CBI जांच की मांग : गुर्जर समाज ने दिया राज्यपाल के नाम ज्ञापन, ग्वालियर में बनाया जा रहा समाज को निशाना

हिंसा की आड़ में निर्दोष गुर्जर छात्रों व युवाओं पर दर्ज हो रहे झूठे मुकदमे, प्रदेश के गुर्जर नेताओं ने साधी चुप्पी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। ग्वालियर में विगत दिनों हुई हिंसा के बाद गुर्जर समाज के लोगों पर प्रशासन एक के बाद एक कार्रवाई कर रहा है। इस मामले को लेकर अब रतलाम में भी गुर्जर समाज मुखर हो गया है। यहां समाज ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप सीबीआई जांच की मांग की। समाज ने आरोप लगाया कि युवाओं व छात्रों को जबरन आरोपी बना कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। समाज ने दावा किया है कि उनके खिलाफ षडयंत्र रचा गया है। वहीं देखने में यह भी आ रहा है कि पूरे मामले से बीजेपी व कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के गुर्जर नेताओं ने दूरी बना ली है। चुनाव नजदीक होने से कोई भी इस विवाद में पड़ना नहीं चाहता है। यहां तक कि नामजद आरोपियों ने भी राजनीतिक शरण लेने की कोशिश की मगर नेता साथ देने के मूड में नहीं है। गौरतलब है कि 25 सितंबर को गुर्जरों द्वारा निकाली जा रही ‘गुर्जर जागरूकता यात्रा’ के समापन के मौके पर ग्वालियर के फूलबाग मैदान में ‘गुर्जर महाकुंभ’ (Gurjar Smaaj Mahakumbh) का आयोजन किया गया था। इस महाकुंभ में शामिल होने आए लोग महाकुंभ के बाद ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट की और रवाना हो गए। इस दौरान कलेक्ट्रेट ऑफिस के गेट को पुलिस और प्रशासन ने बंद कर रखा था। अफसरों का कहना था कि वो अपना मांगपत्र यहीं सौंप दें, लेकिन भीड़ कलेक्ट्रेट ऑफिस के अंदर जाने की जिद पर अड़ रही। इसी बीच कुछ असमाजिक तत्वों ने बेरिकेडिंग तोड़ कलेक्ट्रेट में प्रवेश कर लिया। ज्ञापन में कहा गया कि ग्वालियर कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ व हिंसा हुई उसी दौरान फूलबाग में कार्यक्रम था जो वहीं शांति से समाप्त हो चुका था। इसमें गुर्जर समाज से संबंधित लोगों का हाथ ना होकर परिस्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि फायदा उठाकर असमाजिक तत्वों द्वारा षड्यंत्रपूर्वक यह हिंसा की गई। पुलिस व प्रशासन ने महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया। पुलिस ने शंका के आधार पर नामजद केस दर्ज करने के अलावा करीब 1 हजार से अधिक अज्ञात नाम से एफआईआर दर्ज की।कार्रवाई में छात्रों व युवाओं पर समाज के आधार पर झूठे प्रकरण  दर्ज करने के साथ ही मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है।ज्ञापन में कहा गया कि उक्त कार्रवाई अनुचित व अवैधानिक है। समाज को निशाना बनाया जा रहा है। रतलाम गुर्जर समाज ने ज्ञापन सौंपकर हिंसा के षड्यंत्र की सीबीआई जांच की मांग की। इस दौरान समाज जनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

निर्विघ्न मना त्यौहार : ईद मिलादुन्नबी जुलूस और गणेश विसर्जन शांति से संपन्न, पुलिस की रही चाकचौबंद व्यवस्था

