रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में जमीन के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रतलाम के स्टेशन रोड थाने में ओवैस मेटल ग्रुप से जुड़े सैय्यद अख्तर अली समेत पांच आरोपितों के खिलाफ 90 लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि जमीन का विक्रय अनुबंध करने के बाद आरोपितों ने न तो रजिस्ट्री कराई और न ही बैंक ऋण का निपटारा किया।
शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई रिपोर्ट
पुलिस के अनुसार 64 वर्षीय विजय पुत्र मांगीलाल कटारिया, निवासी पैलेस रोड ने अपने भाइयों सुरेश कटारिया और विनोद कटारिया के साथ मिलकर आरोपित सैय्यद अख्तर अली, सैय्यद अफसर अली, सैय्यद मोहब्बत अली, अल्ताफ बी और फिरोजा बी (सभी निवासी रतलाम) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
2.70 करोड़ में हुआ था जमीन का सौदा
शिकायतकर्ता के मुताबिक रिंग रोड और पुराने बायपास रोड स्थित कृषि भूमि (सर्वे नंबर 221/1 और 221/2) का कुल सौदा 2 करोड़ 70 लाख रुपये में तय हुआ था। 9 मार्च 2021 को उप पंजीयक कार्यालय में इसका रजिस्टर्ड विक्रय अनुबंध भी कराया गया था।
चेक से लिए 90 लाख रुपये
बेचाननामे के बाद आरोपितों ने अलग-अलग चेक के माध्यम से कुल 90 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। समझौते के अनुसार 7 मार्च 2023 तक शेष राशि लेकर रजिस्ट्री कराना और जमीन पर लिए गए बैंक ऋण का निपटारा कर एनओसी देना तय हुआ था।
टालमटोल के बाद दान पत्र कर दिया
समय आने पर रजिस्ट्री की मांग करने पर आरोपितों ने व्यक्तिगत कारण बताकर एक साल का अतिरिक्त समय मांगा। 9 फरवरी 2023 को पंजीयन अवधि बढ़ाने का अनुबंध भी किया गया, लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने जमीन का दान पत्र सैय्यद मुर्तुजा अली के नाम कर दिया और उसी जमीन के आधार पर HDFC Bank से लाखों रुपये का लोन भी ले लिया।
90 लाख रुपये हड़पने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने धोखाधड़ी कर 90 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में पुलिस ने भादवि की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोने की खदान का लाइसेंस भी हो चुका निरस्त
जानकारी के अनुसार सैय्यद अख्तर अली Owais Metal and Mineral Processing Limited के संचालकों में शामिल हैं। कंपनी ने राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के घाटोल क्षेत्र के भूकिया-जगपुरा में सोने की खदान के लिए 65.30% की सबसे बड़ी बोली लगाई थी, लेकिन बाद में दस्तावेजों, संपत्ति और आयकर रिटर्न में विसंगतियों के चलते खनन विभाग ने यह नीलामी निरस्त कर दी थी।
व्यापारिक सूत्रों के अनुसार इस प्रोजेक्ट में रतलाम सहित आसपास के कई लोगों का निवेश फंसा हुआ है और बैंकों की करोड़ों रुपये की वसूली प्रक्रिया अभी जारी है।