Ratlam News: रतलाम में अवैध खनन विवाद: विरोध करने वाले ग्रामीणों पर प्रकरण दर्ज, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp
Telegram

रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लुनेरा में कथित अवैध मुरम खनन को लेकर विवाद गहरा गया है। पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास पोकलेन मशीन से खुदाई किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने खनन कार्य रुकवाया, लेकिन बाद में उन्हीं पर पुलिस प्रकरण दर्ज होने से मामला तूल पकड़ गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दर्ज प्रकरण निरस्त करने की मांग की है।

WATCH VIDEO

मंदिर से 50 मीटर दूरी पर उत्खनन का आरोप

ज्ञापन के अनुसार 9 फरवरी 2026 को ग्रामीणों को सूचना मिली कि पंचमुखी हनुमान मंदिर से लगभग 50 मीटर दूरी पर पोकलेन मशीन के माध्यम से मुरम का उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान आसपास के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खनन कार्य रुकवाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

मौके पर पुलिस और पटवारी पहुंचे, हालांकि खनिज विभाग का अधिकारी तत्काल मौजूद नहीं था।

दो घंटे तक मार्ग जाम, खनन निरीक्षक ने की जप्ती कार्रवाई

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने दोपहर करीब 2 बजे से 4 बजे तक रतलाम-धानासुता मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में खनन निरीक्षक दिवेंद्र चिराड मौके पर पहुंचे और पंचनामा बनाते हुए एक पोकलेन मशीन व दो डंपर की जप्ती दर्शाई। एक डंपर को बिलपांक थाने भेजा गया, जबकि पोकलेन मशीन को गांव के कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया।

ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ों की खुदाई को लेकर पटवारी द्वारा भी पंचनामा तैयार किया गया है।

रात में दर्ज हुआ प्रकरण, दबाव का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि उसी रात करीब 11 बजे ठेकेदार के सुपरवाइजर ने पुलिस पर दबाव बनाकर मानवेन्द्र सिंह, राकेश प्रजापत और जितेंद्र चावड़ा के खिलाफ रास्ता रोकने, धमकाने और रुपये मांगने का मामला दर्ज करा दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने केवल अवैध खनन का विरोध किया था और मंदिर परिसर के 200 मीटर दायरे में खुदाई प्रतिबंधित है। साथ ही ठेकेदार के पास पर्यावरणीय अनुमति नहीं होने का भी दावा किया गया है।

वीडियो साक्ष्य होने का दावा

ज्ञापन में ग्रामीणों ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है। उनका कहना है कि ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उच्च अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। ग्रामीणों ने साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर झूठा प्रकरण समाप्त करने और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp
Telegram