Instagram DM Privacy Update: 8 मई से हटेगा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, प्राइवेट मैसेज पर बढ़ेगी निगरानी?

Instagram DM Privacy Update: Instagram ने डायरेक्ट मैसेज से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाने का फैसला लिया है। 8 मई 2026 से लागू होने वाले इस अपडेट के बाद प्राइवेट चैट की सुरक्षा पर सवाल उठ सकते हैं। जानिए पूरा मामला। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Instagram DM Privacy Update: दुनिया के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक Instagram के करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने डायरेक्ट मैसेज (DM) से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर को हटाने जा रही है। यह बदलाव 8 मई 2026 से लागू होगा। इस अपडेट के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज पहले की तरह पूरी तरह प्राइवेट नहीं रहेंगे। यानी तकनीकी रूप से कंपनी चाहे तो यूजर्स के मैसेज को एक्सेस कर सकती है। 2023 में शुरू हुआ था एन्क्रिप्टेड चैट फीचर रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्टाग्राम ने दिसंबर 2023 में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर की शुरुआत की थी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी बातचीत को सिर्फ मैसेज भेजने वाला और रिसीव करने वाला ही पढ़ सके। लेकिन अब इस फीचर को हटाने के बाद यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा समाप्त हो जाएगी। यूजर्स अपनी चैट और मीडिया डाउनलोड कर सकते हैं इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta Platforms ने कहा है कि एन्क्रिप्शन बंद होने से पहले यूजर्स अपनी मौजूदा चैट और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकते हैं। आखिर Meta ने यह फैसला क्यों लिया? हालांकि Meta ने आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे ऑनलाइन सुरक्षा और सरकारी नियमों का दबाव हो सकता है। दुनिया के कई देशों की सरकारें एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियम लागू करने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि एन्क्रिप्टेड चैट्स के जरिए बच्चों के शोषण या गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़ा कंटेंट ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। नए नियमों का भी असर यूरोपियन यूनियन का प्रस्तावित EU Chat Control Regulation और ब्रिटेन का Online Safety Act 2023 सोशल मीडिया कंपनियों को संदिग्ध और अवैध कंटेंट को स्कैन करने और हटाने के लिए बाध्य करता है। ऐसे में एन्क्रिप्शन हटाने से Meta के लिए इन नियमों का पालन करना आसान हो सकता है। क्या WhatsApp और Messenger पर भी पड़ेगा असर? इस फैसले के बाद यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे WhatsApp और Facebook Messenger पर भी भविष्य में ऐसे बदलाव हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल कंपनी ने इन ऐप्स के एन्क्रिप्शन को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की है।

Mobile Data: क्या मोबाइल डेटा होगा महंगा? हर 1GB पर लग सकता है ₹1 टैक्स, जानिए क्या है मामला

Mobile Data भारत में मोबाइल डेटा महंगा हो सकता है। सरकार हर 1GB डेटा पर ₹1 टैक्स लगाने के प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है। जानिए पूरा मामला और यूजर्स पर इसका कितना असर पड़ेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Mobile Data: भारत में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए आने वाले समय में डेटा महंगा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार मोबाइल डेटा उपयोग पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की संभावना का अध्ययन कर रही है। इसके लिए दूरसंचार विभाग (DoT) को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी एक समीक्षा बैठक के दौरान मोबाइल डेटा पर टैक्स लगाने का मुद्दा सामने आया था। इसके बाद सरकार ने दूरसंचार विभाग से यह जांच करने को कहा कि क्या मोबाइल डेटा इस्तेमाल पर नया टैक्स लगाया जा सकता है और यदि लगाया जाए तो उसका ढांचा कैसा होगा। हर 1GB डेटा पर लग सकता है ₹1 टैक्स रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार जिन विकल्पों पर विचार कर रही है, उनमें मोबाइल डेटा उपयोग पर प्रति 1GB लगभग ₹1 का अतिरिक्त टैक्स लगाने का प्रस्ताव शामिल है। अगर यह मॉडल लागू किया जाता है, तो जब भी कोई यूजर मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करेगा, उसे मौजूदा चार्ज के अलावा यह अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि इस तरह का टैक्स लागू होता है तो सरकार को इससे हर साल करीब ₹22,900 करोड़ तक की अतिरिक्त आय हो सकती है। पहले से लग रहा है 18% GST गौरतलब है कि भारत में मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर पहले से ही 18% जीएसटी लगाया जाता है। यानी यूजर्स टेलीकॉम सेवाओं पर पहले ही टैक्स दे रहे हैं। ऐसे में यदि मोबाइल डेटा उपयोग पर अलग से टैक्स लागू होता है, तो यह मौजूदा टैक्स के अलावा अतिरिक्त शुल्क होगा। भारत में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत उन देशों में शामिल है जहां मोबाइल इंटरनेट की कीमत दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी कम है। कम कीमतों के कारण देश में वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसके चलते डेटा की खपत भी लगातार बढ़ रही है। अभी नहीं हुई कोई आधिकारिक घोषणा हालांकि, इस मामले में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सरकार ने दूरसंचार विभाग को इस प्रस्ताव के फायदे और नुकसान का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

