UPI पेमेंट रहेगा फ्री, लेकिन दुकानदारों पर लग सकता है MDR! संसद में पेश नए बिल से क्या बदल सकता है?

संसद में पेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स संशोधन बिल 2027 के बाद UPI और डिजिटल पेमेंट पर MDR लागू करने का रास्ता खुल सकता है। जानिए ग्राहकों और कारोबारियों पर इसका क्या असर होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। संसद में पेश किए गए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) बिल, 2027 के बाद भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर शुल्क तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, सरकार भविष्य में व्यापारियों से लिए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर फैसला कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां लगातार यह मांग कर रही थीं कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए किसी न किसी रूप में राजस्व का स्रोत होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन बिल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या है नया संशोधन बिल? वित्त मंत्रालय ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (अमेंडमेंट) बिल, 2027 पेश किया है। इस बिल के जरिए सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में तय कर सके कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू होगा और किन पर नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिल पेश होने का मतलब यह नहीं है कि अभी से कोई शुल्क लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MDR क्या होता है? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह प्रोसेसिंग शुल्क होता है जिसे दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। जनवरी 2020 से सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। आम ग्राहकों पर क्या असर होगा? सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों के लिए अहम बातें कारोबारियों पर कैसे पड़ सकता है असर? यदि भविष्य में सरकार MDR लागू करती है तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुसार बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक राशि वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कितना हो सकता है MDR? अभी किसी दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, विभिन्न चर्चाओं में अनुमान लगाया जा रहा है कि— नोट: यह केवल संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय सरकार और RBI की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है? जनवरी 2020 में जीरो MDR लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज देश में हर महीने लगभग 23 अरब UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के लिए सर्वर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना किसी आय के इस व्यवस्था को लंबे समय तक चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक यदि सीमित MDR लागू होता है तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। आगे क्या होगा? अभी यह केवल संशोधन बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। आगे की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

Ratlam Murder Case: खेत में मिला किसान का खून से लथपथ शव, जमीन विवाद में हत्या की आशंका से सनसनी

Ratlam Murder Case में ताल थाना क्षेत्र के ग्राम कोठड़ी में 35 वर्षीय किसान राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू दांगी का खून से लथपथ शव खेत में मिला। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Murder Case: रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक किसान का खून से लथपथ शव खेत में पड़ा मिला। मृतक की पहचान ग्राम कोठड़ी निवासी 35 वर्षीय राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू पुत्र दुलेसिंह दांगी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। घटना का वीडियो देखे शुक्रवार दोपहर खेत पर गए थे किसान, फिर नहीं लौटे जानकारी के अनुसार राजेंद्र सिंह दांगी शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं आने पर परिवार ने अनुमान लगाया कि वह खेती के काम के चलते खेत पर ही रुक गए होंगे। लेकिन शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उनके काका के पुत्र रामेश्वर दांगी जब गाय का दूध निकालने खेत पहुंचे तो उन्होंने खेत में राजेंद्र सिंह का शव पड़ा देखा। शव के आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था और शरीर पर चोटों के कई निशान मौजूद थे। Ratlam Murder Case में पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही खारवा कला पुलिस चौकी और ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र की सघन जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि राजेंद्र सिंह का कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण परिवार हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जता रहा है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ-साथ पुरानी रंजिश और भूमि विवाद के एंगल पर भी जांच कर रही है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राजेंद्र सिंह दांगी के परिवार में पहले भी दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। उनकी पहली पत्नी सीमा का पूर्व में निधन हो चुका है, जिससे उनकी 12 वर्षीय पुत्री दिव्या है। बाद में उन्होंने भागूबाई से दूसरा विवाह किया था, जिनसे 10 वर्षीय पुत्री प्रियंका और 7 वर्षीय पुत्र यश हैं। परिवार में उनका छोटा भाई मनोहर दांगी भी है। दोनों भाइयों के हिस्से में करीब 12 बीघा कृषि भूमि और दो ट्रैक्टर हैं। क्या बोले थाना प्रभारी? ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है।”

ट्रेन में सीट नहीं मिली तो युवक ने फैलाई बम की अफवाह, रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कंप; जांच के बाद गिरफ्तार

लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना फैला दी। सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तलाशी ली, जांच में मामला फर्जी निकला। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक की हरकत से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और ट्रेन की सघन जांच शुरू कर दी गई। सीट नहीं मिलने पर फैलाई बम की अफवाह पुलिस के मुताबिक, तेलंगाना निवासी 26 वर्षीय युवक ट्रेन से सफर करने के लिए ऐशबाग रेलवे स्टेशन पहुंचा था। ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उसे सीट नहीं मिल सकी। इसी बात से नाराज होकर उसने ट्रेन में बम रखे होने की झूठी सूचना फैला दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल ट्रेन को रोककर सभी डिब्बों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। यात्रियों में मची अफरा-तफरी बम की सूचना फैलते ही यात्रियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों को एहतियात के तौर पर ट्रेन से नीचे उतारा गया। स्टेशन परिसर और ट्रेन के प्रत्येक कोच की गहन तलाशी ली गई। घंटों चली जांच के बाद भी किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रेन को सुरक्षित घोषित कर आगे के लिए रवाना कर दिया। पूछताछ में सामने आई सच्चाई जांच के दौरान पुलिस ने सूचना देने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि सीट नहीं मिलने के कारण उसने गुस्से में आकर बम की झूठी सूचना दी थी। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने दी चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बम जैसी झूठी सूचनाएं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं और आपातकालीन संसाधनों का अनावश्यक उपयोग करवाती हैं। इससे यात्रियों में भय का माहौल बनता है और प्रशासन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी केवल सत्यापित आधार पर ही संबंधित एजेंसियों को दें।

Ratlam News: रतलाम में हिंदू युवती का शोषण: जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह, 3 साल तक प्रताड़ना; गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी का आरोप

रतलाम में एक हिंदू युवती ने युवक पर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करने, दुष्कर्म, गर्भपात कराने और तीन साल तक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ कथित तौर पर तीन साल तक शारीरिक शोषण, जबरन गर्भपात, धर्म परिवर्तन और निकाह कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी समीर उर्फ मार्बल के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। नाबालिग अवस्था में शुरू हुआ संपर्क पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2023 में जब वह नाबालिग थी, तब उसके भाई के परिचित समीर ने उससे मेलजोल बढ़ाया। आरोप है कि समीर उसे बहाने से अपने घर ले गया और उसके साथ गलत काम किया। बाद में जब वह गर्भवती हुई तो आरोपी ने जबरन दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने चाकू दिखाकर उसे और उसके भाई को जान से मारने की धमकी भी दी। जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह का आरोप शिकायत में कहा गया है कि आरोपी लगातार युवती पर मुस्लिम धर्म अपनाने और निकाह करने का दबाव बनाता रहा। दूसरी बार गर्भवती होने पर उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जहां कथित रूप से उसकी इच्छा के विरुद्ध निकाह कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि निकाह के बाद उसे आरोपी के घर में परिवार से अलग-थलग रखा गया और माता-पिता से मिलने नहीं दिया गया। बच्चे के जन्म के बाद बढ़ी प्रताड़ना युवती ने बताया कि उसने एक बच्चे को जन्म दिया, जो वर्तमान में करीब नौ माह का है। बच्चे के जन्म के बाद आरोपी का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया। आरोप है कि वह आए दिन मारपीट करता था और जान से मारने की धमकियां देता था। 8 जून को कथित रूप से आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की, जिससे उसके गाल और गर्दन पर चोटें आईं। इसके बाद वह किसी तरह अपने माता-पिता के घर पहुंची। उसी दिन शाम को आरोपी द्वारा मायके पहुंचकर पत्थरबाजी करने का भी आरोप लगाया गया है। कोर्ट चौराहा पर बच्चे को छीनने की कोशिश पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 10 जून की शाम वह कोर्ट चौराहा क्षेत्र में खड़ी थी, तभी आरोपी वहां पहुंचा और उसे जबरन साथ चलने के लिए दबाव बनाने लगा। आरोप है कि उसने नौ माह के बच्चे को छीनने का भी प्रयास किया, लेकिन आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से मामला टल गया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के भाई को फोन कर कथित रूप से धमकी दी कि यदि युवती को वापस नहीं भेजा गया तो वह उसकी हत्या कर देगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी पीड़िता की शिकायत के आधार पर दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने आरोपी समीर उर्फ मार्बल के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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