MP Farmers Protest: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी पर क्यों बढ़ा विवाद, किसानों का आंदोलन किस बात को लेकर है?

MP Farmers Protest: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। जानिए सरकार मूंग की खेती को क्यों हतोत्साहित कर रही है और किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Farmers Protest: मध्य प्रदेश में एक बार फिर किसानों और सरकार के बीच मूंग खरीदी को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। राजधानी भोपाल में किसान संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। किसानों का आरोप है कि सरकार समर्थन मूल्य पर उनकी पूरी उपज नहीं खरीद रही, जबकि खेती के दौरान उन्हें भारी लागत उठानी पड़ी है। दूसरी ओर राज्य सरकार का तर्क है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती में कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। यही वजह है कि पिछले दो वर्षों से किसानों को मूंग के बजाय उड़द जैसी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके बावजूद किसानों ने बड़े पैमाने पर मूंग की खेती की, जिससे खरीदी और भंडारण की समस्या और बढ़ गई। सरकार और किसानों के बीच यही मतभेद अब आंदोलन का मुख्य कारण बन गया है। आइए जानते हैं कि पूरा विवाद आखिर क्या है और दोनों पक्षों की दलीलें क्या हैं। मूंग की खेती को लेकर सरकार की क्या दलील है? राज्य सरकार का कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती में कीटनाशकों और रासायनिक दवाओं का अधिक इस्तेमाल होता है। इससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से पिछले दो वर्षों से किसानों को मूंग की जगह उड़द की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार ने उड़द की समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीदी और प्रति क्विंटल 600 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की थी। फिर भी किसानों ने मूंग की खेती क्यों बढ़ाई? किसानों का कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग कम समय में तैयार हो जाती है और बेहतर मुनाफा देती है। यही कारण है कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 14.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की बुवाई की गई। तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार इस सीजन में लगभग 20.16 लाख टन मूंग उत्पादन होने की संभावना है। खरीदी को लेकर विवाद कैसे शुरू हुआ? भारत सरकार ने इस सीजन में 4.54 लाख टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया। राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कुल अनुमानित उत्पादन का केवल लगभग 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। किसानों का आरोप है कि सरकार ने प्रति हेक्टेयर उत्पादन का मानक बहुत कम निर्धारित किया, जिससे उनकी पूरी उपज खरीदी नहीं जा सकी। किसानों की सबसे बड़ी आपत्ति क्या है? किसानों का कहना है कि सरकार ने प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन करीब 1,419 किलोग्राम माना, जबकि वास्तविक उत्पादन 14 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है। उनका कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती में लगातार सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और कई बार कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ता है। ऐसे में लागत काफी अधिक आती है और सीमित खरीदी से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंदोलन का असर खरीदी पर भी दिखा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मूंग बेचने के लिए 3.47 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था। लेकिन विरोध के चलते केवल करीब 82 हजार किसानों ने ही अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेची। इसे किसान संगठनों ने खरीदी प्रक्रिया के विरोध का संकेत बताया है। गोदामों में पहले से पड़ा है भारी स्टॉक सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों की साढ़े तीन लाख टन से अधिक मूंग अभी भी सरकारी गोदामों में रखी हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3,000 करोड़ रुपये है। कमजोर गुणवत्ता और बाजार में सीमित मांग के कारण इस स्टॉक की बिक्री भी चुनौती बनी हुई है। यही वजह है कि सरकार अतिरिक्त खरीदी को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। किसान संगठन ने क्या कहा? राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा ने कहा कि यदि सरकार मूंग को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक मानती है तो उसमें इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों और रसायनों की बिक्री पर रोक क्यों नहीं लगाई जाती। उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार पहले किसानों को मूंग उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करती रही है, तो अब समर्थन मूल्य पर खरीदी से पीछे नहीं हटना चाहिए।

MP News: मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख किसानों को ₹3,300 करोड़ की बड़ी सौगात

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹3,300 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि ट्रांसफर की। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹3,300 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से किसान, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया और कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। ₹3,300 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डिजिटल सिंगल-क्लिक प्रणाली के जरिए 82 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹3,300 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। सरकार का कहना है कि यह आर्थिक सहायता किसानों को खेती से जुड़े खर्च पूरे करने और बेहतर कृषि तकनीक अपनाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “राज्य के सभी किसानों को बहुत-बहुत बधाई। हमारी सरकार हर स्थिति में आपके साथ मजबूती से खड़ी है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। कृषि प्रदर्शनी का किया निरीक्षण कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने कृषि मशीनरी, आधुनिक खेती की तकनीकों और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शकों और किसानों से बातचीत कर खेती में नवाचारों की जानकारी ली। इस दौरान खंडवा जिले के कई प्रगतिशील किसानों को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

MP News: पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों पर लगेगी सख्त लगाम, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होंगे केस

