रतिक्रियाइस कायराना हमले पर देशभर में आक्रोश व्याप्त है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “घृणित और कायरतापूर्ण कृत्य” करार दिया। उन्होंने कहा, “इस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों से कठोरतम जवाब मिलेगा।” शाह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि सभी घायल जल्द स्वस्थ हों।” उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं को शांति और विकास के खिलाफ साजिश करार दिया। आतंकी हमले से देश में उबालस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी आतंकियों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह इलाका ज़ेडमोढ़ सुरंग और राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। देशभर से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगें उठ रही हैं। जनता और सुरक्षा बल इस हमले को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं, और सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को त्योहारों के दौरान कश्मीर में संभावित आतंकी हमलों की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया था।

MP News: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला, शासकीय कर्मचारियों को दिया ये तोहफा

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के मद्देनजर प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर तक आहरित कर लिया जाए, ताकि सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली से पहले वेतन मिल सके। यह कदम शासकीय सेवकों के त्यौहार को और भी आनंददायक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा, “त्यौहार से पूर्व वेतन प्राप्त होने से सभी कर्मचारियों का दीपोत्सव और भी विशेष हो जाएगा। दीपावली परिवार और प्रियजनों के साथ मिलकर मनाने का पर्व है, और वेतन समय पर मिलना इसे और खुशहाल बनाएगा।” सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दीपावली के खर्चों के लिए समय पर वेतन मिलना उनके लिए बेहद सहूलियत भरा रहेगा।

Lady Of Justice: सुप्रीम कोर्ट में ‘न्याय की देवी’ की प्रतिमा में बड़ा बदलाव, आंखों से पट्टी और हाथ से तलवार हटाई

नई दिल्ली- पब्लिक वार्तान्यूज़ डेस्क। Lady Of Justice: सुप्रीम कोर्ट में ‘न्याय की देवी’ की प्रतिमा में बड़ा बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत अब प्रतिमा की आंखों से पट्टी हटा दी गई है और हाथ में तलवार की जगह संविधान की प्रति दी गई है। इस नई प्रतिमा को सुप्रीम कोर्ट के परिसर में पिछले साल स्थापित किया गया था, लेकिन हाल ही में इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसने जनता और कानूनी विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। (Supreme Court Of India) पारंपरिक रूप से, ‘न्याय की देवी’ को आंखों पर पट्टी और हाथ में तलवार के साथ दिखाया जाता है, जो न्याय की निष्पक्षता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस नई प्रतिमा में आंखों से पट्टी हटाकर न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संविधान को सर्वोच्चता दी गई है। इस बदलाव को न्यायिक व्यवस्था के आधुनिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है, जहां कानून और संविधान को सर्वोपरि माना गया है। प्रतिमा के इस नए रूप को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे न्याय की नई व्याख्या के रूप में देख रहे हैं, जहां कानून और संविधान की अहमियत को प्रमुखता दी गई है, वहीं कुछ पारंपरिक दृष्टिकोण के समर्थक इस बदलाव पर सवाल उठा रहे हैं।

When to celebrate Diwali?: देशभर में इस दिन मनेगी 2024 की दिवाली, जयपुर की धर्मसभा में हुआ निर्णय

