Ratlam News: रतलाम में अनुशासन, संगठन और एकता का भव्य संगम: 20 हजार स्वयंसेवकों का पथ संचलन बना राष्ट्रभक्ति की अनूठी झांकी

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ देश। Ratlam News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को रतलाम शहर राष्ट्रभक्ति, गौरव और अनुशासन का प्रतीक बन गया। पांच उपनगरों से एक साथ प्रारंभ हुए पथ संचलन का संगम सैलाना बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप चौराहे पर हुआ।करीब 20 हजार स्वयंसेवकों की गणवेशधारी पंक्तियों में एक समान कदमताल और घोष ध्वनियों ने पूरे शहर को ऊर्जा और एकता के भाव से गुंजायमान कर दिया। चार किलोमीटर लंबे संचलन मार्ग पर स्वयंसेवकों का अनुशासन और समयबद्धता देखने योग्य रही। सभी संचलन तय समय पर शाम 6:30 बजेमहाराणा प्रताप प्रतिमा स्थल पर पहुंचे, जहां से एकीकृत रूप में संचलन नेहरू स्टेडियम की ओर बढ़ा। वहां विकीर की आज्ञा के बाद सभी स्वयंसेवक अनुशासित रूप से अपने-अपने घर लौटे। पूरे मार्ग पर शहरवासियों ने पुष्पवर्षा, वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारों से स्वागत किया। महिलाओं ने घर-घर रंगोली बनाकर वातावरण को और भी उत्सवमय बना दिया। घोष वाहिनी की 35 टुकड़ियों में 525 वादक घोष धुनें बजाते हुए आगे बढ़े। कलेक्टर-एसपी ने संभाली कमान, सुरक्षा और प्रबंधन रहे सटीक संचलन से पूर्व कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार ने पूरे रूट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल, क्यूआरएफ, राजस्व दल और नगर निगम की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। स्वागत के दौरान बिखरे फूलों को निगम कर्मियों ने तुरंत हटाया ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे। कहां-कहां से निकले संचलन हनुमान और रविदास उपनगर का संगम शहीद चौक पर हुआ, जबकि आंबेडकर और प्रताप उपनगर का संगम राम मंदिर चौराहे पर हुआ। इसके बाद तीन दिशाओं से आते हुए पांचों संचलन महाराणा प्रताप चौराहे पर एक साथ मिले। संचलन के दौरान कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने गणवेश पहनकर स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा से स्वागत किया।कई स्वयंसेवक दिल्ली, मुंबई, जयपुर और भरूच जैसे शहरों से विशेष अवकाश लेकर इस भव्य आयोजन में शामिल हुए। एंबुलेंस को सम्मानपूर्वक दिया रास्ता संगम स्थल पर एक एंबुलेंस पहुंचने पर स्वयंसेवकों ने तुरंत अनुशासनपूर्वक रास्ता दिया। यह दृश्य वहां मौजूद नागरिकों के लिए प्रेरणादायक रहा।

Ratlam News: संघ शताब्दी वर्ष पर पांच स्थानों से पथ संचलन, 20 हजार स्वयंसेवकों का होगा महासंगम

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार, 5 अक्टूबर को रतलाम शहर में ऐतिहासिक पथ संचलन निकाला जाएगा। शहर को पांच उपनगरों में विभाजित कर पांच अलग-अलग स्थानों से संचलन शुरू होगा, जिसका संगम सैलाना बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप चौराहे पर किया जाएगा। संचलन में लगभग 20 हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की तैयारी है। शनिवार देर शाम कलेक्टर मिशा सिंह और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस और राजस्व अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। शहर के सभी थानों का बल और क्विक रिएक्शन फोर्स (QRF) संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दी गई है। पांच स्थानों से निकलेगा संचलन स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण दोपहर 4 बजे होगा। बौद्धिक व प्रार्थना के बाद संचलन प्रारंभ होगा और शाम 6:30 बजे महाराणा प्रताप चौराहे पर महासंगम होगा। रूट और संगम स्थल खास बातें तैयारियों में जुटे स्वयंसेवक पिछले एक माह से स्वयंसेवक अभ्यास कर रहे हैं। घर-घर जाकर पुरुषों से संचलन में शामिल होने और महिलाओं से स्वागत हेतु रंगोली सजाने का आग्रह किया गया है।

