MP News: MP के सरकारी स्कूलों के लिए नई सौगात, लगातार 3 साल 100% रिजल्ट पर मिलेगा ₹5 लाख का इनाम

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3 साल लगातार 100% बोर्ड रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को ₹5 लाख और प्राचार्यों को ₹1 लाख पुरस्कार देने की घोषणा की। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि जो शासकीय विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह घोषणा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में आयोजित महर्षि सांदीपनि गुरुपर्व एवं अलंकरण समारोह के दौरान की गई। इस अवसर पर प्रदेश के पहले ‘गीता भवन’ का भी लोकार्पण हुआ, जिसका निर्माण लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को सम्मानित करना सरकार की प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धा, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। 100% रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को मिलेगा 5 लाख रुपये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो सरकारी विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार होगा और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भी सुधार आएगा। राचार्यों को मिलेगा 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री ने लगातार तीन वर्षों तक उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों के लिए भी विशेष पुरस्कार की घोषणा की। ऐसे विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती पूरी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10,000 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाकर पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। ‘मिशन बुनियाद’ के तहत AI आधारित पढ़ाई प्रदेश में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मिशन बुनियाद’ की शुरुआत की घोषणा भी की। इस योजना के तहत प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों (कक्षा 9वीं से 12वीं) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना है। उज्जैन में हुआ प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जयिनी ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की ऐतिहासिक भूमि है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और महर्षि सांदीपनि की गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु और माता-पिता के महत्व को रेखांकित किया।

MP News: मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख किसानों को ₹3,300 करोड़ की बड़ी सौगात

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹3,300 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि ट्रांसफर की। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹3,300 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से किसान, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया और कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। ₹3,300 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डिजिटल सिंगल-क्लिक प्रणाली के जरिए 82 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹3,300 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। सरकार का कहना है कि यह आर्थिक सहायता किसानों को खेती से जुड़े खर्च पूरे करने और बेहतर कृषि तकनीक अपनाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “राज्य के सभी किसानों को बहुत-बहुत बधाई। हमारी सरकार हर स्थिति में आपके साथ मजबूती से खड़ी है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। कृषि प्रदर्शनी का किया निरीक्षण कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने कृषि मशीनरी, आधुनिक खेती की तकनीकों और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शकों और किसानों से बातचीत कर खेती में नवाचारों की जानकारी ली। इस दौरान खंडवा जिले के कई प्रगतिशील किसानों को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

MP News: MP e-Seva Portal: एक क्लिक पर 56 विभागों की 1700 सेवाएं, मध्यप्रदेश ने बढ़ाया डिजिटल गवर्नेंस का कदम

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप” की शुरुआत की है। यह पोर्टल नागरिकों को 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य है—सुगम, सुरक्षित और स्मार्ट शासन को हर नागरिक तक पहुंचाना। मुख्यमंत्री का विजन: Digital Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “एमपी ई-सेवा पोर्टल” नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति दिलाने वाला प्रभावी माध्यम है। अब कोई भी व्यक्ति अपनी ज़रूरत की सेवा के लिए न केवल ऑनलाइन आवेदन कर सकता है, बल्कि उसकी स्थिति को ट्रैक भी कर सकता है। क्यों खास है MP e-Seva? सुविधाएं विवरण उपलब्ध सेवाएं 1700 से भी अधिक शामिल विभाग. 56 सरकारी विभाग आवेदन प्रक्रिया. 100% ऑनलाइन पोर्टल + ऐप. दोनों माध्यम उपलब्ध लाभ समय की बचत, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार में कमी भविष्य का लक्ष्य- एआई आधारित सेवाएं और ग्राम स्तर तक पहुँच कैसे करें उपयोग?

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