रात में इस रूट से निकलेंगे परंपरागत अखाड़े और झांकिया, देखे तैयारियों का वीडियो पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में अनंत चतुर्दशी और ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार एक ही दिन एक साथ संपन्न हुआ। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही धर्मावलंबीयों ने अपने परंपरागत तौर तरीके से त्यौहार मनाया।  हिंदू समाज का अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का क्रम दिनभर चलता रहा, वहीं दूसरी और मुस्लिम समाज का ईद मिलादुन्नबी पर भव्य जुलूस भी तय रूट से शांति पूर्वक निकला।  दोनों ही त्यौहारों को शांति व सौहाद्र के साथ संपन्न करवाने का जिम्मा पुलिस पर था। इसको लेकर रतलाम पुलिस खासी सतर्क रही। पुलिस की बेहतर व्यवस्था से शहर में कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी वहीं ट्रैफिक भी दुरुस्त रहा। नागरिकों ने इसके लिए सोशल मीडिया पर पुलिस की जमकर सराहना भी की। आपको बता दे की रतलाम सांप्रदायिक लिहाज से प्रदेश में काफी संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि इस बार पुलिस के लिए दोनों त्यौहार एक साथ शांति से संपन्न करवाना एक चुनौती पूर्ण कार्य था। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गणेश विसर्जन के लिए प्रतिमाएं निकली जो कि कालिका माता व हनुमान ताल पर विसर्जित की गई। मुस्लिम समाज ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस निकाला जिसमें विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने कई प्रकार की खाने की वस्तुएं वितरित की। पुलिस अब रात की तैयारियों में जुट चुकी है। रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढा दिन भर राउंड पर रहे। साथ ही एएसपी राकेश खाखा और सीएसपी अभिनव बारंगे ने जुलूस और विसर्जन यात्राओं पर नजर रखे हुए थे। पुलिस अब रात में निकलने वाली झांकियों और अखाड़ों की तैयारियों में जुट चुकी है। एसपी राहुल कुमार लोढा ने पब्लिक वार्ता को बताया की व्यवस्थाएं बेहतर रहे इसके लिए हर जरूरी प्रयास किया गया है। दोपहर में जुलूस व विसर्जन जन सहयोग से पुरा हुआ। इसी तरह रात में भी व्यवस्थाएं बेहतर बनी रहे इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए गए है। पुलिस फोर्स हर पॉइंट पर तैनात रहेगा। रात को दिखाएंगे करतब, तैयारियां पुरीशहर में इस बार 10 से अधिक झांकियां निकाली जा रही हैं। साथ ही एक दर्जन से अधिक व्यायामशालाओं के 10 हजार से अधिक कलाकार हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। बड़ो के साथ ही नन्हें पहलवान भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।सभी झांकियां व अखाड़े अपने-अपने क्षेत्र से देर शाम को निकलेंगे। सभी झांकियां लोकेंद्र टॉकीज चौराहा, शहीद चौक, धानमंडी, गणेश देवरी, तोपखाना, चांदनीचौक, चौमुखीपुल, घासबाजार, डालूमोदी बाजार से होकर गुजरेंगी। झांकियों के कारवां के दौरान सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहेगा। सुबह करीब 9 बजे झांकियों व अखाड़ों का विसर्जन होगा।

पुलिसिंग मोड ON : अनंत चतुर्दशी और ईद-मिलादुन्नबी एक ही दिन, जुलूस को लेकर मुस्लिम समाज प्रमुखों की बैठक, रूट किया तय

