भाई-बहन की पहाड़ी पर शुरू हुआ त्रिवेणी वन अभियान, वट-पीपल-नीम की त्रिवेणी रोपी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। हरियाली अमावस्या के अवसर पर रतलाम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नई पहल शुरू की गई। शिवगढ़ रोड स्थित भाई-बहन की पहाड़ी पर त्रिवेणी वन रोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा शिवगंगा अभियान, झाबुआ के संस्थापक महेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और समाजजनों की मौजूदगी में मंत्रोच्चार और विधिवत पूजन के साथ पहली त्रिवेणी रोपी गई। इसमें वट, पीपल और नीम के पौधे शामिल रहे। अभियान के आयोजकों ने इसे केवल पौधारोपण तक सीमित न रखते हुए लंबे समय तक पौधों के संरक्षण और देखभाल से जोड़ने का संकल्प लिया। ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ की संकल्पना बिरसा मुंडा सामाजिक सेवा समिति की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को त्रिवेणी रोपण से जोड़ना है। अभियान की संकल्पना ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ के रूप में रखी गई है। इसके तहत परिवारों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को अपने शुभ अवसरों पर त्रिवेणी लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि सामूहिक स्तर पर किए गए ऐसे प्रयास भविष्य में बड़े हरित क्षेत्र के निर्माण में मदद कर सकते हैं। भारत माता पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता पूजन के साथ हुई। मंच पर निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, अखंड ज्ञान आश्रम के संत स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, पद्मश्री महेश शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक तेजराम मांगरोदा, राजू महाराज और समिति के अशोक पाटीदार सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत समिति से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किया। सोनाक्षी चावड़ा ने सामूहिक वंदे मातरम् का गायन किया। महेश शर्मा बोले- प्रकृति से अलग नहीं है मनुष्य मुख्य अतिथि पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि मनुष्य प्रकृति से अलग नहीं है, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति का संरक्षण मानव जीवन के संरक्षण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल व्यक्तिगत प्रयास न रखकर सामूहिक जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। महेश शर्मा ने लोगों से आह्वान किया कि वे केवल एक बार पौधा लगाने तक सीमित न रहें। अपने जीवन के शुभ अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़कर लगातार त्रिवेणी रोपित करने की दिशा में आगे बढ़ें। संतों ने बताया त्रिवेणी का आध्यात्मिक महत्व आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज ने त्रिवेणी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि त्रिवेणी वन के निर्माण का संकल्प है। स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज सहित उपस्थित संतों ने अपने आशीर्वचन दिए। संतों ने त्रिवेणी वनम् को हरित और प्रेरणादायी स्थल के रूप में विकसित करने के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान की आगामी कार्ययोजना बताई कार्यक्रम के दौरान बिरसा मुंडा सामाजिक सेवा समिति के अशोक पाटीदार ने ‘त्रिवेणी वनम्’ अभियान की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने अभियान से अधिक से अधिक परिवारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को जोड़ने के लक्ष्य की जानकारी दी। अभियान में पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल और संरक्षण को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। यानी त्रिवेणी लगाने के बाद उसकी नियमित देखरेख पर भी ध्यान दिया जाएगा। वट, पीपल और नीम की त्रिवेणी रोपी हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित इस पहल में वट, पीपल और नीम का सामूहिक रोपण किया गया। आयोजकों के अनुसार त्रिवेणी का उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ छाया, जैव विविधता और पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में काम करना है। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों और समाजजनों ने भी त्रिवेणी रोपण में सहभागिता की। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्था के जोनल को-ऑर्डिनेटर संजय खंडेलवाल ने संस्था की गतिविधियों तथा प्रकृति और समाज के प्रति उसके दृष्टिकोण की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रीतेश गादिया ने आभार व्यक्त किया। रतलाम में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक पहल भाई-बहन की पहाड़ी पर शुरू हुआ त्रिवेणी वन अभियान रतलाम में पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक सहभागिता से जोड़ने की कोशिश है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लगाए गए पौधों की देखभाल कितनी निरंतरता से की जाती है और कितने परिवार व संस्थाएं इससे जुड़ती हैं। ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ की सोच के साथ शुरू हुई यह पहल भविष्य में बड़े हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होती है तो इसका लाभ पर्यावरण के साथ स्थानीय लोगों और जैव विविधता को भी मिल सकता है।

