Ratlam News: रतलाम में BAMS छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव; युवक हिरासत में

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा ने सहपाठी पर बंधक बनाकर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा की शिकायत के बाद गंभीर मामला सामने आया है। छात्रा ने अपने साथ पढ़ने वाले युवक पर उसे घर में बंधक बनाने, उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाने और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि वीडियो के जरिए उसे डराया गया और धर्म परिवर्तन कर आरोपी से शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, विरोध करने पर वीडियो वायरल करने और जान से खत्म करने की धमकी भी दी गई। मामले की शिकायत छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ स्टेशन रोड थाने पहुंचकर की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने आरोपी युवक को बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया है। महत्वपूर्ण: इस खबर में धर्म परिवर्तन और अन्य आरोप पीड़िता की शिकायत के आधार पर बताए जा रहे हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। 1 अगस्त को मकान में ले जाने का आरोप छात्रा के अनुसार, वह रतलाम के एक निजी कॉलेज में BAMS की पढ़ाई कर रही है। 1 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे उसके साथ पढ़ने वाला जुबेर मंसूरी उसे रतलाम के शास्त्री नगर स्थित एक मकान में ले गया। शिकायत के अनुसार, वहां कमरे का दरवाजा बंद कर छात्रा को बाहर जाने से रोका गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए और उसका अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव का आरोप छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि युवक ने उस पर अपना धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने और उससे शादी करने का दबाव बनाया। शिकायत के मुताबिक, ऐसा नहीं करने पर वीडियो सार्वजनिक करने और जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण छात्रा ने शुरुआत में घटना की जानकारी अपने परिवार को नहीं दी। Snapchat पर वीडियो वायरल करने का आरोप पीड़िता के अनुसार, बाद में आरोपी ने कथित अश्लील वीडियो Snapchat पर प्रसारित कर दिए। इसके बाद छात्रा ने अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को छात्रा ने कथित वायरल वीडियो से संबंधित एक पेनड्राइव भी सौंपी है। पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। बड़वानी के वरला से युवक हिरासत में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से वह फरार था। तलाश के दौरान उसे बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया गया। अब पुलिस मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल, डिजिटल सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

Ratlam News: रतलाम में मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख गायब, CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट; असिस्टेंट मैनेजर पर केस

Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख रुपए गायब मिले। CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट होने पर असिस्टेंट मैनेजर पर केस दर्ज। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट में तिजोरी से 5 लाख 35 हजार रुपए गायब होने का मामला सामने आया है। कैश रूम से रकम गायब मिलने के बाद स्टोर प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी। मामले में मार्ट के असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया गया है। घटना के दौरान कैश रूम की चाबी असिस्टेंट मैनेजर के पास होने की बात सामने आई है। इसके अलावा CCTV कैमरों की रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। तिजोरी खोलने पर गायब मिले 5.35 लाख रुपए स्टोर मैनेजर कमलेश पखाले ने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 9 अगस्त की रात उनकी और असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक की ड्यूटी रात करीब 2 बजे तक थी। उस रात मार्ट में एक ट्रक से सामान आया था। असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक और BOH इंचार्ज करण सिसोदिया सामान उतरवाने का काम देख रहे थे। इसी दौरान स्टोर मैनेजर ने कैश रूम की चाबी संतोष कुमार को दी। इसके बाद वह रात करीब 1:30 बजे घर चले गए। अगली सुबह डिपार्टमेंटल मैनेजर पंकज शेर कैश काउंटर पर पहुंचे। उन्होंने तिजोरी खोली तो उसमें रखे 5 लाख 35 हजार रुपए नहीं मिले। इसकी जानकारी स्टोर मैनेजर को दी गई, जिसके बाद प्रबंधन के अन्य कर्मचारी भी मार्ट पहुंचे। CCTV की रिकॉर्डिंग में मिली अहम बात रकम गायब होने के बाद स्टोर प्रबंधन ने मार्ट में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। जांच के दौरान रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। CCTV फुटेज का यह हिस्सा घटना की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब उपलब्ध रिकॉर्डिंग और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। असिस्टेंट मैनेजर के दोनों मोबाइल बंद पुलिस के अनुसार संतोष कुमार पाठक करीब चार से पांच महीने पहले रतलाम आया था। इससे पहले वह कोलकाता और दिल्ली में भी इसी शॉपिंग मॉल में काम कर चुका है। रकम गायब मिलने के बाद स्टोर मैनेजर ने संतोष के दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। इसके बाद उसके घर जाकर भी तलाश की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस ने दर्ज किया अमानत में खयानत का केस स्टेशन रोड थाने के सब इंस्पेक्टर मुकेश सस्तिया के अनुसार संतोष कुमार पाठक के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल रकम किस तरह गायब हुई और CCTV रिकॉर्डिंग किस परिस्थिति में डिलीट हुई, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी फरार, होमगार्ड से मारपीट; 6 पकड़े गए