LPG crisis India: LPG संकट का असर इंटरनेट पर? गैस की किल्लत से मोबाइल नेटवर्क ठप होने की आशंका

LPG crisis India: अमेरिका-ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत में LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है। टेलीकॉम कंपनियों ने चेतावनी दी है कि अगर संकट लंबा चला तो मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG crisis India: अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दिखने लगा है। इस तनाव के कारण भारत में एलपीजी (LPG) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ सकता है। टेलीकॉम टावरों के संचालन पर बढ़ सकता है असर दरअसल, कई जगह टेलीकॉम टावरों और डेटा सेंटरों के बैकअप जनरेटर के लिए एलपीजी का इस्तेमाल किया जाता है। यदि गैस की आपूर्ति बाधित होती है तो टेलीकॉम कंपनियों को संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि कंपनियों के पास बिजली और अन्य ईंधन के विकल्प मौजूद होते हैं, लेकिन लंबे समय तक एलपीजी की कमी रहने पर संचालन लागत बढ़ सकती है और कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या भी सामने आ सकती है। DIPA ने सरकार को दी चेतावनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) के अनुसार, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद तेल कंपनियों ने टेलीकॉम टावर निर्माण से जुड़ी कुछ इकाइयों को एलपीजी की आपूर्ति रोक दी है।हालांकि फिलहाल देश में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन स्थिति लंबी चली तो समस्या बढ़ सकती है। टेलीकॉम टावर निर्माण भी हो सकता है प्रभावित टेलीकॉम टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों में गैल्वनाइजेशन प्लांट में जिंक को पिघली हुई अवस्था में बनाए रखने के लिए लगातार ईंधन की जरूरत होती है।कुछ कंपनियों ने फिलहाल कम लौ पर प्लांट चलाने का विकल्प अपनाया है, लेकिन यदि एलपीजी की कमी जारी रही तो उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। इससे नए टेलीकॉम टावरों के निर्माण में देरी हो सकती है और नेटवर्क विस्तार की गति धीमी पड़ सकती है। क्यों जरूरी है मजबूत टेलीकॉम नेटवर्क आज के दौर में टेलीकॉम नेटवर्क केवल कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं है। 5G नेटवर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशन, आपातकालीन सेवाएं, डिजिटल भुगतान, सरकारी ऑनलाइन सेवाएं और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं पूरी तरह इस नेटवर्क पर निर्भर करती हैं। ऐसे में इसकी निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है। सरकार से की गई अहम मांग DIPA ने दूरसंचार विभाग से मांग की है कि टेलीकॉम टावर निर्माण इकाइयों को एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध से छूट दी जाए। साथ ही टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कीमतों में उछाल और सप्लाई संकट की स्थिति बन सकती है।

Flight Ticket Refund: फ्लाइट यात्रियों के लिए बड़ी राहत: अब 48 घंटे में फ्री कैंसिलेशन

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Flight Ticket Refund: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। देश की नागरिक उड्डयन नियामक संस्था DGCA ने फ्लाइट टिकट रिफंड और संशोधन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब यात्री टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर बिना किसी पेनाल्टी के उसे कैंसिल या मॉडिफाई कर सकेंगे। इन बदलावों का मकसद यात्रियों की शिकायतों को कम करना और एयरलाइन सेवाओं को अधिक “पैसेंजर फ्रेंडली” बनाना है।  48 घंटे का “लुक-इन ऑप्शन” क्या है? नए नियमों के अनुसार: हालांकि यह सुविधा कुछ शर्तों के साथ लागू होगी: नाम में गलती सुधारना अब फ्री यात्रियों के लिए एक और राहत: रिफंड कितने दिन में मिलेगा? DGCA के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक: मेडिकल इमरजेंसी में भी राहत नए नियमों में मेडिकल इमरजेंसी को भी शामिल किया गया है: क्यों बदले गए नियम? हाल के समय में एयरलाइंस के खिलाफ रिफंड में देरी की शिकायतें तेजी से बढ़ी थीं। इससे पहले IndiGo से जुड़े रिफंड विवादों के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए थे। भारत बना दुनिया का तेजी से बढ़ता एविएशन मार्केट साल 2025 में भारतीय एयरलाइनों ने 16.69 करोड़ यात्रियों को यात्रा करवाई, जिससे भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में शामिल हो गया है। यात्रियों के लिए क्या मतलब? नए नियमों से यात्रियों को ये फायदे मिलेंगे:

