Ratlam News: MP के इस यंग IPS अफसर ने पुलिसकर्मियों के लिए ईनामों की लगाई झड़ी, हर 15 दिन में देना होगा अपडेट, नहीं तो…

प्रदेश के यंग आईपीएस ऑफिसर और रतलाम एसपी अमित कुमार का नवाचार, हर जवान को 5 और 10 हजार का नगद ईनाम, हर 15 दिन में खुद लेंगे समीक्षा बैठक रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: प्रदेश के यंग आईपीएस ऑफिसर अमित कुमार (IPS Amit Kumar) ने पुलिस जवानों के काम में फुर्ती लाने के लिए एक अनूठा एक्सपीरिमेंट शुरू किया है। आईपीएस अमित कुमार रतलाम जिले के एसपी है। गौरतलब है की रतलाम शहर में तैनात पुलिस जवानों की क्विक रेस्पॉन्स टीम का नाम चीता पार्टी है। एसपी ने इन्हीं चीता जवानों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें शहर की अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही एसपी ने नवाचार करते हुए चीता जवानों के लिए ईनामों की झड़ी लगा दी है। एसपी ने चोरी के दौरान उपयोग में लाए उपकरण की जब्ती के लिए 5 हजार और चोरी के वाहन जब्ती के लिए प्रत्येक जवान को 10 हजार रुपए के नगद पुरुस्कार देने की घोषणा की है। इसके अलावा काम में कसावट के लिए हर 15 दिन में एसपी मीटिंग लेकर चीता के कामों की खुद अपडेट भी लेंगे। एसपी अमित कुमार के अनुसार चीता जवान हर बिट की मुख्य कड़ी है। सबसे ज्यादा फील्ड में यही रहते है और इनका लोगों से सीधा संपर्क है। गश्ती के दौरान एहतियात बरतने से चीता जवान कई अपराधों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते है। साथ ही घटित अपराधों की विवेचना में भी महत्वपूर्ण भूमिका इनकी रहती है। पुरस्कार देने से उनकी कार्यक्षमता और मनोबल में वृद्धि होती है। इससे वे अपने काम में अधिक जिम्मेदारी और उत्साह से जुटते हैं, अपराध रोकने और कार्रवाई में तेजी लाते हैं, और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित होते हैं। यह एक तरह से प्रोत्साहन का काम करता है, जिससे पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का पालन और अधिक प्रभावी ढंग से करते हैं। इस बैठक में चीता पार्टी के जवानों को अपने कार्यक्षेत्र में सतर्कता बरतने और अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश 1. हर 15 दिन में समीक्षा बैठक: चीता पार्टी द्वारा किए गए कार्यों की हर 15 दिन में पुलिस अधीक्षक स्वयं समीक्षा करेंगे।   2. पुरस्कार योजना: किसी संदिग्ध व्यक्ति से चोरी करने के उपकरण (जैसे कटर या पाना) जब्त करने पर चीता पार्टी के जवान को ₹5000 का नकद इनाम दिया जाएगा। इसके साथ ही, चोरी किया गया वाहन पकड़ने पर ₹10,000 का नगद इनाम भी घोषित किया गया है। 3. धार्मिक स्थलों और अन्य क्षेत्रों की निगरानी: चीता पार्टी अपने क्षेत्र के मंदिर, मस्जिद, और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और चेकिंग करेंगी। इन स्थानों से संबंधित जानकारियों को अपनी डायरी में दर्ज करेंगी। 4. सतत चेकिंग: होटल, लॉज, धर्मशाला, बैंक, कॉलोनी, गुंडे-बदमाशों के ठिकानों, गोल्ड लोन कंपनियों और एटीएम की सतत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका विवरण साप्ताहिक डायरी में रखा जाएगा। 5. संदिग्ध व्यक्तियों की जाँच: चीता पार्टी शहर में सतत भ्रमण कर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग करेगी, जिसमें यदि कोई हथियार या गैरकानूनी वस्तु मिलती है, तो उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। 6. तेज रफ्तार और खतरनाक बाइकर्स पर निगरानी: शहर में तेज रफ्तार से बाइक चलाने वाले युवकों की पहचान कर उन्हें समझाइश दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 7. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित चीता पार्टी के सदस्यों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। एसपी अमित कुमार ने इस बैठक के दौरान सभी चीता पार्टी के सदस्यों को अपने कार्यों के प्रति निष्ठावान रहने और किसी भी लापरवाही से बचने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि चीता पार्टी की सक्रियता से शहर की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है और अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