RSS पथ संचलन: महाराष्ट्र में RSS के जुलूस को मुस्लिम भीड़ द्वारा रोकने की कोशिश, तनाव के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क।RSS पथ संचलन: दशहरा से एक दिन पहले महाराष्ट्र के रत्नागिरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस यानी पथ संचलन के दौरान तनाव पैदा हो गया। जानकारी के मुताबिक जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथ संचलन को रोकने का प्रयास किया।वहीं कथित तौर पर नारेबाजी की। इससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को कोंकण नगर इलाके में यह घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में कणकवली से विधायक और बीजेपी नेता नितेश राणे ने एक तथाकथित वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुछ लोगों को नारेबाजी करते हुए देखा गया था। घटना को लेकर नितेश ने वीडियो के साथ लिखा- ‘इसका हिसाब तो होगा… इंटरेस्ट के साथ’! रत्नागिरी में शुक्रवार शाम निकला था RSS का मार्चरत्नागिरी में शुक्रवार शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता कदम ताल करते हुए घोष के साथ मार्च कर रहे थे। संघ कार्यकर्ता कतार लगाकर चल रहे थे। इसी बीच कुछ अराजक तत्वों का झुंड इस मार्च को बाधित करने की कोशिश करते हुए दिखाई दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन लोगों को रोककर खड़े हुए थे, ताकि आरएसएस का मार्च निकल सके।वीडियो में देखा गया कि संघ कार्यकर्ताओं के आते ही वहां मौजूद अराजक तत्व नारेबाजी करने लगे। उन लोगों ने धार्मिक नारे लगाए। काफी देर तक ये लोग संघ कार्यकर्ताओं के मार्च के बीच नारेबाजी करते रहे। पुलिस वहां मोर्चा संभालकर डटी हुई थी और संघ का मार्च वहां से धीरे-धीरे आगे निकल गया था। फिलहाल पुलिस ने बताया कि जब दशहरा उत्सव की पूर्व संध्या पर आरएसएस ने इलाके में पथ संचलन किया तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए। हालांकि कोई हिंसा नहीं हुई। मगर रात को लोगों की भीड़ थाने में जुट गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहींपुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने शिकायतों के आधार पर दो मामले दर्ज किए हैं। पांच आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। भागवत ने विजयादशमी पर क्या कहा?नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने हिंदुओं से एक होने की अपील की। भागवत ने बांग्लादेश का उदाहरण दिया और कहा कि पहली बार हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रकृति बनी रहेगी तब तक न केवल हिंदू बल्कि सभी अल्पसंख्यक खतरे में रहेंगे। कमजोरी कोई विकल्प नहींसंघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हिंदुओं के लिए भी सीख है। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो कुछ हुआ? इसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं और जो लोग चिंतित हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे। मगर मूल मुद्दा हिंदुओं के खिलाफ बार-बार हो रहा अत्याचार है। भागवत ने आगे कहा कि अगर हम कमजोर हैं तो हम अत्याचार को आमंत्रित कर रहे हैं। हम जहां भी हैं, हमें एकजुट और सशक्त होने की जरूरत है। कमजोरी कोई विकल्प नहीं है। बांग्लादेश पर भड़के भागवतभागवत ने कहा कि बांग्लादेश में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें पाकिस्तान का साथ देना चाहिए क्योंकि उसके पास परमाणु शक्ति है और उन्हें भारत से खतरा है। उन्होंने कहा कि जिस देश को उसके निर्माण में पूरा समर्थन मिला, वह अब भारत के खिलाफ इस तरह के बयान को बढ़ावा दे रहा है।