MP News: मध्य प्रदेश सरकार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नया सख्त कानून लाने जा रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट, संपत्ति कुर्की और AI आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में सार्वजनिक परीक्षाओं के दौरान होने वाले पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, फर्जी अभ्यर्थियों और डिजिटल माध्यम से नकल जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संबंधी नया कानून तैयार किया जा रहा है। इस प्रस्तावित कानून के तहत परीक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। केवल जेल और जुर्माना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आरोपियों की संपत्ति भी कुर्क की जा सकेगी। ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि ईमानदार अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। पेपर लीक रोकने के लिए बनेगा सख्त कानून राज्य सरकार जिस नए कानून की तैयारी कर रही है, उसमें परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों पर विशेष फोकस रहेगा। प्रस्तावित कानून के तहत निम्न मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा— इन मामलों में कठोर दंड, आर्थिक जुर्माना, संपत्ति कुर्की, त्वरित जांच और शीघ्र अभियोजन की व्यवस्था की जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई सरकार का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं बल्कि समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना भी है। इसलिए परीक्षा से जुड़े गंभीर मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का प्रस्ताव है, जिससे लंबित मामलों में तेजी से फैसला हो सके। भर्ती परीक्षाओं में होंगे बड़े बदलाव राज्य सरकार सामान्य प्रशासन विभाग, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओं के नियमों में भी बदलाव कर रही है। नियमों के प्रारूप पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की जा चुकी है और अब इन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। समान योग्यता वाले पदों के लिए होगी एक ही परीक्षा नई व्यवस्था के तहत एक जैसी पात्रता वाले पदों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। सरकार समान प्रकृति के पदों का समूह बनाएगी और वर्ष में केवल एक संयुक्त परीक्षा आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार आवेदन और परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। AI, बायोमैट्रिक और CCTV से होगी निगरानी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे ये उपाय ऑनलाइन शिकायत प्रणाली भी होगी शुरू भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक स्वतंत्र शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे, उसकी स्थिति ट्रैक कर सकेंगे और तय समय सीमा में शिकायतों का समाधान किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र जांच भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए। उनका कहना है कि परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए सख्त कानून लाना इस सुधार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- ‘एक शादी करेगा वही मध्य प्रदेश में रहेगा’, मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक शादी करने वालों को ही प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा। विधानसभा के मानसून सत्र में UCC विधेयक लाने की तैयारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान UCC पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने विवाह संबंधी नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जो एक शादी करेगा, उसी को प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा।” मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता का विधेयक पेश किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गया है। सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा? कटनी के स्लीमनाबाद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब देश में “एक देश, एक विधान और एक निशान” की व्यवस्था है तो अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून क्यों होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों पर समान कानून लागू होना चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने विवाह व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि एक शादी का नियम सभी के लिए समान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार UCC लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मानसून सत्र में पेश हो सकता है UCC विधेयक मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक लाया जाएगा। इससे पहले मंत्रिपरिषद की बैठक भोपाल के पास स्थित जगदीशपुर में आयोजित की जाएगी, जहां UCC के ड्राफ्ट को मंजूरी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। जगदीशपुर में होगी कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि भोपाल के समीप स्थित जगदीशपुर में अगली कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले इस स्थान का नाम इस्लामनगर रखा गया था, जिसे राज्य सरकार ने बदलकर पुनः जगदीशपुर कर दिया है। इसी स्थान पर UCC के मसौदे को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति देने की योजना है। UCC क्या है? समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) ऐसा कानून है जिसके तहत सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे पारिवारिक मामलों में समान नियम लागू किए जाते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

MP News: एमपी में 2026 की छुट्टियों का कैलेंडर जारी, 25 सामान्य, 19 सार्वजनिक और 63 ऐच्छिक अवकाश घोषित

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश शासन ने वर्ष 2026 के लिए शासकीय कार्यालयों, संस्थाओं, बैंकों और कोषालयों के लिए अवकाशों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित की गई है। इसमें सामान्य अवकाश, सार्वजनिक अवकाश और ऐच्छिक (आप्शनल) अवकाश की विस्तृत जानकारी दी गई है। 25 सामान्य अवकाश घोषित राज्य शासन ने वर्ष 2026 के लिए कुल 25 सामान्य अवकाश घोषित किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। साथ ही समस्त रविवार भी सामान्य अवकाश के रूप में रहेंगे। 19 सार्वजनिक अवकाश भी घोषित परक्राम्य लिखित अधिनियम, 1881 के अंतर्गत राज्य शासन ने 19 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए हैं, जिनका प्रभाव विशेष रूप से बैंकों, कोषालयों और उप-कोषालयों पर रहेगा।इनमें बैंकों की वार्षिक लेखाबंदी (1 अप्रैल), ईदुज्जुहा, मोहर्रम, मिलाद-उन-नबी, जन्माष्टमी सहित कई पर्व शामिल हैं। 63 ऐच्छिक अवकाशों की सूची राज्य शासन ने कर्मचारियों के लिए 63 ऐच्छिक (Optional) अवकाश भी घोषित किए हैं। प्रत्येक शासकीय कर्मचारी को इनमें से अपनी पसंद के केवल 3 अवकाश लेने की अनुमति होगी। ऐच्छिक अवकाशों में— रविवार को पड़ने वाले पर्वों पर अलग अवकाश नहीं राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जो पर्व रविवार को पड़ रहे हैं, उनके लिए अलग से अवकाश घोषित नहीं किया गया है। इनमें— राज्यपाल के नाम से जारी अधिसूचना यह अधिसूचना मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से एवं आदेशानुसार अपर सचिव सुभाष कुमार द्विवेदी द्वारा जारी की गई है। नोट: यह अवकाश सूची वर्ष 2026 में प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और संबंधित विभागों पर लागू होगी।

