MP News: ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

MP News: ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनेगा। 500 करोड़ की केंद्रीय सहायता, 9 हजार करोड़ निवेश और 10 हजार से अधिक रोजगार का रास्ता खुलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मिली है। ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ)विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए मोबाइल, नेटवर्किंग उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स और भविष्य की 5जी-6जी तकनीकों के उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसे आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और विकसित भारत-2047 के विजन से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब देश केवल टेलीकॉम सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि आधुनिक दूरसंचार उपकरणों का वैश्विक निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार देगी 500 करोड़ रुपये की सहायता परियोजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता मंजूर की है। करीब 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर तैयार होगा, ताकि उद्योगों को तेजी से उत्पादन शुरू करने में सुविधा मिल सके। एक ही परिसर में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं इस एकीकृत औद्योगिक परिसर में दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं— इससे भारत में हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। 9 हजार करोड़ निवेश और 10 हजार से अधिक रोजगार सरकार के अनुसार इस परियोजना के माध्यम से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में लगभग 9 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होगा। इससे 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। पहले चरण में इन कंपनियों का निवेश परियोजना के पहले चरण में देश की प्रमुख कंपनियां निवेश करेंगी। इनमें शामिल हैं— इन कंपनियों की ओर से लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया जाएगा, जिससे 4,500 से अधिक उच्च वेतन वाले रोजगारसृजित होने की उम्मीद है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी संचालन परियोजना के संचालन और प्रबंधन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाया जाएगा। इसमें— यह मॉडल केंद्र और राज्य सरकार की साझा भागीदारी वाली महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल होगा। केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत को दूरसंचार क्षेत्र में वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए मजबूत स्वदेशी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है। उनके अनुसार ग्वालियर का यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन भारत को दुनिया पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया को भारत पर निर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

0%