धर्मसभा में 100 से अधिक विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्य उपस्थित हुए, गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दीपावली (Diwali 2024) का पर्व 31 अक्टूबर 2024 को मनाने का निर्णय जयपुर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। कब मनाएं दिवाली?: दीपावली पर्व की तिथि को लेकर देशभर में जारी असमंजस के बीच, 15 अक्टूबर 2024 को जयपुर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के नवीन सभागार में अखिल भारतीय विद्वत परिषद द्वारा एक महत्वपूर्ण धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा में 100 से अधिक विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्य उपस्थित हुए। प्रमुख ज्योतिषाचार्य प्रो. रामपाल शास्त्री की अध्यक्षता में हुई इस धर्मसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष दीपावली (When to celebrate Diwali?) का महापर्व 31 अक्टूबर 2024, गुरुवार को ही मनाया जाएगा। धर्मसभा के अनुसार, यह तिथि शास्त्रसम्मत है और इसी दिन लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) का सही समय है। धर्मसभा का निर्णय: 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी दीपावलीधर्मसभा में विद्वानों ने विभिन्न पंचांगों, ज्योतिषीय गणनाओं और शास्त्रीय प्रमाणों का सूक्ष्म अध्ययन किया। गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर 2024 को ही मनाना शास्त्रों के अनुसार उचित और शुभ है। इस दिन प्रदोषकाल में व्यापिनी कार्तिकी अमावस्या का समय रहेगा, जो लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। धर्मसभा के संयोजक प्रो. मोहनलाल शर्मा ने बताया कि विद्वानों ने पंचांगों की गणनाओं और सूर्य सिद्धांत के आधार पर इस निर्णय को अंतिम रूप दिया। उन्होंने कहा, “31 अक्टूबर की रात को पूरी अमावस्या व्यापिनी रहेगी, और शास्त्रों के अनुसार कर्मकाल में तिथि की प्राप्ति आवश्यक होती है। इस कारण 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जानी चाहिए।” शास्त्रों का समर्थन: प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन का महत्वधर्मशास्त्रों के अनुसार, प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन को अत्यधिक शुभ और फलदायी माना जाता है। धर्मसभा में इस बात पर जोर दिया गया कि 31 अक्टूबर को प्रदोषकाल के समय व्यापिनी अमावस्या रहेगी, और उसी समय लक्ष्मी पूजन करना शास्त्रों के अनुसार सबसे उचित होगा। धर्मसभा के अध्यक्ष प्रो. रामपाल शास्त्री ने कहा, “दीपावली का पर्व तब तक सही नहीं माना जा सकता जब तक कि वह प्रदोषकाल में व्यापिनी अमावस्या के समय न हो।” विरोध के स्वर: 1 नवंबर को भी दिवाली के पक्ष में विद्वानों की रायहालांकि धर्मसभा में 31 अक्टूबर की तिथि को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, कुछ विद्वानों ने इसका विरोध भी जताया। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रवक्ता शास्त्री कोसलेंद्रदास सहित अन्य विद्वानों ने तर्क दिया कि 1 नवंबर को सूर्योदय और सूर्यास्त के बाद अमावस्या रहेगी, जो लक्ष्मी पूजन के लिए अधिक शुभ मानी जाती है। शास्त्री कोसलेंद्रदास ने कहा, “शास्त्रों में यह स्पष्ट उल्लेख है कि जब दो दिन अमावस्या का योग हो, तो दूसरे दिन अमावस्या को पर्व मनाना चाहिए। इस वर्ष 1 नवंबर को भी अमावस्या सूर्योदय के बाद तक बनी रहेगी, इसलिए 1 नवंबर को दीपावली का पर्व मनाना शास्त्रसम्मत होगा।” ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश शर्मा ने भी इसी प्रकार का तर्क देते हुए कहा, “दो दिन अमावस्या होने पर शास्त्रों के अनुसार उत्तर वाली अमावस्या (दूसरे दिन) को लक्ष्मी पूजन करना सही होता है। 1 नवंबर को स्वाति नक्षत्र का भी संयोग रहेगा, जिससे लक्ष्मी पूजन का महत्व और बढ़ जाएगा।” देशभर में विविधता: अलग-अलग राज्यों में अलग तिथियों पर दीपावलीदीपावली पर्व को लेकर देशभर में अलग-अलग पंचांगों के आधार पर विभिन्न तिथियों का निर्धारण किया गया है। अयोध्या के राममंदिर में 1 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी, जबकि काशी में सौर पंचांग सिद्धांत के अनुसार 31 अक्टूबर को ही पर्व मनाने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली के कुछ पंचांगकर्ता 1 नवंबर को दीपावली मानने के पक्ष में हैं, वहीं राजस्थान के जयविनोदी पंचांग और सर्वेश्वर जयादित्य पंचांग के अनुसार 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी। जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में भी 31 अक्टूबर को ही लक्ष्मी पूजन होगा। धर्मसभा का उद्देश्य: एकरूपता और धार्मिक अनुशासन की स्थापनाधर्मसभा के निर्णय का उद्देश्य पूरे देश में दीपावली की तिथि को लेकर चल रहे भ्रम को समाप्त करना और सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच धार्मिक अनुशासन और एकरूपता को बढ़ावा देना है। धर्मसभा के विद्वानों ने कहा कि शास्त्रों के आधार पर 31 अक्टूबर को दीपावली मनाना सर्वश्रेष्ठ और शुभ है। धर्मसभा का निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि सनातन धर्म के अनुयायी सही समय पर दीपावली का महापर्व मना सकें।

Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) रतलाम नगर ने 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस अभियान का शुभारंभ 3 अक्टूबर को हुआ और यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महिला थाना प्रभारी श्रीमती लिलियन मालवीय और विशेष अतिथि के रूप में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुश्री ट्विंकल राठौर उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में श्रीमती लिलियन मालवीय ने कहा, “छात्राओं को न केवल शारीरिक आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित होना चाहिए, बल्कि साइबर क्राइम से भी सतर्क रहना चाहिए। ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है।” सुश्री ट्विंकल राठौर ने “मिशन साहसी” अभियान की सराहना करते हुए कहा, “यह अभियान छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस अभियान के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का कार्य लगातार कर रहा है।” एबीवीपी रतलाम नगर अध्यक्ष शुभम तलोदिया ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय अभियान के अंतर्गत छात्राओं को आत्मरक्षा की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन रतलाम नगर के कलीमी कॉलोनी स्थित कराते एकेडमी में किया जा रहा है, जिसमें शहर की युवतियां भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सिख सकती है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन रतलाम नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने किया।

Terrorist Threat : महाकाल मंदिर समेत MP-राजस्थान के स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरा पत्र, लिखा- जिहादियों की मौत का बदला लेंगे!

पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है, राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देने की साजिश? उज्जैन – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Terrorist Threat: महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। अज्ञात व्यक्ति ने एक पत्र के माध्यम से राजस्थान के हुनमानगढ़ के रेलवे स्टेशन अधीक्षक को दी है। इसमें उज्जैन (Ujjain) रेलवे स्टेशन, हनुमानगढ़ जंक्शन सहित राज्य के श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, बूंदी, उदयपुर, जयपुर रेलवे स्टेशन सहित राजस्थान के कुछ धार्मिक स्थल को आगामी 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी है। पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है। हनुमानगढ़ के स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि पात्र हमारे यहां मिला था, जिसमें राजस्थान और मध्यप्रदेश को खून से रंगने की बात लिखी थी। साथ ही राजस्थान के कई रेलवे स्टेशन और उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र जीआरपी को सौंप दिया है। पत्र में जम्मू कश्मीर में जेहादियों की हत्या का बदला लेने के लिए स्टेशनों और मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी लिखी है। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को मिला है पत्रराजस्थान के हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन के अधीक्षक नागेंद्र सिंह को एक पत्र मिला है, जिसमें राजस्थान के कई शहर और रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मंगलवार को मिले पत्र में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के जम्मू कश्मीर के एरिया कमांडर सलीम अंसारी के नाम से पत्र भेजा गया है। जेहादी की मौत का बदला लेंगेपत्र में लिखा है कि हे खुदा मुझे माफ करना जम्मू कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जेहादी की मौत का बदला लेंगे। हम ठीक 30 अक्टूबर को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, गंगानगर और हनुमानगढ़, बूंदी उदयपुर सिटी जयपुर मंडल राजस्थान और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ा देंगे। हम ठीक 2 नवंबर को महाकाल उज्जैन शिव मंदिर और जयपुर के कई धार्मिक स्थान, हवाई अड्डा, मिलिट्री कैंप को बम से उड़ा देंगे। एमपी राजस्थान को खून से रंग देंगेपत्र लिखने वाला ने लिखा है कि हम राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देंगे। इसके बाद लिखा कि खुदा आफिज, (Jaish E Mohmmad) आतंकवादी संगठन, जैश ए मोहम्मद एरिया कमांडर मो. सलीम अंसारी जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान जिंदाबाद। हालांकि उज्जैन पुलिस को इस बात की सूचना साझा नहीं की गई है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मीडिया से सूचना हमको मिली है। जानकारी लगने के बाद हम सतर्कता बरत रहे है। राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) से संपर्क कर कार्रवाई करेंगे। 10 साल तक की सजा का प्रावधानतहत सजा हो सकती है। किसी भी तरह की बम की धमकी को, भले ही वह मजाक के रूप में दी गई हो, कानून गंभीर अपराध की श्रेणी में रखता है। ऐसी धमकी से अफरातफरी का माहौल बन सकता है। ऐसे में बम की धमकी देने वाले को 10 साल तक की अलग-अलग धाराओं के कई मायनों में ऐसा लगता है कि आतंकवादी गतिविधियों  से प्रेरित होकर या कोई आतंकी साहित्य पढ़कर ऐसा किया गया है तो पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेशन एक्ट (UAPA) के तहत भी कार्रवाई कर सकती हैं।

MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक की बंपर भर्तियां, क्या है आवेदन की आखरी तारीख, जानिए सबकुछ!