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल के 250 विद्यार्थियों ने शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में लगाए 500 पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में गुरु रामदास पब्लिक स्कूल, रतलाम ने एक सराहनीय पहल की। विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ मिलकर शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में भव्य पौधारोपण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा। 250 विद्यार्थियों ने लगाए 500 पौधे विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने बताया कि इस अभियान में करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया और मिलकर 500 पौधे लगाए। उन्होंने बताया कि स्कूल में हर वर्ष पौधारोपण की यह परंपरा निभाई जाती है। विद्यार्थी केवल पौधे लगाते ही नहीं, बल्कि पहले लगाए गए पौधों की देखभाल भी करते हैं, जिससे उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। हार्टफुलनेस संस्था ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के श्री के.बी. सोनी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया। गणमान्य अतिथि भी रहे मौजूद पौधारोपण कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। हरित भविष्य का दिया संदेश गुरु रामदास पब्लिक स्कूल और हार्टफुलनेस संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान ने यह संदेश दिया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने 127 से अधिक विद्यार्थियों को बांटी पाठ्य सामग्री, शिक्षकों और मेधावी छात्रों का भी हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने अपने सेवा संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एक और सराहनीय पहल की है। संस्था ने विचक्षण विद्यापीठ, कोटावाला बाग, रतलाम में अध्ययनरत 127 से अधिक विद्यार्थियों को लॉन्ग कॉपी, ड्राइंग कॉपी और अन्य आवश्यक पाठ्य सामग्री वितरित की। यह सेवा प्रकल्प ग्रुप सखी श्रीमती संगीता ललित कांठेड़ के सौजन्य से आयोजित किया गया। विशेष बात यह रही कि जेएसजी संगिनी उमंग ने मात्र 30 दिनों के भीतर अपना तीसरा सेवा प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का भी सम्मान किया गया। मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का किया सम्मान कार्यक्रम में विद्यालय के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं विद्यालय में शिक्षा दे रहे शिक्षक एवं स्टाफ को डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और संगिनी सखियों का आत्मीय स्वागत किया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। 30 दिनों में पूरे किए तीन सेवा प्रोजेक्ट जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा पिछले एक माह में लगातार तीन सेवा कार्य किए गए— अनेक पदाधिकारी और संगिनी सखियां रहीं मौजूद इस अवसर पर जोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता, ग्रुप की संस्थापक श्रीमती रमिला सकलेचा, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांठेड़, अध्यक्ष श्रीमती रेनू लूनिया सहित बिंदु कटारिया, मंजूषा ओरा, विजया लूनिया, सरोज चत्तर, श्रद्धा लुणावत, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, सुनीला पोरवाल, शोभा चाणोदिया, सरोज कासवा एवं अनेक संगिनी सखियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समाज सेवा और शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने कहा कि संस्था समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कार्य कर रही है। भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा प्रकल्प इसी प्रकार जारी रहेंगे।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग का हरित अभियान: 151 पौधों का वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा “उमंग के रंग – पर्यावरण सुरक्षा के संग” अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान जेएसजी एमपी रीजन द्वारा संचालित वृक्षारोपण प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें समूह की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वर्षा ऋतु के अवसर पर पहले लगभग 100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन सदस्याओं के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए यह संख्या बढ़ाकर 151 पौधों तक पहुंच गई। सभी पौधे बीबड़ौद कॉर्नर स्थित फार्म हाउस परिसर में लगाए गए। इस पर्यावरण अभियान का नेतृत्व ग्रुप अध्यक्ष रेणू लूनिया ने किया। कार्यक्रम में समूह की संस्थापक अध्यक्ष रमिला सकलेचा सहित कई वरिष्ठ सदस्याओं एवं बड़ी संख्या में सखियों की स्नेहिल उपस्थिति रही। सभी ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने कहा कि “आइए, एक पौधा लगाएं – प्रकृति को मुस्कुराएं” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है। वृक्षारोपण जैसे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने सभी सहभागी सदस्याओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर रतलाम में अभाविप का प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रतलाम द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि रतलाम डीएसपी आनंद सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वास्तविक प्रतिभा केवल परीक्षा में प्राप्त अंकों से नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम, संस्कार, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत से पहचानी जाती है। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अभाविप मालवा प्रांत के सह मंत्री मनोज जाट ने परिषद की कार्यप्रणाली, संगठन के उद्देश्यों तथा राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर अभाविप रतलाम नगर अध्यक्ष प्रो. जयश्री राठौर एवं नगर मंत्री केशव गुर्जर की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, समाजसेवी, पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, अभिभावक एवं शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। अभाविप द्वारा आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उनकी उपलब्धियों को समाज के सामने सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करने की बात कही।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग की अनोखी पहल: जरूरतमंद सब्जी विक्रेताओं को बांटी छतरियां और रेनकोट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सामाजिक सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने बारिश के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता के लिए सराहनीय पहल की। संस्था ने ‘उमंग के रंग, सेवा के संग’ अभियान के तहत ‘बरसात से राहत’ सेवा प्रोजेक्ट आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सब्जी विक्रेताओं को 50 छतरियों एवं रेनकोट का वितरण किया। यह सेवा प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा जुलाई माह के लिए दिए गए ‘बारिश से राहत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा ऋतु में जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को बारिश से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम 7 जुलाई, मंगलवार को जैन स्कूल, सागोद रोड गेट, रतलाम पर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां बेचने आने वाले विक्रेताओं को छतरियां और रेनकोट वितरित किए गए। इस सेवा कार्य के माध्यम से संगिनी उमंग परिवार ने मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस सेवा प्रोजेक्ट में समूह की 30 से अधिक सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम सखी मीना रमेश गादिया के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया, रमिला सकलेचा और संगीता कांठेड़ ने मीना गादिया का स्वागत किया। संस्था की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए इसी प्रकार के सेवा कार्य निरंतर किए जाएंगे। ग्रुप की सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

