रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर की शिवधाम कॉलोनी में सोमवार देर रात हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। हादसे के बाद मंगलवार सुबह कॉलोनीवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित नागरिकों ने शिवधाम कॉलोनी के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने आरोप लगाया कि यह हादसा अचानक नहीं, बल्कि नगर परिषद की आठ वर्षों से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है
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सोमवार रात करीब 10 बजे कॉलोनी के एक मकान में अचानक आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। इस हादसे में दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों की पहचान रतन गुर्जर और देवीलाल गुर्जर के रूप में हुई है, जिन्हें इलाज के लिए आलोट के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों युवक पानीपुरी का ठेला लगाकर जीवन यापन करते हैं।
ड्रेनेज जाम से बनी बायोगैस, चिंगारी से हुआ धमाका
कॉलोनीवासियों का कहना है कि शिवधाम कॉलोनी की ड्रेनेज पाइपलाइन पिछले करीब आठ वर्षों से पूरी तरह जाम है। कई बार नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों के अनुसार जाम पड़ी ड्रेनेज लाइन में गंदगी जमा होने से बायोगैस बनती रही, जो बाथरूम के रास्ते मकान के भीतर भर गई। जैसे ही बिजली का स्विच चालू किया गया, चिंगारी से गैस ने आग पकड़ ली और तेज धमाका हो गया।
घायल युवक का बयान
घायल रतन गुर्जर ने बताया कि गैस की नली पहले से कटी हुई थी, ऐसे में एलपीजी लीकेज को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आग लगने का अंदाजा लगाने से पहले ही जोरदार धमाका हो गया। उसने भाई की जान बचाने के लिए उसे बाहर धक्का दिया और खुद भी किसी तरह बाहर निकल पाया।
धरने पर उठे प्रशासन से तीखे सवाल
मंगलवार सुबह धरने पर बैठे कॉलोनीवासियों ने सवाल उठाया कि जब आठ वर्षों से लगातार शिकायतें की जा रही थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या किसी बड़ी जनहानि के बाद ही प्रशासन जागता है? लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल निरीक्षण कर औपचारिकता निभाते रहे, जबकि समस्या जस की तस बनी रही।
स्थायी समाधान और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अब वे केवल आश्वासन नहीं चाहते। उनकी मांग है कि ड्रेनेज पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नगर परिषद का पक्ष
घटना की सूचना मिलने पर नगर परिषद के सीएमओ सीताराम चौहान मौके पर पहुंचे और जांच की बात कही। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और सिवरेज लाइन सुधार का कार्य समय-समय पर किया जाता रहा है। हालांकि धरनारत नागरिकों का कहना है कि जब खतरे की चेतावनी वर्षों पहले दी जा चुकी थी, तो जांच अब क्यों?
शिवधाम कॉलोनी की यह घटना अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन धरना समाप्त कराने के लिए केवल आश्वासन देता है या फिर वास्तव में ठोस और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाता है।