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में इस बार पुलिस थोड़ी खास सतर्कता बरते हुए है। इसके पीछे कारण रतलाम का संवेदनशील होना और इस साल अनंत चतुर्दशी और ईद मीलादुन्नबी का त्यौहार एक ही दिन होना है। ऐसे में दोनों धर्मों के प्रमुख त्यौहार शांति व सोहाद्र से संपन्न हो इसके लिए रतलाम पुलिस ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। आपको बता दे कि अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के कार्यक्रम व विसर्जन यात्राएं निकलती है और हर साल ईद मिलादुन्नबी पर मुस्लिम समाज का एक बड़ा जुलूस भी निकलता है। दोनों त्यौहार के एक ही दिन होने से पुलिस ने रूट प्लान रेडी कर लिया है। वहीं सोमवार को मुस्लिम समाज के प्रमुख व्यक्तियों की एक बैठक लेकर उन्हें जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। इसके बाद अखाड़ों के प्रमुख लोगों के साथ भी पुलिस एक बैठक रखेगी। रतलाम एएसपी राकेश खाखा ने पुराने पुलिस कंट्रोल रूम में मुस्लिम समाज प्रमुखों की बैठक का आयोजन किया। पुराने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित शांति समिति बैठक में एसडीएम संजय केशव पांडेय, सीएसपी रतलाम अभिनव बारंगे भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समितियों से सभी त्यौहार शांतिपूर्वक मनाने एवं चल समारोह भी शांतिपूर्वक निकाले जाने की बात कही। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की दिनांक 28 सितंबर को ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस आबकारी चौराहा से शुरू होकर लोहार रोड→  हरदेवलाला पिपली → तोपखाना →चांदनी चौक→कसारा बाजार →भरावा कुई →रंगरेज रोड़ →घास बाजार→खेरादी वास → डालुमोदी बाजार → पैलेस रोड → महलवाड़ा → सूरज पोर →मोचीपुरा चौराहा → नगरनिगम → मेहंदीकुई → छत्रीपुल → थाना स्टेशन रोड  → घोड़ा चौराहा → दो बत्ती चौराहा → न्यू रोड → लोकेंद्र टाकीज → शहरसराय → शहीद चौक →आबकारी चौराहा →कसाई मंडी पर समाप्त होगा। रूट के अनुसार ही जुलूस निकाला जाएगा। इस साल रूट परिवर्तन कालिका माता क्षेत्र में विसर्जन कार्यक्रम के कारण परिवर्तित किया गया है। आने वाले  वर्ष से जुलूस अपने परंपरागत मार्ग से ही निकलेगा। निकलने वाले जुलूस का समय सुबह 08 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। बैठक में मुस्लिम समाज से इब्राहिम शेरानी, इमरान हुसैन, सलीम कुरैशी, सैय्यद उसदजेदी, काजी अफराज अली, मोहसिन खान, इमरान खोखर समेत अन्य समाजजन मौजूद रहे।

गणेशोत्सव की धूम : भगवा हिंद संगठन करवा रहा रोज नए आयोजन, खेलों के साथ समापन पर होगा भव्य भोजन भंडारा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर भर में गणेशोत्सव धूम धाम से मनाया जा रहा है। शहर के मुख्य चौराहे घास बाजार में भगवा हिंद संगठन द्वारा 10 दिवसीय गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। संगठन पिछले 30 सालों से गणेशोत्सव का आयोजन कर रहा है।  यहां भगवान गणेश की 7 फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिदिन आरती के पश्चात प्रसादी का वितरण किया जा रहा है। संगठन द्वारा पांडाल में बच्चों की खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। चम्मच अंटी रेस, चेयर रेस, पासिंग बोल जैसे विभिन्न खेल प्रतियोगिता यहां आयोजित की गई है। प्रतियोगिता के बाद विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरुस्कार भी वितरण किए जा रहे है। आखिरी के दो दिनों में महिलाओं के लिए गरबा रास का आयोजन भी संगठन के द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा भगवा हिंद संगठन परिवार की ओर से अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर 25 हजार लोगों का भव्य भंडारा रात्रि में किया जाएगा। सदस्यों ने आमजन से रात्रि 9 बजे गणेशोत्सव में शामिल होने की अपील की है।

आखिरकार मिला घर : मां आशापुरा सहयोग दल ने दिव्यांग भिक्षुक को 2 माह तक संभाला, ढूंढने पर महाराष्ट्र में मिला परिवार

