RSS मालवा प्रांत: 100% गांवों तक पहुंच, 90% घरों में संपर्क

इंदौर– पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बाद मालवा प्रांत के प्रांत संघचालक द्वारा इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के शताब्दी वर्ष के दौरान हुए व्यापक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। हाल ही में हरियाणा के समालखा (पानीपत) में 13 से 15 मार्च तक आयोजित प्रतिनिधि सभा में देशभर से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में संघ के कार्य विस्तार, संगठन मजबूती और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मालवा प्रांत में बड़ा विस्तार संघ ने दावा किया कि शताब्दी वर्ष के दौरान मालवा प्रांत में संगठन ने 100% गांवों और सभी मोहल्लों तक पहुंच बनाई, वहीं करीब 90% घरों तक संपर्क स्थापित किया गया। गृह संपर्क अभियान में बड़ी भागीदारी गृह संपर्क अभियान के तहत मालवा प्रांत में: इस दौरान शहरी क्षेत्रों में साहित्य वितरण और ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्रों का वितरण किया गया। युवा और समाज कार्यक्रमों में रिकॉर्ड भागीदारी महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। प्रशिक्षण और संगठन मजबूती सामाजिक समरसता और विशेष संपर्क संघ द्वारा सामाजिक सद्भाव और समरसता को बढ़ावा देने के लिए: संघ ने स्पष्ट किया कि सहमत और असहमत सभी वर्गों के लोगों से संवाद जारी रहेगा। बड़ा संगठनात्मक बदलाव 2027 से संघ की संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए:  देशभर में सामाजिक अभियान संघ और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा: आगामी कार्यक्रम

चंपा विहार में विश्व हिंदू परिषद का कुटुंब प्रबोधन संवाद कार्यक्रम संपन्न, परिवार में संवाद और संस्कारों पर दिया जोर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। चंपा विहार में विश्व हिंदू परिषद द्वारा कुटुंब प्रबोधन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने सर्व समाज के साथ संवाद करते हुए परिवार, संस्कार और धर्म जागरूकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर परिवार को सप्ताह में कम से कम एक दिन ऐसा तय करना चाहिए, जब पूरा परिवार एक साथ बैठकर संवाद करे और साथ में भोजन करे। इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और समझ बढ़ती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बेटों और बेटियों को हिंदू धर्म की परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों के बारे में अवश्य समझाएं, ताकि नई पीढ़ी अपने धर्म को सही तरीके से जान सके। आलोक कुमार ने कहा कि परिवार में किसी सदस्य के जन्मदिन के अवसर पर धार्मिक यात्रा, गौ सेवा या समाज सेवा जैसे कार्य किए जाने चाहिए। इससे बच्चों में सेवा और संस्कार की भावना विकसित होती है। उन्होंने समाज को जागरूक रहने और बेटियों को धार्मिक व सांस्कृतिक शिक्षा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। संवाद के दौरान आगामी कार्यक्रमों रामोत्सव, हनुमान उत्सव और स्थापना दिवस को जिला, प्रखंड, खंड, मोहल्ला समिति और ग्राम समिति स्तर तक आयोजित करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर मंच पर विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री जितेंद्र पवार, मालवा प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, प्रांत सह मंत्री महेश आंजना, विभाग मंत्री सौरभ चतुर्वेदी, विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, रतलाम जिला अध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला मंत्री गौरव शर्मा, जिला संयोजक मुकेश व्यास सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जावरा जिला अध्यक्ष मधुसूदन, जावरा जिला मंत्री तूफान सिंह सहित रतलाम, जावरा और झाबुआ जिलों के पदाधिकारी, प्रखंड व खंड स्तर के कार्यकर्ता, व्यापारी बंधु और समाजसेवी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की जानकारी विश्व हिंदू परिषद रतलाम जिला सह प्रचार-प्रसार प्रमुख रिक्की सेन द्वारा दी गई।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग का भव्य फाग उत्सव, 100 से अधिक महिलाओं ने लिया होली महोत्सव का आनंद