Golu Devta Temple: चितई गोलू देवता मंदिर: चिट्ठी लिखते ही मिलता न्याय, घंटियों से गूंजती आस्था की अद्भुत परंपरा

चितई (अल्मोड़ा/उत्तराखंड)- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Golu Devta Temple: देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड अपने अनोखे धार्मिक स्थलों और मान्यताओं के लिए जानी जाती है। इन्हीं में से एक है चितई गोलू देवता मंदिर, जहां श्रद्धालु न्याय की उम्मीद लेकर चिट्ठियां लिखते हैं और मान्यता है कि यहां की अर्जी खाली नहीं लौटती। न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध अल्मोड़ा जिले में स्थित यह मंदिर भगवान गोलू देवता को समर्पित है, जिन्हें स्थानीय लोग “न्याय के देवता” के रूप में पूजते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने और अर्जी लगाने से व्यक्ति को न्याय मिलता है और उसकी मनोकामना पूरी होती है। कहा जाता है कि गोलू देवता भगवान भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं और कुमाऊं क्षेत्र में उन्हें राजा का दर्जा भी प्राप्त है। चिट्ठियों और घंटियों की अनोखी परंपरा इस मंदिर की सबसे खास परंपरा है—चिट्ठी लिखना। श्रद्धालु अपनी समस्या, प्रार्थना या न्याय की मांग को कागज पर लिखकर मंदिर में अर्जी के रूप में चढ़ाते हैं। कई लोग स्टांप पेपर पर भी अपनी अर्जी लिखते हैं। जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो भक्त मंदिर में घंटी चढ़ाते हैं। यही कारण है कि मंदिर परिसर में हजारों-लाखों घंटियां टंगी दिखाई देती हैं, जो आस्था और विश्वास की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। ऐसी है गोलू देवता की मूर्ति मंदिर में स्थापित गोलू देवता की प्रतिमा सफेद रंग की है और वे घोड़े पर सवार हैं। प्रतिमा में देवता पगड़ी धारण किए हुए हैं और उनके हाथ में धनुष-बाण है, जो न्याय और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु चितई गोलू देवता मंदिर की ख्याति देशभर में फैली हुई है। उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं के साथ न्याय की गुहार लगाते हैं। Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित है। इसे अंतिम सत्य न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें।

Toll Plaza: टोल प्लाजा के गंदे टॉयलेट की फोटो भेजें, FASTag में पाएं 1000 रुपये का इनाम

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Toll Plaza: लंबी दूरी की यात्रा के दौरान टोल प्लाजा पर रुकना आम बात है, लेकिन वहां के गंदे और अस्वच्छ टॉयलेट यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए National Highways Authority of India (NHAI) ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका नाम है ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’। इस पहल का उद्देश्य हाईवे पर साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर बनाना और यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। क्या है ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’? इस योजना के तहत यदि कोई यात्री किसी टोल प्लाजा पर गंदा टॉयलेट देखता है, तो वह उसकी फोटो खींचकर शिकायत दर्ज करा सकता है।यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता को 1,000 रुपये का रिचार्ज सीधे उसके FASTag खाते में दिया जाएगा। कैसे करें शिकायत? शिकायत दर्ज करने के लिए आपको NHAI का आधिकारिक ऐप राजमार्ग यात्रा (Rajmarg Yatra App) डाउनलोड करना होगा। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: यह जानकारी शिकायत की जांच और ट्रैकिंग के लिए जरूरी है। शिकायत के बाद क्या होगा? योजना का उद्देश्य इस पहल का मकसद सिर्फ इनाम देना नहीं, बल्कि: कब तक मिलेगी यह सुविधा? यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।यानी इस तारीख तक आप गंदे टॉयलेट की फोटो भेजकर इनाम पाने का मौका ले सकते हैं। यात्रियों के लिए खास सलाह अगर आप हाईवे पर यात्रा कर रहे हैं और किसी टोल प्लाजा पर गंदगी देखते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें।एक फोटो लेकर शिकायत दर्ज करें और स्वच्छता अभियान में अपना योगदान दें – साथ ही 1000 रुपये का फायदा भी पाएं।

