अगस्त में कब मिलेगी Ladli Behna Yojana की अगली किस्त? जानिए भुगतान की संभावित तारीख और जरूरी शर्तें

Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त अगस्त 2026 में कब आ सकती है? जानें संभावित तारीख, DBT, आधार लिंक, e-KYC और भुगतान न रुकने के जरूरी नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की Ladli Behna Yojana से जुड़ी लाखों महिलाओं की नजर अब अगस्त में आने वाली अगली किस्त पर टिकी हुई है। जुलाई में 38वीं किस्त जारी होने के बाद अब लाभार्थी यह जानना चाहती हैं कि 39वीं किस्त उनके खाते में कब पहुंचेगी और कहीं किसी तकनीकी कारण से भुगतान रुक तो नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि Ladli Behna Yojana की प्रत्येक किस्त का इंतजार बड़ी संख्या में लाभार्थी करती हैं। हालांकि फिलहाल 39वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड के आधार पर इसकी संभावित समय-सीमा सामने आई है। यदि आप भी Ladli Behna Yojana की लाभार्थी हैं, तो बैंक खाते की स्थिति, DBT और समग्र e-KYC जैसी जरूरी प्रक्रियाओं की समय रहते जांच करना बेहद आवश्यक है। छोटी सी चूक भी भुगतान में देरी का कारण बन सकती है। अगस्त में कब आ सकती है Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त? अब तक Ladli Behna Yojana की 38 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। पिछले कई महीनों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार अधिकांश किस्तें हर महीने की 10 तारीख के आसपास जारी करती रही है। हालांकि त्योहार, प्रशासनिक कार्यक्रम या अन्य कारणों से भुगतान की तारीख में एक-दो दिन का बदलाव भी देखने को मिला है। इसी पैटर्न को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त 10 अगस्त 2026 के आसपास लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। महत्वपूर्ण: अभी तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। भुगतान की तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम मानी जाएगी। किन कारणों से रुक सकता है Ladli Behna Yojana का भुगतान? Ladli Behna Yojana की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए कुछ जरूरी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। भुगतान रुकने के प्रमुख कारण समग्र e-KYC क्यों जरूरी है? सरकार ने Ladli Behna Yojana के लाभार्थियों के लिए समग्र पोर्टल पर e-KYC को अनिवार्य किया है। यदि किसी महिला की e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है, तो उसकी अगली किस्त रोकी जा सकती है। यह प्रक्रिया नजदीकी CSC सेंटर, ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरी कराई जा सकती है। बैंक खाते में DBT और आधार लिंक जरूर जांचें Ladli Behna Yojana की राशि सीधे खाते में भेजी जाती है। इसलिए लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि— जरूरत पड़ने पर अपनी बैंक शाखा जाकर इन सभी जानकारियों की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा। ऐसे चेक करें Ladli Behna Yojana की किस्त का स्टेटस यदि आप Ladli Behna Yojana की अगली किस्त की स्थिति जानना चाहती हैं, तो ऑनलाइन स्टेटस भी देख सकती हैं। स्टेटस चेक करने का तरीका क्या करें ताकि अगली किस्त बिना रुकावट मिले? यदि आप Ladli Behna Yojana का लाभ लगातार लेना चाहती हैं, तो समय-समय पर अपने बैंक खाते की स्थिति, आधार लिंकिंग और समग्र e-KYC की जांच जरूर करें। इन प्रक्रियाओं में कोई कमी होने पर उसे जल्द पूरा करा लेना बेहतर होगा ताकि अगली किस्त मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।

Ratlam News: रतलाम में दिनदहाड़े खौफनाक वारदात: पत्नी की गला रेतकर हत्या, पति मौके से गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से हिरासत में लिया, मामले की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना दिनदहाड़े होने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 32 वर्षीय रुकैया के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने आरोपी पति 35 वर्षीय असगर अली को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने में जुटी है। परिवार के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। भाई ने सुनी चीख, कमरे का नजारा देख रह गया सन्न जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे रुकैया की चीख सुनकर उसका बड़ा भाई मुस्तफा पड़ोसियों के साथ घर के अंदर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में रुकैया बिस्तर पर लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी। आरोप है कि उस समय असगर अली उसकी छाती पर बैठकर धारदार हथियार से लगातार गले पर वार कर रहा था। मौजूद लोगों ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी ओर भी आक्रामक हो गया। इसके बाद लोगों ने तत्काल बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपी को लिया हिरासत में सूचना मिलते ही माणक चौक थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या के कारणों की जांच जारी है। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रुकैया अपने पीछे दो वर्षीय पुत्र और सात वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। मासूम बच्चों की मौजूदगी में हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। स्थानीय लोग और बोहरा समाज के सदस्य बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। थाना प्रभारी ने क्या कहा? माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

