Hit and Run by Thar Jeep : केमिकल इंजीनियर और साली को 10 फिट तक हवा में उछाला, दो मासूम बच्चियां हुई अनाथ

शहर में काले शीशे से लैस थार गाड़ियों की बेख़ौफ स्टंटबाजी, पुलिस सुस्त! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में एक तेज रफ्तार थार जीप (Thar Jeep) ने बाइक सवार केमिकल इंजीनियर और उनकी साली को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों करीब 10 फीट तक हवा में उछल गए। हादसे में इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साली को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है। यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुआ। वहीं हादसे के 16 घंटे बीतने के बाद पुलिस सिर्फ जीप ही जप्त कर पाई है। आरोपी ड्राइवर का पता नहीं चल सका। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। जानकारी के अनुसार शहर के शिवशक्ति नगर निवासी मुकेश भाटी रविवार रात साली प्रीति बरोठा को लेकर घर लौट रहे थे। प्रीति इंदौर के स्कीम 51, सृष्टी पैलेस की रहने वाली हैं। रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र में दोनों साक्षी पेट्रोल पंप से नया गांव जाने वाले रास्ते की तरफ क्रॉस हुए, तभी डेलनपुर की तरफ से आ रहा थार जीप (जीजे 08 डीडी 0006) का ड्राइवर दोनों को रौंदता हुआ भाग निकला। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां मुकेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात 2 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सोमवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की सुस्ती पर सवालघटना के 16 घंटे बाद भी पुलिस सिर्फ जीप को जप्त करने में सफल हो पाई है, जबकि आरोपी ड्राइवर अब भी फरार है। इस मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं।  वहीं शहर में अब थार गाड़ियों से स्टंट बाजी देखना आम हो गया है। काले शीशों से लैस थार गाड़ियां बेधड़क सड़कों पर घूम रही है। जो आम लोगों रौंद कर तेजी से रफ्फू चक्कर होने में देर नहीं करती। ऐसे में बड़ा सवाल है की इस मौत के बाद पुलिस महकमा और आरटीओ विभाग ऐसी गाड़ियों के शौरूम संचालकों और गाड़ी मालिकों पर कार्रवाई करेगा? अनाथ हुई दो मासूम बेटियांपरिजनों के अनुसार मुकेश का इंदौर में ससुराल है। वे साली को लेने इंदौर गए थे। देर रात में ट्रेन से रतलाम लौटे। रेलवे स्टेशन से पार्किंग में खड़ी बाइक से वे साली को लेकर घर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। मृतक मुकेश मूलत: बड़नगर के रहने वाले थे। डेढ़ साल पहले रतलाम में रहने आए थे। इप्का फैक्ट्री के एपीआई प्लांट 24 में केमिकल इंजीनियर थे। घर में पत्नी रानी भाटी हैं। दो बेटी मानसी जिसकी उम्र 7 वर्ष और मिस्टी उम्र 2 वर्ष है। जिनके सर पर से अब पिता का साया उठ गया है। डेलनपुर के पवन पोरवाल की है थारथार जीप रतलाम के डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। घटना के बाद जीप उसी के घर पर खड़ी थी। पुलिस वहां जाकर जीप को लेकर आई, लेकिन मौके पर पवन पोरवाल नहीं मिला। थाना औद्योगिक क्षेत्र में पवन पोरवाल के खिलाफ पूर्व में धारा 188 के 2 व अवैध शराब और एट्रोसिटी के मामले में भी केस दर्ज है। थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी वीडी जोशी ने बताया कि अज्ञात जीप चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जीप डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। जप्ती में ली है। आरोपी अभी गिरफ्त में नहीं आया।

Fake IPS Officer: बिहार में 18 साल का फर्जी आईपीएस गिरफ्तार, 2 लाख रुपये देकर बना ‘अधिकारी’

मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने 2 लाख 30 हजार रुपये में बना दिया Fake IPS Officer, अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया….. बिहार/जमुई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बिहार के जमुई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सिकंदरा पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। (Fake IPS Officer) गिरफ्तार युवक, मिथलेश कुमार, लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव का निवासी है। उसने 2 लाख रुपये देकर फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने का दावा किया। पुलिस ने मिथलेश को सिकंदरा चौक से हिरासत में लिया, जब वह आईपीएस की वर्दी पहनकर अपनी बाइक पर सवार था। कैसे खुली पोल? भीड़ के शक से हुई गिरफ्तारीमिथलेश कुमार आईपीएस की वर्दी में कमर पर पिस्टल लटकाकर सिकंदरा चौक पर रुका, जहां लोगों ने उसके हाव-भाव और वर्दी को देखकर संदेह जताया। किसी ने सिकंदरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फर्जी आईपीएस के खुलासे! दो लाख रुपये देकर ली ‘नौकरी’गिरफ्तार मिथलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि खैरा इलाके के मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने उसे पुलिस में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। इसके बदले में मनोज सिंह ने 2 लाख 30 हजार रुपये की मांग की। मिथलेश ने अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया। इसके बाद, मनोज ने उसका नाप लेकर उसे आईपीएस की वर्दी, बैज और पिस्टल सौंप दी। वर्दी पहन मां का लिया आशीर्वाद, बाकी रकम देने जा रहा था तभी पकड़ा गयामिथलेश ने बताया कि वर्दी पहनकर वह अपनी मां से आशीर्वाद लेने घर गया, जिसके बाद मनोज सिंह से बाकी 30 हजार रुपये देने के लिए निकल पड़ा। सिकंदरा चौक पर थोड़ी देर के लिए रुका, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा। एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि युवक को फर्जी आईपीएस वर्दी में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अगर मिथलेश की बात सही निकली, तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गिरोह का पर्दाफाश करना होगी, जो बेरोजगार युवकों को ठगकर फर्जी अधिकारियों का खेल रच रहा है। जमुई पुलिस फिलहाल इस गिरोह का सुराग तलाशने में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

धार्मिक झंडे को लेकर बवालः हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने, महिनेभर में इस प्रकार की यह तिसरी घटना

एसपी के निर्देश के बाद देर शाम टीआई ने दोनों पक्षों के प्रबुद्धजनों को बुलाकर की चर्चा, आपसी सोहाद्र बनाने की अपील रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने हो गए। मामला धार्मिक झंडे को रोड किनारे पर लगाने का था। दरअसल आने वाले दिनों में हिंदू धर्म का प्रमुख गणेशोत्सव का त्यौहार है। वहीं मुस्लिम समुदाय का भी ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाना है। ऐसे में दोनों पक्षों की तैयारियां चल रही है। मंगलवार दोपहर झंडे लगाने की बात पर करीब 3 घंटों तक गहमागहमी चलती रही। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अनुराग यादव मौके पर बल सहित पहुंचे और समझाइश के बाद मामला शांत करवाया। दोनों पक्षों ने अपने – अपने झंडे एक साथ में लगा लिए। महिनेभर में धार्मिक झंडे के विवाद का यह तिसरा मामला है। इससे पहले मोहर्ऱम के समय उकाला रोड व दो दिन पहले कलाईगर रोड पर विवाद सामने आ चुके है। हालांकी दोनों में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया। जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए कड़े नियम लागू करने की आवश्यकता है। जिससे भविष्य में कोई बड़े सांप्रदायिक विवाद जैसी स्थिति निर्मित ना हो।    हिंदू समाज के लोगों का कहना था की हर साल गणेशोत्सव के पहले हनुमान मंदिर के पास पांडाल लगाया जाता है। पांडाल के आसपास रोड किनारे पोल पर भगवा ध्वज और लाइट लगाई जाती है। यह बात दुसरे पक्ष को पहले से पता होने के बावजूद उन्होने पांडाल व उसके आसपास देर रात झंडे लगा दिए। जबकी हर बार दोनों पक्ष तय सीमा में ही अपने झंडे लगाते है। लेकिन इस बार पांडाल के पास ही झंडे लगा दिए। वहीं दुसरी और मुस्लिम पक्ष के अनुसार ईद मिलादुन्नबी के पहले मस्जिद के आसपास वे भी हर साल सजावट करते है और झंडे लगाते है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाईश देकर पांडाल स्थल के पास लगे झंडों को हटवाया। एसपी राहुल लोढ़ा ने मामले में थाना दिनदयाल नगर टीआई रविंद्र दण्डोतिया को क्षेत्र के प्रबुद्धजनों से चर्चा के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद टीआई रविंद्र ने दोनों पक्षों को बुलाकर आगामी त्यौहार शांति व सोहाद्र से बनाने की अपील की। टीआई ने बताया की अगर कोई भी द्वेष फेलाकर शांतिभंग करने की कोशिश करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर पुलिस विशेष निगरानी रखे हुए है।

