Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Chandra Grahan 2026: धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जिसका प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक तो कुछ पर सावधानी बरतने वाला रहेगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:48 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का सूतक काल करीब 9 घंटे पहले, यानी सुबह 6:20 बजे से प्रभावी माना जाएगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी माना जा रहा है। इन राशियों के लिए रहेगा शुभ वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभकारी संकेत दे रहा है। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और अटका हुआ पैसा मिलने के योग बन रहे हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में पुराने सौदे फाइनल हो सकते हैं। परिवार का माहौल भी बेहतर रहेगा। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों को इस ग्रहण से नए संपर्क और नए अवसर मिल सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार में खुशखबरी मिलने की संभावना भी बन रही है। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत दे रहा है। बिजनेस में नई डील या प्रोजेक्ट मिल सकता है और नौकरी में पहचान बढ़ेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। इन राशियों को रहना होगा सावधान सिंह राशि ग्रहण आपकी ही राशि में लग रहा है, इसलिए विशेष सतर्कता जरूरी है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां, तनाव और काम में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। निर्णय सोच-समझकर लें। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए खर्च बढ़ने के योग हैं। निवेश और उधार देने में सावधानी रखें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है। कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए काम में बाधाएं और देरी हो सकती है। गलतफहमी से बचें और शांत रहकर काम करें। मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय मानसिक दबाव बढ़ाने वाला हो सकता है। घर में बुजुर्गों की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में शुभ कार्य और नई शुरुआत नहीं की जाती। ग्रहण के समय मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर सफेद वस्त्र, चावल या चीनी का दान करना अच्छा माना जाता है। डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं की जाती है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Holi Date 2026: 2026 में होली की वास्तविक तारीख क्या है?: जानिए सही समय और खास बातें

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Holi Date 2026: हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार होली हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाया जाता है। यह पर्व रंग, उमंग और भाईचारे का प्रतीक है। साल 2026 में होली की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ी उलझन बनी हुई है, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार रंगों की होली 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी, जबकि होलिका दहन 3 मार्च 2026, मंगलवार को किया जाएगा। कब है होलिका दहन 2026? फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 शाम 5:55 बजे से होगी और यह 3 मार्च 2026 शाम 4:40 बजे तक रहेगी। इस दौरान भद्रा का साया भी रहेगा, जो 2 मार्च शाम 5:55 बजे से 3 मार्च सुबह 5:32 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते, इसलिए होलिका दहन भद्रा समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:3 मार्च 2026, शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक इसी समय पूजा और दहन करना शुभ माना गया है। चंद्रग्रहण का भी रहेगा प्रभाव 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है, जोदोपहर 3:21 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। इसका सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंग खेलने की परंपरा नहीं निभाई जाएगी और अगले दिन यानी 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। होलाष्टक और रंगभरी एकादशी ऐसे करें होलिका दहन की पूजा होलिका दहन के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शाम को पूजा की थाली तैयार कर दहन स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। पूजन सामग्री में शामिल करें: इसके बाद विधि-विधान से पूजा कर होलिका दहन करें। होली का महत्व होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व लोगों के बीच प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का संदेश देता है। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों में तिथियों और परंपराओं में हल्का अंतर संभव है।

Golu Devta Temple: चितई गोलू देवता मंदिर: चिट्ठी लिखते ही मिलता न्याय, घंटियों से गूंजती आस्था की अद्भुत परंपरा

चितई (अल्मोड़ा/उत्तराखंड)- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Golu Devta Temple: देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड अपने अनोखे धार्मिक स्थलों और मान्यताओं के लिए जानी जाती है। इन्हीं में से एक है चितई गोलू देवता मंदिर, जहां श्रद्धालु न्याय की उम्मीद लेकर चिट्ठियां लिखते हैं और मान्यता है कि यहां की अर्जी खाली नहीं लौटती। न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध अल्मोड़ा जिले में स्थित यह मंदिर भगवान गोलू देवता को समर्पित है, जिन्हें स्थानीय लोग “न्याय के देवता” के रूप में पूजते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने और अर्जी लगाने से व्यक्ति को न्याय मिलता है और उसकी मनोकामना पूरी होती है। कहा जाता है कि गोलू देवता भगवान भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं और कुमाऊं क्षेत्र में उन्हें राजा का दर्जा भी प्राप्त है। चिट्ठियों और घंटियों की अनोखी परंपरा इस मंदिर की सबसे खास परंपरा है—चिट्ठी लिखना। श्रद्धालु अपनी समस्या, प्रार्थना या न्याय की मांग को कागज पर लिखकर मंदिर में अर्जी के रूप में चढ़ाते हैं। कई लोग स्टांप पेपर पर भी अपनी अर्जी लिखते हैं। जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो भक्त मंदिर में घंटी चढ़ाते हैं। यही कारण है कि मंदिर परिसर में हजारों-लाखों घंटियां टंगी दिखाई देती हैं, जो आस्था और विश्वास की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। ऐसी है गोलू देवता की मूर्ति मंदिर में स्थापित गोलू देवता की प्रतिमा सफेद रंग की है और वे घोड़े पर सवार हैं। प्रतिमा में देवता पगड़ी धारण किए हुए हैं और उनके हाथ में धनुष-बाण है, जो न्याय और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु चितई गोलू देवता मंदिर की ख्याति देशभर में फैली हुई है। उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं के साथ न्याय की गुहार लगाते हैं। Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित है। इसे अंतिम सत्य न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें।