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर की सड़क पर दयनीय हालात में मिला एक वृद्ध भिक्षुक आज अपने घर पहुंचा। आशापुरा दल को करीब 2 माह पूर्व सड़क पर एक भिक्षुक संतोष लाचार हालात में मिला। उस समय उसका एक पैर पहले से नहीं था और दूसरा पैर बुरी तरह से सड़ चुका था। उसमें कीड़े लग गए थे। जिसके बाद दल ने तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए भर्ती किया। स्थिति ज्यादा गंभीर होने व पर्याप्त साधन ना होने के कारण संतोष को इंदौर एमवाय हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। वहां ऑपरेशन कर डॉक्टर ने संतोष का दूसरा पैर भी अलग किया गया। संतोष मानसिक रूप से भी अस्वस्थ था। लंबे समय से संतोष एमवाय के सहारा वार्ड में उसके रख कर उसका इलाज कर उसकी कॉउंसलिंग की गई। जिसके फलस्वरूप अब संतोष अपने परिवार से मिल पाया है। नगर की समाजसेवी मेघा श्रोत्रिय ने जब परिजनों से फोन पर संतोष के बारे में बताया तो उनके आंसू छलक पड़े। परिजनों ने बताया कि घर में छोटी मोटी बातो को लेकर झगड़ों के कारण घर छोड़ चले गए थे। ढूंढने का काफी प्रयास किया, लेकीन कोई जानकारी नहीं मिली। आशापुरा दल टीम की सदस्य मेघा मेघा श्रोत्रिय ने बताया कि  भिक्षुक संतोष के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि उनका पूरा परिवार है। जो कि महाराष्ट्र के कोपरगांव में रहता है। संतोष ने अब जाकर सही जानकारी दी। संतोष के बताए पते पर उसके परिवार को खोजने के लिए टीम सदस्यो ने महाराष्ट्र के अहमद नगर पुलिस की सहायता ली। परिवार के मिल जाने पर पुलिस ने उनके परिजनों को पुरी घटना से अवगत करवाया। संतोष के स्वस्थ होने की खबर मिलते ही परिवार महाराष्ट्र से इंदौर आया। उनकी बेटी इंदौर आकर खुशी खुशी अपने पिता को साथ ले गई। संतोष को अस्पताल की ओर से दिव्यांग ट्राइसाइकिल भी भेंट कि गई। इस सराहनीय कार्य में आशापुरा सहयोग दल मेघा श्रोत्रिय , महाकाल मानव सेवा समिति इंदौर के जय्यू भैया, सीमा सिंह , प्रियांश पांडे , समस्त नर्सिंग स्टाफ, मेंटल हॉस्पिटल के जितेंद्र  जी , इमरान खान आदि का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

धूमधाम से मनाया लोकदेवता बाबा रामदेवजी का जन्मोत्सव, मारू भांबी समाज की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

  पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। लोकदेवता श्री बाबा रामदेवजी का जन्मोत्सव भादवा बीज रविवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हाट रोड स्थित शहर के अति प्राचीन बाबा रामदेवजी मंदिर पर श्री मारू भांबी समाज द्वारा दो दिवसीय उत्सव रखा गया। समाजजन भारी वर्षा के बीच चल समारोह में पैदल निकले। चल समारोह के बाद महाआरती का आयोजन किया गया।     श्री मारू भांबी सामाजिक सेवा समिति के रविन्द्र गहलोत ने बताया की समाज के आराध्य देवता श्री रामदेवजी के जन्मोत्सव पर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन रखा गया। इसमें समाज के उन छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे अंक हासिल किए। समिति द्वारा पिछले 4 माह में लगभग 5 लाख रुपये के कार्य मंदिर परिसर में किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रतलाम शहर विधायक चैतन्य काश्यप, विशिष्ट अतिथि राजसमंद पूर्व विधायक बंशीलाल गहलोत, समाज के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल मारू, जावरा के पूर्व पार्षद प्रदीप शर्मा थे। अतिथियों ने 20 से अधिक प्रतिभावान छात्र-छात्राओ को शील्ड व प्रोत्साहन राशि भेंट की। भारतीय यूथ बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ी गोल्ड मेडल विजेता मोहित जोकचंद को बंशीलाल जी गहलोत ने 50 हजार रूपये की राशि भेंट की। साथ ही धर्मशाला निर्माण में 20,000 रू. का पुनः सहयोग किया। जन्मोत्सव के अवसर पर शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि समाज में सांस्कृतिक कार्यक्रम हो या प्रतिभा सम्मान समारोह जैसे सृजनात्मक कार्यक्रम ऐसे समारोह सामाजिक समन्वय के लिए बहुत आवश्यक है और यह मेरे रतलाम शहर की अवधारणा में सर्वांगीण विकास के विचार को मजबूती देते है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष झमक पड़ियार, कोषाध्यक्ष राजेश बोचा, सहकोषाध्यक्ष प्रभूलाल राठौड़, युवा प्रकोष्ठ के गोलू भूमारचा सहित वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य, दीपेश पड़ियार, रमेश जोकचंद, महेश मकवाना, अमर भूमारचा, दिनेश पड़ियार, जगदीश मातोरिया, मनोज गोधा, मांगीलाल अनखे, बाबूलाल जोकचंद, बहादुर सिंह खांबू , नंदकिशोर खांबू , दीपक बामनिया, सावन राठौड़, सहित समस्त युवा कार्यकरिणी सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विकास शैवाल ने किया व आभार सचिव रविंद्र गहलोत ने माना।