शिक्षक या भक्षक! : छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में कोचिंग के शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज, 4 महीने में दूसरी घटना

घटनास्थल पर पुलिस ने झांका तक नहीं, नागरवास में संचालित है शुभम कोचिंग क्लासेस! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर में एक कोचिंग सेंटर पर शिक्षक द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 4 महीने में यह कोचिंग सेंटर का दूसरा मामला है, जो महिला अपराध से जुड़ा है। आरोपी द्वारा इस मामले को बड़ी चतुराई से दबाने की कोशिश की जा रही थी। कोचिंग संचालक ने सूबे के पुलिस कप्तान एसएसपी राहुल लोढा के सीसीटीवी लगाने के सख्त निर्देशों तक को हवा में कर दिया। वहीं मामले की जांच कर रहे डीडी नगर टीआई रविंद्र दंडोतिया ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर जांच तक करना मुनासिब नहीं समझा। मामला थाना माणकचौक अंतर्गत नागरवास स्थित शुभम कोचिंग सेंटर का है। सेंटर पर आने वाली एक 12 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक अजय पिता कनकमल जैन (55 वर्ष) निवासी नागरवास पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया। घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है। घटना से डरकर घबराई छात्रा ने कोचिंग जाना बंद कर दिया था। घटना के 4 दिन बाद यानी 21 अगस्त को एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी के पिता शासकीय विद्यालय में प्राचार्य रह चुके है। तभी से कोचिंग संचालित हो रही है। पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया की उसने कुछ दिनों पहले ही कोचिंग शुरू की थी। कोचिंग पर पढ़ाने वाले सर का नाम अजय जैन है। वहां और भी बच्चे पढ़ने आते है। 17 अगस्त की सुबह 8 बजे कोचिंग पहुंची तब और भी बच्चे क्लास रूम में मौजूद थे। आरोपी अजय ने पढ़ाना शुरू कर दिया था। तब आरोपी ने क्लास के ही एक छात्र को कुछ बोला और पीड़िता की टेबल के सामने आकर खड़ा हो गया। आरोपी अजय जैन ने गलत नियत से हाथ पकड़कर खिंचा और अन्य छात्र से बोला की देख यह मेरे साथ जम रही है। तू कैसा सड़ा दिख रहा है। इस दौरान क्लासरूम में अन्य छात्र भी मौजूद थे। पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत पर बीएनएस की धारा 75 व एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन की पत्नी प्रिंसी जैन कोचिंग सेंटर की संचालक है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। परिजन के नाम से संचालित है सेंटर, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन के परिजन के नाम से कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। देर रात घर नहीं पहुंची छात्रा, पुलिस की खानापूर्तिजानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा गरीब परिवार से है। घटना के बाद से वह डर और सहम गई थी। छात्रा अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए एक दुकान पर काम करने जाती थी। सुबह जब छात्रा को कोचिंग भेजा तो वह जाकर कालिका माता मंदिर में बैठी गई। जिस दुकान पर वह काम करती है, वहां भी नहीं गई। करीब पौने नो बजे जब छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने दुकान पर फोन लगाकर पूछा की उनकी बेटी घर क्यों नहीं आई। तब दुकान मालिक ने उसके दुकान पर नहीं आने की जानकारी परिजनों को दी। कुछ देर बाद जब छात्रा घर पहुंची तो उसके माता पिता ने उससे दिनभर बाहर रहने का कारण पूछा। तब छात्रा ने पूरा घटनाक्रम बताया और कहा की सर के डर के कारण में कोचिंग नहीं गई। जिसके बाद परिजन उसे माणक चौक थाने लेकर पहुंचे और आरोपी शिक्षक अजय जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह गडरिया के अवकाश पर होने से इस मामले में दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने कायमी की। लेकिन उन्होंने महिला अपराध से जुड़े मामले में गंभीरता ना दिखाते हुए केवल खानापूर्ति कर ली। घटना के बाद लगे सीसीटीवी, आती है और भी छात्राएं!आरोपी शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे थाने से जमानत मिल गई। मामले की भनक तक किसी को नहीं लगने दी गई। जिसके बाद उसने ताबड़तोड़ अपने क्लास में सीसीटीवी कैमरा लगवा लिए। जबकि अप्रैल माह में इंग्लिश कोचिंग सेंटर के संचालक संजय पोरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पोरवाल पर महिला ने ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जब पुलिस ने जांच की तो पोरवाल के और भी काले चिठ्ठे निकलकर सामने आए। पूरे जिले में इस घटनाक्रम को लेकर घोर निंदा हुई। जिसके बाद पुलिस महकमा जागा और एसएसपी राहुल लोढा ने कोचिंग संचालकों को अपने सेंटर्स पर कैमरे लगाने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारियों को समय समय पर कोचिंग सेंटर्स की जांच के दिशा निर्देश भी दिए थे। लेकिन आरोपी अजय के … Read more