Top School In World: कैसे एक टीचर ने MP के सरकारी स्कूल को झुग्गियों से निकाल इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया, आज देशभर में नाम

सेंव, साड़ी और सोने की प्रसिद्धि से ट्रिपल S नगरी कहे जाने वाले रतलाम में एक और S जुड़ा, वो S है STUDY यानी शिक्षा!, विज्ञान के शिक्षक गजेन्द्रसिंह राठौर के प्रयासों ने बनाया अव्वल… मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Top School In World: मध्यप्रदेश के  रतलाम का सीएम राइज विनोबा स्कूल (CM RISE SCHOOL RATLAM) न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर चुका है। इस सरकारी स्कूल को T4 अंतर्राष्ट्रीय संस्था (T4 Education :World’s Best School Prizes 2024) द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्वभर के टॉप 10 स्कूलों में शामिल किया गया और अंततः इसने तीसरा स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों में गर्व है। इस स्कूल को 1991 में रतलाम की शहरी झुग्गियों में स्थापित किया गया था। इस स्कूल ने अपनी शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, नवाचारी प्रक्रियाओं और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से आज यह मुकाम हासिल किया है।  सरकारी स्कूल के एडमिशन में अब प्रवेश के लिए होड़ मची हुई है। इसके यहां तक पहुंचने के पीछे की कहानी में एक शिक्षक गजेन्द्रसिंह सिंह राठौर की भूमिका बहुत मायने रखती है। राठौर स्कूल के वाईस प्रिंसीपल भी है। साइंस टीचर गजेन्द्रसिंह राठौर (Science Teacher Gajendra Singh Rathore) के पढाने का तरीका बहुत अलग है। उनका कहना है विज्ञान रट्टा मारने का नहीं बल्कि समझने का विषय है। किताब में छपे विषयों को राठौर प्रेक्टिकल कर बच्चों को समझाते है। रॉकेट उड़ता कैसे है, घर्षण होता क्या है, भूकंप आता क्यो है ऐसे कई रहस्यों को पढ़ाने की बजाय उन्हें प्रेक्टिकल से समझाते है। राठौर ऑनलाइन भी बच्चों को विज्ञान को समझने के लिए प्रेरित करते है। नहीं बदला अंदाज, राठौर से पढ़ने का क्रेजविद्यार्थियों में राठौर से पढ़ने का अलग ही क्रेज है। जहां भी शिक्षक रहे उन्होंने अपने पढ़ाने के अंदाज नहीं बदले। पढ़ाने में इनोवेशन के तरीकों को उन्होंने यहां भी लागू रखा। उनके साथ अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता की और गजेन्द्रसिंह के तरीकों को अपनाया। जिसकी बदौलत आज पूरे विश्व में MP का सरकारी स्कूल चमक रहा है। आपको बता दे साल 2016 में राठौर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है। आज भी राठौर अपने पढ़ाए विद्यार्थियों के साथ जीवंत संपर्क में रहते है। विद्यार्थी भी उनसे जीवन की कठिनाइयों से निकलने के टिप्स लेते है। परेशानियों में उनसे सलाह लेते है।अवार्ड की घोषणा के समय कार्यक्रम के दौरान राठौर भावुक हो उठे थे और उनके आंसू निकल आए थे। राठौर ने बनाई योजना, नवाचार किए लागूदो साल पहले विनोबा स्कूल में उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने स्कूल में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को सुधारने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर “साइकिल ऑफ ग्रोथ मेकैनिज्म” योजना बनाई। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ छात्रों की भागीदारी बढ़ाना था। इसमें टीचर्स के लिए टीम हर्डल, कैप्सूल ट्रेनिंग, क्लासरूम मॉनिटरिंग, वन-ऑन-वन फीडबैक, और रीवार्ड एवं रिकग्निशन जैसी गतिविधियाँ शामिल की गईं।