गणेश चतुर्थी मुहूर्त : कब विराजमान होंगे घर में बप्पा ?, गजकेसरी व बुधादित्य का अदभुत योग

पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली, जयदीप गुर्जर। हर शुभ कार्य के पूजन में सबसे पहले भगवान श्री गणेश की पूजा की मान्यता है। उनके बाद अन्य देवताओं की पूजा की जाती हैं। किसी भी कर्मकांड में श्री गणेश की पूजा-आराधना सबसे पहले की जाती है क्योंकि गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, और आने वाले सभी विघ्नों को दूर कर देते हैं। भगवान गणेश जी ऋद्धि-सिद्धि के स्वामी हैं। इसलिए उनकी कृपा से संपदा और समृद्धि में कमी नहीं रहती। श्री गणेश जी को दूर्वा और मोदक अत्यंत प्रिय है। भारत में हिंदू पंचांग के अनुसार 19 सितंबर मंगलवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। रतलाम के ज्योतिषाचार्य पं. धीरज शर्मा के अनुसार गणेश चतुर्थी 19 सितंबर 2023 पर मंगलवार को प्रातः से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पंचमी तिथि लग जाएगी। इस बार चंद्रमा व गुरु के दृष्टि संबंध में गजकेसरी योग में श्री गणेश चतुर्थी का महापर्व मनाया जाएगा। इसके अलावा गणेश चतुर्थी में इस बार वैधृति और स्वाति नक्षत्र का योग बन रहा है। यह एक अद्वितीय मुहूर्त है। साथ ही सूर्य और बुध के आपसी राशि परिवर्तन से बुधादित्य योग पूरे 10 दिन गणेश उत्सव में बना रहेगा। इस योग में पूजन अर्चन करने से बुद्धि का बल बढ़ता है। बुद्धि का विकास होने के साथ ही वह सही दिशा में कार्य करती है। शुभ मुहूर्त चौघड़िया अनुसार सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजे तक लाभ व उसके बाद 1 बजकर 30 मिनट तक अमृत योग रहेगा। भक्त कि तुलसी के पत्ते (तुलसी पत्र) गणेश पूजा में इस्तेमाल नहीं करे। तुलसी को छोड़कर बाकी सब पत्र-पुष्प गणेश जी को प्रिय हैं। इसकी सावधानी जरूर रखे।

पर्वाधिराज पर्युषण : आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा.की निश्रा में हुई उपधान तप की जय -जयकार, 25 अक्टूबर से पूरा समाज होगा शामिल