विहिप स्थापना दिवस : केंद्रीय मंत्री अजय पारीक का दो दिवसीय रतलाम दौरा, बाजना प्रखंड में हुआ आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य में 24 अगस्त से लेकर 2 सितंबर तक जिले में अलग – अलग प्रखंड में कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। इसी क्रम में विहिप के केंद्रीय मंत्री व भोपाल क्षेत्र पालक अजय पारीक दो दिन रतलाम विभाग के प्रवास पर रहेंगे। 31 अगस्त को अजय पारीक जावरा व रतलाम और 1 सितंबर को झाबुआ में आयोजित होने वाले विहिप स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। वे विहिप पदाधिकारियों से कार्य योजनाओं की चर्चा और समीक्षा भी करेंगे। बुधवार को जिले के बाजना प्रखंड में स्थापना दिवस का कार्यक्रम किया गया। जिसमें प्रांत सत्संग प्रमुख आशुतोष शेखावत मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। शेखावत ने विश्व हिंदू परिषद के 60 साल पूर्ण होने पर विगत 60 साल में किए गए संगठन के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए धर्मांतरण, लव जिहाद, गो हत्या व  भविष्य में आने वाली चुनौतियों को  बताया। देश के महापुरुष भगवान बिरसा मुंडा, महाराणा प्रताप आदि ने कैसे विकट परिस्थिति में देश की रक्षा की इसे भी बताया। इस दौरान बजरंगदल जिला सहसंयोजक राजाराम ओहरी, प्रखंड सहसंयोजक शिवम हाडा, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख हीरालाल सीरवी, धर्म प्रसार प्रमुख पंकज चौहान, कमलेश  वसुनिया, प्रेम सिंह राठौड़, प्रखंड संयोजक शिवम प्रजापत, प्रखंड मंत्री विशाल यादव, राहुल, गोविंद, दिनेश वसुनिया आदि ग्रामीण उपस्थित रहे। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

गैरजिम्मेदाराना रवैया : पाकिस्तानी झंडा लहराने का विरोध करने पर एबीवीपी नेताओं पर एफआईआर