Speed Post New Rules 2026: राखी भेजना हुआ आसान, 500 ग्राम तक डॉक्यूमेंट मानी जाएगी, 24-48 घंटे में मिलेगी डिलीवरी

Speed Post New Rules 2026: रक्षाबंधन से पहले भारतीय डाक ने स्पीड पोस्ट के नियम बदले हैं। अब 500 ग्राम तक राखी डॉक्यूमेंट मानी जाएगी और 6 शहरों में 24 व 48 घंटे की एक्सप्रेस डिलीवरी शुरू हुई है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Speed Post New Rules 2026: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही देशभर में बहनें अपने भाइयों को राखी भेजने की तैयारी में जुट जाती हैं। इस बार भारतीय डाक विभाग ने त्योहार से पहले ऐसा बदलाव किया है जिससे स्पीड पोस्ट के जरिए राखी भेजना पहले की तुलना में अधिक आसान और व्यवस्थित हो जाएगा। 1 अगस्त 2026 से लागू नए नियमों के तहत 500 ग्राम तक की गैर-व्यावसायिक राखी, ग्रीटिंग कार्ड और छोटे पैकेट को अब ‘डॉक्यूमेंट’ श्रेणी में रखा जाएगा। इसके अलावा छह प्रमुख महानगरों में 24 घंटे और 48 घंटे की एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट सेवा भी शुरू की गई है। डाक विभाग का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान ग्राहकों को तेज और बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरी दस्तावेज और राखी समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। क्या बदले हैं Speed Post के नए नियम? भारतीय डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट में डॉक्यूमेंट और पार्सल की श्रेणियों को स्पष्ट रूप से अलग कर दिया है। नए नियमों के अनुसार यदि किसी लिफाफे या छोटे पैकेट में केवल गैर-व्यावसायिक राखी, ग्रीटिंग कार्ड या आवश्यक दस्तावेज हैं और कुल वजन 500 ग्राम तक है, तो उसे डॉक्यूमेंट माना जाएगा। इससे बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान होगी और ग्राहकों को सही श्रेणी चुनने में परेशानी नहीं होगी। किन वस्तुओं को मिलेगा डॉक्यूमेंट का दर्जा? अब निम्नलिखित वस्तुएं डॉक्यूमेंट श्रेणी में शामिल होंगी— किन वस्तुओं को माना जाएगा पार्सल? यदि राखी के साथ अन्य सामान भेजा जाता है तो उसे पार्सल श्रेणी में रखा जाएगा। इनमें शामिल हैं— 6 महानगरों में शुरू हुई 24 और 48 घंटे की स्पीड पोस्ट सेवा रक्षाबंधन के दौरान डिलीवरी तेज करने के लिए भारतीय डाक विभाग ने दो नई सेवाएं शुरू की हैं। 24 Speed Post 48 Speed Post फिलहाल यह सुविधा इन शहरों में शुरू की गई है— डाकघर जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान यदि आप इस रक्षाबंधन पर स्पीड पोस्ट से राखी भेजने की योजना बना रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें— अगस्त 2026 से स्पीड पोस्ट की नई दरें 1 अगस्त 2026 से लागू नई दरों के अनुसार स्पीड पोस्ट की शुरुआती कीमतों में बदलाव किया गया है। रिटेल ग्राहकों के लिए शुल्क इस प्रकार हैं— ध्यान दें: 51 ग्राम से अधिक वजन वाले आर्टिकल और 48 Speed Post का शुल्क दूरी एवं चुनी गई सेवा के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। सभी शुल्कों पर नियमानुसार अलग से GST भी लागू होगा। महत्वपूर्ण जानकारी राखी भेजने वालों के लिए जरूरी बातें

