Ratlam News: 12 साल पुराने यास्मीन शेरानी गोलीकांड में अदालत का फैसला, दो दोषियों को 10-10 साल की सजा

Ratlam News: रतलाम के चर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 साल और एक आरोपी को आर्म्स एक्ट में 3 साल की सजा सुनाई, जबकि दो आरोपी बरी हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड में करीब 12 साल बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने गोली चलाने वाले आरोपी और उसके सहयोगी को हत्या के प्रयास के अपराध में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं एक अन्य आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। यह मामला वर्ष 2014 में रतलाम शहर में हुए उन घटनाक्रमों में शामिल रहा, जिनके बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में हुआ था हमला अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच तत्कालीन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी नगर निगम परिसर से अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने उन पर गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। डीएनए जांच ने खोला अहम राज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया। भागते समय उसने बाईजी का वास क्षेत्र में अपना हेलमेट फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान हेलमेट बरामद किया और उसमें मिले बालों का डीएनए परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट में डीएनए आरोपी चंदन शर्मा से मेल खा गया। अभियोजन पक्ष के लिए यह वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और अदालत ने इसे मामले के अहम सबूतों में शामिल माना। किन आरोपियों को कितनी सजा मिली? पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत का फैसला गोलीकांड के कुछ घंटे बाद हुई थी दूसरी सनसनीखेज वारदात यास्मीन शेरानी पर हमले के कुछ घंटे बाद ही रतलाम रोडवेज बस स्टैंड स्थित होटल संचालक कपिल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी घटनाओं के बाद शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया था। उस समय यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था। अभियोजन पक्ष की भूमिका अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने अदालत में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पक्ष रखा। वैज्ञानिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना।

हिंदू नेता की सुपारी! : देवास के हिंदूवादी नेता शैलेंद्र के मर्डर की सुपारी, शूटर खोपरापाक ने उगला राज