स्कूल की जांच और कार्रवाई निल बटे सन्नाटा!, एबीवीपी करेगा उग्र आंदोलन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नगर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बालिका के हाथों में पाकिस्तान का झंडा लहराने का विरोध करने वाले छात्र नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो गई। विद्यार्थी परिषद को कलेक्टर कार्यालय के सामने जावरा फाटक-सालाखेड़ी रोड पर दो घंटे तक जाम लगाना छात्र नेताओं पर भारी पड़ गया है। स्टेशन रोड पुलिस ने जिला प्रशासन के प्रतिवेदन पर जिला संयोजक सत्यम दवे सहित नौ छात्र नेताओं पर केस दर्ज किया है। छात्र नेताओं ने निजी स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहाराने का विरोध किया था। यह विरोध अधिकारियों को संभवत नागवार गुजरा, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद मुकदमा कायम कर लिया है। वहीं स्कूल पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई या जांच अब तक सामने नहीं आई है। इस मामले में कलेक्टर राजेश बाथम से हमने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एबीवीपी जिला संगठन मंत्री विनोद सिरोही ने बताया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रवादी संगठन है। जिला प्रशासन ने इसलिए केस दर्ज किया क्योंकि छात्र-छात्राएं भारत माता और तिरंगे के सम्मान में सड़कों पर उतरे थे। और पाकिस्तानी झंडे का विरोध कर रहे थे यह अत्यंत निंदनीय है। जबकी स्कूल पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। एबीवीपी जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगी। प्रशासन को रिकॉर्डिंग और पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराने के बाद भी प्रशासन अब तक कार्रवाई करने में नाकाम है। इससे यह साफ है की प्रशासन सांठ – गांठ या किसी के दबाव में काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड पुलिस ने अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई की और से शहर तहसीलदार के मिले पत्र को आधार बनाकर यह केस पंजीबद्ध किया है। आवेदन प्रस्तुत करने वाले तरुण कुमार रघुवंशी की रिपोर्ट पर अभाविप जिला संयोजक सत्यम दवे सहित 9 के खिलाफ यह केस पंजीबद्ध किया है। इसमें कहा गया कि नए कलेक्टर आफिस के सामने आमरोड पर भीड एकत्रित कर रोड को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे आने जाने वाले आम लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की? यह सार्वजनिक नहीं हुई है। वहीं सूत्रों की माने तो सत्ताधारी नेताओं के हस्तक्षेप हो जाने के बाद इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी का परिणाम है की प्रशासन ने बेख़ौफ विद्यार्थियों के हित में कार्य करने वाले राष्ट्र के सबसे बड़े विद्यार्थी संगठन पर एफआईआर तक दर्ज कर दी। यह है पूरा मामलास्वतंत्रता दिवस के दौरान शहर के रामबाग क्षेत्र में चलने वाले टाइम किड्स प्री स्कूल में बच्चों के कार्यक्रम में पाकिस्तान का झंडा लहराया गया। इसका वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद छात्र नेताओं ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अधिकारियों को पसंद नहीं आया। जिस स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहराया, उसके लिए जांच का निर्णय लिया। 2 दिन के अल्टीमेटम के बाद जांच का तो अता पता नहीं  लेकिन छात्र नेताओं पर पुलिस ने एडीएम के आवेदन पर तुरंत एक्शन लेते हुए मुकदमा कायम कर लिया। हालांकि मामले के तुल पकड़ने के बाद स्कूल के दीपक पंत ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी थी की आधा वीडियो वायरल किया, पूरे वीडियो में विभाजन की त्रासदी का मंचन किया गया। लेकिन जब पब्लिक वार्ता ने उनसे सवाल किया था तब उन्होंने इसे पाकिस्तान का झंडा मानने से इंकार किया और समाजिक सदभाव का प्रतिक बताया था। लेकिन अब खुद दीपक पंत इसे पाकिस्तान का झंडा मानने के साथ सफाई देते हुए खेद जताया रहे है। यह भी देखिए EXCLUSIVE🔥 :स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल का जागा पाकिस्तान प्रेम! रतलाम के टाइम किड्स प्री स्कूल में नन्हीं बच्ची के हाथों लहरवाया पाकिस्तानी झंडा – PUBLIC वार्ता स्कूल संचालक दीपक पंत को झंडे में नजर आता है सामाजिक सदभाव! देखिए वीडियो👇🏻

ABVP का घेराव : टाइम किड्स स्कूल संचालक के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, मामला स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का

स्कूल संचालक ने बताया था सामाजिक सदभाव! , कल विद्यार्थी परिषद का कलेक्ट्रेट घेराव पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शहर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बच्ची के हाथों पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो स्कूल ने अपने सोशल मीडिया के एकाउंट पर डाला था। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मामले को जनता के सामने रखा। बकौल स्कूल संचालक दीपक पंत ने इसे सामाजिक सदभाव का प्रतीक बताया। लेकिन तीन दिन बाद तक जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इतने गंभीर मामले में प्रशासन के रवैय्ये को लेकर तीखी आपत्ति ली है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए वीडियो को हटा लिया गया और खेद जताकर मामले में इतिश्री कर ली। विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक सत्यम दवे ने बताया की मामला घोर निंदनीय है। खबर प्रसारित होने और वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह प्रशासन की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के अलावा अगर प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्कूल संचालक दीपक पंत पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई स्कूल के खिलाफ नहीं की तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। एडवोकेट मंथन मुसले के अनुसार इस पूरे कृत्य में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 और 196 (अ और ब) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद माना जा सकता है की यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। स्कूल व संचालक के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए। बाल आयोग को भी इसमें संज्ञान लेकर स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये कैसा कानून! : वक्फ एक्ट 1995 को खत्म करने की मांग, मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति दिलाने की अपील

