रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए रतलाम पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना माणकचौक पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए वाहन चोरी के एक मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो चोरी की गई रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
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पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री राकेश खाखा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री सत्येन्द्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी माणकचौक निरीक्षक पतिराम डावरे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस प्रकरण का सफल खुलासा किया।
घर के बाहर से चोरी हुई थी बुलेट
दिनांक 29 व 30 दिसंबर 2025 की दरमियानी रात फरियादी पियूष पावेचा, निवासी न्यू क्लॉथ मार्केट, रतलाम के घर के सामने खड़ी उनकी रॉयल एनफील्ड बुलेट (Gun Metal Grey) क्रमांक MP43 EA 9264 को अज्ञात आरोपी द्वारा चोरी कर लिया गया था। मामले में थाना माणकचौक पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी से मिला सुराग, राजस्थान से पकड़ा आरोपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने आसपास एवं शहर में लगे शासकीय व निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर पुलिस टीम ने बांसवाड़ा (राजस्थान) जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से चोरी गई बुलेट बरामद की गई।
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी जिस बुलेट से चोरी करने आया था, वह भी चोरी की थी। इस प्रकार पुलिस ने कुल दो चोरी की रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलें जब्त की हैं।
महंगी बाइक चलाने के शौक में करता था चोरी
गिरफ्तार आरोपी अर्जुन उर्फ अभिषेक पिता ईश्वरलाल त्रिवेदी (25 वर्ष) निवासी ग्राम पचलासी, थाना खाचरोद, जिला उज्जैन ने पूछताछ में बताया कि उसे महंगी मोटरसाइकिल चलाने का शौक है, इसी कारण वह रॉयल एनफील्ड बुलेट चोरी करता था। बांसवाड़ा क्षेत्र में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक पतिराम डावरे, उप निरीक्षक प्रवीण वास्कले, प्र.आर. 653 राजसिंह, आर. 319 गोविन्द गेहलोत, आर. 902 विशाल सेन, आर. 540 राजेन्द्रसिंह चौहान, आर. 19 अविनाश मिश्रा, आर. 68 चन्दरसिंह मार्को, आर. 738 मनोहरसिंह, आरक्षक 828 संदीप शर्मा एवं आरक्षक 267 महेन्द्रसिंह चुण्डावत की विशेष भूमिका रही।