डिजिटल डेस्क- पब्लिक वार्ता,
न्यूज डेस्क। US- Israel Strike Iran: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम और विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। एक ओर ईरानी सरकारी मीडिया के कुछ हिस्सों ने उनकी मौत की पुष्टि का दावा किया है, तो वहीं देश की अन्य प्रमुख एजेंसियों ने इन खबरों को खारिज करते हुए उन्हें जीवित बताया है। इस बीच मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
रविवार (1 मार्च 2026) को सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में खामेनेई समेत उनके परिवार के चार सदस्यों—बेटी, दामाद और पोती—की भी मौत हो गई। ईरानी चैनल प्रेस टीवी ने दावा किया कि उनकी मौत के बाद देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है।
हालांकि, ईरान की अन्य प्रमुख समाचार एजेंसियों—तसनीम और मेहर—ने इन खबरों का खंडन किया है। इन एजेंसियों के अनुसार, 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई सुरक्षित और जीवित हैं। इन विरोधाभासी दावों ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स को एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद खामेनेई का शव बरामद किया गया है, लेकिन इस दावे की अब तक किसी स्वतंत्र स्रोत या आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर दावा किया कि खामेनेई एक सैन्य ऑपरेशन में मारे गए हैं। ट्रंप ने उन्हें “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक” बताते हुए उनकी मौत को न्याय करार दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व में शांति स्थापित होने तक बमबारी जारी रह सकती है।
इजरायल-अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने भी कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर इस खबर को लेकर सतर्कता और चिंता दोनों बनी हुई हैं, क्योंकि किसी भी आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।