PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने संसद में दिया जवाब 

PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में साफ किया कि फिलहाल ₹6000 सालाना सहायता बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Yojana: देशभर के करोड़ों किसान PM Kisan Yojana 24th Installment का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच संसद से इस योजना को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। लंबे समय से किसानों के बीच यह चर्चा थी कि सरकार पीएम किसान सम्मान निधि की सालाना सहायता राशि बढ़ा सकती है। अब इस पर केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली ₹6000 वार्षिक सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। लोकसभा में पूछा गया था सहायता राशि बढ़ाने का सवाल लोकसभा में केरल से कांग्रेस सांसद बेनी बेहनन और CPI सांसद के. राधाकृष्णन ने पीएम किसान योजना को लेकर कई सवाल पूछे। इनमें सबसे अहम सवाल यह था कि क्या सरकार किसानों को मिलने वाली वार्षिक सहायता राशि ₹6000 से बढ़ाने पर विचार कर रही है? इसका जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार के पास फिलहाल सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। अभी किसानों को कितनी राशि मिलती है? वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। 24वीं किस्त पाने के लिए ये शर्तें पूरी करना जरूरी लोकसभा में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि पात्र किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। जरूरी शर्तें मंत्री ने कहा कि जिन किसानों का सत्यापन पूरा हो जाता है, उन्हें अगली किस्त का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में भेज दिया जाता है। किन कारणों से किस्त रुक सकती है? यदि किसान की जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती या जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो किस्त मिलने में देरी हो सकती है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं— किसानों को अभी क्या करना चाहिए? 24वीं किस्त का लाभ बिना किसी परेशानी के पाने के लिए किसान समय रहते अपनी जानकारी जांच लें। जरूरी चेकलिस्ट

El Niño Alert: 12 राज्यों के 315 जिलों में कम बारिश का खतरा, कृषि मंत्री शिवराज ने बनाई विशेष मॉनिटरिंग सेल

El Niño Alert के बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर है। 12 राज्यों के 315 जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मॉनिटरिंग सेल गठित कर राज्यों को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। El Niño Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने और अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के बढ़ते संकेतों के बीच केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात की समीक्षा करते हुए राज्यों को जरूरी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। 315 जिलों में कम बारिश की आशंका, 111 जिले सबसे संवेदनशील कृषि मंत्रालय की समीक्षा बैठक में सामने आया कि देश के करीब 315 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इनमें से 111 जिलों को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएं सीमित होने के कारण फसलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई गई है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में कई इलाकों में सामान्य औसत की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इससे खरीफ सीजन की बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा अल नीनो का प्रभाव मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में अधिक देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में कृषि गतिविधियां काफी हद तक मानसून पर निर्भर हैं, इसलिए कम बारिश किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। कृषि मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे पहले से तैयार आकस्मिक योजनाओं (Contingency Plans) को तुरंत लागू करें और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिवराज सिंह चौहान ने बनाई विशेष मॉनिटरिंग सेल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव की लगातार निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल और क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप को सक्रिय किया गया है। ये टीमें मौसम, फसल और जल उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगी और समय-समय पर राज्यों को आवश्यक सलाह देंगी। जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों पर जोर सरकार ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। तालाब, चेक डैम, खेत-तालाब और अन्य जल संरचनाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने और फसल विविधीकरण बढ़ाने की सलाह दी गई है। किसानों से अपील: जल्दबाजी में न करें बुवाई कृषि मंत्रालय ने किसानों से अपील की है कि पर्याप्त बारिश होने तक बुवाई की जल्दबाजी न करें। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक मौसम आधारित सलाह पहुंचाई जाएगी। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अभी खरीफ फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर शुरू नहीं हुई है, इसलिए अगले कुछ सप्ताह कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार का भरोसा सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और खाद्य सुरक्षा पर किसी भी तरह का संकट नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसानों और कृषि उत्पादन को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

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