रतलाम में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

रतलाम में 16 जुलाई 2026 को श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलेगी। आयोजन समिति ने महापौर प्रह्लाद पटेल एवं MIC सदस्यों को आमंत्रित कर अधिक से अधिक नागरिकों से धर्म लाभ लेने की अपील की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति द्वारा आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को समिति के पदाधिकारियों ने रतलाम नगर निगम के महापौर प्रह्लाद पटेल से सौजन्य भेंट कर उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर नगर निगम के सभी MIC (एमआईसी) सदस्यों को भी आमंत्रित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया गया। समिति ने बताया कि श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे श्री भगवान जगदीश मंदिर, थावरिया बाजार, रतलाम से प्रारंभ होगी। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति ने बताया कि रतलाम जिले में पिछले 29 वर्षों से इस भव्य धार्मिक आयोजन की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। यह रथयात्रा करीब 350 वर्ष पुराने मालवी एवं राजस्थानी शिल्पकला से निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकाली जाती है, जो जिले का एकमात्र प्राचीन जगन्नाथ मंदिर माना जाता है। समिति का उद्देश्य सामाजिक समरसता, धार्मिक एकता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देना है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने, शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाने तथा “धर्मो रक्षति रक्षितः” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। समिति ने रतलाम शहर एवं आसपास के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। रथयात्रा का कार्यक्रम

रतलाम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिया परामर्श, जांच पैकेजों पर 50% तक की छूट

रतलाम में भारत पैथोलॉजी लैब एवं कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने परामर्श दिया और जांच पैकेजों पर 50% तक की छूट दी गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। शहर में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार को भारत पैथोलॉजी लैब एवं कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रतलाम सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज के सहयोग से भारत पैथोलॉजी लैब, 80 फीट रोड, रतलाम में संपन्न हुआ। शिविर में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार पी.के. (एमडी मेडिसिन) एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना चौहान ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। कार्यक्रम में समाज के सदस्यों सहित शहर के बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ सलाह का लाभ उठाया। शिविर के दौरान रक्तचाप, ब्लड शुगर सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांचें निःशुल्क की गईं। साथ ही विभिन्न पैथोलॉजी जांच पैकेजों पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा भदोरिया डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा सोनोग्राफी जांचों पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट प्रदान की गई। चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान रतलाम सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल आचार्य एवं उनकी टीम ने दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। आयोजन में डॉ. आई.पी. त्रिवेदी, डॉ. गणेश आचार्य, शकुंतला पंड्या, मधुसूदन पंड्या, मनीष रावल, सुभाष भग, राकेश व्यास, अंशुमन जोशी, कृष्ण वल्लभ मेहता, बालकृष्ण उपाध्याय, सतीश शर्मा, जयंत उपाध्याय, मंगल जोशी एवं सुनील शर्मा सहित समाज के अनेक पदाधिकारियों और सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम की सफलता में भारत पैथोलॉजी लैब के दीपक शर्मा एवं कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के सुशील उपाध्याय की भूमिका भी सराहनीय रही।

