रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रॉयल कॉलेज में महिला बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उन्मुखीकरण एवं सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत आयोजित किया गया, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों से संवाद किया गया।

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (ममता – यूनिसेफ समर्थित) सुनील सेन ने छात्रों को बाल विवाह प्रतिबंध कानून, उसके दुष्परिणाम और सजा के प्रावधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह समाज में फैला एक गंभीर अपराध है, जो बालकों और बालिकाओं के शैक्षणिक, मानसिक और शारीरिक विकास को बाधित करता है और उनके अधिकारों का हनन करता है।
सुनील सेन ने कहा कि बाल विवाह में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाती है और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार कड़ी सजा का प्रावधान है।

कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर रतलाम की काउंसलर रिया गुर्जर ने महिला हिंसा, मानसिक स्वास्थ्य और वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोरों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को समझना और समय पर समाधान करना आवश्यक है।
उन्होंने घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 भी साझा किया।
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राध्यापकगण
डॉ. अमित शर्मा, प्रो. कपिल केरोल, प्रो. यक्षेन्द्र हरोड़, प्रो. मृदुला उपाध्याय, प्रो. अल्का उपाध्याय, प्रो. मिताली पुरोहित, प्रो. गरिमा मिश्रा, प्रो. निर्मल जाधव, प्रो. संजय धाकड़ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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