रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। रतलाम शहर के दीनदयाल नगर में आगामी 19 से 25 जनवरी तक आयोजित होने वाले भव्य 51 कुंडीय शिव–शक्ति महायज्ञ की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में महायज्ञ को सुव्यवस्थित, भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने हेतु दीनदयाल नगर स्थित यज्ञशाला पंडाल में नगर के समस्त समाजजनों एवं धार्मिक–सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों की एक दीर्घ एवं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में महायज्ञ के सफल आयोजन को लेकर गहन चिंतन–मनन किया गया। विशेष रूप से 19 जनवरी को प्रातः 9 बजे श्री गोपाल मंदिर, माणकचौक से निकलने वाली भव्य एवं दिव्य कलश यात्रा को सफल बनाने हेतु सभी समाजों एवं संस्थाओं द्वारा पूर्ण सहयोग देने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही यज्ञकुंड में आहुतियां प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों एवं पदाधिकारियों ने पांच मंजिला ऊंचे भव्य यज्ञ मंडप एवं यज्ञशाला का दर्शन कर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि यज्ञ मंडप एवं यज्ञशाला का निर्माण कार्य 1 जनवरी से प्रारंभ होकर अब अपने अंतिम चरण में है, जिसमें नगरवासियों का सराहनीय सहयोग निरंतर प्राप्त हो रहा है।
बैठक के पश्चात यज्ञशाला स्थल से दीनदयाल नगर क्षेत्र में जन-जागृति के उद्देश्य से संध्या फेरी का शुभारंभ किया गया, जो प्रतिदिन महायज्ञ के प्रारंभ तक जारी रहेगी। संध्या फेरी में संत समाज, सनातनी बंधु एवं मातृशक्ति की बड़ी संख्या में गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 हिंदूरत्न आनंद गिरि जी महाराज, परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 देवस्वरूपानंद जी महाराज, अखंड ज्ञान आश्रम के महंत श्री नरेंद्र गिरी जी महाराज, महर्षि संजय शिवशंकर दवे, काजल गुरु जागीरदार, राजराजेश्वरी देवी सहित अनेक संत–महात्मा उपस्थित रहे। साथ ही सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष श्री अनिल झालानी, पं. जितेंद्र नागर, नवनीत सोनी, राजेंद्र राठौड़, अनिता कटारिया, जीवन ज्योति, क्षेत्रीय पार्षद संगीता सोनी, कविता चौहान, मनोहर राजू सोनी, पूर्व पार्षद राजेंद्र राठौड़ सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन कृष्णा सोनी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जनक नागल द्वारा किया गया। बैठक के दौरान यज्ञ में गोमाता संरक्षण से संबंधित पेम्पलेट का विमोचन भी किया गया।
आयोजकों ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर महायज्ञ को ऐतिहासिक बनाने की अपील की है।