Ratlam News: रतलाम के बिरियाखेड़ी बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी होमगार्ड से मारपीट कर फरार हुए। पुलिस ने 6 को नामली के पास पकड़ा, एक की तलाश जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सात बाल अपचारी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रातभर तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर सुराग जुटाते हुए पुलिस ने रविवार सुबह रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास छह बाल अपचारियों को अभिरक्षा में ले लिया। एक बाल अपचारी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना का वीडियो देखे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन ने बाल सुधार गृह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। होमगार्ड से मारपीट के बाद खोला गेट का ताला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा चैनल गेट के पास चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सातों बाल अपचारियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। बताया गया कि एक बाल अपचारी ने डंडे से हमला किया। इसके बाद सभी ने मिलकर होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट की। हमले के बाद बाल अपचारियों ने बिस्तर के नीचे रखी मुख्य शटर की चाबी निकाली और चैनल गेट का ताला खोल दिया। गेट खुलने के बाद सभी मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। रात करीब 3 बजे पुलिस को मिली सूचना थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के अनुसार पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया और जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों की मदद ली। इसी अभियान के दौरान छह बाल अपचारियों को नामली के पास पकड़ लिया गया। फरार एक बाल अपचारी की तलाश अभी जारी है। 15 से 17 साल की उम्र के हैं बाल अपचारी पुलिस के अनुसार फरार हुए सभी बाल अपचारी 15 से 17 वर्ष की आयु के हैं। इनके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, मादक पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक: घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया जा रहा मारपीट की घटना में होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा घायल हुए हैं। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बाल अपचारी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। बाल सुधार गृह की सुरक्षा होगी और मजबूत घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि फरार बाल अपचारी की तलाश प्राथमिकता से की जा रही है और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

MP News: MP में पटवारी भर्ती का मौका, 18 अगस्त तक भरें फॉर्म; सितंबर में परीक्षा

MP News: MPESB Patwari Recruitment 2026 के तहत पटवारी समेत अन्य पदों के लिए आवेदन शुरू हैं। योग्य उम्मीदवार 18 अगस्त तक फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा सितंबर में होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पटवारी भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB की ओर से समूह-2 और उपसमूह-4 के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसमें पटवारी पद भी शामिल है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने पर MPESB की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती और परीक्षा से संबंधित नोटिफिकेशन, नियम पुस्तिका तथा आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित नियम पुस्तिका ध्यान से पढ़ना चाहिए। कौन कर सकता है आवेदन? पटवारी सहित संबंधित पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी बताया गया है। इसके साथ ही पटवारी पद के लिए MP CPCT स्कोरकार्ड की आवश्यकता बताई गई है। उम्मीदवार आवेदन से पहले संबंधित पद की आधिकारिक नियम पुस्तिका में अपनी पात्रता जरूर जांचें। कब होगी MPESB की परीक्षा? MPESB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भर्ती परीक्षा 22 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:50 बजे से शाम 5 बजे तकनिर्धारित है। उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर देखनी चाहिए। 18 अगस्त तक भरना होगा ऑनलाइन फॉर्म भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 है। उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारी को एक बार अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है। गलत जानकारी दर्ज होने पर आवेदन में परेशानी हो सकती है। MPESB Patwari Form कैसे भरें? ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवार इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट: MPESB Official Website आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान महत्वपूर्ण बिंदु