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल के 250 विद्यार्थियों ने शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में लगाए 500 पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में गुरु रामदास पब्लिक स्कूल, रतलाम ने एक सराहनीय पहल की। विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ मिलकर शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में भव्य पौधारोपण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा। 250 विद्यार्थियों ने लगाए 500 पौधे विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने बताया कि इस अभियान में करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया और मिलकर 500 पौधे लगाए। उन्होंने बताया कि स्कूल में हर वर्ष पौधारोपण की यह परंपरा निभाई जाती है। विद्यार्थी केवल पौधे लगाते ही नहीं, बल्कि पहले लगाए गए पौधों की देखभाल भी करते हैं, जिससे उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। हार्टफुलनेस संस्था ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के श्री के.बी. सोनी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया। गणमान्य अतिथि भी रहे मौजूद पौधारोपण कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। हरित भविष्य का दिया संदेश गुरु रामदास पब्लिक स्कूल और हार्टफुलनेस संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान ने यह संदेश दिया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

LPG e-KYC की आखिरी तारीख नजदीक, 16 अगस्त के बाद लाखों उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी

16 अगस्त तक LPG e-KYC नहीं कराने वाले लाखों गैस उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। जानिए क्या है पूरा मामला और e-KYC कराने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG e-KYC: घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए यह समय बेहद अहम है। गैस कंपनियां लगातार ग्राहकों को e-KYC कराने के लिए एसएमएस भेज रही हैं। संदेश में 16 अगस्त तक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करने की बात कही गई है। मध्य प्रदेश में अब भी करीब 39.84 लाख उपभोक्ताओं की LPG e-KYC बाकी है। ऐसे में अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ गैस एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ गया है। कई जगहों से सिलेंडर डिलीवरी प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने या कमर्शियल दर पर सिलेंडर देने को लेकर गैस कंपनियों की ओर से कोई सार्वजनिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल एजेंसियों को मौखिक निर्देश मिलने की बात सामने आई है। LPG e-KYC क्यों बनी जरूरी? सरकार और तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से एलपीजी कनेक्शन का आधार आधारित सत्यापन करा रही हैं। इसका उद्देश्य फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थियों और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। e-KYC पूरी होने के बाद उपभोक्ता का गैस कनेक्शन आधार से सत्यापित हो जाता है, जिससे रिकॉर्ड अपडेट रहता है। क्या 947 रुपये का सिलेंडर 2935 रुपये में मिलेगा? सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि e-KYC नहीं कराने पर घरेलू उपभोक्ताओं को कमर्शियल सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। फिलहाल स्थिति क्या है? ऐसे में उपभोक्ताओं को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय समय रहते e-KYC पूरी कर लेनी चाहिए। घर बैठे ऐसे कराएं LPG e-KYC e-KYC कराने के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध हैं। 1. IndianOil ONE App यदि आपका कनेक्शन इंडियन ऑयल का है, तो आधिकारिक ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। 2. नजदीकी गैस एजेंसी आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी लेकर संबंधित एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। 3. सिलेंडर डिलीवरी के समय कई एजेंसियां डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से भी e-KYC की सुविधा दे रही हैं। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

Internship 2026: भारतीय सेना का खास इंटर्नशिप प्रोग्राम, मीडिया छात्रों को मिलेगा ₹75 हजार तक स्टाइपेंड, 2 अगस्त तक करें आवेदन

