भोपाल- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश में 20 साल बाद राज्य परिवहन निगम की बसें फिर से सड़कों पर दौड़ेंगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। सरकार ने नई लोक परिवहन नीति को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी।
पत्रिका के जनअभियान का असर
राज्य में सरकारी बस सेवाएं दो दशक से बंद थीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी। पत्रिका ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और जनअभियान छेड़ा। जनता की मांग को सरकार तक पहुंचाने में अखबार और डिजिटल मीडिया की अहम भूमिका रही। लगातार की गई रिपोर्टिंग और लोगों के समर्थन से सरकार पर दबाव बना, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया।
कैबिनेट बैठक में हुए अहम फैसले
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि परिवहन सेवा को सुगम बनाने के लिए नई नीति तैयार की गई है। इसके तहत
- पीपीपी मॉडल पर बसों का संचालन होगा, सरकार खुद बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि निजी ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी करेगी
- बसों में कैमरे और कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी
- यात्रियों के साथ कार्गो ढुलाई की भी अनुमति होगी
- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा में बस सेवाओं का विस्तार होगा
ऐप के जरिए यात्रियों को सुविधा
यात्रियों को स्मार्ट सुविधाएं देने के लिए एक ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसमें
- ई-टिकट और लाइव ट्रैकिंग की सुविधा
- कैशलेस भुगतान की व्यवस्था
- बस, ऑटो, टैक्सी और मेट्रो बुकिंग का विकल्प
जनता को मिलेगा फायदा
पत्रिका द्वारा कराए गए सर्वे में 78.7 प्रतिशत लोगों ने माना कि सरकारी बसें न होने से सफर में दिक्कत होती है। नई बस सेवा से ग्रामीणों और यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन का लाभ मिलेगा।