MP News: मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ा, पांच साल बाद लागू हुई नई दरें; जानिए किस बस का कितना बढ़ा किराया

MP News: मध्य प्रदेश में पांच साल बाद बस किराए में 60% तक बढ़ोतरी लागू हो गई है। जानिए नई किराया दरें, किस बस का कितना किराया बढ़ा और भोपाल-इंदौर का नया किराया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने करीब पांच साल बाद यात्री बसों के किराए में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सबसे बड़ा बदलाव साधारण बसों के किराए में हुआ है, जहां प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाकर 2 रुपये कर दिया गया है। नई अधिसूचना के साथ ही बढ़ा हुआ किराया तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों को देखते हुए किराया संशोधित किया गया है। दूसरी ओर, बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। पांच साल बाद क्यों बढ़ाया गया बस किराया? आखिरी बार अप्रैल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। तब से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। बस संचालकों का कहना था कि पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल होता जा रहा था। इसी बीच बस ऑपरेटर संगठनों ने 7 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी। साधारण बस का नया किराया नई व्यवस्था के अनुसार अब साधारण बस का किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। पहले यह लगभग 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था। साथ ही न्यूनतम किराया भी बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 7 रुपये था। किन बसों का कितना बढ़ा किराया? साधारण बस रात्रिकालीन बस सेवा (रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक) डीलक्स बस (नॉन-एसी) स्लीपर बस डीलक्स बस (एसी) सुपर लग्जरी एसी कोच ध्यान दें: डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा। वहीं एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। भोपाल से इंदौर का नया बस किराया यदि भोपाल से इंदौर (करीब 180 किलोमीटर) की यात्रा करते हैं, तो नई दरें इस प्रकार होंगी— बस ऑपरेटरों ने क्या कहा? बस संचालकों के संगठनों का कहना है कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित था। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 की तुलना में डीजल और संचालन खर्च काफी बढ़ चुके हैं, इसलिए किराया संशोधन जरूरी हो गया था। हालांकि, संगठनों का कहना है कि उनकी अन्य मांगों पर सरकार से बातचीत अभी जारी है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से पहले बड़ा फैसला राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर चिन्हित मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किराया वसूली और संचालन की निगरानी सीसीटीवी तथा अन्य तकनीकी माध्यमों से की जाएगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से किए जाने की तैयारी है।

अगस्त में कब मिलेगी Ladli Behna Yojana की अगली किस्त? जानिए भुगतान की संभावित तारीख और जरूरी शर्तें

Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त अगस्त 2026 में कब आ सकती है? जानें संभावित तारीख, DBT, आधार लिंक, e-KYC और भुगतान न रुकने के जरूरी नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की Ladli Behna Yojana से जुड़ी लाखों महिलाओं की नजर अब अगस्त में आने वाली अगली किस्त पर टिकी हुई है। जुलाई में 38वीं किस्त जारी होने के बाद अब लाभार्थी यह जानना चाहती हैं कि 39वीं किस्त उनके खाते में कब पहुंचेगी और कहीं किसी तकनीकी कारण से भुगतान रुक तो नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि Ladli Behna Yojana की प्रत्येक किस्त का इंतजार बड़ी संख्या में लाभार्थी करती हैं। हालांकि फिलहाल 39वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड के आधार पर इसकी संभावित समय-सीमा सामने आई है। यदि आप भी Ladli Behna Yojana की लाभार्थी हैं, तो बैंक खाते की स्थिति, DBT और समग्र e-KYC जैसी जरूरी प्रक्रियाओं की समय रहते जांच करना बेहद आवश्यक है। छोटी सी चूक भी भुगतान में देरी का कारण बन सकती है। अगस्त में कब आ सकती है Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त? अब तक Ladli Behna Yojana की 38 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। पिछले कई महीनों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार अधिकांश किस्तें हर महीने की 10 तारीख के आसपास जारी करती रही है। हालांकि त्योहार, प्रशासनिक कार्यक्रम या अन्य कारणों से भुगतान की तारीख में एक-दो दिन का बदलाव भी देखने को मिला है। इसी पैटर्न को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त 10 अगस्त 2026 के आसपास लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। महत्वपूर्ण: अभी तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। भुगतान की तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम मानी जाएगी। किन कारणों से रुक सकता है Ladli Behna Yojana का भुगतान? Ladli Behna Yojana की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए कुछ जरूरी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। भुगतान रुकने के प्रमुख कारण समग्र e-KYC क्यों जरूरी है? सरकार ने Ladli Behna Yojana के लाभार्थियों के लिए समग्र पोर्टल पर e-KYC को अनिवार्य किया है। यदि किसी महिला की e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है, तो उसकी अगली किस्त रोकी जा सकती है। यह प्रक्रिया नजदीकी CSC सेंटर, ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरी कराई जा सकती है। बैंक खाते में DBT और आधार लिंक जरूर जांचें Ladli Behna Yojana की राशि सीधे खाते में भेजी जाती है। इसलिए लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि— जरूरत पड़ने पर अपनी बैंक शाखा जाकर इन सभी जानकारियों की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा। ऐसे चेक करें Ladli Behna Yojana की किस्त का स्टेटस यदि आप Ladli Behna Yojana की अगली किस्त की स्थिति जानना चाहती हैं, तो ऑनलाइन स्टेटस भी देख सकती हैं। स्टेटस चेक करने का तरीका क्या करें ताकि अगली किस्त बिना रुकावट मिले? यदि आप Ladli Behna Yojana का लाभ लगातार लेना चाहती हैं, तो समय-समय पर अपने बैंक खाते की स्थिति, आधार लिंकिंग और समग्र e-KYC की जांच जरूर करें। इन प्रक्रियाओं में कोई कमी होने पर उसे जल्द पूरा करा लेना बेहतर होगा ताकि अगली किस्त मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।

Ratlam News: रतलाम में दिनदहाड़े खौफनाक वारदात: पत्नी की गला रेतकर हत्या, पति मौके से गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से हिरासत में लिया, मामले की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना दिनदहाड़े होने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 32 वर्षीय रुकैया के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने आरोपी पति 35 वर्षीय असगर अली को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने में जुटी है। परिवार के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। भाई ने सुनी चीख, कमरे का नजारा देख रह गया सन्न जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे रुकैया की चीख सुनकर उसका बड़ा भाई मुस्तफा पड़ोसियों के साथ घर के अंदर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में रुकैया बिस्तर पर लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी। आरोप है कि उस समय असगर अली उसकी छाती पर बैठकर धारदार हथियार से लगातार गले पर वार कर रहा था। मौजूद लोगों ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी ओर भी आक्रामक हो गया। इसके बाद लोगों ने तत्काल बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपी को लिया हिरासत में सूचना मिलते ही माणक चौक थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या के कारणों की जांच जारी है। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रुकैया अपने पीछे दो वर्षीय पुत्र और सात वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। मासूम बच्चों की मौजूदगी में हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। स्थानीय लोग और बोहरा समाज के सदस्य बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। थाना प्रभारी ने क्या कहा? माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

MP News: छात्रों ने AI से लिखे उत्तर, कॉपी के आखिर में छोड़ गए ‘लिंक पर क्लिक करें’