महाशिवरात्रि पर रतलाम में गूंजा घोष वादन, 29 वादकों ने मंदिरों में रचा शिवमय माहौल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रतलाम शहर में अखिल भारतीय घोष दिवस के तहत भव्य घोष वादन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के विभिन्न प्रमुख मंदिरों में आयोजित इस कार्यक्रम में 29 घोष वादकों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया और श्रद्धालुओं को शिव भक्ति में सराबोर कर दिया। WATCH VIDEO कार्यक्रम में नगर के चार घोष केंद्रों के वादकों ने भाग लिया। इनमें दो शंख वादक, दो वेणु वादक, 18 आनक वादक, दो पणव वादक, एक त्रिभुज वादक तथा दो झल्लरी वादक शामिल रहे। सभी वादकों ने घोष प्रमुख के नेतृत्व में समन्वित और अनुशासित प्रस्तुति दी, जिससे पूरे आयोजन में अद्भुत सामंजस्य देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर प्रांत घोष प्रमुख आशुतोष शर्मा का रतलाम प्रवास भी रहा। उनके मार्गदर्शन में सभी प्रस्तुतियां प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। घोष वादन का आयोजन अमरेश्वर महादेव मंदिर (कॉलेज रोड), दंडी स्वामी मठ स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर, दो मुंह की बावड़ी और शक्ति नगर स्थित महाकाल मंदिर में किया गया। इन सभी स्थानों पर घोष वादन की गूंज से वातावरण शिवमय हो उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में सभी वादकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन रतलाम में महाशिवरात्रि उत्सव का विशेष आकर्षण रहा और शहरवासियों ने इसे भक्तिभाव के साथ सराहा।

रतलाम होगा शिवमय: 14 फरवरी को दो बत्ती पर भव्य शिव महाआरती, विशेष प्रसादी का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। शहर में एक बार फिर भक्ति की गूंज सुनाई देने वाली है। युवा संकल्प ग्रुप रतलाम द्वारा आयोजित भव्य शिव आराधना एवं शिव महाआरती का तीसरा वर्ष 14 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। आयोजन रात 8 बजे दो बत्ती चौराहा, रतलाम पर होगा। आयोजन से जुड़े अंकुश श्रीवास्तव मित्र मंडल ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी रतलाम को शिवमय बनाने की तैयारी की गई है। कार्यक्रम में भगवान शिव की भव्य आराधना, मंत्रोच्चार और सामूहिक महाआरती की जाएगी। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अपने परिवार और मित्रों सहित अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु “जय श्री महाकाल” के जयघोष के साथ भक्ति में सराबोर होंगे। शिव महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसादी वितरण भी रखा गया है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में भी इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। शहर के श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आस्था और भक्ति का एक विशेष अवसर रहेगा।