देश में तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है वक्फ, जानिए क्या है वक्फ बोर्ड और उसका कानून! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने के लिए एक बड़ा आंदोलन छिड़ चुका है। रतलाम में इसके लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मुजावर सेना के संस्थापक अध्यक्ष शेर मोहम्मद शाह ने प्रेस वार्ता में वक्फ एक्ट 1995 को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह एक्ट मुजावर समाज के लोगों को प्रताड़ित और परेशान कर रहा है, जो दरगाह, खानखाहा, कब्रस्तान और पीर स्थानों पर सेवाएं देते हैं। शाह ने कहा कि मुल्क की आजादी के पहले संघर्ष में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहीद मजनू शाह मलंग के नेतृत्व में सन्यासी आन्दोलन चला था, और अब वक्फ बोर्ड द्वारा मुजावर समाज को गुलाम समझा जा रहा है। तीन मुख्य मांगें रखीं1. राजा-महाराजा और नवाबों द्वारा दरगाहों के लिए दी गई जमीनों को वक्फ बोर्ड के अधीन नहीं किया जाना चाहिए।2. वक्फ बोर्ड के जुल्मो सितम से आज़ादी दिलाने के लिये वक्फ एक्ट खत्म होना चाहिए।3. मुस्लिम कानून 1913 को ध्यान में रखते हुए वक्फ अधिनियम 1954 की जांच होनी चाहिए और वक्फ संपत्ति के स्वत्व के दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट को खत्म करने से मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति मिलेगी और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन भी नहीं होगा। गौरतलब है की वक्फ बोर्ड और इसकी संपत्ति लगातार विवादों में घिरी हुई है। भाजपा विधायक हरनाथ सिंह यादव ने पिछले साल एक निजी विधेयक पेश करके वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह एक्ट लोकतंत्र के विरुद्ध है और देश हित में इसे समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि इस बिल पर फैसला नहीं हो सका, लेकिन वक्फ बोर्ड विवादों में आ गया है। वक्फ बोर्ड के पास कानूनी तौर पर असीमित शक्तियां हैं, जिनका कथित तौर पर वह मनमाना उपयोग करता आ रहा है। आइए जानते हैं कि वक्फ बोर्ड क्या है और यह कैसे काम करता है। क्या है वक्फ का मतलब?वक्फ अरबी भाषा के वकुफा शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना. वक्फ का मतलब है ट्रस्ट-जायदाद को जन-कल्याण के लिए समर्पित करना. इस्लाम में ये एक तरह का धर्मार्थ बंदोबस्त है. वक्फ उस जायदाद को कहते हैं, जो इस्लाम को मानने वाले दान करते हैं. ये चल-अचल दोनों तरह की हो सकती है. ये दौलत वक्फ बोर्ड के तहत आती है. कौन कर सकता है डोनेशन?कोई भी वयस्क मुस्लिम व्यक्ति अपने नाम की प्रॉपर्टी वक्फ के नाम कर सकता है. वैसे वक्फ एक स्वैच्छिक कार्रवाई है, जिसके लिए कोई जबर्दस्ती नहीं. इस्लाम में दान-धर्म के लिए एक और टर्म प्रचलित है, जकात। ये हैसियतमंद मुसलमानों के लिए अनिवार्य है। आमदनी से पूरे साल में जो बचत होती है, उसका 2.5 फीसदी हिस्सा किसी  जरूरतमंद को दिया जाता है, जिसे जकात कहते हैं। वक्फ बोर्ड कैसे बनता और काम करता है?वक्फ के पास काफी संपत्ति है, जिसका रखरखाव ठीक से हो सके और धर्मार्थ ही काम आए, इसके लिए स्थानीय से लेकर बड़े स्तर पर कई बॉडीज हैं, जिन्हें वक्फ बोर्ड कहते हैं. तकरीबन हर स्टेट में सुन्नी और शिया वक्फ हैं. इनका काम उस संपत्ति की देखभाल, और उसकी आय का सही इस्तेमाल है. इस संपत्ति से गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना, मस्जिद या अन्य धार्मिक संस्थान को बनाए रखना, शिक्षा की व्यवस्था करना और अन्य धर्म के कार्यों के लिए पैसे देने संबंधी चीजें शामिल हैं. सेंटर ने वक्फ बोर्डों के साथ तालमेल के लिए सेंटर वक्फ काउंसिल बनाया हुआ है. वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में कुल 30 वक्फ बोर्ड्स हैं. इनके हेडक्वार्टर ज्यादातर राजधानियों में हैं, क्या है वक्फ कानून?साल 1954 में नेहरू सरकार के समय वक्फ अधिनियम पारित किया गया, जिसके बाद इसका सेंट्रलाइजेशन हुआ. वक्फ एक्ट 1954 इस संपत्ति के रखरखाव का काम करता. इसके बाद से कई बार इसमें संशोधन होता गया. कौन-कौन शामिल बोर्ड में?बोर्ड में सर्वे कमिश्नर होता है, जो संपत्तियों का लेखा-जोखा रखता है. इसके अलावा इसमें मुस्लिम विधायक, मुस्लिम सांसद, मुस्लिम आइएएस अधिकारी, मुस्लिम टाउन प्लानर, मुस्लिम अधिवक्ता और मुस्लिम बुद्धिजीवी जैसे लोग शामिल होते हैं. वक्फ ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक अधिकारी होते हैं. ट्रिब्यूनल में कौन शामिल होंगे, इसका फैसला राज्य सरकार करती है. अक्सर राज्य सरकारों की कोशिश यही होती है कि वक्त बोर्ड का गठन ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों से हो. विवाद क्यों होता रहा?आरोप है कि सरकार ने बोर्ड को असीमित ताकत दे दी। वक्फ संपत्तियों को विशेष दर्जा दिया गया है, जो किसी ट्रस्ट आदि से ऊपर है। वक्फ बोर्ड को अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी संपत्ति के बारे में यह जांच कर सकता है कि वह वक्फ की संपत्ति है या नहीं। अगर बोर्ड किसी संपत्ति को अपना कहते हुए दावा कर दे तो इसके उलट साबित करना काफी मुश्किल हो सकता है। वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि इसके फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती। भाजपा के नेता हरनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में वहां के स्टेट वक्फ बोर्ड ने तिरुचिरापल्ल जिले के एक पूरे गांव पर ही मालिकाना हक जता दिया था। महाराष्ट्र के सोलापुर में भी कुछ ऐसा केस आ चुका। उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर संपत्तियों पर दावा जताया था, जिसके बाद योगी सरकार ने आदेश जारी कि वक्फ की सारी संपत्ति की जांच होगी।ये बात साल 2022 की है. लेकिन सर्वे के नतीजे सामने नहीं आ सके कितनी संपत्ति बोर्ड के पास?वक्फ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में करीब 8 लाख 55 हजार से ज्यादा संपत्तियां ऐसी हैं जो वक्फ की हैं।सेना और रेलवे के बाद देश में संपत्ति के मामले में वक्फ तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति है।यूपी में सुन्नी बोर्ड के पास कुल 2 लाख 10 हजार 239 संपत्तियां हैं, जबकि शिया बोर्ड के पास 15 हजार 386 संपत्तियां हैं।हर साल हजारों व्यक्तियों द्वारा बोर्ड को वक्फ के रूप में संपत्ति की जाती है, जिससे इसकी … Read more