शैलेंद्र ने वीडियो में रतलाम की कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी पर भी लगाया आरोप! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। इंदौर के एक गैंगस्टर द्वारा देवास के एक हिंदूवादी नेता की हत्या की सुपारी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह खुलासा सुपारी देने वाले गैंगस्टर के ही साथी ने पुलिस के सामने किया। शूटर और गुंडे इमरान चौहान उर्फ खोपरापाक ने आवेदन में बताया की इंदौर के नामचीन गुंडे शाकिर चाचा ने देवास के हिंदू नेता शैलेंद्रसिंह पवार की हत्या की सुपारी दी है। उसने आरोप लगाया कि शाकिर चाचा ने हिंदुवादी शैलेंद्रसिंह पंवार की हत्या की सुपारी लेकर उसे उलझाया है। दूसरी और इस मामले में हिंदूवादी नेता शैलेंद्रसिंह ने जानकारी देते हुए खुद के नाम के सुपारी देने में रतलाम की कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी का नाम लेकर भी आरोप लगाया। जिससे अब रतलाम की राजनीति भी गरमा गई है। हालांकि कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी ने पब्लिक वार्ता से बातचीत में इसे निराधार व छवि धूमिल करने वाला बताया है। वीडियो में शैलेंद्रसिंह ने कहा की हमने जानकारी जुटाई तो देवास के अंसार अहमद का नाम सामने आया है। जिसने 20 लाख रुपए नगद इंदौर के गैंगस्टर शाकिर चाचा को दिए। बाहर अन्य जिलों के लोग भी इस प्लानिंग में शामिल है। जिसमें निंबाहेड़ा का शोएब, रतलाम की यास्मीन शेरानी, चुन्नू लाला, पीथमपुर का वाकिब व अन्य है। इन्होंने मक्सी रोड पर किसी फार्म हॉउस पर एक मीटिंग भी की। हालांकि इमरान खोपरापाक के आवेदन या शैलेंद्रसिंह के पुलिस को दिए किसी ज्ञापन में यास्मीन शेरानी का नाम नहीं है। छवि धूमिल करने की साजिश – यास्मीन शेरानीरतलाम की कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी का नाम सामने आने के बाद पब्लिक वार्ता ने जब उनसे चर्चा की तो उन्होंने बताया की में शैलेंद्रसिंह पंवार नाम के किसी व्यक्ति को जानती नहीं हूं। शैलेंद्रसिंह द्वारा लगाए गए आरोप मेरी छवि को धूमिल करने का एक षडयंत्र है। मेरी 30 साल की राजनीति में आज तक ऐसा कोई आरोप नहीं लगा है। यह एक राजनीतिक स्टंटबाजी है। मेरा इससे कोई लेना देना नहीं है। आपको बता दे की यास्मीन शेरानी कांग्रेस की कद्दावर नेता में से एक है। वर्तमान में भी शेरानी पार्षद है। शेरानी कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष से लेकर प्रदेश के बड़े दायित्वों पर रही है। शेरानी पहली बार तब सुर्खियों में आई थी जब उन पर जानलेवा हमला किया गया। गौरतलब है 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी पर उस समय फायर किया गया था, जब वह अपनी कार में बैठने जा रही थी। गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उन्हें जिला अस्पताल और वहां से इंदौर ले जाया गया था। काफी दिन तक उनका इंदौर के निजी अस्पताल में इलाज चला था। इसी दौरान हिंदू संगठन के नेता कपिल राठौड़ पर भी हमला हुआ। दोनों पर हमले के बाद शहर की शांति व्यवस्था बिगड़ गई थी और प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था। देवास से इंदौर का यह है पूरा मामलाजानकारी के अनुसार 15 मई को इमरान उर्फ खोपरापाक चौहान ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर बताया गैंगस्टर शाकिर चाचा ने देवास के शैलेंद्र पवार की सुपारी ली है, उसमें मुझे उलझा रहा है। शाकिर चाचा ने लाला लोगों से पैसे लिए और सबको कह रहा है, यह काम इमरान करेगा। मेरा इस मैटर से कोई लेना-देना नहीं है। मामले से काफी दूर हूं। मैंने इस मामले की जानकारी खुद शैलेन्द्र पवार ने देते हुए बता दिया है शाकिर चाचा का साथ करीब 8 माह पहले छोड़ चुका हूं। शाकिर चाचा मुझे ब्लैकमेल कर रहा है कि शैलेंद्र पंवार की हत्या तुझे ही करना है । इसके चलते मैंने उसका साथ छोड़ दिया। शाकिर चाचा मुझे बुरी तरह से फंसाने में लगा है। बार-बार खुद व अपने गुर्गों से कहलवा रहा है यह काम तुझे ही करना है। तंग आकर मैंने उससे दूरी बना ली है बावजूद वह बाजार में हर जगह मेरा नाम ले रहा है कि शैलेंद्र पंवार की हत्या इमरान करेगा। मैं बताना चाहता हूं मेरा मामले से लेना-देना नहीं है. न किसी केस से मतलब है। वीडियो में इमरान खोपरापाक ने किए कई खुलासेइधर बीते दिनों इमरान खुद देवास के हिंदू नेता शैलेंद्रसिंह पंवार के देवास स्थित संस्था राम-राम के ऑफिस पहुंचा और शाकिर चाचा द्वारा ली गई सुपारी की जानकारी दी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह जानकारी दे रहा है कि कहीं से जानकारी लगी कि कथित रूप से उसने शैलेंद्रसिंह पंवार की सुपारी ली है। अफवाह की जानकारी लगते ही इंदौर कलेक्टर को से शिकायत की। उन्हें बताया यह काम शाकिर चाचा का है, जो बाजार में मेरा नाम उछालकर जबरन मुझे घसीट रहा है। मेरा मामले और शैलेंद्रसिंह पंवार से कोई लेना देना नहीं है न मैंने कोई सुपारी ली है। 10 महीने पहले जेल से छूटा था, तब शाकिर चाचा ने कहा था देवास का बहुत बड़ा काम ले रहे हैं। इसमें कई लालाओं का इनवॉल्वमेंट है। अपना साथ हाथीवाला देंगे। बताना चाहूंगा मैं कभी हाथीवाला से नहीं मिला न किसी प्रकार की बात हुई। यह सब करामात शाकिर चाचा की है। शाकिर चाचा कुख्यात गैंगस्टर है, जिस पर सुपारी लेकर हत्या करने के कई मामले सहित अन्य केस दर्ज हैं। शाकिर चाचा के कई गुर्गे करीब डेढ़ साल से देवास में सक्रिय हैं। शाकिर चाचा देवास के हाथीवाला से मिलकर नागदा, खाचरौद, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़ (राजस्थान) क्षेत्र के लालाओं (शूटरों) से मिलकर शैलेंद्रसिंह पंवार को मारने की प्लानिंग कर रहा है। मुझे बताया गया था सुपारी बड़े अमाउंट की है। इसमें सबके पास बड़ा अमाउंट आएगा लेकिन मेरा इसी बीच शाकिर चाचा से विवाद हो गया कि मुझे अब किसी हत्या के मामले में नही पड़ना है। मैंने यह सब छोड़ दिया है। उसके बावजूद वह मुझ पर दबाव बनाकर कर दूसरे मामले में फ़ंसाने की कोशिश कर रहा है। सुपारी अंसार हाथीवाला ने दी है। शाकिर चाचा का साफ तौर पर कहना था हिंदू नेताओं को मारो। शाकिर चाचा की सोच खराब है वह सिर्फ उलझाने में लगा रहता है कि हत्या वह कराए और फंसू मैं। जेल जाऊं तो मैं। इसी कारण उससे अलग हुआ हूं। बताना चाहता हूं सभी … Read more

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