JSG संगिनी उमंग का सुख शक्ति धाम में ध्यान शिविर, जैन तीर्थ बीबड़ौद व जयंतसेन धाम में किए दर्शन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। JSG संगिनी उमंग परिवार रतलाम द्वारा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत सुख शक्ति धाम ध्यान केंद्र का सामूहिक भ्रमण एवं ध्यान शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप की लगभग 60 सखियों ने सहभागिता की। ध्यान केंद्र पर योग गुरु द्वारा ध्यान के महत्व, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके पश्चात सभी सखियों को सामूहिक रूप से ध्यान भी करवाया गया, जिससे सभी ने आत्मिक शांति का अनुभव किया। ध्यान सत्र के बाद समूह जैन तीर्थ बीबड़ौद जी पहुंचा, जहां चाय-नाश्ते के उपरांत प्रभु दर्शन, चैत्यवंदन एवं प्रभु भक्ति की गई। इस दौरान सखियों ने मनोरंजक गेम्स भी खेले, जिससे वातावरण उत्साहपूर्ण और आनंदमय बना रहा। बाद में सभी ने सामूहिक भोजन किया। इसके पश्चात समूह ने जैन तीर्थ जयंतसेन धाम पहुंचकर दर्शन-वंदन किए और धार्मिक वातावरण में समय व्यतीत किया। कार्यक्रम का संपूर्ण आयोजन ग्रुप की सखियों द्वारा सेल्फ कंट्रीब्यूशन से किया गया। सुख शक्ति धाम एवं बीबड़ौद आने-जाने के लिए 4 मैजिक वाहनों की व्यवस्था की गई, जिसका खर्च ग्रुप की सदस्य रश्मि जी जैन द्वारा वहन किया गया। इस अवसर पर रश्मि जी जैन का स्वागत ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया द्वारा किया गया, वहीं कार्यक्रम में सहयोग देने वाली सभी सखियों का आभार ग्रुप सचिव अनीता कोठारी ने व्यक्त किया। यह आयोजन आध्यात्मिक जागरूकता, सामूहिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला रहा।

उमंग के रंग, सेवा के संग: JSG संगिनी उमंग रतलाम ने लगाया स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ₹50 में 650 जांचें

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित JSG संगिनी उमंग रतलाम द्वारा अपने सेवा के संकल्प के अंतर्गत एक और सराहनीय पहल करते हुए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 27 जनवरी 2026 को लॉयंस डायग्नोस्टिक सेंटर पर संपन्न हुआ। इस शिविर का आयोजन ग्रुप सखी प्रतिभा पाटनी के सौजन्य से किया गया, जिसमें आमजन को मात्र ₹50 शुल्क में लगभग ₹650 मूल्य की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में डॉक्टर परामर्श के साथ हृदय जांच, ECG, शुगर, किडनी, लीवर (SGPT), ब्लड प्रेशर एवं कैल्शियम जैसी महत्वपूर्ण जांचें की गईं। शिविर के दौरान रीजन चिकित्सा कमेटी कन्वीनर एवं अध्यक्ष श्री मनोज कटारिया तथा रतलाम ज़ोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ ग्रुप सखियों सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उठाया। आयोजन में ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया, बिंदु कटारिया, निर्मला पटवा, अनिता कोठारी, रश्मि जैन, प्रतिभा पाटनी, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, किरण मेहता, पुष्पलता जिन्दानी, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, स्नेहलता धाकड़ सहित अनेक सखियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार ग्रुप सचिव द्वारा व्यक्त किया गया।JSG संगिनी उमंग रतलाम की यह पहल समाज के प्रति उनकी निरंतर सेवा भावना और स्वास्थ्य जागरूकता को दर्शाती है।

मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन रतलाम ने मनाया गणतंत्र दिवस, 12 फरवरी की संयुक्त हड़ताल पर हुई रणनीतिक चर्चा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन (MPMSRU) रतलाम शाखा द्वारा आज गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर यूनियन कार्यालय पर ध्वजारोहण किया गया, जिसमें यूनियन पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। ध्वजारोहण कार्यक्रम में यूनियन अध्यक्ष अभिषेक जैन, सह-सचिव अविनाश पोरवाल, उपाध्यक्ष रशिद खान, कोषाध्यक्ष संजय व्यास सहित बड़ी संख्या में यूनियन के साथी उपस्थित रहे। सभी ने संविधान की मूल भावना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया। संयुक्त श्रम संगठनों की हड़ताल पर हुआ विचार-विमर्श कार्यक्रम के दौरान आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित संयुक्त श्रम संगठनों की हड़ताल को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में हड़ताल को सफल बनाने हेतु रणनीति एवं कार्ययोजना पर विचार-विमर्श कर रूपरेखा तय की गई। यूनियन पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मजदूरों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर यह हड़ताल महत्वपूर्ण है और इसमें अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। एकता और संगठन शक्ति का संदेश गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यूनियन की एकता, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

म.प्र–छत्तीसगढ़ का पहला आईएसओ प्रमाणित प्रेस क्लब बना रतलाम, पत्रकारिता में रचा नया इतिहास

