रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: जिले के जावरा क्षेत्र में खनिज विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अवैध उत्खनन के आरोप में दो डंपर जब्त किए जाने के विरोध में करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने रिंगनोद थाने में समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया। सोमवार रात से शुरू हुआ यह धरना मंगलवार को भी जारी रहा।

क्या बोले जीवन सिंह शेरपुर
बताया जा रहा है कि जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ थाने में ही गद्दा-बिस्तर मंगवाकर रातभर डटे रहे और मंगलवार सुबह फिर से धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि खनिज विभाग ने खाली डंपरों को अवैध मुर्रम परिवहन बताकर गलत कार्रवाई की है।

रोड निर्माण के दौरान डंपर जब्त
जानकारी के अनुसार जावरा ब्लॉक के झालवा-कलालिया मार्ग पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान सोमवार को खनिज विभाग की टीम दो पटवारियों के साथ मौके पर पहुंची और दो डंपरों को जब्त कर लिया। विभाग का कहना है कि इन डंपरों से अवैध रूप से मुर्रम का परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद दोनों डंपरों को रिंगनोद थाने में खड़ा करवा दिया गया।
बताया जा रहा है कि जब्त किए गए डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के हैं, जो सड़क निर्माण का कार्य कर रहे हैं और उन्हें जीवनसिंह शेरपुर का समर्थक बताया जा रहा है।
ठेकेदार की सूचना पर पहुंचे शेरपुर
डंपर जब्त होने की सूचना मिलने पर जीवनसिंह शेरपुर सोमवार रात अपने समर्थकों के साथ रिंगनोद थाने पहुंच गए। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना मिलने पर खनिज निरीक्षक शंकर कनेश थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई।
खाली डंपर होने का दावा
जीवनसिंह शेरपुर और ठेकेदार का कहना है कि जिन डंपरों को पकड़ा गया, वे मुर्रम नहीं बल्कि गिट्टी के परिवहन में लगे हुए थे और कार्रवाई के समय पूरी तरह खाली थे। उनका आरोप है कि पंचनामा बनाते समय डंपरों को मुर्रम से भरा हुआ दर्शाया गया, जबकि मौके पर वे खाली थे।
ठेकेदार का यह भी कहना है कि गिट्टी परिवहन की रॉयल्टी मौके पर दिखाई गई थी और पहले किए गए मुर्रम कार्य की अनुमति व रॉयल्टी भी मौजूद है।
बहस के दौरान बढ़ा विवाद
खनिज अधिकारी ने मामले की जांच कराने की बात कही, जिस पर जीवनसिंह शेरपुर नाराज हो गए। उनका कहना था कि जब डंपर मौके पर खाली हैं तो जांच की जरूरत ही क्या है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई।
गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाने में बिताई रात
डंपर नहीं छोड़े जाने और कार्रवाई को गलत बताते हुए जीवनसिंह शेरपुर ने समर्थकों के साथ थाने में ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाना परिसर में ही रात बिताई। खनिज विभाग के अधिकारी वहां से चले गए, जबकि शेरपुर और उनके समर्थक थाने में ही डटे रहे।
मंगलवार को फिर शुरू हुआ धरना
मंगलवार सुबह जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ फिर से धरने पर बैठ गए और खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय भी थाने पहुंचे और स्थिति को समझाने की कोशिश की।
अधिकारियों को थाने बुलाने की मांग
जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की ओर से जीवनसिंह शेरपुर और उनके समर्थकों को रतलाम कार्यालय बुलाया गया है। हालांकि समर्थकों का कहना है कि यदि कार्रवाई सही है तो अधिकारियों को खुद थाने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
दोपहर तक खनिज विभाग का कोई अधिकारी थाने नहीं पहुंचा था, जबकि जब्त किए गए दोनों डंपर थाने में खाली खड़े बताए जा रहे हैं।
परिवहनकर्ताओं को परेशान करने का आरोप
जीवनसिंह शेरपुर ने आरोप लगाया कि परिवहनकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि कागजी कार्रवाई में खाली डंपरों को भरा हुआ दिखाकर फर्जी प्रकरण दर्ज करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वैध अनुमति और रॉयल्टी होने के बावजूद संबंधित लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है और ऐसी कार्रवाई को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय घेराव की घोषणा
धरने के दौरान जीवनसिंह शेरपुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि खनिज विभाग की कार्रवाई वापस नहीं ली गई और डंपर नहीं छोड़े गए तो 17 मार्च को रतलाम कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।
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