Ratlam News: रतलाम में गैस सिलेंडर ब्लैक मार्केटिंग का खुलासा, 2000 रुपये में बेच रहे थे एजेंसी के ड्राइवर और हॉकर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच ब्लैक मार्केटिंग का मामला सामने आया है। प्रशासन की टीम ने शनिवार दोपहर शास्त्री नगर स्थित सिविक सेंटर पर दबिश देकर घरेलू गैस सिलेंडर को दो हजार रुपये में ब्लैक में बेचने का खुलासा किया। वीडियो देखे टीम के पहुंचते ही गैस सिलेंडर ब्लैक में बेचने वाला लोडिंग वाहन का ड्राइवर आकाश राव और हॉकर कमल मौके से फरार हो गए। इसके बाद अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालक को मौके पर बुलाकर पंचनामा बनाते हुए कार्रवाई की। शिकायत के बाद प्रशासन की कार्रवाई जानकारी के अनुसार प्रशासन को शिकायत मिली थी कि सज्जनमिल रोड स्थित अल्पा गैस सर्विस का लोडिंग वाहन सिविक सेंटर क्षेत्र में खड़ा रहता है और वहीं से बिना बुकिंग के घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन की टीम ने शास्त्री नगर के सांई मंदिर के पास सिलेंडर लेकर जा रहे ग्राहकों से पूछताछ की। ग्राहकों ने बताया कि उन्होंने दो हजार रुपये देकर सिलेंडर खरीदा है। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टोकन और ओटीपी नहीं दिखा पाए ग्राहक कार्रवाई के दौरान दो बाइक सवार सिलेंडर लेकर जाते मिले। अधिकारियों ने उनसे टोकन मांगा, लेकिन वे टोकन या ओटीपी नहीं दिखा पाए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि लोडिंग वाहन के ड्राइवर आकाश ने उन्हें 2000 रुपये में सिलेंडर दिया है। मामला खुलते ही ड्राइवर आकाश राव मौके से फरार हो गया, जबकि हॉकर कमल भी थोड़ी देर बाद वहां से भाग निकला। एजेंसी संचालक को बुलाकर बनाया पंचनामा इसके बाद अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालक अंशुल पीपाड़ा को मौके पर बुलाया। उनके आने के बाद पंचनामा तैयार किया गया और पूरी कार्रवाई दर्ज की गई। कार्रवाई में नायब तहसीलदार प्राची गायकवाड़, नायब तहसीलदार रामचंद्र पांडे और सहायक कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मुकेश चौहानशामिल रहे। सहायक आपूर्ति अधिकारी मुकेश चौहान ने बताया कि मामले में प्रतिवेदन तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को भेजा जाएगा। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई इससे पहले 11 मार्च की रात नामली में भी प्रशासन ने छापामार कार्रवाई की थी, जहां महू रोड स्थित शहजाद मंसूरी के यहां से 31 गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे और मामला दर्ज किया गया था। अधिकृत कीमत 991 रुपये, ब्लैक में 2500 तक बताया जा रहा है कि घरेलू गैस सिलेंडर की अधिकृत कीमत 991 रुपये है, लेकिन शहर में इसकी कमी का फायदा उठाकर इसे 1500 से 2500 रुपये तक ब्लैक में बेचा जा रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि गैस सिलेंडर की कमी के बीच ब्लैक मार्केटिंग का नेटवर्क सक्रिय हो गया है, जिस पर प्रशासन अब सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।

LPG crisis India: LPG संकट का असर इंटरनेट पर? गैस की किल्लत से मोबाइल नेटवर्क ठप होने की आशंका

LPG crisis India: अमेरिका-ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत में LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है। टेलीकॉम कंपनियों ने चेतावनी दी है कि अगर संकट लंबा चला तो मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG crisis India: अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दिखने लगा है। इस तनाव के कारण भारत में एलपीजी (LPG) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ सकता है। टेलीकॉम टावरों के संचालन पर बढ़ सकता है असर दरअसल, कई जगह टेलीकॉम टावरों और डेटा सेंटरों के बैकअप जनरेटर के लिए एलपीजी का इस्तेमाल किया जाता है। यदि गैस की आपूर्ति बाधित होती है तो टेलीकॉम कंपनियों को संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि कंपनियों के पास बिजली और अन्य ईंधन के विकल्प मौजूद होते हैं, लेकिन लंबे समय तक एलपीजी की कमी रहने पर संचालन लागत बढ़ सकती है और कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या भी सामने आ सकती है। DIPA ने सरकार को दी चेतावनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) के अनुसार, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद तेल कंपनियों ने टेलीकॉम टावर निर्माण से जुड़ी कुछ इकाइयों को एलपीजी की आपूर्ति रोक दी है।हालांकि फिलहाल देश में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन स्थिति लंबी चली तो समस्या बढ़ सकती है। टेलीकॉम टावर निर्माण भी हो सकता है प्रभावित टेलीकॉम टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों में गैल्वनाइजेशन प्लांट में जिंक को पिघली हुई अवस्था में बनाए रखने के लिए लगातार ईंधन की जरूरत होती है।कुछ कंपनियों ने फिलहाल कम लौ पर प्लांट चलाने का विकल्प अपनाया है, लेकिन यदि एलपीजी की कमी जारी रही तो उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। इससे नए टेलीकॉम टावरों के निर्माण में देरी हो सकती है और नेटवर्क विस्तार की गति धीमी पड़ सकती है। क्यों जरूरी है मजबूत टेलीकॉम नेटवर्क आज के दौर में टेलीकॉम नेटवर्क केवल कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं है। 5G नेटवर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशन, आपातकालीन सेवाएं, डिजिटल भुगतान, सरकारी ऑनलाइन सेवाएं और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं पूरी तरह इस नेटवर्क पर निर्भर करती हैं। ऐसे में इसकी निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है। सरकार से की गई अहम मांग DIPA ने दूरसंचार विभाग से मांग की है कि टेलीकॉम टावर निर्माण इकाइयों को एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध से छूट दी जाए। साथ ही टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कीमतों में उछाल और सप्लाई संकट की स्थिति बन सकती है।

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