Ratlam News: रतलाम में जमीन विवाद के बीच युवक की मौत, शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन; जांच की मांग

Ratlam News: रतलाम के सरवनीखुर्द में जमीन विवाद के बीच शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने से मौत हो गई। परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन कर जांच की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के सरवनीखुर्द गांव में जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है। 45 वर्षीय शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और जय आदिवासी युवाशक्ति संगठन से जुड़े लोगों ने बाजना रोड पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच, जमीन से जुड़े विवाद की पड़ताल और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, शंकर ने 23 अगस्त को अपने खेत की जमीन के पास कीटनाशक पी लिया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां 25 अगस्त की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जमीन पर कब्जे और खदान को लेकर लगाए आरोप परिजनों का आरोप है कि शंकर की खेती की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। उनका कहना है कि परिवार लंबे समय से इस जमीन पर खेती करता आ रहा था। परिजनों के मुताबिक, जमीन पर खदान का पट्टा मिलने के बाद शंकर वहां खेती नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने खदान संचालक पर परेशान करने और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए हैं। परिवार का दावा है कि शंकर ने जमीन से जुड़े मामले को लेकर कई बार शिकायतें की थीं। उनका आरोप है कि शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इन्हीं परिस्थितियों को लेकर परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद सड़क पर रखा शव बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शंकर का शव लेकर गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाजना रोड पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर डीएसपी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों तथा संगठन के लोगों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। करीब एक घंटे चले प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। खनिज और राजस्व विभाग की भूमिका की जांच की मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और आदिवासी संगठनों ने जमीन से जुड़े मामले में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनकी प्रमुख मांग है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वहां खदान का पट्टा किस आधार पर दिया गया और संबंधित प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जाए। परिजनों ने यह भी मांग की कि जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या खदान संचालक की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार को मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा। पुलिस ने जांच का भरोसा दिया पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और संगठन के लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में जमीन विवाद, शिकायतों, खदान पट्टे से जुड़े दस्तावेजों और लगाए गए अन्य आरोपों की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा। परिवार में पत्नी और चार बच्चे शंकर गरवाल के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां हैं। मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

Ratlam News: रतलाम जेल में बंद बाबर का वीडियो वायरल, मुलाकात कक्ष से रिकॉर्डिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

रतलाम सर्किल जेल में बंद चाकूबाजी के आरोपी बाबर का मुलाकात कक्ष से वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। जेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम की सर्किल जेल एक बार फिर चर्चा में है। चाकूबाजी के मामले में गिरफ्तार होकर चार दिन पहले न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए आरोपी बाबर का जेल परिसर के भीतर से बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और मुलाकात प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में बाबर मुलाकात कक्ष में पारदर्शी शीशे के पीछे बैठा दिखाई देता है। वह इंटरकॉम के जरिए मुलाकाती से बातचीत करता नजर आता है। इसी दौरान बाहर मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया। जबकि जेल परिसर में मोबाइल फोन और वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। वायरल वीडियो देखे वीडियो में आरोपी कैमरे की ओर हाथ हिलाता है और उंगलियों से पिस्तौल जैसा इशारा करता दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर वायरल किए गए इस वीडियो में आपत्तिजनक ऑडियो भी जोड़ा गया है, जिसमें अपराध का महिमामंडन करने की कोशिश की गई है। यह खबर भी पढ़े रतलाम चाकूबाजी केस: इंदौर से दबोचा गया मुख्य आरोपी बाबर पठान, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद जेल परिसर में मोबाइल कैसे पहुंचा? वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद मोबाइल फोन जेल परिसर तक कैसे पहुंचा। यदि रिकॉर्डिंग मुलाकात कक्ष में हुई है, तो सुरक्षा जांच के दौरान मोबाइल अंदर ले जाने की अनुमति कैसे मिली और सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में यह चूक किस स्तर पर हुई। इसी वजह से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो इंस्टाग्राम पर हुआ वायरल जानकारी के अनुसार वीडियो इंस्टाग्राम आईडी aslammew.11 से पोस्ट किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह अकाउंट किसका है और वीडियो अपलोड करने वाला वही व्यक्ति है जिसने रिकॉर्डिंग की थी या कोई अन्य। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है। हालांकि, इसकी रिकॉर्डिंग और अपलोड करने वाले व्यक्ति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। चाकूबाजी मामले में चार दिन पहले भेजा गया था जेल बाबर स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की शनि गली (हरमाला रोड) स्थित शराब दुकान के बाहर 10 जुलाई की रात हुई चाकूबाजी की घटना का मुख्य आरोपी है। पुलिस ने उसे 14 जुलाई को इंदौर से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया था। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में रतलाम सर्किल जेल भेजा गया था। मामले में एक महिला सहित एक अन्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। जेल प्रशासन ने क्या कहा? जेलर बृजेश मकवाना ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि— वीडियो कब बनाया गया, किसने रिकॉर्ड किया और यह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। जांच में यदि आरोपी या किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? जेल परिसर संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र माना जाता है। ऐसे स्थान पर मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर संकेत करता है। यदि जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई संभव है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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