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3)’ (Primary Teacher Job in MP) बनने के लिए पात्रता परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने इस परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 से 15 अक्टूबर के बीच किए जाएंगे। प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 8 हजार पद खाली हैं। 2023 में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के बाद, अब प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा के बाद चयन परीक्षा भी होगी। इसका मतलब यह है कि अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए दो परीक्षाओं को पास करना होगा। यह परीक्षा स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों के लिए संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। पात्रता के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यतापरीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम 60% अंकों के साथ हायर सेकंडरी या समकक्ष और प्रारंभिक शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता आवश्यक है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 5% अंकों की छूट दी जाएगी। इनके लिए न्यूनतम 45% अंक अनिवार्य होंगे, बशर्ते उनके पास सक्षम अधिकारी से जारी जाति प्रमाण पत्र हो। बीएड वाले अभ्यर्थी पात्र नहींसुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को अपने आदेश में एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत बीएड डिग्री धारक प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र होते थे। अब बीएड योग्यताधारी उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक पद के लिए पात्र नहीं होंगे। पात्रता परीक्षा की वैधताप्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2020 और उसके बाद आयोजित की जाने वाली पात्रता परीक्षाओं की वैधता आजीवन रहेगी। यानी 2020 में सफल हुए अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में दोबारा बैठने की जरूरत नहीं है। भविष्य में जब भी शिक्षक भर्ती निकाली जाएगी, पहले से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी इसके लिए पात्र माने जाएंगे और चयन मेरिट के आधार पर होगा। वेतनमान और पदों का विवरणप्राथमिक शिक्षक का न्यूनतम वेतन 25,300 रुपए होगा, साथ ही महंगाई भत्ता भी मिलेगा। प्रारंभिक नियुक्ति के दौरान उन्हें 12 दिसंबर 2019 के नियमों के अनुसार वेतन दिया जाएगा। प्रदेश में कुल 45 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिनमें से 8 हजार प्राथमिक शिक्षक के हैं। हालांकि, परीक्षा के लिए पदों का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है। चयन परीक्षा के समय ही यह विवरण प्रदान किया जाएगा। परीक्षा का शेड्यूल और अन्य जानकारी: – परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी।– आवेदन 1 से 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन भरे जाएंगे।– आवेदन पत्र में संशोधन 20 अक्टूबर तक किया जा सकेगा।– अनारक्षित वर्ग के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 250 रुपए है।– परीक्षा दो पालियों में होगी: सुबह 9:00 से 11:30 बजे और दोपहर 2:30 से 5:00 बजे तक।– परीक्षा केंद्र 13 शहरों में होंगे: बालाघाट, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, खंडवा, इंदौर, नीमच, रतलाम, रीवा, सीधी, सतना और उज्जैन। यह पात्रता परीक्षा मध्यप्रदेश के शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। सफल अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षक पदों के लिए पात्र होंगे और उनका चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

Kangana ranaut: BJP नेताओं के विरोध के बाद कंगना रनौत ने मांगी माफी, कृषि कानूनों पर दिया था बयान

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Kangana ranaut on Farmer Law: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में दिए गए अपने बयान पर माफी मांगी है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की मांग की थी। यह बयान देते ही विपक्षी दलों ने भाजपा और कंगना पर निशाना साधा। कंगना ने माफी मांगते हुए कहा कि यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वे अपने शब्द वापस लेती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी की भावनाओं को आहत करने की नहीं थी। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी कंगना के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर किसानों के खिलाफ कोई कदम उठाया गया तो फिर से प्रधानमंत्री को माफी मांगनी पड़ेगी। कंगना के इस बयान से किसानों के बीच नाराजगी थी, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के किसानों में, जो पहले भी कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर चुके थे। कंगना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनका सुझाव था कि किसानों को खुद प्रधानमंत्री से इन कानूनों को वापस लाने की अपील करनी चाहिए, जिससे उनकी समृद्धि बाधित न हो। यह मामला तब उठा जब कंगना ने 23 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की वकालत की थी। गौरतलब है की 14 महीने के किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 में कानूनों को वापस ले लिया था।

MP’s Vyapam Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, 11 साल में कहां पहुंची जांच!

