नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। सोने में निवेश करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के टैक्स नियमों में अहम संशोधन किया है। अब सेकेंड्री मार्केट से खरीदे गए SGB पर मैच्योरिटी के बाद मिलने वाला लाभ टैक्स फ्री नहीं रहेगा।
अब तक SGB में निवेश करने वालों को मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती थी, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह छूट केवल चुनिंदा निवेशकों तक सीमित कर दी गई है।
किसे मिलेगा टैक्स छूट का फायदा?
सीए नितिन कौशिक के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से टैक्स फ्री लाभ केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिन्होंने:
- SGB को प्राथमिक इश्यू के दौरान सीधे RBI से खरीदा हो
- बॉन्ड को मैच्योरिटी तक अपने पास रखा हो
ऐसे निवेशकों को 2.5% सालाना ब्याज के साथ मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री मिलेगा।
सेकेंड्री मार्केट निवेशकों के लिए झटका
जो निवेशक SGB को स्टॉक एक्सचेंज या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदते हैं, उन्हें अब:
- 2.5% सालाना ब्याज तो मिलेगा
- लेकिन मैच्योरिटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा
यानी अब सेकेंड्री मार्केट से SGB खरीदना पहले जितना फायदेमंद नहीं रहेगा।
उदाहरण से समझें नया नियम
मान लीजिए आपने एक्सचेंज से ₹7,000 में एक SGB खरीदा और मैच्योरिटी पर इसकी कीमत ₹11,000 हो गई।
- कुल लाभ = ₹4,000
- इस पर 12.5% LTCG टैक्स लगेगा
- यानी लगभग ₹500 टैक्स देना होगा
पहले यही लाभ पूरी तरह टैक्स फ्री होता था।
गिफ्ट या ट्रांसफर करने पर भी खत्म होगा फायदा
सीए के अनुसार, अगर SGB एक बार भी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए या गिफ्ट के रूप में ट्रांसफर होता है, तो उस पर मिलने वाली टैक्स छूट समाप्त हो जाएगी।
निवेश रणनीति पर क्या पड़ेगा असर?
यह बदलाव उन निवेशकों की रणनीति को बड़ा झटका देगा जो:
- सेकेंड्री मार्केट से डिस्काउंट पर SGB खरीदते थे
- और मैच्योरिटी तक रखकर टैक्स फ्री लाभ कमाते थे
अब यह रणनीति प्रभावी नहीं रहेगी क्योंकि मैच्योरिटी पर टैक्स देना होगा।
निवेशकों के लिए सलाह
- अगर आप टैक्स फ्री लाभ चाहते हैं तो SGB को सीधे RBI के प्राथमिक इश्यू में ही खरीदें
- सेकेंड्री मार्केट से खरीदने से पहले टैक्स प्रभाव जरूर समझ लें
- निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय लें