इसके अलावा, “विनोबा मॉडल ऑफ पैरेंटल एंगेजमेंट”, “कम्युनिटी एज ए लर्निंग रिसोर्स”, और “ट्रैकिंग डाटा के इनोवेटिव आइडिया” जैसी पहलें भी जुड़ती गईं। इन सब नवाचारों ने स्कूल में एक उत्साही और सकारात्मक वातावरण तैयार किया, जहाँ बच्चे आसानी से सीखने लगे। इस योजना को सफल बनाने में प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर, प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, हीना शाह और अन्य शिक्षकों ने नियमित रूप से योगदान दिया। इस प्रकार हुआ चयनटी फॉर एजुकेशन ने दुनिया भर के स्कूलों से फरवरी 2024 तक विभिन्न श्रेणियों में आवेदन मांगे थे। हजारों आवेदनों में से विनोबा स्कूल को “इनोवेशन” श्रेणी में चुना गया, जहाँ उप प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर को स्कूल लीडर के रूप में नामित किया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों द्वारा एक घंटे का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। इंटरव्यू के बाद दस्तावेजों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।शिक्षकों की ऑनलाइन मीटिंग और विभिन्न स्तरों के परीक्षण के बाद, 13 जून को पहले चरण में स्कूल टॉप 10 में आया और गुरुवार को टॉप 3 में जगह बनाई। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, और संचालक लोक शिक्षण डीएस कुशवाह ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी। इनोवेशन कैटेगरी में ऐतिहासिक उपलब्धिरतलाम का यह शासकीय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक और प्रयोगात्मक तरीकों का उपयोग कर रहा है, जिससे छात्रों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ शिक्षा दी जा रही है। गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालय में कुल 577 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें से 525 छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के पीछे स्कूल के सामूहिक प्रयास और शिक्षकों की कड़ी मेहनत है। मुख्यमंत्री ने दी बधाईमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल की उपलब्धि पर बधाई दी। शहर विधायक व मंत्री चैतन्य काश्यप ने स्कूल का दौरा कर छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्य संध्या वोहरा और उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया। काश्यप ने कहा कि यह स्कूल प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और भविष्य में अन्य शासकीय स्कूलों को भी इसी प्रकार से ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम करेगा। सीएम राइज स्कूल: एक ड्रीम प्रोजेक्टगौरतलब है कि सीएम राइज स्कूल योजना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय स्कूलों को उन्नत और आधुनिक सुविधाओं से लैस कर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया। आज रतलाम के विनोबा स्कूल ने इस पहल की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध कर दिया है। लाइटहाउस स्कूल का दर्जाअब इस स्कूल को “लाइटहाउस” का दर्जा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अन्य स्कूल भी इसके नवाचार और सफलता से प्रेरणा लेकर अपने छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्रणाली विकसित करेंगे। गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, स्कूल की यह सफलता अभिभावकों के लिए एक संकेत है कि अब उन्हें महंगे निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकारी स्कूल भी उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। रतलाम के इस स्कूल ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में मेहनत और दृढ़ संकल्प से … Read more