Chat Gpt: अब एक साल तक फ्री में लें ChatGPT Go! जानिए पूरा आसान तरीका

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Chat Gpt: अगर आप ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। OpenAI ने ChatGPT Go सब्सक्रिप्शन अब सभी यूजर्स के लिए एक साल तक बिल्कुल फ्री कर दिया है। पहले इस प्लान की कीमत ₹399 प्रति माह यानी करीब ₹4,788 सालाना थी, लेकिन अब इसे बिना किसी चार्ज के एक्टिवेट किया जा सकता है। ChatGPT Go फ्री में कैसे एक्टिवेट करें? (Step-by-Step गाइड) 1. अपने मोबाइल/लैपटॉप में ChatGPT की वेबसाइट या ऐप ओपन करें। 2. ChatGPT अकाउंट में लॉगिन करें (Google ID से भी कर सकते हैं)। 3. ऊपर दिए गए प्रोफाइल आइकन पर टैप करें। 4. Upgrade your plan  ऑप्शन को सेलेक्ट करें। 5. अब ChatGPT Go प्लान चुनकर एक्टिवेट करें। 6. स्क्रीन पर दिख रहे इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो करें। 7. बस! आपका ChatGPT Go प्लान एक साल तक फ्री के लिए ऑन हो जाएगा। ChatGPT Go सब्सक्रिप्शन से क्या फायदे मिलेंगे? * GPT-5 मॉडल का एक्सटेंडेड एक्सेस  जिससे बेहतर और एडवांस जवाब मिलते हैं। * लंबे प्रॉम्प्ट्स और बड़े रिस्पॉन्सेस टाइप करने की सुविधा। * इमेज जनरेशन और फाइल एनालिसिस  जैसे खास क्रिएटिव टूल्स का इस्तेमाल। * Python-बेस्ड डेटा एनालिसिस टूल्स, जो प्रोफेशनल और एडवांस यूजर्स के लिए बेहद उपयोगी हैं। * पर्सनलाइज्ड मेमोरी फीचर, जो आपकी चैट हिस्ट्री याद रखकर बेहतर जवाब देता है। * सबसे बड़ी बात – ये सब फिलहाल पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।

Toll Tax Rule Change: 3000 रुपये में सालभर टोल फ्री! जानिए 200 ट्रिप का असली मतलब और आपके लिए कितना फायदेमंद है ये पास

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Toll Tax Rule Change: अगर आप रोजाना या अक्सर हाईवे से यात्रा करते हैं तो केंद्र सरकार की नई फास्टैग स्कीम आपके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक नई योजना की घोषणा की है, जिसके तहत अब सिर्फ ₹3000 में सालभर या 200 टोल ट्रिप (जो पहले हो) बिल्कुल फ्री में कर सकते हैं। लेकिन इस स्कीम को समझे बिना इसका फायदा उठाना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि “200 ट्रिप” का मतलब हर किसी की समझ में नहीं आ रहा। 200 ट्रिप का मतलब क्या है? बहुत से लोग सोचते हैं कि दिल्ली से लखनऊ जाना और वापस आना कुल मिलाकर 2 ट्रिप मानी जाएंगी। लेकिन असल में यह गिनती टोल प्लाजा के हिसाब से की जाएगी, न कि दूरी या यात्रा की संख्या से। उदाहरण के लिए, अगर आप दिल्ली से जयपुर जाते हैं और इस रूट में 7 टोल प्लाजा आते हैं, तो इन 7 टोल से गुजरना 7 ट्रिप माना जाएगा। वापस लौटने पर फिर वही 7 टोल पार करने होंगे, तो कुल 14 ट्रिप मानी जाएंगी। यानी 200 ट्रिप में से 14 ट्रिप घट जाएंगी और आपके पास सिर्फ 186 ट्रिप बचेंगी। किसे मिलेगा फायदा? किन रूट्स पर लागू नहीं होगी ये सुविधा? यह योजना सिर्फ NHAI (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अंतर्गत आने वाले टोल प्लाजा पर ही लागू होगी।यमुना एक्सप्रेसवे (दिल्ली-आगरा) और आगरा-लखनऊ ताज एक्सप्रेसवे जैसे प्राइवेट टोल पर यह स्कीम लागू नहीं होगी। इन पर पहले की तरह टोल भरना होगा। ट्रक-बस वालों को नहीं मिलेगा फायदा यह सालाना पास सिर्फ निजी वाहनों जैसे कार, जीप, वैन के लिए ही है। ट्रक, बस और कमर्शियल गाड़ियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। कैसे मिलेगा पास? क्या होगा अगर 200 ट्रिप से ज्यादा हो जाएं? जैसे ही 200 ट्रिप पूरी हो जाएंगी, फास्टैग ऑटोमैटिक तरीके से सामान्य मोड में आ जाएगा और हर टोल पर पुराने नियमों के अनुसार भुगतान करना होगा। यानी सावधानी जरूरी है कि 200 ट्रिप की लिमिट पर नज़र रखें।