Internship 2026: भारतीय सेना ने BJMC छात्रों के लिए 75 दिन का इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है। चयनित अभ्यर्थियों को ₹75 हजार तक स्टाइपेंड मिलेगा। जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Internship 2026: पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भारतीय सेना ने एक शानदार अवसर उपलब्ध कराया है। सेना ने मीडिया और रणनीतिक संचार से जुड़े छात्रों के लिए 75 दिनों का विशेष इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ आकर्षक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन और रणनीतिक सूचना प्रबंधन की बेहतर समझ देना है। ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम और प्रोफेशनल मीडिया वर्किंग स्टाइल से भी परिचित कराया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 2 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन कर सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। Indian Army Internship 2026 क्या है? यह इंटर्नशिप कार्यक्रम AICTE Internship Portal के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। इसका संचालन भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय (Additional Directorate General) द्वारा किया जाएगा। इसमें पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) के छात्रों को आधुनिक मीडिया, रणनीतिक संचार और डिजिटल कम्युनिकेशन की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी। कैसे होगी पूरी ट्रेनिंग? इंटर्नशिप की अवधि 75 दिन होगी। ट्रेनिंग शेड्यूल क्या-क्या सीखने का मिलेगा मौका? प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। प्रमुख विषय कितना मिलेगा स्टाइपेंड? चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने ₹30,000 का स्टाइपेंड दिया जाएगा। पूरे प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने पर कुल ₹75 हजार तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। हालांकि, स्टाइपेंड प्राप्त करने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। निर्धारित उपस्थिति से कम रहने पर आर्थिक लाभ नहीं दिया जाएगा। कार्यालय में इन नियमों का करना होगा पालन भारतीय सेना ने सुरक्षा कारणों से कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करना आवश्यक होगा। ध्यान रहे कि दिल्ली में रहने और अन्य व्यक्तिगत खर्चों की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। आवेदन से पहले जान लें यह महत्वपूर्ण बात भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इंटर्नशिप पूरी करने के बाद किसी भी प्रकार की स्थायी नौकरी या नियुक्ति की गारंटी नहीं दी जाएगी।

Ratlam News: 12 साल पुराने यास्मीन शेरानी गोलीकांड में अदालत का फैसला, दो दोषियों को 10-10 साल की सजा

Ratlam News: रतलाम के चर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 साल और एक आरोपी को आर्म्स एक्ट में 3 साल की सजा सुनाई, जबकि दो आरोपी बरी हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड में करीब 12 साल बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने गोली चलाने वाले आरोपी और उसके सहयोगी को हत्या के प्रयास के अपराध में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं एक अन्य आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। यह मामला वर्ष 2014 में रतलाम शहर में हुए उन घटनाक्रमों में शामिल रहा, जिनके बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में हुआ था हमला अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच तत्कालीन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी नगर निगम परिसर से अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने उन पर गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। डीएनए जांच ने खोला अहम राज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया। भागते समय उसने बाईजी का वास क्षेत्र में अपना हेलमेट फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान हेलमेट बरामद किया और उसमें मिले बालों का डीएनए परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट में डीएनए आरोपी चंदन शर्मा से मेल खा गया। अभियोजन पक्ष के लिए यह वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और अदालत ने इसे मामले के अहम सबूतों में शामिल माना। किन आरोपियों को कितनी सजा मिली? पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत का फैसला गोलीकांड के कुछ घंटे बाद हुई थी दूसरी सनसनीखेज वारदात यास्मीन शेरानी पर हमले के कुछ घंटे बाद ही रतलाम रोडवेज बस स्टैंड स्थित होटल संचालक कपिल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी घटनाओं के बाद शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया था। उस समय यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था। अभियोजन पक्ष की भूमिका अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने अदालत में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पक्ष रखा। वैज्ञानिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना।

Ratlam News: चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, मां को दोहरा आजीवन कारावास