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। शहर में होली के रंगों और उत्साह के बीच जेएसजी संगिनी उमंग परिवार द्वारा भव्य फाग उत्सव होली महोत्सव का आयोजन किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम में ग्रुप की 100 से अधिक सखियों ने भाग लेकर होली के त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने डीजे और ढोल की धुन पर शानदार नृत्य प्रस्तुत करते हुए जमकर मस्ती की और फाग उत्सव का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर ग्रुप की पदाधिकारियों और बोर्ड मेंबर ने भी होली के गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम को और भी रोचक बनाने के लिए मनोरंजन समिति द्वारा कई मजेदार गेम्स आयोजित किए गए, जिनमें सभी सखियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं भोजन समिति द्वारा स्वादिष्ट और सुस्वादु व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई, जिसका सभी ने आनंद लिया। इस अवसर पर जानकारी देते हुए ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया ने बताया कि इस वर्ष संगिनी उमंग परिवार द्वारा कुल 26 सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसके लिए ग्रुप को एमपी रीजन द्वारा 5 अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने इन उपलब्धियों के लिए सभी सदस्यों के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह सहयोग बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप सचिव निर्मला पटवा और अनीता कोठारी द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह, रंग और उमंग का माहौल देखने को मिला।

Ratlam News: रतलाम में निजी स्कूलों की मनमानी पर घिरी प्रशासनिक व्यवस्था, ग्राहक पंचायत ने जनसुनवाई में उठाया मुद्दा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की रतलाम इकाई ने जिले में निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जोरदार तरीके से आवाज उठाई। प्रांतीय उपाध्यक्ष अनुराग लोखंडे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए निजी शिक्षण संस्थाओं द्वारा फीस, किताबों और यूनिफॉर्म के नाम पर की जा रही मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। हर साल बढ़ता आर्थिक बोझ, अभिभावक परेशान ग्राहक पंचायत ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद निजी स्कूल प्रबंधन हर साल अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डाल रहे हैं। वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया जारी होने के कारण तत्काल निगरानी व्यवस्था लागू करने की जरूरत बताई गई, ताकि कोई भी स्कूल मनमाने तरीके से शुल्क और सामग्री थोप न सके। संयुक्त निगरानी टीम बनाने का सुझाव प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि प्रवेश सत्र के दौरान आकस्मिक जांच के लिए एक संयुक्त टीम गठित की जाए, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अभिभावक और उपभोक्ता हितों से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हों। इस टीम की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई। इन मुद्दों पर जताई गंभीर आपत्ति कार्रवाई की मांग ग्राहक पंचायत ने प्रशासन से मांग की कि इन सभी बिंदुओं पर सख्त निगरानी रखते हुए दोषी संस्थाओं पर कार्रवाई की जाए, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और विद्यार्थियों को बिना आर्थिक दबाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में अनुराग लोखंडे के साथ महेंद्र भंडारी, सत्येन्द्र जोशी, श्याम ललवानी, नरेश सकलेचा, संजीव राव और जिला प्रचार प्रमुख नीरज कुमार शुक्ला सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Chandra Grahan 2026: धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जिसका प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक तो कुछ पर सावधानी बरतने वाला रहेगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:48 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का सूतक काल करीब 9 घंटे पहले, यानी सुबह 6:20 बजे से प्रभावी माना जाएगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी माना जा रहा है। इन राशियों के लिए रहेगा शुभ वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभकारी संकेत दे रहा है। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और अटका हुआ पैसा मिलने के योग बन रहे हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में पुराने सौदे फाइनल हो सकते हैं। परिवार का माहौल भी बेहतर रहेगा। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों को इस ग्रहण से नए संपर्क और नए अवसर मिल सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार में खुशखबरी मिलने की संभावना भी बन रही है। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत दे रहा है। बिजनेस में नई डील या प्रोजेक्ट मिल सकता है और नौकरी में पहचान बढ़ेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। इन राशियों को रहना होगा सावधान सिंह राशि ग्रहण आपकी ही राशि में लग रहा है, इसलिए विशेष सतर्कता जरूरी है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां, तनाव और काम में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। निर्णय सोच-समझकर लें। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए खर्च बढ़ने के योग हैं। निवेश और उधार देने में सावधानी रखें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है। कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए काम में बाधाएं और देरी हो सकती है। गलतफहमी से बचें और शांत रहकर काम करें। मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय मानसिक दबाव बढ़ाने वाला हो सकता है। घर में बुजुर्गों की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में शुभ कार्य और नई शुरुआत नहीं की जाती। ग्रहण के समय मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर सफेद वस्त्र, चावल या चीनी का दान करना अच्छा माना जाता है। डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं की जाती है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Holi Date 2026: 2026 में होली की वास्तविक तारीख क्या है?: जानिए सही समय और खास बातें

