AI Chatbots आपकी सोच और आदतों तक पढ़ रहे हैं? जानिए कितना जानते हैं आपके बारे में और कैसे रखें अपनी प्राइवेसी सुरक्षित

AI Chatbots आपकी बातचीत से आपकी आदतों, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और व्यक्तित्व का अनुमान लगा सकते हैं। जानिए ChatGPT और Gemini की मेमोरी कैसे बंद करें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। AI Chatbots: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट्स अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। नौकरी, पढ़ाई, स्वास्थ्य, यात्रा, खरीदारी और ऑफिस के काम से जुड़े सवालों के लिए करोड़ों लोग ChatGPT, Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन जितनी तेजी से इनका उपयोग बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने इस बहस को और तेज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI चैटबॉट्स केवल आपके सवालों का जवाब नहीं देते, बल्कि समय के साथ आपकी बातचीत से आपके बारे में कई ऐसे अनुमान भी लगा लेते हैं, जो आपने कभी सीधे तौर पर उन्हें नहीं बताए होते। विशेषज्ञों का मानना है कि AI की मेमोरी और पर्सनलाइजेशन सुविधाएं उपयोगकर्ता को बेहतर अनुभव देती हैं, लेकिन यदि इन्हें समझदारी से इस्तेमाल न किया जाए तो यह आपकी निजी जानकारी से जुड़े जोखिम भी बढ़ा सकती हैं। AI Chatbots आपकी कौन-कौन सी बातें समझ सकते हैं? एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क टाइम्स के एक पत्रकार ने ChatGPT और Gemini से पूछा कि वे उसके बारे में क्या जानते हैं। जवाब में चैटबॉट्स ने उसकी पुरानी बातचीत के आधार पर कई ऐसे अनुमान बताए जो उसने कभी सीधे साझा नहीं किए थे। इनमें शामिल थे— यानी, AI केवल आपके शब्दों को नहीं पढ़ता बल्कि बातचीत के पैटर्न को भी समझने की कोशिश करता है। किन जानकारियों का अनुमान लगा सकते हैं AI Chatbots? 1. आर्थिक स्थिति अगर आप अक्सर किसी महंगी कार, गैजेट, निवेश या खरीदारी से जुड़े सवाल पूछते हैं तो AI आपकी संभावित आय या आर्थिक स्थिति का अनुमान लगा सकता है। 2. स्वास्थ्य संबंधी जानकारी बार-बार किसी बीमारी, दवा या इलाज से जुड़े सवाल पूछने पर AI यह समझ सकता है कि आपको किस तरह की स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। 3. व्यक्तित्व और व्यवहार आप सवाल किस तरह पूछते हैं, कितनी बार जानकारी दोबारा मांगते हैं या किस तरह निर्णय लेते हैं—इन सबके आधार पर AI आपके व्यक्तित्व के बारे में अनुमान लगा सकता है। 4. जीवनशैली यात्रा, खानपान, काम करने के तरीके और रोजमर्रा की आदतों से जुड़े सवाल आपकी लाइफस्टाइल का संकेत दे सकते हैं। ChatGPT और Gemini में मेमोरी कैसे बंद करें? यदि आप नहीं चाहते कि AI भविष्य की बातचीत के लिए आपकी जानकारी याद रखे, तो यह विकल्प बंद किया जा सकता है। ChatGPT में इसके बाद ChatGPT नई बातचीत के लिए आपकी जानकारी याद नहीं रखेगा। Gemini में ऐसा करने पर Gemini आपकी बातचीत के आधार पर व्यक्तिगत जानकारी सहेजना और उसका उपयोग करना बंद कर देगा। इन सवालों से जान सकते हैं AI आपके बारे में क्या समझता है अगर आप यह जानना चाहते हैं कि AI ने आपकी बातचीत से क्या निष्कर्ष निकाले हैं, तो ये प्रश्न उपयोगी हो सकते हैं। AI इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां

Instagram DM Privacy Update: 8 मई से हटेगा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, प्राइवेट मैसेज पर बढ़ेगी निगरानी?

Instagram DM Privacy Update: Instagram ने डायरेक्ट मैसेज से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाने का फैसला लिया है। 8 मई 2026 से लागू होने वाले इस अपडेट के बाद प्राइवेट चैट की सुरक्षा पर सवाल उठ सकते हैं। जानिए पूरा मामला। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Instagram DM Privacy Update: दुनिया के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक Instagram के करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने डायरेक्ट मैसेज (DM) से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर को हटाने जा रही है। यह बदलाव 8 मई 2026 से लागू होगा। इस अपडेट के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज पहले की तरह पूरी तरह प्राइवेट नहीं रहेंगे। यानी तकनीकी रूप से कंपनी चाहे तो यूजर्स के मैसेज को एक्सेस कर सकती है। 2023 में शुरू हुआ था एन्क्रिप्टेड चैट फीचर रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्टाग्राम ने दिसंबर 2023 में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर की शुरुआत की थी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी बातचीत को सिर्फ मैसेज भेजने वाला और रिसीव करने वाला ही पढ़ सके। लेकिन अब इस फीचर को हटाने के बाद यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा समाप्त हो जाएगी। यूजर्स अपनी चैट और मीडिया डाउनलोड कर सकते हैं इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta Platforms ने कहा है कि एन्क्रिप्शन बंद होने से पहले यूजर्स अपनी मौजूदा चैट और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकते हैं। आखिर Meta ने यह फैसला क्यों लिया? हालांकि Meta ने आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे ऑनलाइन सुरक्षा और सरकारी नियमों का दबाव हो सकता है। दुनिया के कई देशों की सरकारें एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियम लागू करने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि एन्क्रिप्टेड चैट्स के जरिए बच्चों के शोषण या गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़ा कंटेंट ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। नए नियमों का भी असर यूरोपियन यूनियन का प्रस्तावित EU Chat Control Regulation और ब्रिटेन का Online Safety Act 2023 सोशल मीडिया कंपनियों को संदिग्ध और अवैध कंटेंट को स्कैन करने और हटाने के लिए बाध्य करता है। ऐसे में एन्क्रिप्शन हटाने से Meta के लिए इन नियमों का पालन करना आसान हो सकता है। क्या WhatsApp और Messenger पर भी पड़ेगा असर? इस फैसले के बाद यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे WhatsApp और Facebook Messenger पर भी भविष्य में ऐसे बदलाव हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल कंपनी ने इन ऐप्स के एन्क्रिप्शन को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की है।

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