रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने डाट की पुल पर हुई हत्या के मामले में फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में विभिन्न टीमों की सतत निगरानी और प्रयासों से इन आरोपियों को पकड़ा गया। इससे पहले पुलिस तीन नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी।
घटना का विवरण
27 मार्च 2025 को डाट की पुल, रतलाम पर अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला कर रईश पिता मुजीद खान निवासी शिव नगर, रतलाम की हत्या कर दी थी। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना औद्योगिक क्षेत्र, स्टेशन रोड, डीडी नगर, माणक चौक, साइबर सेल, डीएसबी और सीसीटीवी टीमों को कार्रवाई के लिए लगाया गया। पहले ही दिन तीन नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
गिरफ्तार आरोपी
30 और 31 मार्च 2025 को पुलिस ने फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें सर्कल जेल रतलाम भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. देवांक उर्फ देवांश उर्फ गोलू पिता राधेश्याम परिहार उम्र 18 वर्ष निवासी प्रताप नगर, रतलाम
2. भीम सिंह उर्फ नाना पिता मांगू सिंह सोलंकी उम्र 30 वर्ष निवासी शिव नगर, रतलाम
3. तुषार पिता सुनील राठौर उम्र 20 वर्ष निवासी प्रताप नगर, रतलाम
पहले गिरफ्तार आरोपी
1. अल्पेश पिता शाबीर मेव उम्र 18 वर्ष निवासी राजीव नगर डीजल शेड
2. तीन विधि विरुद्ध बालक
आपराधिक रिकॉर्ड
देवांक उर्फ गोलू परिहार के खिलाफ थाना स्टेशन रोड में सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले शामिल हैं। तुषार राठौर के खिलाफ थाना स्टेशन रोड में छह मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, हत्या का प्रयास और गाली-गलौज शामिल हैं, वहीं थाना औद्योगिक क्षेत्र में भी एक मामला दर्ज है। भीम सिंह उर्फ नाना के खिलाफ कुल 17 आपराधिक मामले पंजीबद्ध हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, मारपीट और जुआ एक्ट शामिल हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफलता में निरीक्षक मुनेद्र गौतम, उपनिरीक्षक ध्यान सिंह सोलंकी, उपनिरीक्षक एच बी दीक्षित, प्रधान आरक्षक धीरज गावडे, प्रधान आरक्षक रितेश पाटीदार, आरक्षक कपिल, आरक्षक पवन मेहता, आरक्षक चालक महेन्द्र सिंह, आरक्षक राणा प्रताप सिंह, आरक्षक बलवीर सिंह और आरक्षक ओम पारगी का अहम योगदान रहा।
विशेष भूमिका
सहायक उपनिरीक्षक दशरथ माली, सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप शर्मा और आरक्षक अभिषेक पाठक ने विशेष भूमिका निभाई।