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रतलाम प्रेस क्लब ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं आसपास के राज्यों में पहला आईएसओ प्रमाणित प्रेस क्लब बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि प्रेस क्लब द्वारा वर्षों से की जा रही अनुशासित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। आईएसओ प्रमाणीकरण मिलने के उपलक्ष्य में प्रेस क्लब भवन में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर कलेक्टर मीशा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से रतलाम प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को आईएसओ प्रमाण पत्र सौंपा। आईएसओ प्रमाणन से बढ़ी जिम्मेदारी : मंत्री काश्यप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि आईएसओ प्रमाणीकरण गुणवत्ता, अनुशासन और विश्वसनीयता का प्रतीक है। इससे रतलाम प्रेस क्लब की जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं। अब क्लब को पत्रकारिता की गुणवत्ता को और ऊंचाई तक ले जाने के साथ समाज के प्रति अपनी भूमिका को अधिक सशक्त रूप में निभाना होगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी कार्यप्रणाली स्वागत भाषण में रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने बताया कि आईएसओ प्रमाणीकरण के साथ ही रतलाम प्रेस क्लब मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ क्षेत्र का पहला ऐसा प्रेस क्लब बन गया है, जिसकी कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों की मान्यता मिली है। यह उपलब्धि पत्रकारों के हित में किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता को दर्शाती है। अतिथियों का स्वागत क्लब सचिव यश शर्मा, उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, सौरभ कोठारी, दिलजीत सिंह मान एवं कोषाध्यक्ष नीरज शुक्ला ने किया। कार्यक्रम का संचालन अदिति मिश्रा ने किया। समारोह के दौरान ढोल-नगाड़ों और संगीत के बीच पत्रकार साथियों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर खुशी जाहिर की। पत्रकारिता के क्षेत्र में मील का पत्थर आईएसओ प्रमाणन को केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि वर्षों से की जा रही मूल्यनिष्ठ और जिम्मेदार पत्रकारिता की पहचान माना जा रहा है। यह उपलब्धि पूरे संभाग के पत्रकार संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। गणतंत्र दिवस भी मनाया गया उत्साह के साथ आईएसओ प्रमाणीकरण समारोह के बाद प्रेस क्लब परिसर में गणतंत्र दिवस का भी उल्लासपूर्ण आयोजन हुआ। देशभक्ति गीतों, शेरो-शायरी, ग़ज़लों और कविताओं की प्रस्तुतियों से माहौल राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो गया। पत्रकार साथियों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए इसे रतलाम की पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित कार्यक्रम में सह-सचिव हेमंत भट्ट, वरिष्ठ सदस्य दिनेश दवे, चंद्रशेखर सोलंकी, किशोर जोशी, निलेश बाफना, विनोद वाधवा, शुभ दशोत्तर, मानस व्यास, चेतन्य शर्मा, सिकंदर पटेल, धरम वर्मा, विशेष आमंत्रित सदस्य आरिफ कुरैशी, गोविंद उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी, दिलीप पाटनी, राजेश मूणत, सुरेंद्र जैन, राजेश जैन, पूर्व सचिव रमेश टांक, अरुण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

गणतंत्र दिवस पर गोसेवा और देशभक्ति का संगम: संगिनी उमंग परिवार ने बकरा साला गौशाला में किया सेवा प्रोजेक्ट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। जय जिनेंद्र जैन सोशल ग्रुप (JSG) के संगिनी उमंग परिवार, रतलाम द्वारा सेवा के संकल्प के तहत एक और प्रेरणादायी सेवा प्रोजेक्ट का आयोजन किया गया। यह सेवा प्रोजेक्ट देश प्रेम संग जीव दया गोसेवा की भावना को समर्पित रहा। ग्रुप की सक्रिय सदस्य सखी किरण निर्मल जी मेहता द्वारा अपनी पोती के प्रथम जन्मदिवस के पावन अवसर पर बकरा साला गौशालामें गोसेवा का आयोजन किया गया। इस सेवा के अंतर्गत गौशाला में गायों को हरी घास , रोटी , खली, कपासिया एवं गुड़ का स्वल्पाहार कराया गया। इसी अवसर पर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में झोन कोऑर्डिनेटर निर्मल जी मेहता के सानिध्य में झंडा वंदन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में ग्रुप की अध्यक्ष रेनू लुनिया द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर ग्रुप की सखियां प्रतिभा पाटनी, अरुणा नाहर, ममता भंडारी, प्रीति जिंदानी, प्रीति खिलौसिया, हंसा गादीया, समता संघवी सहित अनेक सखियां एवं परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन निर्मला पटवा द्वारा किया गया। यह सेवा आयोजनदिनांक: 26 जनवरी 2026 (सोमवार)समय: प्रातः 8:15 बजे स्थान: बकरा साला गौशाला, त्रिवेणी रोड, रतलामपर संपन्न हुआ।

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