Operation Sindoor Live: भारत-पाकिस्तान युद्ध लाइव: ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत का पलटवार, अंबाला ब्लैकआउट, चंडीगढ़ और जैसलमेर में अलर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Operation Sindoor Live: भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया है। शुक्रवार रात से अंबाला, चंडीगढ़, पठानकोट, जैसलमेर और उरी जैसे सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट है। अंबाला एयरबेस पर संभावित हमले के चलते रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक ब्लैकआउट के आदेश दिए गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हाईलेवल मीटिंग जारी है, जिसमें एनएसए अजीत डोभाल, बीएसएफ और सीआईएसएफ के डीजी शामिल हैं। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों और सीडीएस अनिल चौहान के साथ बैठक की है। भारत ने पाकिस्तान के पंजाब स्थित ओकारा जिले में ड्रोन से हमला किया है, जबकि जम्मू-कश्मीर के सांबा में 7 पाकिस्तानी घुसपैठियों को बीएसएफ ने ढेर कर दिया। भारत की एयर डिफेंस ने 45 से ज्यादा पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए हैं। चंडीगढ़ एयरबेस पर ड्रोन अटैक का सायरन बजा, लोगों को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है। राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर सरकारों ने सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। बीसीसीआई ने सुरक्षा कारणों से आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। पाकिस्तान के मिसाइल हमलों में पंजाब के होशियारपुर और पठानकोट में मिसाइल के टुकड़े मिले हैं, जबकि जैसलमेर में एक जिंदा बम बरामद हुआ है। भारतीय वायुसेना ने CUAS, पेचोरा और शिल्का जैसे सिस्टम से जवाबी कार्रवाई की। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले पर पाकिस्तान के साथ किसी भी संयुक्त जांच से इनकार कर दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने साफ किया कि पाकिस्तान की जांच प्रणाली पर भारत को कोई भरोसा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका के पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन ने पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक देश घोषित करने की मांग की है।

US Tariff on India Live: अमेरिका ने भारत पर लगाया 26% टैरिफ, ट्रंप बोले – भारत हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। US Tariff on India Live: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार में उचित व्यवहार नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर 52 प्रतिशत तक टैरिफ लगाता है, जबकि अमेरिका अब केवल 26 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है। ट्रंप ने कहा कि वे इसे और अधिक बढ़ा सकते थे, लेकिन कई देशों के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसा नहीं किया गया। किन देशों पर लगा टैरिफ ट्रंप सरकार ने भारत के अलावा कई अन्य देशों पर भी टैरिफ बढ़ाया है। प्रमुख देशों पर लगने वाला नया टैरिफ इस प्रकार है चीन 34 प्रतिशतवियतनाम 46 प्रतिशतताइवान 32 प्रतिशतयूरोपीय यूनियन 20 प्रतिशतसाउथ कोरिया 25 प्रतिशतजापान 24 प्रतिशत कुल मिलाकर, अमेरिका ने लगभग 60 देशों पर उनके द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ की तुलना में आधा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। 5 अप्रैल से लागू होगा न्यूनतम 10 प्रतिशत टैरिफ डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार देर रात एक और अहम फैसला लिया, जिसके तहत अब अमेरिका में दूसरे देशों से आने वाले सभी उत्पादों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। यह टैरिफ 5 अप्रैल से लागू होगा, जबकि रेसिप्रोकल टैरिफ नीति के तहत नए टैरिफ 9 अप्रैल से प्रभावी होंगे। भारत अमेरिका संबंधों पर असर अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में कड़वाहट बढ़ सकती है। भारत पहले ही कई अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लगाता है, और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या भारत इस टैरिफ के खिलाफ कोई कदम उठाएगा लेटेस्ट अपडेट के लिए जुड़े रहें।