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग, एसटीएफ और सीबीआई पर घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप! भोपाल – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) के मामले में सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व विधायक और व्यापमं घोटाले के व्हिसिल ब्लोअर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। सकलेचा ने व्यापमं घोटाले में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग की थी, जो पहले इंदौर हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। आपको बता दे 2013 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। माना जाता है कि आजाद भारत में व्यापमं सबसे बड़ा घोटाला रहा। मामले में जब जांच शुरू हुई तो जांचकर्ता और आरोपियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने लगी। घोटाले के तार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचने पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी गई। व्यापमं घोटाला जांच में गड़बड़ी के आरोपपारस सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि एसटीएफ और सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और सिर्फ छोटे रैकेटियर, दलाल, स्कोरर, छात्र और अभिभावकों पर ही कार्रवाई की गई है। सकलेचा का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चलने वाला रैकेट सरकार और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 850 पेज का दस्तावेजी साक्ष्य पेशसकलेचा ने अपने आवेदन में लगभग 850 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा सचिव, और व्यापमं के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सकलेचा का दावा है कि इन बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बिना व्यापमं जैसा बड़ा घोटाला संभव नहीं था। इंदौर हाईकोर्ट से निरस्त हुई थी याचिकाइससे पहले, पारस सकलेचा ने व्यापमं घोटाले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 19 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आज जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप: बड़े अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई!सकलेचा ने अपने आवेदन में कहा कि एसटीएफ और सीबीआई को व्यापमं घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी और दस्तावेज देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसटीएफ को 350 पेज का आवेदन और मौखिक साक्ष्य के अलावा 240 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इसके बावजूद, बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही शिकंजा कसा गया। प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवालपारस सकलेचा ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच में प्रशासन और सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने बताया कि 2009 में जब व्यापमं घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, तब भी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की भर्ती की जांच नहीं की गई, जबकि यह भी घोटाले का एक प्रमुख हिस्सा था। अब आगे क्या ?व्यापमं घोटाले (Vyapam) की जांच को लेकर पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। गौरतलब है की व्यापमं घोटाले को करीब 11 साल हो चुके है। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक रिश्वत लेकर प्रवेश परीक्षाओं और भर्तियों में नकल करने के मामले में 4046 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें से 956 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। वहीं CBI ने 1242 लोगों को आरोपी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापमं घोटाले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले से जुड़े 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो चुकी है। इनमें टीवी चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह भी शामिल है, जिनकी मौत झाबुआ में एक इंटरव्यू के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय बताते हैं कि यह घोटाला पूरी तरह से पिरामिड की तरह काम कर रहा था। इस पिरामिड में सबसे नीचे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स थे। जबकि ऊपर रसूखदार लोग थे, जिन्हें इस पूरे घोटाले का पैसा जा रहा था। जो रसूखदार लोग थे उन्हें कभी जेल नहीं हुई। कुछ लोग जेल गए भी तो सबूत के अभाव में छूट गए। 

Ratlam News : थाना माणकचौक का जिलाबदर रितिक खरे शहर में घूमते हुए पकड़ाया, एसपी अमित कुमार के निर्देशन के बाद जारी है धरपकड़

रतलाम- पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। नवागत एसपी अमित कुमार (ips amit kumar) के निर्देशों के बाद पुलिस का सघन चेकिंग अभियान जारी है। एसपी ने क्राइम मीटिंग के दौरान जिले में गुंडा, हिस्ट्रीशीटर, और जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया था। एसपी ने अच्छे काम के लिए पुलिस टीम को प्रोत्साहन के लिए इनाम देने की भी बात कही थी। इसी के अंतर्गत थाना औद्योगिक क्षेत्र  पुलिस टीम ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना माणकचौक के जिलाबदर आरोपी रितिक पिता सुनील खरे (23) निवासी नयापुरा हाट रोड, थाना माणकचौक, हाल मुकाम एमबी नगर को पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 660/2024 के तहत मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम की मुस्तैदी से पकड़ाया जिलाबदरपुलिस कप्तान अमित कुमार ने अपराधियों पर नियंत्रण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम पुलिस (ratlam police) शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभियान के तहत उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रतलाम के एमबी नगर इलाके से रितिक खरे को गिरफ्तार किया। रितिक के खिलाफ पहले से ही कई अपराधों में शामिल होने के चलते जिलाबदर का आदेश लागू किया गया था, लेकिन वह इसके बावजूद शहर में घूम रहा था। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के साथ प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक मयंक चौधरी और आरक्षक राजेश प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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