Kangana ranaut: BJP नेताओं के विरोध के बाद कंगना रनौत ने मांगी माफी, कृषि कानूनों पर दिया था बयान

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Kangana ranaut on Farmer Law: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में दिए गए अपने बयान पर माफी मांगी है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की मांग की थी। यह बयान देते ही विपक्षी दलों ने भाजपा और कंगना पर निशाना साधा। कंगना ने माफी मांगते हुए कहा कि यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वे अपने शब्द वापस लेती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी की भावनाओं को आहत करने की नहीं थी। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी कंगना के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर किसानों के खिलाफ कोई कदम उठाया गया तो फिर से प्रधानमंत्री को माफी मांगनी पड़ेगी। कंगना के इस बयान से किसानों के बीच नाराजगी थी, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के किसानों में, जो पहले भी कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर चुके थे। कंगना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनका सुझाव था कि किसानों को खुद प्रधानमंत्री से इन कानूनों को वापस लाने की अपील करनी चाहिए, जिससे उनकी समृद्धि बाधित न हो। यह मामला तब उठा जब कंगना ने 23 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की वकालत की थी। गौरतलब है की 14 महीने के किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 में कानूनों को वापस ले लिया था।

Maggie Smith Died: मशहूर एक्ट्रेस मैगी स्मिथ का 89 साल की उम्र में निधन, Harry Potter में निभाया था प्रोफेसर मैकगोनागल का रोल

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। हॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री मैगी स्मिथ (Maggie Smith), जिन्हें ‘हैरी पॉटर’ में प्रोफेसर मैकगोनागल (Minerva McGonagall) के किरदार के लिए भारतीय दर्शक विशेष रूप से पहचानते हैं, का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटों, क्रिस लार्किन और टोबी स्टीफंस ने एक बयान में जानकारी दी कि लंदन के एक अस्पताल में शुक्रवार सुबह मैगी ने अपनी आखिरी सांस ली। वे अपने पीछे दो बेटे और पांच पोते-पोतियां छोड़ गई हैं, जो इस अपूरणीय क्षति से गहरे सदमे में हैं। मैगी स्मिथ को उनके करियर में कई पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें दो ऑस्कर और चार एम्मी अवॉर्ड्स शामिल हैं। उनका करियर लगभग 70 साल तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने ‘डाउनटन एबे’ और ‘हैरी पॉटर’ जैसी हिट फिल्मों और शोज में यादगार भूमिकाएं निभाईं। 1969 में ‘द प्राइम ऑफ मिस जीन ब्रॉडी’ के लिए उन्हें पहला ऑस्कर मिला और 1978 में ‘कैलिफोर्निया सूट’ के लिए दूसरा ऑस्कर अवॉर्ड मिला। उनकी अद्वितीय अभिनय प्रतिभा और फिल्मों में उनकी शानदार भूमिकाएं हमेशा याद रखी जाएंगी। साल 1952 से लेकर 2023 तक डैम मैगी स्मिथ एक्ट्रेस सिनेमा जगत में एक्टिव रहीं। इस दौरान कई शानदार मूवीज के जरिए उन्होंने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन किया। लेकिन हैरी पॉटर की वजह से उनको काफी लोकप्रियता हासिल हुई। इसके अलावा वह दो बार ऑस्कर अवॉर्ड को भी अपने नाम कर चुकी थीं।

Ujjain News: साथ बैठकर दोस्तों ने शराब पी, फिर नाली की गंदगी में लोटपोट होकर चलाते रहे लात – घूंसे, देखिए वायरल वीडियो

उज्जैन – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। गुरुवार सुबह उज्जैन शहर के(Ujjain News) इंदौरगेट क्षेत्र में उस समय हंगामा मच गया जब नशे में धुत दो युवकों के बीच सरेआम मारपीट शुरू हो गई। नशा किस कदर हावी रहता है यह आप वीडियो देखकर समझ जाएंगे। हैरान कर देने वाली बात यह रही कि दोनों युवक लड़ते-लड़ते नाली में गिर गए और कीचड़ व गाद की गंदगी में सने होने के बावजूद लड़ते रहे। नाली से निकलने के बाद भी मुख्य सड़क पर एक-दूसरे से भिड़ते रहे। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देख आप भी हैरान हो जाएंगे। नशे में नाली तक जा पहुंचे, मारपीट जारीमामले के चश्मदीदों के अनुसार, दोनों युवक पहले सड़क पर झगड़ रहे थे और शराब के नशे में इस कदर मग्न थे कि उन्हें यह भी नहीं पता चला कि वे किस जगह लड़ रहे हैं। झगड़ते-झगड़ते दोनों पास की नाली में जा गिरे और वहां भी गंदगी से सने हुए एक-दूसरे से लड़ते रहे। काफी देर तक इनकी लड़ाई चलती रही फिर लोगों ने दोनों को डांट फटकार कर भगाने की कोशिश की।  मारपीट के दौरान मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ में पी शराबस्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों युवक पहले साथ बैठकर शराब पी रहे थे, और फिर किसी बात पर उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि वे हाथापाई पर उतर आए, और नाली में गिरने के बावजूद झगड़ा जारी रखा।घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद मामला इंदौरगेट पुलिस थाने तक पहुंचा। हालांकि, पुलिस ने बताया कि लड़ाई में शामिल दोनों युवकों ने थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, जिसके चलते फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।