CJP: केंद्र सरकार और CJP के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हो गया। सरकार ने प्रमुख मांगें मान लीं, FIR वापस लेने और चार हफ्ते बाद फिर बैठक का आश्वासन दिया।
नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। CJP: केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी टकराव आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संविधान क्लब में हुई अहम बैठक में दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद CJP ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन आधिकारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा कर दी।
संयुक्त प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और CJP प्रतिनिधियों ने बातचीत के नतीजों की जानकारी साझा की। आंदोलनकारी संगठन ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है और आगे की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाएगी।

आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ CJP नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की। साथ ही प्रशासनिक सुधारों पर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति बनी है।
CJP की किन मांगों पर बनी सहमति?
बैठक के बाद CJP प्रतिनिधि सौरव दास ने बताया कि उनकी पहली प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो पूरी हो चुकी है।
दूसरी बड़ी मांग देशभर में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने की थी। सरकार ने इस पर भी सहमति जताई है।
सरकार ने क्या आश्वासन दिया?
सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि—
- आंदोलन से जुड़े मामलों की प्रतियां अगले 3–4 दिनों में साझा की जाएंगी।
- दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- किसी भी आंदोलनकारी या आयोजक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- इस संबंध में मंगलवार तक लिखित आश्वासन दिया जाएगा।
पांच सूत्रीय मांग पत्र पर भी बनी सहमति
बैठक के दौरान CJP द्वारा सरकार को सौंपे गए पांच सूत्रीय मांग पत्र पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषयों पर विस्तृत बातचीत के लिए चार सप्ताह के भीतर एक और बैठक आयोजित की जाएगी।
संयुक्त प्रेस वार्ता में क्या बोले जेपी नड्डा?
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ सभी मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी प्रकार की बदले की कार्रवाई नहीं करेगी।
मुआवजे के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनके प्रति सरकार पूरी संवेदनशीलता रखती है। नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।