गुर्जर समाज युवा ईकाई द्वारा निकाली गई कावड़ यात्रा, सालाखेड़ी में हुआ समापन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सावन माह में चहुंओर से प्राचीन शिवालयों पर पहुंचकर भक्त पवित्र नदियों का कावड़ में जल भरकर अभिषेक करने पहुंच रहे हैं। श्री गुर्जर समाज युवा इकाई की ओर से भगवान देवनारायण मंदिर धभाईजी का वास से कावड़ यात्रा की शुरुआत की गई। इसमें कई महिला, पुरुष एवं बच्चों ने कावड़ उठाकर प्रमुख मार्गो से होते हुए बगदेश्वर महादेव, पंचेश्वर महादेव, इंद्रेश्वर महादेव आदि पांच भोलेनाथ के मंदिरों पर जलाभिषेक किया। कावड़ यात्रा सालाखेड़ी स्थित श्री देवनारायण मंदिर पर पहुंची। जहां समापन हुआ। इस मौके पर कावड़ में शामिल भक्तों ने भजन कीर्तन किए। यात्रा में इकाई अध्यक्ष मुरलीधर गुर्जर, राधेश्याम गुर्जर, माधव गुर्जर, प्रथमेश गुर्जर, पर्व गुर्जर, मयंक गुर्जर, हेमकांत जोशी, लोकेंद्र सिंह चावड़ा, महिला इकाई प्रमुख दीपिका गुर्जर, संगीता गुर्जर, लक्ष्मी गुर्जर, ज्योति गुर्जर आदि बड़ी संया में महिला कावड़ यात्री शामिल रहे।