MP News: सागर विश्वविद्यालय में उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के दौरान ChatGPT से सामूहिक नकल का मामला सामने आया। जांच शुरू, संबंधित कॉलेज के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए गए हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच मध्य प्रदेश के सागर से एक गंभीर मामला सामने आया है। डॉ. हरी सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तरपुस्तिकाओं में ऐसे संकेत मिले, जिनसे ChatGPT की मदद से सामूहिक नकल किए जाने का संदेह पैदा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छिंदवाड़ा जिले के सौंसर स्थित एक निजी कॉलेज के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि शुरुआती जांच में सामने आए संकेत सही साबित होते हैं तो यह विश्वविद्यालय परीक्षाओं में AI के कथित दुरुपयोग का प्रदेश के चर्चित मामलों में से एक माना जा सकता है। उत्तरपुस्तिका में मिला संदिग्ध संदेश, यहीं से शुरू हुई जांच जानकारी के अनुसार, मई में विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 17 कॉलेजों में स्नातक द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित हुई थीं। केंद्रीय मूल्यांकन के दौरान अर्थशास्त्र विषय की एक उत्तरपुस्तिका में परीक्षक की नजर उत्तर के अंत में लिखे एक असामान्य संदेश पर पड़ी। उत्तर के नीचे “वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें” जैसा उल्लेख लिखा हुआ था। परीक्षा की उत्तरपुस्तिका में इस तरह का संदेश मिलने पर परीक्षक ने तत्काल परीक्षा नियंत्रक को इसकी जानकारी दी। तीन विषयों की कॉपियों में मिले एक जैसे उत्तर शुरुआती जांच के बाद संबंधित कॉलेज की अन्य उत्तरपुस्तिकाओं की भी जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उत्तर काफी हद तक एक जैसे हैं। विश्वविद्यालय को प्राथमिक स्तर पर यह संदेह हुआ कि कई उत्तर ChatGPT या अन्य AI टूल की मदद से तैयार किए गए हो सकते हैं। यह समानता केवल एक विषय तक सीमित नहीं रही, बल्कि तीन अलग-अलग विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं में भी ऐसे संकेत मिले। पूरे कॉलेज के परीक्षा परिणाम पर लगी रोक मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी, सौंसर (छिंदवाड़ा) के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए हैं। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध अन्य महाविद्यालयों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। जांच समिति करेगी अंतिम फैसला विश्वविद्यालय के मीडिया अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल के अनुसार, संबंधित कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। समिति अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद यह तय करेगी कि मामले में क्या कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षा आयोजित कराने सहित अन्य अनुशासनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं। एक नजर में पूरा मामला महत्वपूर्ण जानकारी

MP News: ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

MP News: ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनेगा। 500 करोड़ की केंद्रीय सहायता, 9 हजार करोड़ निवेश और 10 हजार से अधिक रोजगार का रास्ता खुलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मिली है। ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ)विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए मोबाइल, नेटवर्किंग उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स और भविष्य की 5जी-6जी तकनीकों के उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसे आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और विकसित भारत-2047 के विजन से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब देश केवल टेलीकॉम सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि आधुनिक दूरसंचार उपकरणों का वैश्विक निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार देगी 500 करोड़ रुपये की सहायता परियोजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता मंजूर की है। करीब 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर तैयार होगा, ताकि उद्योगों को तेजी से उत्पादन शुरू करने में सुविधा मिल सके। एक ही परिसर में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं इस एकीकृत औद्योगिक परिसर में दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं— इससे भारत में हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। 9 हजार करोड़ निवेश और 10 हजार से अधिक रोजगार सरकार के अनुसार इस परियोजना के माध्यम से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में लगभग 9 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होगा। इससे 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। पहले चरण में इन कंपनियों का निवेश परियोजना के पहले चरण में देश की प्रमुख कंपनियां निवेश करेंगी। इनमें शामिल हैं— इन कंपनियों की ओर से लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया जाएगा, जिससे 4,500 से अधिक उच्च वेतन वाले रोजगारसृजित होने की उम्मीद है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी संचालन परियोजना के संचालन और प्रबंधन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाया जाएगा। इसमें— यह मॉडल केंद्र और राज्य सरकार की साझा भागीदारी वाली महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल होगा। केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत को दूरसंचार क्षेत्र में वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए मजबूत स्वदेशी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है। उनके अनुसार ग्वालियर का यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन भारत को दुनिया पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया को भारत पर निर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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