रतलाम में करणी सेना के कलेक्ट्रेट घेराव से पहले पुलिस ने शहर के बाहर ही प्रदर्शनकारियों को रोका। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी, एक महिला बेहोश।
रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में मंगलवार को करणी सेना परिवार के प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव से पहले ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शहर की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शहर के बाहर ही रोक दिया। इसके चलते प्रदर्शन स्थल पर घंटों तक हंगामा और नारेबाजी जारी रही।
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शहर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। शहर के सभी एंट्री पॉइंट और महू-नीमच फोरलेन पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। प्रदर्शनकारियों को डोसी गांव के पास ही रोक लिया गया, जिससे वे कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच सके।
5 घंटे से ज्यादा चला प्रदर्शन
करीब 5 घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे, लेकिन वे कलेक्टर मिशा सिंह को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
जीवन सिंह शेरपुर का बयान
करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि
- “हम जनता की आवाज उठाने आए हैं, लेकिन हमें रोका जा रहा है।”
- “कलेक्टर जनता की सेवक हैं, उन्हें जनता के बीच आना चाहिए।”
उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि कलेक्टर को बीजेपी ज्वाइन करवा दीजिए, और इसके लिए वे सोशल मीडिया पर प्रचार भी करेंगे।
महिला प्रदर्शनकारी बेहोश
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब बैरिकेड्स हटाने की कोशिश में जुटी महिलाओं को पुलिस ने रोका। इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी बेहोश हो गई, जिसे तुरंत वाहन से अस्पताल भेजा गया।
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
शेरपुर ने आरोप लगाया कि प्रशासन रास्ता रोककर “अपराध” कर रहा है और जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अवैध शराब और प्रशासन की मिलीभगत जैसे मुद्दों को भी उठाया।
डंपर जब्ती से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद एक सप्ताह पहले जावरा क्षेत्र में खनिज विभाग द्वारा दो डंपरों की जब्ती से शुरू हुआ था। ये डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के बताए जा रहे हैं, जिन्हें शेरपुर का समर्थक बताया जाता है।
शेरपुर का आरोप है कि खाली डंपरों पर गलत कार्रवाई की गई, जिसके विरोध में उन्होंने पहले भी धरना दिया था।
11 सूत्रीय मांगों में क्या शामिल
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें शामिल हैं:
- अवैध उत्खनन के नाम पर कार्रवाई रोकना
- पिपलिया जोधा में देह व्यापार पर रोक
- बालिका अपहरण मामलों में त्वरित न्याय
- चोरी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई
- अवैध ईंट भट्ठों को हटाना
- किसानों को कर्ज अदायगी में राहत
- गेहूं खरीदी की समस्याओं का समाधान
- आविका सिटी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना
प्रशासन की सतर्कता
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी अमित कुमार और एएसपी विवेक कुमार लगातार क्षेत्र का दौरा करते रहे। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
