रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर ने भारतीय निशानेबाजी खेल में बड़ा मुकाम हासिल किया है। शहर के जाने-माने शूटिंग कोच उमंग पोरवाल ने ISSF ‘A’ लाइसेंससफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है। यह विश्व स्तर पर निशानेबाजी कोचिंग का उच्चतम प्रमाण-पत्र है, जिसे हासिल करने वाले भारत के शुरुआती कुछ कोचों में श्री पोरवाल का नाम शामिल हो गया है।
वे मध्य प्रदेश से यह उपलब्धि प्राप्त करने वाले पहले कोच बने हैं।
यह प्रमाण-पत्र उन्हें 10 सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय हाई-परफॉर्मेंस ऑनलाइन प्रशिक्षण और उसके बाद कतर के दोहा में 8 दिवसीय ऑफलाइन रेजिडेंशियल मॉड्यूल में भाग लेने के बाद प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ISSF वर्ल्ड कप फाइनल्स के साथ आयोजित हुआ, जहां विश्व के शीर्ष खिलाड़ी और कोच उपस्थित रहे।
इससे पहले पोरवाल ISSF ‘B’ लाइसेंस (फ़िनलैंड, 2025) भी कर चुके हैं, जिसने उनके वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण की मजबूत नींव रखी।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया शोध
कार्यक्रम में श्री पोरवाल ने अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया, जिसका विषय था—
“Physiological and Technical Correlates of Pistol Shooting Performance: A Field-Based Cross-Discipline Study Using Blood Pressure and SCATT Analysis”
यह शोध ब्लड प्रेशर और SCATT डाटा के आधार पर प्रतियोगिता प्रदर्शन, फील्ड स्टडी और क्रॉस-डिसिप्लिन विश्लेषण से संबंधित था।
प्रेजेंटेशन को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और शीर्ष कोचों ने सराहा।
प्रमाण-पत्र प्रदान करने वाले प्रतिष्ठित पदाधिकारी
ISSF ‘A’ लाइसेंस पोरवाल को निम्न वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रदान किया गया—
- लूसियानो रॉसी (अध्यक्ष, ISSF)
- डॉ. वेसा निस्नीम्न (निदेशक, ISSF अकादमी)
- जसीम शाहीन अल-सुलाती (महासचिव, कतर शूटिंग फेडरेशन)
आभार और समर्पण
उमंग पोरवाल ने अपने अंतरराष्ट्रीय मेंटर्स—
वेसा, कैरोलिना, आघी, जॉन, नेक्टारियोस और जैक,
साथ ही सह-कोच साथियों का विशेष धन्यवाद दिया।
उन्होंने यह उपलब्धि रतलाम जिला राइफल संघ (RDRA), अपने शूटर्स और परिवार को समर्पित करते हुए कहा—
“यह उपलब्धि मेरी व्यक्तिगत सफलता से अधिक भारतीय निशानेबाजी की जिम्मेदारी है। जो ज्ञान, तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम मैंने सीखा है, उसे अब मैं भारतीय खिलाड़ियों के भविष्य के लिए लागू करूंगा। रतलाम और मध्य प्रदेश के खिलाड़ी अब विश्व स्तरीय प्रशिक्षण का लाभ उठाएंगे।”
शहर के विधायक एवं मंत्री चैतन्य कश्यप, महापौर प्रहलाद पटेल, अभिभावकों एवं संस्था सदस्यों ने इस उपलब्धि पर बधाई दी और इसे रतलाम के लिए गर्व का क्षण बताया।