1 अप्रैल 2026 से HDFC Bank के ATM और UPI विड्रॉल नियम बदल रहे हैं। अब UPI कैश निकासी भी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल होगी। जानिए नए चार्ज, लिमिट और बचने के तरीके।
नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। HDFC Bank New Rules April 2026:
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक HDFC Bank अपने ग्राहकों के लिए अहम बदलाव करने जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से एटीएम ट्रांजैक्शन से जुड़े नियमों में बड़ा परिवर्तन लागू होगा, जिसका सीधा असर करोड़ों ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
अब तक एटीएम से UPI के जरिए कैश निकालना (UPI Withdrawal) एक अलग सुविधा मानी जाती थी, लेकिन नए नियमों के तहत इसे भी आपकी मंथली फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल कर दिया गया है।
UPI विड्रॉल अब फ्री लिमिट में शामिल
1 अप्रैल से लागू नए नियम के अनुसार:
- एटीएम से QR कोड स्कैन कर किए गए UPI कैश विड्रॉल भी अब फ्री ट्रांजैक्शन में गिने जाएंगे।
- यानी कार्ड और UPI दोनों ट्रांजैक्शन एक ही लिमिट में काउंट होंगे।
- उदाहरण के तौर पर, अगर आपने 3 बार कार्ड से और 2 बार UPI से कैश निकाला, तो आपकी 5 फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म मानी जाएगी।
फ्री लिमिट खत्म होते ही लगेगा चार्ज
- निर्धारित फ्री लिमिट पूरी होने के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा।
- बैंक के अनुसार, हर एक्स्ट्रा ट्रांजैक्शन पर लगभग ₹21 से ₹23 तक शुल्क देना होगा।
- यह नियम कैश और UPI दोनों तरह की निकासी पर लागू होगा।
मेट्रो vs नॉन-मेट्रो: अलग लिमिट
- अपने बैंक के एटीएम पर आमतौर पर 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं।
- अन्य बैंक एटीएम पर:
- मेट्रो शहरों में: 3 फ्री ट्रांजैक्शन
- नॉन-मेट्रो शहरों में: 5 फ्री ट्रांजैक्शन
- अब UPI विड्रॉल भी इसमें जुड़ने से लिमिट जल्दी खत्म हो सकती है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
इस बदलाव के बाद:
- बार-बार छोटे-छोटे अमाउंट निकालने वालों को ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है
- महीने के अंत में अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ सकता है
कैसे बचें अतिरिक्त चार्ज से?
- एक बार में ज्यादा कैश निकालने की कोशिश करें
- बार-बार ATM जाने से बचें
- जहां संभव हो, सीधे UPI पेमेंट का उपयोग करें
- अपनी मंथली ट्रांजैक्शन लिमिट पर नजर रखें