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में पर्वाधिराज पर्युषण के दौरान रविवार को सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में उपधान तप की जय -जयकार हुई। श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी के तत्वावधान में 25 अक्टूबर से उपधान तप की शुरुवात करने के लिए सभी समाजजनों ने सहमति दी। कई भक्तो ने आचार्यश्री के हाथों से तप के फार्म लिए और सकल जैन श्री संघ से इसमें जुड़ने का आव्हान किया। इसके पहले सुबह आचार्य श्री ने “संघर्ष, साधना और सिद्धि” विषय पर प्रवचन देते हुए उसके महत्व और भूमिका का वर्णन किया। दोपहर में “गणधरवाद” विषय पर प्रवचन हुए। आचार्य श्री ने संघर्ष की भूमिका के साथ ही साधना का महत्व और सिद्धि तप की प्राप्ती के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। प्रवचन में श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय एवं श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी के पदाधिकारी एवं श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।

बछ बारस पर्व : विजयवर्गीय वैश्य समाज का नवाचार, पहली बार 13 परिवारों ने किया सामूहिक व्रत का उद्यापन

बछ बारस की कहानी भी अनूठी, जब पहली बार जंगल गए कृष्ण तो हुआ कुछ ऐसा! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। विजयवर्गीय वैश्य समाज रतलाम के विजयवर्गीय महिला मंडल द्वारा बछ बारस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस बार बछ बारस पर्व पर समाज ने एक नवाचार की शुरुआत की। समाज के आव्हान पर 13 परिवारों ने बछ बारस व्रत का अलग – अलग उद्यापन करने की बजाय सामुहिक रूप से उद्यापन किया। यह संभवतः पहली बार है जब बछ बारस व्रत का उद्यापन सामूहिक हुआ है। समाज के रत्नेश विजयवर्गीय ने बताया कि विजयवर्गीय वैश्य समाज रतलाम की पहल पर पहली बार सामूहिक व्रत की परंपरा प्रारंभ की गई। इस अवसर पर 200 से अधिक महिलाओं ने सामुहिक भोजन किया। सामुहिक उद्यापन से एक अकेले व्यक्ति पर भार नहीं पड़ा, बल्कि इसका खर्च अलग अलग 13 परिवारों ने उठाया। जिससे प्रत्येक परिवार के खर्च व समय दोनों की बचत हुई। कार्यक्रम में सम्मिलित सभी महिलाओं को चांदी की बिछिया भेंट दी गई। इस दौरान महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमति श्रद्धा विजयवर्गीय, श्रीमति ललिता विजयवर्गीय, श्रीमतिउषा विजयवर्गीय, श्रीमति कांति विजयवर्गीय, श्रीमति सुधा विजयवर्गीय, श्रीमति कोसल्या विजयवर्गीय, श्रीमति अंजना विजयवर्गीय, श्रीमति सुमन विजयवर्गीय, श्रीमति दीपिका विजयवर्गीय, श्रीमति आकांक्षा विजयवर्गीय,श्रीमति सुरभि विजयवर्गीय, श्रीमति रितु विजयवर्गीय,श्रीमति आयुषी विजयवर्गीय, श्रीमति नेहा विजयवर्गीय आदि शामिल रही। पहली बार गाय चराने निकले थे भगवान :बछ बारस मनाने के पीछे मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण पहली बार गाय चराने घर से निकले थे। यह पर्व माता यशोदा और श्रीकृष्ण के बीच स्नेह का जीवंत प्रतीक है। भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की द्वादशी को भगवान श्रीकृष्ण जंगल में गाय चराने गए थे। पुत्र की चिंता और उसे कष्ट व दुविधा से बचाने के लिए माता यशोदा ने कई जतन किए। उनका लाड़ला इतनी देर घर से बाहर रहने वाला था। इसलिए माता पुत्र के पसंद के सभी व्यंजन बनाए। श्रीकृष्ण के प्रथम बार जंगल में जाने पर गोकुल गांव की हर माता ने कृष्ण के प्रति दुलार प्रकट करने के लिए उनके पसंद के व्यंजन बनाए। श्रीकृष्ण के साथ जंगल जाने वाली गायों और बछड़ों के लिए भी मूंग, मोठ और बाजरा अंकुरित किया गया। जब वे वापस लौटे तो गोकुल वासियों ने गाय व बछड़ों का पूजन किया। इस तरह बछ बारस का व्रत और पर्व अस्तित्व में आया।

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