Ratlam News: रतलाम में चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने मां को दोहरा आजीवन कारावास और पति को साक्ष्य छिपाने के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। चार माह के मासूम जुड़वा बच्चों हसन और फातिमा की पानी के ड्रम में डुबोकर हत्या करने की दोषी मां पम्मी उर्फ मुस्कान को न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को गंभीर मानते हुए जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में आरोपी के पति आमिर कुरैशी को साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह फैसला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सुनाया गया। करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। सुनवाई के दौरान कई गवाह मुकर गए, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, पम्मी उर्फ मुस्कान अपने पति आमिर कुरैशी और चार माह के जुड़वा बच्चों हसन व फातिमा के साथ वेदव्यास कॉलोनी नंबर-4 में किराये के मकान में रहती थी। 20 नवंबर 2024 को दोपहर के समय घर से शोर सुनकर पड़ोसी छत पर पहुंचे। वहां दोनों मासूम बच्चे पानी से भरे प्लास्टिक के ड्रम में पड़े मिले। बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर माणकचौक थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बिना पोस्टमार्टम के कर दिया था अंतिम संस्कार जांच में सामने आया कि बच्चों के शवों को पुलिस को सूचना दिए बिना नूरानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। बाद में पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर दोनों शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम कराया। मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई थी। पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी पुलिस जांच के दौरान आरोपी मां ने बताया कि घटना वाले दिन पति और सास रिश्तेदारी में गए थे। उसने पति से घर पर रुकने की बात कही थी क्योंकि वह अकेले दोनों बच्चों को संभालने में असमर्थ महसूस कर रही थी। अभियोजन के अनुसार, पति के जाने के बाद गुस्से में उसने पहले बेटे हसन को पानी के ड्रम में डुबोया और फिर बेटी फातिमा को भी उसी ड्रम में डाल दिया। घटना के बाद उसने पति को फोन कर इसकी जानकारी दी। 16 गवाह मुकर गए, फिर भी अदालत ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला मामले की सुनवाई अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने कुल 24 गवाह पेश किए, जिनमें से 16 गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने क्या सजा सुनाई? अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के अनुसार न्यायालय ने— अभियोजन पक्ष का पक्ष अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। कई गवाहों के मुकरने के बावजूद उपलब्ध प्रमाणों को न्यायालय ने विश्वसनीय माना।

Ratlam News: रतलाम PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान बवाल, महिला से मारपीट के आरोप; निगम टीम पर पथराव

Ratlam News: रतलाम के डोसीगांव PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान हिंसा, महिला से मारपीट और पथराव का मामला सामने आया। निगम ने 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी दी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के ईडब्ल्यूएस आवास परिसर में शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। बकाया राशि के अंतिम नोटिस चस्पा करने पहुंची निगम टीम और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और पथराव की नौबत आ गई। घटना का पूरा वीडियो देखे घटना के दौरान एक महिला के साथ निगम कर्मचारियों द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और निगम कर्मचारियों पर पत्थर, गमले तथा लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस दौरान घटनास्थल की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी घायल हो गए। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध वसूली के आरोपों से बढ़ा विवाद स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम के उपयंत्री राजेश पाटीदार ने पहले उनसे अवैध रूप से राशि ली थी और भरोसा दिलाया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। जब शुक्रवार को निगम की टीम अंतिम नोटिस लेकर पहुंची तो इसी मुद्दे को लेकर लोगों ने विरोध जताया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नोटिस देने पहुंची थी नगर निगम की टीम जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह, इंजीनियरों और करीब 25 से 30 कर्मचारियों की टीम डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पहुंची थी। उद्देश्य बकायादार हितग्राहियों को अंतिम नोटिस देना और बकाया राशि जमा कराने के लिए समझाइश देना था। इसी दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हुई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। पथराव के बाद कर्मचारियों को भागकर बचानी पड़ी जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद भीड़ ने निगम कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया। गमले फेंके गए और लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कई कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। पत्रकार भी हुए घायल, बाद में पहुंची पुलिस हंगामे के दौरान कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी हमले में घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने के बाद नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक अधिकांश उपद्रवी वहां से जा चुके थे। पुलिस सुरक्षा में दोबारा हुई कार्रवाई स्थिति सामान्य होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने दोबारा कार्रवाई शुरू की। बकायादार हितग्राहियों के फ्लैटों पर अंतिम नोटिस चस्पा किए गए और कुछ मामलों में बिजली कनेक्शन भी काटे गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव के 208 हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर करीब 1.80 लाख रुपये की बकाया राशि जमा करने का अंतिम नोटिस दिया है। यदि तय समय तक भुगतान नहीं किया गया तो 4 अगस्त 2026 से फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम आयुक्त ने क्या कहा नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि वर्ष 2019 में इन फ्लैटों की लागत करीब सात लाख रुपये थी, लेकिन पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता से लगभग दो लाख रुपये में आवास उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि निगम की टीम फ्लैट खाली कराने नहीं, बल्कि लोगों को बकाया राशि जमा कर रजिस्ट्री कराने के लिए समझाने पहुंची थी। कर्मचारियों पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर रही वीडियो के आधार पर जांच सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के अनुसार, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी

0%