श्री गुरुजी बालक छात्रावास में प्रवेशोत्सव संपन्न, 7 नए विद्यार्थियों का हुआ स्वागत

सेवा भारती रतलाम द्वारा संचालित श्री गुरुजी बालक छात्रावास में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। 7 नए विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मण परवाल ने संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा भारती रतलाम द्वारा संचालित श्री गुरुजी बालक छात्रावास में रविवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं अभिनंदन के लिए भव्य प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुभाष नगर स्थित छात्रावास परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, दुपट्टा पहनाकर तथा पेन-कॉपी भेंट कर स्वागत किया गया। इस वर्ष छात्रावास में कुल 7 नए विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त वातावरण में शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रसेवा और व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित करना रहा। वैदिक हवन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ प्रवेशोत्सव की शुरुआत वैदिक हवन-पूजन से हुई, जिसमें सभी छात्र शामिल हुए। हवन के मुख्य यजमान सेवा भारती रतलाम समिति के सदस्य संजीव पाठक एवं उनकी धर्मपत्नी रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना की। इसके बाद भारत माता, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं पूजनीय श्री गुरुजी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बनेगा सशक्त समाज: डॉ. लक्ष्मण परवाल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. लक्ष्मण परवाल ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक महत्वपूर्ण पाठशाला है। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को अनुशासन, स्वावलंबन, राष्ट्रभक्ति और जीवन मूल्यों की शिक्षा मिलती है, जो उनके भविष्य को दिशा प्रदान करती है। डॉ. परवाल ने विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का साधन मानने का आह्वान किया। सेवा भारती के प्रकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे सेवा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक सुरेन्द्र सुरेका ने कहा कि सेवा भारती के सेवा प्रकल्प समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता और अवसर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री गुरुजी बालक छात्रावास आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भारतीय संस्कार प्रदान कर रहा है। छात्रावास की व्यवस्थाओं की हुई सराहना कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को छात्रावास की कार्यप्रणाली, दैनिक दिनचर्या, अनुशासन व्यवस्था और सेवा भारती द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी गई। उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने छात्रावास के संस्कारमय वातावरण और व्यवस्थाओं की सराहना की। सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष अनुज छाजेड़ ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सचिव मोहित कसेरा ने किया। अंत में उपाध्यक्ष नितिन फलोदिया ने आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में उपस्थित रहे समाजजन कार्यक्रम में स्वतंत्र पाटनी, वीणा छाजेड़, राकेश मोदी, शीतल भंसाली, संजीव पाठक, योगेश जाट सहित सेवा भारती के कार्यकर्ता, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बकरीद से पहले गौ तस्करी रोकने की मांग, विहिप-बजरंग दल ने सौंपा ज्ञापन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। बकरीद पर्व के मद्देनज़र संभावित गौ तस्करी एवं गौ हत्या की आशंका को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल गौ रक्षा विभाग द्वारा मंगलवार को नवीन कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जिले में गौ तस्करी और अवैध पशु कटाई पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल गौ रक्षा विभाग के आह्वान पर आयोजित इस ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। ज्ञापन राजस्व अधिकारी को सौंपते हुए संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि बकरीद के दौरान अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को पहले से ही सतर्क रहना चाहिए, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और धार्मिक भावनाएं आहत न हों। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत गौ रक्षा प्रमुख जगदीश धाकड़, जिला अध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला संयोजक मुकेश व्यास, जिला मंत्री गौरव शर्मा, बजरंग दल जिला गौरक्षा प्रमुख दीपक प्रजापत, सह गौरक्षा प्रमुख गजेंद्र शक्तावत सहित जिला टोली, चारों प्रखंडों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी विश्व हिंदू परिषद सह प्रचार-प्रसार प्रमुख रिक्की सेन द्वारा दी गई।

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