MP News: मंत्री विजय शाह के बयान पर महिला कांग्रेस का फूटा गुस्सा, इस्तीफे की मांग,भारत माता के चरणों में रखा ज्ञापन, पोस्टर पर पहनाई चूड़ियां

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए अपमानजनक बयान पर महिला कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को रतलाम में अलकापुरी चौराहा स्थित भारत माता उद्यान पर महिला कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करते हुए भारत माता के चरणों में ज्ञापन अर्पित किया और मंत्री विजय शाह से तत्काल इस्तीफे की मांग की। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजय शाह के पोस्टर पर चूड़ियों की माला पहनाई और प्रतीकात्मक रूप से उन्हें चूड़ियां भेंट कीं। महिला कांग्रेस ने इसे समस्त महिलाओं का अपमान करार देते हुए भाजपा नेतृत्व से मंत्री पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत माता से प्रार्थना करते हुए ज्ञापन में लिखा कि “विजय शाह और जगदीश देवड़ा जैसे नेता जब संविधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर महिला विरोधी बयान देते हैं, तो यह केवल एक महिला नहीं बल्कि समूचे देश की बेटियों का अपमान होता है। ऐसे नेताओं को सद्बुद्धि मिले, यही हमारी प्रार्थना है।” प्रमुख मौजूदगान:पूर्व विधायक पारस सकलेचा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा, राधा प्रजापति, अनु नेकाडी, आशा रावत, नजमा बेलुत, तबस्सुम शेरानी, मोना, रंजना, जायदा बेगम, हिना, लीलाबाई, रेखा सोलंकी, काजल, अफसाना, शानू, अनीता, मुमताज खान, रश्मि सिंह, अनुराधा, कविता, संगीता गुर्जर, अंजू चौहान, शारदा राठी, हेमलता, फैय्याज मंसूरी, शैलेंद्र सिंह, कमरुद्दीन कछवाया, बसंत पंड्या, राजेश प्रजापत, इक्का बैलूत, अमित शर्मा, मोंटी, इकरार चौधरी, सलीम बागवान, हरविंदर सिंह नांद्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि जब तक मंत्री विजय शाह अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते और पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक महिला कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।

MP News: एमपी में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? 12 मार्च को बजट में हो सकता है बड़ा फैसला  

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP News: मध्य प्रदेश के लोगों के लिए राहत भरी खबर आ सकती है। 12 मार्च को राज्य का बजट पेश होने वाला है, और इस दौरान सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट टैक्स में कटौती का ऐलान कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो सकते हैं।   छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले से बढ़ी उम्मीदें   हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने बजट में टैक्स कम किया है, जिससे वहां पेट्रोल-डीजल के दाम घटे हैं। अब मध्य प्रदेश के लोग भी सरकार से ऐसी ही उम्मीद लगाए बैठे हैं।    एमपी में पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स   मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहां पेट्रोल-डीजल पर सबसे अधिक टैक्स लिया जाता है। फिलहाल एमपी में पेट्रोल पर 29 प्रतिशत वैट, 2.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त टैक्स और 1 प्रतिशत सेस लगाया जाता है। वहीं, डीजल पर 19 प्रतिशत वैट, 1.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त टैक्स और 1 प्रतिशत सेस लिया जाता है।    पेट्रोल-डीजल के मौजूदा दाम   – पेट्रोल: 108.34 रुपये प्रति लीटर (9 मार्च को 107.38 रुपये)   – डीजल: 92.69 रुपये प्रति लीटर (9 मार्च को 92.73 रुपये)    12 मार्च को क्या होगा बड़ा फैसला   अगर राज्य सरकार वैट कम करने का फैसला करती है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम में राहत मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों को ध्यान में रखते हुए एमपी सरकार इस मुद्दे पर गंभीर निर्णय ले सकती है। अब देखना होगा कि 12 मार्च को पेश होने वाले बजट में जनता को सस्ता पेट्रोल-डीजल मिल पाता है या नहीं।   लेटेस्ट अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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