BREAKING रतलाम में सेवा भारती का भव्य कन्या पूजन समारोह, 1600 से अधिक कन्याओं का पूजन, 500 से ज्यादा समाजजन हुए शामिल

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रतलाम- पब्लिक वार्ता, 

न्यूज़ डेस्क। रतलाम में सेवा भारती द्वारा आयोजित कन्या पूजन समारोह में रविवार को बड़ी संख्या में कन्याओं और समाजजनों ने भाग लिया। सगोद रोड स्थित श्री बुद्धेश्वर हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में 1600 से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जबकि 500 से ज्यादा समाजजन शामिल हुए। समारोह में बेटियों के सम्मान के साथ उनकी शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अतिथियों ने कहा कि कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर देना भी समाज की जिम्मेदारी है।

मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ

समारोह की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा सराफ उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि विकास कटारिया और श्वेता विंचुंकर रहे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक विक्रम थे।

सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष अनुज छाजेड़ ने संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए समाजजनों से सेवा गतिविधियों में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया।

डॉ. आशा सराफ ने की 25 हजार रुपए सहयोग देने की घोषणा

मुख्य अतिथि डॉ. आशा सराफ ने अपने संबोधन में बालिकाओं की शिक्षा, बेहतर पालन-पोषण और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

सेवा भारती द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए डॉ. सराफ ने संस्था के सेवा प्रकल्पों के लिए 25 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा भी की।

विशिष्ट अतिथि विकास कटारिया ने कहा कि सेवा भारती शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला स्वावलंबन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

वहीं, श्वेता विंचुंकर ने भारतीय संस्कृति में नारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और सृजन का प्रतीक माना गया है। आज की शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां ही भविष्य में परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाएंगी।

सेवा का अर्थ निस्वार्थ समर्पण, श्रेय लेना नहीं : विक्रम

समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक विक्रम ने सेवा और दान के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि सच्ची सेवा का आधार निस्वार्थ समर्पण है।

उन्होंने कहा कि सेवा किसी पर उपकार जताने या उसका श्रेय लेने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और ईश्वर के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन है। व्यक्ति को स्वयं को सेवा कार्यों का कर्ता मानने के बजाय एक माध्यम समझना चाहिए।

उन्होंने समाजहित में बिना किसी स्वार्थ और अहंकार के कार्य करने का संदेश दिया।

मंच पर नौ कन्याओं का प्रतीकात्मक पूजन

समारोह के दौरान मंचासीन अतिथियों ने नौ कन्याओं का प्रतीकात्मक पूजन किया। आयोजन में कुल 1600 से अधिक कन्याओं की सहभागिता रही।

इस अवसर पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, उनकी शिक्षा और समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित समाजजनों ने भी कन्याओं के सम्मान और उनके विकास में सहयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाजजन रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक, विभाग सह कार्यवाह, जिला कार्यवाह सहित सेवा भारती के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इनमें सेवा भारती अध्यक्ष अनुज छाजेड़, राकेश मोदी, मोहित कसेरा, अभिनव बरमेचा, स्वतंत्र पाटनी, नितिन फलोदिया, शीतल भंसाली, संगीता जैन, निधि अग्रवाल, आशा दुबे, संजीव पाठक, राजेश गोयल, सुरेश वर्मा, योगेश जात और अर्पित गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन मोहित कसेरा ने किया। आयोजन संयोजक शीतल भंसाली ने अतिथियों, कन्याओं, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कन्या पूजन के साथ बेटियों को शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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