होटल पर दबिश! : रईसजादों की अय्याशी का अड्डा बना समता सागर पैलेस, 9 जुआरियों से 1 लाख 40 हजार से अधिक जब्त

होटल संचालक पुलिस कार्रवाई से कोसों दूर, घनघनाने लगे थाने के फोन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। महू रोड स्थित शहर की नामचीन होटल समता सागर पैलेस पर देर रात एसपी राहुल लोढा की टीम ने छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया। होटल के कमरा नं 336 में लाखों रुपये की हार – जीत की जा रही थी। सूत्रों की माने तो होटल समता सागर में जुआ लंबे समय से संचालित होते आ रहा है। इसके अलावा भी यह होटल अन्य गतिविधियों के चलते चौराहों की सुर्खियों में बना रहता है। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत आने वाले इस होटल में शहर के रईसजादों की अय्याशियों के किस्से अक्सर सुनाई देते रहते है। शहर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों के लोग भी ताश पत्तियों पर हाथ आजमाने यहां चले आते है। होटल संचालक अतुल बाफना से पब्लिक वार्ता ने संपर्क कर होटल में जुआ संचालित करने व पुलिस दबिश संबंधी सवाल पूछा तो उन्होंने पुलिस दबिश व ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। पूरे मामले में अब तक समता सागर होटल संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एएसआई लोकेंद्रसिंह बेंस ने बताया की मामले में आगे जांच कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान होटल संचालक की संलिप्तता अगर पाई जाती है, तो जरूर कार्रवाई करेंगे। जानकारी के अनुसार देर रात करीब 12 बजे एसपी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर होटल में जुआ संचालित होने पर दबिश दी। मौके से पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 लाख 40 हजार 120 रूपये और ताश पत्ते जब्त किए। गिरफ्तार हुए कई आरोपी शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी परिवारों से जुड़े है। पुलिस ने मौके से आरोपी गौरव पिता सुरेशचंद्र परमार निवासी गोपाल गौशाला, कासिम पिता आबीद रंगवाला निवासी बोहरा बाखल, आशीष पिता रामनाथ शिवहरे निवासी कस्तूरबा नगर, आनंद पिता मांगीलाल सोनी निवासी भोलेनाथ मंदिर के पास चांदनी चौक, इरफान पिता यूसुफ खान निवासी नाहरपुरा गली नं1, मनजीत पिता आजाद जैन निवासी त्रिपोलिया गेट, अंकित पिता शांतिलाल जैन निवासी धानमंडी, आकाश पिता जगदीश रावत निवासी आमलिया भेरू काटजू नगर, एवं आशीष पिता मनोहरलाल जैन निवासी मोहन टाकीज को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 1 लाख 40 हजार 120 रुपए की नगदी सहित ताशपत्ते बरामद किए है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। देर रात आरोपियों के थाने पहुंचते ही थाने से उनको छुड़वाने के प्रयास तेज हो गए। पुलिस अधिकारियों के फोन भी तेजी से घनघनाने लगे, वहीं कई तो अपने चहितों के लिए थाने तक भी आ गए। गौरतलब है की इस होटल से एसपी कार्यालय की दूरी महज 300 से 400 मीटर है।

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