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Holi Date 2026: हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार होली हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाया जाता है। यह पर्व रंग, उमंग और भाईचारे का प्रतीक है। साल 2026 में होली की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ी उलझन बनी हुई है, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार रंगों की होली 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी, जबकि होलिका दहन 3 मार्च 2026, मंगलवार को किया जाएगा। कब है होलिका दहन 2026? फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 शाम 5:55 बजे से होगी और यह 3 मार्च 2026 शाम 4:40 बजे तक रहेगी। इस दौरान भद्रा का साया भी रहेगा, जो 2 मार्च शाम 5:55 बजे से 3 मार्च सुबह 5:32 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते, इसलिए होलिका दहन भद्रा समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:3 मार्च 2026, शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक इसी समय पूजा और दहन करना शुभ माना गया है। चंद्रग्रहण का भी रहेगा प्रभाव 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है, जोदोपहर 3:21 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। इसका सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंग खेलने की परंपरा नहीं निभाई जाएगी और अगले दिन यानी 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। होलाष्टक और रंगभरी एकादशी ऐसे करें होलिका दहन की पूजा होलिका दहन के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शाम को पूजा की थाली तैयार कर दहन स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। पूजन सामग्री में शामिल करें: इसके बाद विधि-विधान से पूजा कर होलिका दहन करें। होली का महत्व होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व लोगों के बीच प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का संदेश देता है। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों में तिथियों और परंपराओं में हल्का अंतर संभव है।

Golu Devta Temple: चितई गोलू देवता मंदिर: चिट्ठी लिखते ही मिलता न्याय, घंटियों से गूंजती आस्था की अद्भुत परंपरा

चितई (अल्मोड़ा/उत्तराखंड)- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Golu Devta Temple: देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड अपने अनोखे धार्मिक स्थलों और मान्यताओं के लिए जानी जाती है। इन्हीं में से एक है चितई गोलू देवता मंदिर, जहां श्रद्धालु न्याय की उम्मीद लेकर चिट्ठियां लिखते हैं और मान्यता है कि यहां की अर्जी खाली नहीं लौटती। न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध अल्मोड़ा जिले में स्थित यह मंदिर भगवान गोलू देवता को समर्पित है, जिन्हें स्थानीय लोग “न्याय के देवता” के रूप में पूजते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने और अर्जी लगाने से व्यक्ति को न्याय मिलता है और उसकी मनोकामना पूरी होती है। कहा जाता है कि गोलू देवता भगवान भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं और कुमाऊं क्षेत्र में उन्हें राजा का दर्जा भी प्राप्त है। चिट्ठियों और घंटियों की अनोखी परंपरा इस मंदिर की सबसे खास परंपरा है—चिट्ठी लिखना। श्रद्धालु अपनी समस्या, प्रार्थना या न्याय की मांग को कागज पर लिखकर मंदिर में अर्जी के रूप में चढ़ाते हैं। कई लोग स्टांप पेपर पर भी अपनी अर्जी लिखते हैं। जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो भक्त मंदिर में घंटी चढ़ाते हैं। यही कारण है कि मंदिर परिसर में हजारों-लाखों घंटियां टंगी दिखाई देती हैं, जो आस्था और विश्वास की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। ऐसी है गोलू देवता की मूर्ति मंदिर में स्थापित गोलू देवता की प्रतिमा सफेद रंग की है और वे घोड़े पर सवार हैं। प्रतिमा में देवता पगड़ी धारण किए हुए हैं और उनके हाथ में धनुष-बाण है, जो न्याय और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु चितई गोलू देवता मंदिर की ख्याति देशभर में फैली हुई है। उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं के साथ न्याय की गुहार लगाते हैं। Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित है। इसे अंतिम सत्य न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें।

महाशिवरात्रि पर रतलाम में गूंजा घोष वादन, 29 वादकों ने मंदिरों में रचा शिवमय माहौल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रतलाम शहर में अखिल भारतीय घोष दिवस के तहत भव्य घोष वादन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के विभिन्न प्रमुख मंदिरों में आयोजित इस कार्यक्रम में 29 घोष वादकों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया और श्रद्धालुओं को शिव भक्ति में सराबोर कर दिया। WATCH VIDEO कार्यक्रम में नगर के चार घोष केंद्रों के वादकों ने भाग लिया। इनमें दो शंख वादक, दो वेणु वादक, 18 आनक वादक, दो पणव वादक, एक त्रिभुज वादक तथा दो झल्लरी वादक शामिल रहे। सभी वादकों ने घोष प्रमुख के नेतृत्व में समन्वित और अनुशासित प्रस्तुति दी, जिससे पूरे आयोजन में अद्भुत सामंजस्य देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर प्रांत घोष प्रमुख आशुतोष शर्मा का रतलाम प्रवास भी रहा। उनके मार्गदर्शन में सभी प्रस्तुतियां प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। घोष वादन का आयोजन अमरेश्वर महादेव मंदिर (कॉलेज रोड), दंडी स्वामी मठ स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर, दो मुंह की बावड़ी और शक्ति नगर स्थित महाकाल मंदिर में किया गया। इन सभी स्थानों पर घोष वादन की गूंज से वातावरण शिवमय हो उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में सभी वादकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन रतलाम में महाशिवरात्रि उत्सव का विशेष आकर्षण रहा और शहरवासियों ने इसे भक्तिभाव के साथ सराहा।

रतलाम होगा शिवमय: 14 फरवरी को दो बत्ती पर भव्य शिव महाआरती, विशेष प्रसादी का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। शहर में एक बार फिर भक्ति की गूंज सुनाई देने वाली है। युवा संकल्प ग्रुप रतलाम द्वारा आयोजित भव्य शिव आराधना एवं शिव महाआरती का तीसरा वर्ष 14 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। आयोजन रात 8 बजे दो बत्ती चौराहा, रतलाम पर होगा। आयोजन से जुड़े अंकुश श्रीवास्तव मित्र मंडल ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी रतलाम को शिवमय बनाने की तैयारी की गई है। कार्यक्रम में भगवान शिव की भव्य आराधना, मंत्रोच्चार और सामूहिक महाआरती की जाएगी। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अपने परिवार और मित्रों सहित अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु “जय श्री महाकाल” के जयघोष के साथ भक्ति में सराबोर होंगे। शिव महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसादी वितरण भी रखा गया है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में भी इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। शहर के श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आस्था और भक्ति का एक विशेष अवसर रहेगा।

JSG संगिनी उमंग का सुख शक्ति धाम में ध्यान शिविर, जैन तीर्थ बीबड़ौद व जयंतसेन धाम में किए दर्शन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। JSG संगिनी उमंग परिवार रतलाम द्वारा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत सुख शक्ति धाम ध्यान केंद्र का सामूहिक भ्रमण एवं ध्यान शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप की लगभग 60 सखियों ने सहभागिता की। ध्यान केंद्र पर योग गुरु द्वारा ध्यान के महत्व, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके पश्चात सभी सखियों को सामूहिक रूप से ध्यान भी करवाया गया, जिससे सभी ने आत्मिक शांति का अनुभव किया। ध्यान सत्र के बाद समूह जैन तीर्थ बीबड़ौद जी पहुंचा, जहां चाय-नाश्ते के उपरांत प्रभु दर्शन, चैत्यवंदन एवं प्रभु भक्ति की गई। इस दौरान सखियों ने मनोरंजक गेम्स भी खेले, जिससे वातावरण उत्साहपूर्ण और आनंदमय बना रहा। बाद में सभी ने सामूहिक भोजन किया। इसके पश्चात समूह ने जैन तीर्थ जयंतसेन धाम पहुंचकर दर्शन-वंदन किए और धार्मिक वातावरण में समय व्यतीत किया। कार्यक्रम का संपूर्ण आयोजन ग्रुप की सखियों द्वारा सेल्फ कंट्रीब्यूशन से किया गया। सुख शक्ति धाम एवं बीबड़ौद आने-जाने के लिए 4 मैजिक वाहनों की व्यवस्था की गई, जिसका खर्च ग्रुप की सदस्य रश्मि जी जैन द्वारा वहन किया गया। इस अवसर पर रश्मि जी जैन का स्वागत ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया द्वारा किया गया, वहीं कार्यक्रम में सहयोग देने वाली सभी सखियों का आभार ग्रुप सचिव अनीता कोठारी ने व्यक्त किया। यह आयोजन आध्यात्मिक जागरूकता, सामूहिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला रहा।